अकबरपुर क्षेत्र में कवरेज के दौरान पत्रकार पर FIR की गई जिसको लेकर पत्रकारो ने मुख्यमंत्री के नाम बांदीकुई के SDM कार्यालय में सौंपा ज्ञापन। दौसा। बांदीकुई 2 अप्रैल 2026 अलवर अकबरपुर थाना क्षेत्र में गणेश योगी पत्रकार को कथित रूप से झूठे मुकदमे में फंसाने की साज़िश और पुलिस द्वारा मनमानी कार्रवाई करने का मामला सामने आया है,जिसने स्थानीय स्तर पर गहरी चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर स्थानीय पत्रकार साथियों के द्वारा बांदीकुई एसडीएम कार्यालय में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और न्यायोचित कार्रवाई की मांग की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 18 जनवरी 2026 को भर्तृहरि धाम में DNT महासंगम कार्यक्रम आयोजित होना प्रस्तावित था। इस कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे अरनिया, बांदीकुई निवासी लक्ष्मण नाथ जोगी की रास्ते में जुगाड़ वाहन दुर्घटना में दुखद मृत्यु हो गई। इस घटना से क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। घटना के विरोध में मृतक के परिजनों और अन्य लोगों ने अकबरपुर थाना क्षेत्र में प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि लोगों ने सड़क पर शव रखकर जाम लगाया और अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया। इसी दौरान पत्रकार गणेश योगी मौके पर पहुंचे और एक पत्रकार के तौर पर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए घटनास्थल से जानकारी जुटाने और समाचार कवरेज करने लगे। स्थानीय पत्रकारों ने ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि पत्रकार द्वारा घटना से जुड़े तथ्यों को सामने लाने और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने के कारण उन्हें ही निशाना बनाया गया। आरोप है कि पुलिस ने निष्पक्ष रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार को FIR संख्या 22/2026 में आरोपी के रूप में नामजद कर दिया, जबकि उनकी भूमिका केवल घटनास्थल की रिपोर्टिंग तक सीमित थी। मामले में यह भी आरोप लगाए गए हैं कि संबंधित पुलिस अधिकारियों द्वारा पत्रकार को फोन पर धमकियां दी गईं। इतना ही नहीं, बिना किसी वैधानिक वारंट के उनके घर पर दबाव बनाने और जबरन कार्रवाई करने की कोशिश की गई। इन घटनाओं से क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल उत्पन्न हो गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि इस प्रकार की कार्रवाई न केवल एक पत्रकार के अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि यह स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता पर भी सीधा हमला है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में मीडिया को चौथा स्तंभ माना जाता है, जिसका मुख्य कार्य समाज के सामने सच्चाई को निष्पक्ष रूप से प्रस्तुत करना होता है। यदि पत्रकारों को उनके कर्तव्यों के कारण ही प्रताड़ित किया जाएगा, तो इससे लोकतांत्रिक मूल्यों और प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। इस पूरे प्रकरण को लेकर ज्ञापन में चार प्रमुख मांगें रखी गई हैं। पहली, मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके। दूसरी, FIR संख्या 22/2026 में पत्रकार गणेश योगी का नाम निराधार होने के कारण हटाया जाए। तीसरी, पत्रकार को धमकाने और प्रताड़ित करने वाले संबंधित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। और चौथी, भविष्य में पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्र पत्रकारिता की गरिमा बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र के पत्रकारों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों में रोष देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि यदि पत्रकारों को उनके कर्तव्य निर्वहन के दौरान इस प्रकार के दबाव और कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा, तो इससे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतंत्र दोनों कमजोर होंगे। फिलहाल यह मामला प्रशासन के संज्ञान में आ चुका है और अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि इस संवेदनशील मुद्दे पर प्रशासन क्या रुख अपनाता है और क्या निष्पक्ष जांच के जरिए पीड़ित पक्ष को न्याय मिल पाता है। ये तो आने वाला समय बतायेगा।
अकबरपुर क्षेत्र में कवरेज के दौरान पत्रकार पर FIR की गई जिसको लेकर पत्रकारो ने मुख्यमंत्री के नाम बांदीकुई के SDM कार्यालय में सौंपा ज्ञापन। दौसा। बांदीकुई 2 अप्रैल 2026 अलवर अकबरपुर थाना क्षेत्र में गणेश योगी पत्रकार को कथित रूप से झूठे मुकदमे में फंसाने की साज़िश और पुलिस द्वारा मनमानी कार्रवाई करने का मामला सामने आया है,जिसने स्थानीय स्तर पर गहरी चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर स्थानीय पत्रकार साथियों के द्वारा बांदीकुई एसडीएम कार्यालय में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और न्यायोचित कार्रवाई की मांग की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 18 जनवरी 2026 को भर्तृहरि धाम में DNT महासंगम कार्यक्रम आयोजित होना प्रस्तावित था। इस कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे अरनिया, बांदीकुई निवासी लक्ष्मण नाथ जोगी की रास्ते में जुगाड़ वाहन दुर्घटना में दुखद मृत्यु हो गई। इस घटना से क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बन
गया। घटना के विरोध में मृतक के परिजनों और अन्य लोगों ने अकबरपुर थाना क्षेत्र में प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि लोगों ने सड़क पर शव रखकर जाम लगाया और अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया। इसी दौरान पत्रकार गणेश योगी मौके पर पहुंचे और एक पत्रकार के तौर पर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए घटनास्थल से जानकारी जुटाने और समाचार कवरेज करने लगे। स्थानीय पत्रकारों ने ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि पत्रकार द्वारा घटना से जुड़े तथ्यों को सामने लाने और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने के कारण उन्हें ही निशाना बनाया गया। आरोप है कि पुलिस ने निष्पक्ष रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार को FIR संख्या 22/2026 में आरोपी के रूप में नामजद कर दिया, जबकि उनकी भूमिका केवल घटनास्थल की रिपोर्टिंग तक सीमित थी। मामले में यह भी आरोप लगाए गए हैं कि संबंधित पुलिस अधिकारियों द्वारा पत्रकार को फोन पर धमकियां दी गईं।
इतना ही नहीं, बिना किसी वैधानिक वारंट के उनके घर पर दबाव बनाने और जबरन कार्रवाई करने की कोशिश की गई। इन घटनाओं से क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल उत्पन्न हो गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि इस प्रकार की कार्रवाई न केवल एक पत्रकार के अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि यह स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता पर भी सीधा हमला है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में मीडिया को चौथा स्तंभ माना जाता है, जिसका मुख्य कार्य समाज के सामने सच्चाई को निष्पक्ष रूप से प्रस्तुत करना होता है। यदि पत्रकारों को उनके कर्तव्यों के कारण ही प्रताड़ित किया जाएगा, तो इससे लोकतांत्रिक मूल्यों और प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। इस पूरे प्रकरण को लेकर ज्ञापन में चार प्रमुख मांगें रखी गई हैं। पहली, मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके। दूसरी, FIR संख्या 22/2026 में पत्रकार गणेश योगी का नाम निराधार होने
के कारण हटाया जाए। तीसरी, पत्रकार को धमकाने और प्रताड़ित करने वाले संबंधित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। और चौथी, भविष्य में पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्र पत्रकारिता की गरिमा बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र के पत्रकारों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों में रोष देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि यदि पत्रकारों को उनके कर्तव्य निर्वहन के दौरान इस प्रकार के दबाव और कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा, तो इससे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतंत्र दोनों कमजोर होंगे। फिलहाल यह मामला प्रशासन के संज्ञान में आ चुका है और अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि इस संवेदनशील मुद्दे पर प्रशासन क्या रुख अपनाता है और क्या निष्पक्ष जांच के जरिए पीड़ित पक्ष को न्याय मिल पाता है। ये तो आने वाला समय बतायेगा।
- दौसा। बांदीकुई 2 अप्रैल 2026 अलवर अकबरपुर थाना क्षेत्र में गणेश योगी पत्रकार को कथित रूप से झूठे मुकदमे में फंसाने की साज़िश और पुलिस द्वारा मनमानी कार्रवाई करने का मामला सामने आया है,जिसने स्थानीय स्तर पर गहरी चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर स्थानीय पत्रकार साथियों के द्वारा बांदीकुई एसडीएम कार्यालय में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और न्यायोचित कार्रवाई की मांग की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 18 जनवरी 2026 को भर्तृहरि धाम में DNT महासंगम कार्यक्रम आयोजित होना प्रस्तावित था। इस कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे अरनिया, बांदीकुई निवासी लक्ष्मण नाथ जोगी की रास्ते में जुगाड़ वाहन दुर्घटना में दुखद मृत्यु हो गई। इस घटना से क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। घटना के विरोध में मृतक के परिजनों और अन्य लोगों ने अकबरपुर थाना क्षेत्र में प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि लोगों ने सड़क पर शव रखकर जाम लगाया और अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया। इसी दौरान पत्रकार गणेश योगी मौके पर पहुंचे और एक पत्रकार के तौर पर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए घटनास्थल से जानकारी जुटाने और समाचार कवरेज करने लगे। स्थानीय पत्रकारों ने ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि पत्रकार द्वारा घटना से जुड़े तथ्यों को सामने लाने और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने के कारण उन्हें ही निशाना बनाया गया। आरोप है कि पुलिस ने निष्पक्ष रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार को FIR संख्या 22/2026 में आरोपी के रूप में नामजद कर दिया, जबकि उनकी भूमिका केवल घटनास्थल की रिपोर्टिंग तक सीमित थी। मामले में यह भी आरोप लगाए गए हैं कि संबंधित पुलिस अधिकारियों द्वारा पत्रकार को फोन पर धमकियां दी गईं। इतना ही नहीं, बिना किसी वैधानिक वारंट के उनके घर पर दबाव बनाने और जबरन कार्रवाई करने की कोशिश की गई। इन घटनाओं से क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल उत्पन्न हो गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि इस प्रकार की कार्रवाई न केवल एक पत्रकार के अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि यह स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता पर भी सीधा हमला है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में मीडिया को चौथा स्तंभ माना जाता है, जिसका मुख्य कार्य समाज के सामने सच्चाई को निष्पक्ष रूप से प्रस्तुत करना होता है। यदि पत्रकारों को उनके कर्तव्यों के कारण ही प्रताड़ित किया जाएगा, तो इससे लोकतांत्रिक मूल्यों और प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। इस पूरे प्रकरण को लेकर ज्ञापन में चार प्रमुख मांगें रखी गई हैं। पहली, मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके। दूसरी, FIR संख्या 22/2026 में पत्रकार गणेश योगी का नाम निराधार होने के कारण हटाया जाए। तीसरी, पत्रकार को धमकाने और प्रताड़ित करने वाले संबंधित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। और चौथी, भविष्य में पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्र पत्रकारिता की गरिमा बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र के पत्रकारों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों में रोष देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि यदि पत्रकारों को उनके कर्तव्य निर्वहन के दौरान इस प्रकार के दबाव और कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा, तो इससे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतंत्र दोनों कमजोर होंगे। फिलहाल यह मामला प्रशासन के संज्ञान में आ चुका है और अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि इस संवेदनशील मुद्दे पर प्रशासन क्या रुख अपनाता है और क्या निष्पक्ष जांच के जरिए पीड़ित पक्ष को न्याय मिल पाता है। ये तो आने वाला समय बतायेगा।4
- सीएचसी निर्माण में घटिया सामग्री का आरोप, प्रदर्शन खबर दौसा जिले के कुंडल से कुंडल मुख्यालय में बन रहे 30 बेड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के निर्माण में घटिया सामग्री उपयोग करने का आरोप लगाकर बुधवार को ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की। प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष जितेंद्र शर्मा नीम का पाड़ा ने बताया कि 0.70 हेक्टेयर में बन रहे इस सीएचसी पर करीब 8.25 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि बजरी की जगह मिट्टी, घटिया ईंटें और जंग लगे सरिए का उपयोग किया जा रहा है। ग्रामीण गिर्राज प्रसाद सैनी ने बताया कि निर्माण में घटिया सीमेंट का उपयोग किया जा रहा है और भवन की सही तरीके से तराई भी नहीं की जा रही। वहीं राजेश कुमार मीणा ने कहा कि 53 ग्रेड सीमेंट की जगह 42 ग्रेड सीमेंट का उपयोग हो रहा है और बजरी भी निम्न गुणवत्ता की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में जितेंद्र शर्मा, राजेश मीणा, अशोक योगी, नरेंद्र मीणा, गिर्राज सैनी, लोकेश बैरवा, रितिकराज, कमलेश मीणा, दीपक सैनी, महेश सैनी, रोहित बैरवा, खुशीराम सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।1
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- उदयपुर में एक बेकाबू टैंकर ने सड़क पर 12 से ज्यादा वाहनों को टक्कर मार दी। इसके बाद वाहन एक-दूसरे से भिड़ते गए। टैंकर की रफ्तार इतनी तेज थी कि दो कार और बाइक बुरी तरह पिचक गई। हादसे के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया। चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल हो गया। घटना देबारी हाईवे पर पावर हाउस के सामने की है। सूचना पर प्रतापनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घायलों को तुरंत हॉस्पिटल पहुंचाया गया। क्षतिग्रस्त वाहनों को क्रेन की मदद से साइड कराया गया। प्रतापनगर थानाधिकारी पूरण सिंह राजपुरोहित ने बताया- बेकाबू टैंकर ने 12 से ज्यादा वाहनों को चपेट में लिया है। इसमें 4 से 5 कार, लोडिंग टेंपो, बाइक आदि शामिल हैं। हादसे में 6 लोग घायल हैं। सभी को एमबी हॉस्पिटल भर्ती कराया गया है। प्राथमिक जांच में टैंकर के ब्रेक फेल होने की बात सामने आ रही है। हादसे के बाद टैंकर ड्राइवर मौके से फरार हो गया। उसकी तलाश जारी है। #breakingnews #udaipur #udaipurnews #rajasthan1
- चांदपोल हनुमान जी महाराज के मंदिर में सजी फूल बंगले से आकर्षक झांकी लगी श्रद्धालुओं की भीड़ बांसखोह योगेश कुमार गुप्ता जयपुर जिले के चांदपोल हनुमान जी महाराज के मंदिर में फूल बंगले से आकर्षक झांकी सजाई गई इस मौके पर पुजारी द्वारा विधि विधान से पूजा अर्चना करके आरती की गई इस दौरान काफी दूर दराज से आए हजारों श्रद्धालुओं ने मंदिर में दर्शन कर जय जयकार लगाते हुए अपने परिवार की सुख शांति की मनोकामना मांगते हुए नजर आए यहां पर पुलिस प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से किया इस दौरान श्रद्धालुओं द्वारा सुंदरकांड पाठ व हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया गया मंदिर को चारों तरफ से डेकोरेशन की तरह सजाया गया4
- दौसा (कुंडल)। दौसा जिले के कुंडल मुख्यालय पर निर्माणाधीन 30 बेड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है। बुधवार को निर्माणाधीन इमारत पर एकत्रित हुए ग्रामीणों ने निर्माण स्थल पर विरोध प्रदर्शन किया और जिला कलेक्टर को जल्द ज्ञापन सौंपकर मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराने की मांग की बात कही । करोड़ों का बजट, गुणवत्ता शून्य प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष जितेंद्र शर्मा नीम का पाड़ा ने मामले की गंभीरता बताते हुए कहा कि इस चिकित्सालय का निर्माण लगभग 0.70 हेक्टेयर भूमि पर हो रहा है, जिसके लिए सरकार द्वारा करीब 8.25 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया गया है। बावजूद इसके, निर्माण कार्य में गुणवत्ता के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। निर्माण में बड़ी कमियां: प्रदर्शनकारियों और स्थानीय निवासियों ने निर्माण में निम्नलिखित गंभीर आरोप लगाए हैं: बजरी की जगह मिट्टी: निर्माण में मानक बजरी के स्थान पर मिट्टी मिश्रित सामग्री का उपयोग हो रहा है। सीमेंट में धांधली: ग्रामीण राजेश कुमार मीणा ने बताया कि जहाँ 53 ग्रेड की मजबूत सीमेंट लगनी चाहिए, वहाँ 43 ग्रेड की घटिया सीमेंट का उपयोग हो रहा है। तराई का अभाव: ग्रामीण गिर्राज प्रसाद सैनी के अनुसार, कंक्रीट और चिनाई के बाद भवन की सही तरीके से तराई (Curing) भी नहीं की जा रही है, जिससे भविष्य में भवन के ढहने का खतरा बना रहेगा। आंदोलन की चेतावनी ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही इस मामले में दखल देकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की और गुणवत्ता में सुधार नहीं कराया, तो वे अपने आंदोलन को और अधिक उग्र करेंगे। प्रदर्शन के दौरान जितेंद्र शर्मा, राजेश मीणा, गिर्राज सैनी सहित क्षेत्र के कई प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।1
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