कानपुर से चिंताजनक वीडियो सामने आया है! जिसमें पुलिसकर्मी द्वारा अहंकार में छात्र के साथ की गई मारपीट की घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया है, मामला किदवई नगर चौकी का बताया गया है। यह घटना न केवल छात्रों के मन में भय पैदा कर रही है, बल्कि कानपुर की जनता का पुलिस पर से विश्वास भी डगमगाने लगा है। ऐसे में हम Kanpur Commissioner Office UP Police से मांग करते है कि आरोपी पुलिसकर्मी पर उदाहरण प्रस्तुत करने वाली सख्त कार्यवाही हो ताकि जनता का भरोसा बहाल हो सके और न्याय की भावना मजबूत बने। कानपुर से चिंताजनक वीडियो सामने आया है! जिसमें पुलिसकर्मी द्वारा अहंकार में छात्र के साथ की गई मारपीट की घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया है, मामला किदवई नगर चौकी का बताया गया है। यह घटना न केवल छात्रों के मन में भय पैदा कर रही है, बल्कि कानपुर की जनता का पुलिस पर से विश्वास भी डगमगाने लगा है। ऐसे में हम Kanpur Commissioner Office UP Police से मांग करते है कि आरोपी पुलिसकर्मी पर उदाहरण प्रस्तुत करने वाली सख्त कार्यवाही हो ताकि जनता का भरोसा बहाल हो सके और न्याय की भावना मजबूत बने।
कानपुर से चिंताजनक वीडियो सामने आया है! जिसमें पुलिसकर्मी द्वारा अहंकार में छात्र के साथ की गई मारपीट की घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया है, मामला किदवई नगर चौकी का बताया गया है। यह घटना न केवल छात्रों के मन में भय पैदा कर रही है, बल्कि कानपुर की जनता का पुलिस पर से विश्वास भी डगमगाने लगा है। ऐसे में हम Kanpur Commissioner Office UP Police से मांग करते है कि आरोपी पुलिसकर्मी पर उदाहरण प्रस्तुत करने वाली सख्त कार्यवाही हो ताकि जनता का भरोसा बहाल हो सके और न्याय की भावना मजबूत बने। कानपुर से चिंताजनक वीडियो सामने आया है! जिसमें पुलिसकर्मी द्वारा अहंकार में छात्र के साथ की गई मारपीट की घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया है, मामला किदवई नगर चौकी का बताया गया है। यह घटना न केवल छात्रों के मन में भय पैदा कर रही है, बल्कि कानपुर की जनता का पुलिस पर से विश्वास भी डगमगाने लगा है। ऐसे में हम Kanpur Commissioner Office UP Police से मांग करते है कि आरोपी पुलिसकर्मी पर उदाहरण प्रस्तुत करने वाली सख्त कार्यवाही हो ताकि जनता का भरोसा बहाल हो सके और न्याय की भावना मजबूत बने।
- गुडंबा इलाके में बिजली कार्य के दौरान हुए हादसे ने माहौल गरमा दिया है। जगरानी अस्पताल के पास ड्यूटी पर तैनात संविदा लाइनमैन परशुराम (करीब 45 वर्ष) की करंट लगने से मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि बिजली आपूर्ति बिना पूर्व सूचना के चालू कर दी गई, जिससे यह दुर्घटना हुई। उनका आरोप है कि पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए बिना ही काम कराया जा रहा था। घटना के बाद गुस्साए परिजन और स्थानीय लोग शव के साथ धरने पर बैठ गए। बड़ी संख्या में लोग सेक्टर 25 पावर हाउस, गाज़ीपुर थाना क्षेत्र में एकत्र हो गए। सूचना मिलते ही गाज़ीपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को संभालने का प्रयास किया। परिवार का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों ने आर्थिक सहायता, नौकरी और अन्य सुविधाओं का केवल मौखिक आश्वासन दिया है, जबकि लिखित रूप में कोई ठोस भरोसा अब तक नहीं मिला है।1
- लखनऊ में जगरानी हॉस्पिटल के पास लाइनमैन की मौत के बाद बिजली विभाग के जेई (जूनियर इंजीनियर) की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं। घटना क्या है?👇👇 जगरानी हॉस्पिटल के पास विद्युत लाइन पर काम कर रहे एक लाइनमैन की करंट लगने से मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, लाइन पर मेंटेनेंस/मरम्मत का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक सप्लाई चालू होने या सुरक्षा मानकों में लापरवाही की आशंका जताई जा रही है। जेई पर क्यों उठ रहे सवाल?,👇 शटडाउन की अनुमति: क्या लाइन पर काम से पहले विधिवत शटडाउन लिया गया था? सुरक्षा प्रोटोकॉल: क्या लाइनमैन को सेफ्टी किट (दस्ताने, बेल्ट, हेलमेट) उपलब्ध कराई गई थी? लिखित अनुमति/डायरी एंट्री: क्या कार्य शुरू करने से पहले विभागीय रजिस्टर में एंट्री की गई थी? निगरानी की जिम्मेदारी: मौके पर संबंधित जेई या अधिकारी की मौजूदगी थी या नहीं? परिवार और सहकर्मियों का आरोप मृतक के परिजनों और कुछ कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि बिना पूरी सुरक्षा व्यवस्था के काम कराया गया। अगर शटडाउन के बावजूद सप्लाई चालू हुई, तो यह गंभीर लापरवाही मानी जा रही है। विभागीय प्रतिक्रिया बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। यदि लापरवाही साबित होती है तो संबंधित अधिकारियों पर विभागीय व कानूनी कार्रवाई संभव है।... लखनऊ के इंदिरा नगर सेक्टर 25 में परिजन मौजूद मुआवजा की मांग 50 लाख की मांग1
- देवरिया में आम आदमी पार्टी (AAP) कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal और पूर्व उपमुख्यमंत्री Manish Sisodia को आबकारी घोटाले के आरोपों से राहत मिलने पर खुशी जताते हुए जश्न मनाया। कार्यकर्ताओं ने शहर के प्रमुख स्थानों पर एकत्र होकर मिठाई बांटी और एक-दूसरे को बधाई दी। इस दौरान पार्टी नेताओं ने कहा कि यह “सच्चाई की जीत” है और न्यायपालिका पर विश्वास कायम हुआ है। पार्टी पदाधिकारियों ने कहा कि लंबे समय से चल रहे मामले में राहत मिलने से कार्यकर्ताओं में उत्साह है और संगठन को नई ऊर्जा मिली है। जश्न के दौरान नारेबाजी भी की गई और आम जनता के बीच मिठाई वितरित की गई।1
- लखनऊ एपिसोड 1 वन रेंज दुबग्गा क्षेत्र के फतेह नगर पंचायत भवन पास से लेफ्ट साइड कच्चा गलियर के आगे हरे पेड़ों पर 3 दिन पहले चला था आरा, काटे गए थे प्रतिबंधित पेड़ अभी तक वन दरोगा मोइन खान ने नहीं की कोई कार्यवाही पर्यावरण बचाने के लिए सरकार जहां फिक्रमंद हैं। वहीं अधिकारी डीएफओ सुधांशु पांडे, रेंजर सोनम दीक्षित, डिप्टी वन दरोगा मोइन खान और वन माली मुलायम सरकार की मंशा पर पानी फेरने पर तुले हुए हैं। वन विभाग टीम की मिली भगत से क्षेत्र में हरे पेड़ों पर बेधड़क आरा चल रहा है। और प्रतिबंधित पेड़ काटे जा रहे हैं। एपिसोड 2 , ताजा मामला ऑफिस खेड़ा में हुआ है साइड खड़ंजा गया हुआ है जाने वाले मार्ग पर। लगभग एक दर्जन प्रतिबंधित पेड़ों को काटकर धराशाई कर दिया गया। अब देखना यह दिलचस्प होगा कि क्या कार्यवाही होती है या फिर अधिकारियों को गुमराह करके ठेकेदार को बचाने का कार्य किया जाता है1
- कानपुर से चिंताजनक वीडियो सामने आया है! जिसमें पुलिसकर्मी द्वारा अहंकार में छात्र के साथ की गई मारपीट की घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया है, मामला किदवई नगर चौकी का बताया गया है। यह घटना न केवल छात्रों के मन में भय पैदा कर रही है, बल्कि कानपुर की जनता का पुलिस पर से विश्वास भी डगमगाने लगा है। ऐसे में हम Kanpur Commissioner Office UP Police से मांग करते है कि आरोपी पुलिसकर्मी पर उदाहरण प्रस्तुत करने वाली सख्त कार्यवाही हो ताकि जनता का भरोसा बहाल हो सके और न्याय की भावना मजबूत बने।1
- रायबरेली | 28 फरवरी, 2026 रायबरेली के कलेक्ट्रेट परिसर में शनिवार को उस समय असहज स्थिति पैदा हो गई, जब शिक्षकों की समस्याओं को लेकर एकजुट हुए दो संगठनों के अध्यक्ष सार्वजनिक रूप से आपस में भिड़ गए। टीईटी (TET) की अनिवार्यता के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन के दौरान 'क्रेडिट' लेने की इस होड़ ने शिक्षकों के अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रैली से शुरू हुआ सफर, टकराव पर हुआ खत्म हजारों की संख्या में शिक्षक महिला शिक्षक संघ और फेडरेशन ऑफ इंडिया (FI संघ) के बैनर तले विकास भवन से कलेक्ट्रेट तक रैली निकाल रहे थे। शिक्षकों की मुख्य मांग पुरानी नियुक्तियों में टीईटी की अनिवार्यता को समाप्त करने की थी। लेकिन जैसे ही रैली कलेक्ट्रेट पहुंची, मांगों की गंभीरता पर आपसी अहंकार भारी पड़ गया। विवाद की जड़: 'पहले मैं' की होड़ प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मजिस्ट्रेट फरीद अहमद को ज्ञापन सौंपने के दौरान महिला शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष और एफआई संघ के जिलाध्यक्ष राजेश शुक्ला के बीच पहले ज्ञापन देने को लेकर तीखी बहस शुरू हुई। तीखी नोकझोंक: देखते ही देखते दोनों गुटों के पदाधिकारी अपनी मर्यादा भूल गए और एक-दूसरे पर चिल्लाने लगे। मजिस्ट्रेट की कार्रवाई: बीच-बचाव करते हुए मजिस्ट्रेट ने दोनों नेताओं को फटकार लगाई और अनुशासन बनाए रखने की सख्त हिदायत दी। सोशल मीडिया पर वायरल हुई 'किरकिरी' इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया है। लोग शिक्षकों के इस आचरण की आलोचना कर रहे हैं। आम चर्चा यह है कि जो गुरु समाज और बच्चों को अनुशासन का पाठ पढ़ाते हैं, वे खुद सार्वजनिक मंच पर संयम खो बैठे। "यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि शिक्षकों की जायज मांगें अब इस आपसी विवाद की छाया में दब गई हैं।" – एक स्थानीय नागरिक प्रमुख मांगें जिन पर होना था ध्यान विवादों के बीच शिक्षकों की वास्तविक मांगें निम्नलिखित थीं: शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से स्थायी छूट प्रदान की जाए। केंद्र और राज्य सरकार टीईटी संबंधी नियमावली में आवश्यक संशोधन करे। निष्कर्ष: इस घटना ने टीईटी विरोध की गंभीरता को काफी हद तक कम कर दिया है। अब देखना यह होगा कि क्या ये संगठन अपनी साख बचाकर दोबारा एकजुट हो पाएंगे।2
- Post by Team Rohit Panday Rs Sharma patrakar Spn Sharma1
- लखनऊ के गुडंबा थाना क्षेत्र में करंट लगने से लाइनमैन की मौत के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। जगरानी अस्पताल के पास विद्युत कार्य के दौरान संविदा कर्मी परशुराम (उम्र लगभग 45 वर्ष) की करंट से मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि बिना पूर्व सूचना बिजली लाइन चालू कर दी गई और मृतक से बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरण के कार्य कराया गया। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के चलते सेक्टर 25 पावर हाउस, गाज़ीपुर थाना क्षेत्र में भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही गाज़ीपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी रही। परिवार का कहना है कि बिजली विभाग के अधिकारियों ने मुआवजा, नौकरी, पेंशन और आवास का मौखिक आश्वासन दिया है, लेकिन अब तक कोई लिखित भरोसा नहीं दिया गया है। मामले को लेकर क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है।1