विकास में 'मिलावट'! कुंडल CHC निर्माण में घटिया सामग्री का बोलबाला, फूटा ग्रामीणों का गुस्सा। दौसा (कुंडल)। दौसा जिले के कुंडल मुख्यालय पर निर्माणाधीन 30 बेड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है। बुधवार को निर्माणाधीन इमारत पर एकत्रित हुए ग्रामीणों ने निर्माण स्थल पर विरोध प्रदर्शन किया और जिला कलेक्टर को जल्द ज्ञापन सौंपकर मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराने की मांग की बात कही । करोड़ों का बजट, गुणवत्ता शून्य प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष जितेंद्र शर्मा नीम का पाड़ा ने मामले की गंभीरता बताते हुए कहा कि इस चिकित्सालय का निर्माण लगभग 0.70 हेक्टेयर भूमि पर हो रहा है, जिसके लिए सरकार द्वारा करीब 8.25 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया गया है। बावजूद इसके, निर्माण कार्य में गुणवत्ता के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। निर्माण में बड़ी कमियां: प्रदर्शनकारियों और स्थानीय निवासियों ने निर्माण में निम्नलिखित गंभीर आरोप लगाए हैं: बजरी की जगह मिट्टी: निर्माण में मानक बजरी के स्थान पर मिट्टी मिश्रित सामग्री का उपयोग हो रहा है। सीमेंट में धांधली: ग्रामीण राजेश कुमार मीणा ने बताया कि जहाँ 53 ग्रेड की मजबूत सीमेंट लगनी चाहिए, वहाँ 43 ग्रेड की घटिया सीमेंट का उपयोग हो रहा है। तराई का अभाव: ग्रामीण गिर्राज प्रसाद सैनी के अनुसार, कंक्रीट और चिनाई के बाद भवन की सही तरीके से तराई (Curing) भी नहीं की जा रही है, जिससे भविष्य में भवन के ढहने का खतरा बना रहेगा। आंदोलन की चेतावनी ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही इस मामले में दखल देकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की और गुणवत्ता में सुधार नहीं कराया, तो वे अपने आंदोलन को और अधिक उग्र करेंगे। प्रदर्शन के दौरान जितेंद्र शर्मा, राजेश मीणा, गिर्राज सैनी सहित क्षेत्र के कई प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।
विकास में 'मिलावट'! कुंडल CHC निर्माण में घटिया सामग्री का बोलबाला, फूटा ग्रामीणों का गुस्सा। दौसा (कुंडल)। दौसा जिले के कुंडल मुख्यालय पर निर्माणाधीन 30 बेड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है। बुधवार को निर्माणाधीन इमारत पर एकत्रित हुए ग्रामीणों ने निर्माण स्थल पर विरोध प्रदर्शन किया और जिला कलेक्टर को जल्द ज्ञापन सौंपकर मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराने की मांग की बात कही । करोड़ों का बजट, गुणवत्ता शून्य प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष जितेंद्र शर्मा नीम का पाड़ा ने मामले की गंभीरता बताते हुए कहा कि इस चिकित्सालय का निर्माण लगभग 0.70 हेक्टेयर भूमि पर हो रहा है, जिसके लिए सरकार द्वारा करीब 8.25 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया गया है। बावजूद इसके, निर्माण कार्य में गुणवत्ता के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। निर्माण में बड़ी कमियां: प्रदर्शनकारियों और स्थानीय निवासियों ने निर्माण में निम्नलिखित गंभीर आरोप लगाए हैं: बजरी की जगह मिट्टी: निर्माण में मानक बजरी के स्थान पर मिट्टी मिश्रित सामग्री का उपयोग हो रहा है। सीमेंट में धांधली: ग्रामीण राजेश कुमार मीणा ने बताया कि जहाँ 53 ग्रेड की मजबूत सीमेंट लगनी चाहिए, वहाँ 43 ग्रेड की घटिया सीमेंट का उपयोग हो रहा है। तराई का अभाव: ग्रामीण गिर्राज प्रसाद सैनी के अनुसार, कंक्रीट और चिनाई के बाद भवन की सही तरीके से तराई (Curing) भी नहीं की जा रही है, जिससे भविष्य में भवन के ढहने का खतरा बना रहेगा। आंदोलन की चेतावनी ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही इस मामले में दखल देकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की और गुणवत्ता में सुधार नहीं कराया, तो वे अपने आंदोलन को और अधिक उग्र करेंगे। प्रदर्शन के दौरान जितेंद्र शर्मा, राजेश मीणा, गिर्राज सैनी सहित क्षेत्र के कई प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।
- दौसा (कुंडल)। दौसा जिले के कुंडल मुख्यालय पर निर्माणाधीन 30 बेड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है। बुधवार को निर्माणाधीन इमारत पर एकत्रित हुए ग्रामीणों ने निर्माण स्थल पर विरोध प्रदर्शन किया और जिला कलेक्टर को जल्द ज्ञापन सौंपकर मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराने की मांग की बात कही । करोड़ों का बजट, गुणवत्ता शून्य प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष जितेंद्र शर्मा नीम का पाड़ा ने मामले की गंभीरता बताते हुए कहा कि इस चिकित्सालय का निर्माण लगभग 0.70 हेक्टेयर भूमि पर हो रहा है, जिसके लिए सरकार द्वारा करीब 8.25 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया गया है। बावजूद इसके, निर्माण कार्य में गुणवत्ता के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। निर्माण में बड़ी कमियां: प्रदर्शनकारियों और स्थानीय निवासियों ने निर्माण में निम्नलिखित गंभीर आरोप लगाए हैं: बजरी की जगह मिट्टी: निर्माण में मानक बजरी के स्थान पर मिट्टी मिश्रित सामग्री का उपयोग हो रहा है। सीमेंट में धांधली: ग्रामीण राजेश कुमार मीणा ने बताया कि जहाँ 53 ग्रेड की मजबूत सीमेंट लगनी चाहिए, वहाँ 43 ग्रेड की घटिया सीमेंट का उपयोग हो रहा है। तराई का अभाव: ग्रामीण गिर्राज प्रसाद सैनी के अनुसार, कंक्रीट और चिनाई के बाद भवन की सही तरीके से तराई (Curing) भी नहीं की जा रही है, जिससे भविष्य में भवन के ढहने का खतरा बना रहेगा। आंदोलन की चेतावनी ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही इस मामले में दखल देकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की और गुणवत्ता में सुधार नहीं कराया, तो वे अपने आंदोलन को और अधिक उग्र करेंगे। प्रदर्शन के दौरान जितेंद्र शर्मा, राजेश मीणा, गिर्राज सैनी सहित क्षेत्र के कई प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।1
- सीएचसी निर्माण में घटिया सामग्री का आरोप, प्रदर्शन खबर दौसा जिले के कुंडल से कुंडल मुख्यालय में बन रहे 30 बेड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के निर्माण में घटिया सामग्री उपयोग करने का आरोप लगाकर बुधवार को ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की। प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष जितेंद्र शर्मा नीम का पाड़ा ने बताया कि 0.70 हेक्टेयर में बन रहे इस सीएचसी पर करीब 8.25 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि बजरी की जगह मिट्टी, घटिया ईंटें और जंग लगे सरिए का उपयोग किया जा रहा है। ग्रामीण गिर्राज प्रसाद सैनी ने बताया कि निर्माण में घटिया सीमेंट का उपयोग किया जा रहा है और भवन की सही तरीके से तराई भी नहीं की जा रही। वहीं राजेश कुमार मीणा ने कहा कि 53 ग्रेड सीमेंट की जगह 42 ग्रेड सीमेंट का उपयोग हो रहा है और बजरी भी निम्न गुणवत्ता की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में जितेंद्र शर्मा, राजेश मीणा, अशोक योगी, नरेंद्र मीणा, गिर्राज सैनी, लोकेश बैरवा, रितिकराज, कमलेश मीणा, दीपक सैनी, महेश सैनी, रोहित बैरवा, खुशीराम सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।1
- Post by Ganesh Yogi1
- कुण्डल तहसील मुख्यालय पर निर्माणाधीन 30 बेड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भवन में कथित घटिया निर्माण को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा सड़कों पर उतर आया। करोड़ों की लागत से बन रहे इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य प्रोजेक्ट में गुणवत्ता से समझौते के आरोपों ने प्रशासन और निर्माण एजेंसी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।2
- Post by Khemraj Joshi2
- RBSE 12वीं में उत्कृष्ट सफलता प्राप्त कर 99.60% अंक अर्जित करने वाली प्रतिभाशाली बेटी नव्या मीणा से आज फोन पर बात कर उन्हें हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं प्रेषित की। नव्या की यह अद्भुत उपलब्धि सिर्फ उनके निरंतर परिश्रम, धैर्य और समर्पण का परिणाम नहीं है, बल्कि यह उस उज्जवल भविष्य की प्रथम किरण है, जिसकी चमक आने वाले कल में न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित करेगी। उनकी इस अनमोल सफलता ने परिवार, विद्यालय और हमारे समाज—सभी का मान बढ़ाया है। नव्या को ढेरों शुभकामनाएं—यूँ ही अपने सपनों को नई उड़ानें देती रहें, नई ऊंचाइयों को छूती रहें। बेटी की आगे की पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता का आश्वासन देते हुए, साथ ही ग्रामीण जनों की समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनकर उनके समाधान का आश्वासन भी दिया।1
- स्वर्ण मंडित रथ पर निकाली भगवान जिनेंद्र की परंपरागत रथ यात्रा सारथी के रूप मे हिंडौन उप जिला कलेक्टर हेमराज गुर्जर और कमेटी अध्यक्ष सुधांशु कासलीवाल भगवान महावीर के रथ के सारथी बने भगवान जिनेन्द्र के गगन भेदी जयकारों से आकाश गुंजायमान हो उठा लाखों की संख्या मे श्रद्धालुओ ने मेले मे शिरकत की गंभीर नदी के जल से भगवान जिनेन्द्र की प्रतिमा का अभिषेक हुआ सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र पाल सिंह,गुमनाराम,डीएसपी मुनेश मीणा,थाना प्रभारी गिर्राज प्रसाद मीणा सहित 500 जवान पुलिस के तैनात रहे ।बीती रात हुआ राष्ट्रीय कवि सम्मलेन मे देश भर से आए कवि और कवियत्रियों ने वीर रस और हास्य व्यंग्य से ओतप्रोत कविताएं सुनाकर समा बाँधा रथ यात्रा देखने देशभर से पहुंचे है लाखों जैन तीर्थ यात्री और विभिन्न समाजो के लोग चाक चोबंद की गई है सुरक्षा व्यवस्था मंदिर प्रबंध कमेटी के पदाधिकारियों के साथ पुलिस और प्रसाशन आस्था और सामाजिक समरसता की अनूठी मिसाल 425 वर्ष प्राचीन है रथ यात्रा की परंपरा रथ यात्रा मे जीवंत होती है परंपरा विभिन्न समाजो के लोग निभाते है भागीदारी जिले का दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र श्री महावीरजी सामाजिक समरसता का सशक्त उदहारण प्रस्तुत करता है |यहां केवल भगवान महावीर की भक्ति ही नहीं बल्कि विभिन्न जातियों और संप्रदायों के बीच अटूट एकता का भाव ही स्पष्ट रूप से दिखाई देता है बार्षिक रथ यात्रा इस समरसता की जीवंत तस्वीर है जिसमें जाति पांति के भेद मिट जाते है परंपरा के अनुसार रथ यात्रा के दिन जाटव समाज का व्यक्ति रथ को स्पर्श कर यात्रा की शुरुआत करता है उनके स्पर्श के बिना रथ यात्रा अधूरी मानी जाती है इसके बाद मंदिर से पवित्र गंभीर नदी तट तक रथ को ले जाने की जिम्मेदारी मीणा समाज निभाता है श्रद्धा और उत्साह से भरे मीणा समाज के लोग जयकारों के बीच भगवान को नदी तट तक पहुंचाते है |नदी तट पर पूजन के पश्चात् भगवान को पुन :मुख्य मंदिर तक लेजाने का दायित्व गुर्जर समाज के लोग निभाते है यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं बल्कि सामाजिक सहभागिता और सामूहिक समन्वय का अद्भुत उदाहरण है|जन श्रुतियों के अनुसार सवा चार सौ बर्ष पूर्वयहां एक टीला था जहाँ गवाला कृपादास जाटव अपनी गाये चराने आता था उसने देखा की एक विशेष स्थान पर पहुंचते ही उसकी गाय के थनो से स्वत:ही दूध बहने लगता है इस घटना से आशर्यचिकित होकर कृपादास ने उस स्थान की खुदाई करवाई जहाँ से दिगंबर भगवान महावीर की प्रतिमा प्रकट हुई तभी से यह स्थल आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया 400बर्षो से आज भी गवाले के वंशज उनकी सेवा मे लगे है यह स्थल जैन धर्मावलंबियों के साथ -साथ सर्व समाज के लिए श्रद्धा का केंद्र है चरण चिन्ह छतरी पर दूर दूर से श्रद्धालु पहुंच कर मत्तथा टेकते है |3
- बालेटा की बेटियों का कमाल: प्रधानाचार्य संगीता गौड़ के कुशल नेतृत्व में विद्यालय ने रचा इतिहास अलवर। जुनून, जज्बा और कड़ी मेहनत जब एक साथ मिलते हैं, तो सफलता कदम चूमती है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, बालेटा की छात्राओं और स्टाफ ने। प्रधानाचार्य संगीता गौड़ के कुशल मार्गदर्शन और शिक्षकों के समर्पण ने विद्यालय को सफलता के शिखर पर पहुँचा दिया है। कक्षा 12 के प्रथम बैच ने गाड़े सफलता के झंडे बालेटा विद्यालय के लिए यह वर्ष ऐतिहासिक रहा, क्योंकि यह कक्षा 12 का प्रथम बोर्ड बैच था। छात्राओं ने अपने पहले ही प्रयास में शानदार प्रदर्शन करते हुए शत-प्रतिशत (100%) परिणाम दिया है। कुल छात्राएं: 13 प्रथम श्रेणी: 12 छात्राएं (92% छात्राएं फर्स्ट डिवीजन) टॉपर्स: शालू और चंचल ने 85% अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया। गार्गी पुरस्कार: विद्यालय की 8 छात्राओं का चयन प्रतिष्ठित गार्गी पुरस्कार के लिए हुआ है। कक्षा 5, 8 और 10 में भी रहा 'क्लीन स्वीप' सफलता का यह सिलसिला केवल 12वीं तक सीमित नहीं रहा। विद्यालय का कक्षा 5, 8 और 10 का परीक्षा परिणाम भी शत-प्रतिशत रहा है। कक्षा 10 में छात्रा पायल ने 90% अंक हासिल कर विद्यालय का नाम रोशन किया। कक्षा 10 में कुल तीन छात्राओं ने 90% से अधिक अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। विपरीत परिस्थितियों में मिली 'स्वर्ण' सफलता प्रधानाचार्य संगीता गौड़ ने बताया कि विद्यालय की वर्तमान स्थिति और सीमित संसाधनों को देखते हुए ऐसा परिणाम लाना एक बड़ी चुनौती थी। लेकिन स्टाफ की मेहनत और छात्राओं की लगन ने इस "मुश्किल" को "मुमकिन" कर दिखाया। सफलता की खुशी में प्रधानाचार्य ने समस्त स्टाफ का मुँह मीठा कराकर उनका आभार व्यक्त किया और उत्तीर्ण छात्राओं को फोन पर उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। "यह सब प्रधानाचार्य जी के अथक प्रयास, कुशल नेतृत्व और बच्चों की मेहनत का ही परिणाम है।" > — समस्त ग्रामवासी, बालेटा गांव में जश्न का माहौल विद्यालय की इस अभूतपूर्व उपलब्धि के बाद बालेटा गांव में खुशी की लहर है। ग्रामीणों ने इस सफलता का श्रेय प्रधानाचार्य संगीता गौड़ के 'एजुकेशन विजन' और शिक्षकों की टीम वर्क को दिया है। छात्राओं के घरों पर उत्सव जैसा माहौल है और हर तरफ इन "बेटियों" की चर्चा हो रही है।1