आज दिनांक 29.07.2026 को समय लगभग 13.00 बजे जरिए मोबाइल सूचना प्राप्त हुआ कि थाना हनुमानगंज क्षेत्र के जिंदा छपरा गांव आज दिनांक 29.07.2026 को समय लगभग 13.00 बजे जरिए मोबाइल सूचना प्राप्त हुआ कि थाना हनुमानगंज क्षेत्र के जिंदा छपरा गांव में एक युवक और एक युवती आत्म हत्या किए हैं और दोनों मृत अवस्था में लीची के पेड़ से लटके हैं। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो जांच के क्रम में मृतकों की पहचान 1- रितेश कुमार पुत्र दयानिधि भारती उम्र करीब 22 वर्ष निवासी जिंदा छपरा और 2- पूजा शर्मा पुत्री गोपाल शर्मा उम्र करीब 21 वर्ष निवासी खड्डा वार्ड 09 थाना खड्डा जनपद कुशीनगर के रुप में हुई। दोनो द्वारा लगभग 06 माह पूर्व कोर्ट मैरिज की गयी थी और साथ में ही जिंदा छपरा मे रह रहे थे। पुलिस द्वारा नियमानुसार शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा/पोस्टमार्टम की कार्यवाही करायी जा रही है। प्रकरण में सभी पहलुओं पर गहराई से छान-बीन की जा रही है। मौके पर शांति व्यवस्था कायम है। उक्त के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक कुशीनगर श्री सिद्धार्थ वर्मा की बाईट-
आज दिनांक 29.07.2026 को समय लगभग 13.00 बजे जरिए मोबाइल सूचना प्राप्त हुआ कि थाना हनुमानगंज क्षेत्र के जिंदा छपरा गांव आज दिनांक 29.07.2026 को समय लगभग 13.00 बजे जरिए मोबाइल सूचना प्राप्त हुआ कि थाना हनुमानगंज क्षेत्र के जिंदा छपरा गांव में एक युवक और एक युवती आत्म हत्या किए हैं और दोनों मृत अवस्था में लीची के पेड़ से लटके हैं। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो जांच के क्रम में मृतकों की पहचान 1- रितेश कुमार पुत्र दयानिधि भारती उम्र करीब 22 वर्ष निवासी जिंदा छपरा और 2- पूजा शर्मा पुत्री गोपाल शर्मा उम्र करीब 21 वर्ष निवासी खड्डा वार्ड 09 थाना खड्डा जनपद कुशीनगर के रुप में हुई। दोनो द्वारा लगभग 06 माह पूर्व कोर्ट मैरिज की गयी थी और साथ में ही जिंदा छपरा मे रह रहे थे। पुलिस द्वारा नियमानुसार शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा/पोस्टमार्टम की कार्यवाही करायी जा रही है। प्रकरण में सभी पहलुओं पर गहराई से छान-बीन की जा रही है। मौके पर शांति व्यवस्था कायम है। उक्त के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक कुशीनगर श्री सिद्धार्थ वर्मा की बाईट-
- पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान व कल्याण की मांग को लेकर जिलाधिकारी को सौंपा सात सूत्रीय ज्ञापन कुशीनगर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने की मांग को लेकर पूर्वांचल पत्रकार एसोसिएशन (उ.प्र.) की कुशीनगर इकाई ने बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम जिलाधिकारी को सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। संगठन ने पत्रकारों के लिए सुरक्षा, स्वास्थ्य बीमा, पत्रकार भवन, सामाजिक सुरक्षा तथा पत्रकार-प्रशासन समन्वय समिति के गठन सहित कई महत्वपूर्ण मांगें उठाते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की। जिलाध्यक्ष महेंद्र पांडेय एवं वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष राजन विश्वकर्मा के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि पत्रकार निष्पक्ष और निर्भीक होकर शासन-प्रशासन की योजनाओं, विकास कार्यों और जनसमस्याओं को जनता तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक संरक्षण सुनिश्चित करना शासन की जिम्मेदारी है।ज्ञापन में जिले के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया के मान्यता प्राप्त और गैर-मान्यता प्राप्त पत्रकारों का जिला स्तर पर पंजीकरण कराने, सभी पत्रकारों के लिए पांच लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा तथा सामाजिक सुरक्षा योजना लागू करने की मांग की गई। इसके अलावा पत्रकारों पर हमले, धमकी और उत्पीड़न की घटनाओं की त्वरित एवं निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की भी मांग उठाई गई।संगठन ने पत्रकारों एवं उनके आश्रितों को शिक्षा, चिकित्सा, आवास सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ देने, तहसील स्तर पर पत्रकार भवन अथवा मीडिया सेंटर की स्थापना, सरकारी कार्यक्रमों एवं प्रेस वार्ताओं की सूचना समय से उपलब्ध कराने तथा पत्रकार-प्रशासन समन्वय समिति का गठन कर नोडल अधिकारी नियुक्त करने की भी मांग की। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार एसएन शुक्ला, पीके गौड़, शैलेन्द्र गुप्ता, राकेश गौड़, प्रिंस तिवारी, मुकेश पटेल, अंकित कुशवाहा, विद्याधर तिवारी, राकेश शुक्ल, बबलू कुशवाहा, उमर अंसारी, आसिफ खान, संजय उपाध्याय, रामाचरण अनुराग तिवारी,हरिओम तिवारी, गिरजेश गोविंद राव, महेश पासवान , विनय कुमार और पीपीए संगठन के अधिक संख्या में पत्रकार बंधु उपस्थित थे।1
- लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की सुरक्षा की उठी आवाज, पत्रकारों ने सरकार से की सात बड़ी मांगें2
- Ravindra Jadeja to return for India-Sri Lanka Test series soon #ravindrajadeja #TeamIndia #INDvsENG1
- फाजिलनगर में ओवरब्रिज निर्माण के चलते लगभग एक घंटे से लगा भयंकर जाम।1
- पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान व कल्याण की मांग को लेकर जिलाधिकारी को सौंपा सात सूत्रीय ज्ञापन पडरौना कुशीनगर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने की मांग को लेकर पूर्वांचल पत्रकार एसोसिएशन (उ.प्र.) की कुशीनगर इकाई ने बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम जिलाधिकारी को सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। संगठन ने पत्रकारों के लिए सुरक्षा, स्वास्थ्य बीमा, पत्रकार भवन, सामाजिक सुरक्षा तथा पत्रकार-प्रशासन समन्वय समिति के गठन सहित कई महत्वपूर्ण मांगें उठाते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की। जिलाध्यक्ष महेंद्र पांडेय एवं वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष राजन विश्वकर्मा के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि पत्रकार निष्पक्ष और निर्भीक होकर शासन-प्रशासन की योजनाओं, विकास कार्यों और जनसमस्याओं को जनता तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक संरक्षण सुनिश्चित करना शासन की जिम्मेदारी है।ज्ञापन में जिले के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया के मान्यता प्राप्त और गैर-मान्यता प्राप्त पत्रकारों का जिला स्तर पर पंजीकरण कराने, सभी पत्रकारों के लिए पांच लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा तथा सामाजिक सुरक्षा योजना लागू करने की मांग की गई। इसके अलावा पत्रकारों पर हमले, धमकी और उत्पीड़न की घटनाओं की त्वरित एवं निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की भी मांग उठाई गई।संगठन ने पत्रकारों एवं उनके आश्रितों को शिक्षा, चिकित्सा, आवास सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ देने, तहसील स्तर पर पत्रकार भवन अथवा मीडिया सेंटर की स्थापना, सरकारी कार्यक्रमों एवं प्रेस वार्ताओं की सूचना समय से उपलब्ध कराने तथा पत्रकार-प्रशासन समन्वय समिति का गठन कर नोडल अधिकारी नियुक्त करने की भी मांग की। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार एसएन शुक्ला, पीके गौड़, शैलेन्द्र गुप्ता, राकेश गौड़, प्रिंस तिवारी, मुकेश पटेल, अंकित कुशवाहा, विद्याधर तिवारी, राकेश शुक्ल, बबलू कुशवाहा, उमर अंसारी, आसिफ खान, संजय उपाध्याय, रामाचरण अनुराग तिवारी,हरिओम तिवारी, गिरजेश गोविंद राव, महेश पासवान , विनय कुमार और पीपीए संगठन के अधिक संख्या में पत्रकार बंधु उपस्थित थे। पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान व कल्याण की मांग को लेकर जिलाधिकारी को सौंपा सात सूत्रीय ज्ञापन पडरौना कुशीनगर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने की मांग को लेकर पूर्वांचल पत्रकार एसोसिएशन (उ.प्र.) की कुशीनगर इकाई ने बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम जिलाधिकारी को सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। संगठन ने पत्रकारों के लिए सुरक्षा, स्वास्थ्य बीमा, पत्रकार भवन, सामाजिक सुरक्षा तथा पत्रकार-प्रशासन समन्वय समिति के गठन सहित कई महत्वपूर्ण मांगें उठाते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की। जिलाध्यक्ष महेंद्र पांडेय एवं वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष राजन विश्वकर्मा के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि पत्रकार निष्पक्ष और निर्भीक होकर शासन-प्रशासन की योजनाओं, विकास कार्यों और जनसमस्याओं को जनता तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक संरक्षण सुनिश्चित करना शासन की जिम्मेदारी है।ज्ञापन में जिले के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया के मान्यता प्राप्त और गैर-मान्यता प्राप्त पत्रकारों का जिला स्तर पर पंजीकरण कराने, सभी पत्रकारों के लिए पांच लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा तथा सामाजिक सुरक्षा योजना लागू करने की मांग की गई। इसके अलावा पत्रकारों पर हमले, धमकी और उत्पीड़न की घटनाओं की त्वरित एवं निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की भी मांग उठाई गई।संगठन ने पत्रकारों एवं उनके आश्रितों को शिक्षा, चिकित्सा, आवास सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ देने, तहसील स्तर पर पत्रकार भवन अथवा मीडिया सेंटर की स्थापना, सरकारी कार्यक्रमों एवं प्रेस वार्ताओं की सूचना समय से उपलब्ध कराने तथा पत्रकार-प्रशासन समन्वय समिति का गठन कर नोडल अधिकारी नियुक्त करने की भी मांग की। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार एसएन शुक्ला, पीके गौड़, शैलेन्द्र गुप्ता, राकेश गौड़, प्रिंस तिवारी, मुकेश पटेल, अंकित कुशवाहा, विद्याधर तिवारी, राकेश शुक्ल, बबलू कुशवाहा, उमर अंसारी, आसिफ खान, संजय उपाध्याय, रामाचरण अनुराग तिवारी,हरिओम तिवारी, गिरजेश गोविंद राव, महेश पासवान , विनय कुमार और पीपीए संगठन के अधिक संख्या में पत्रकार बंधु उपस्थित थे।2
- बिजली व्यवस्था सुधारने की मांग, सपा नेताओं का विरोध प्रदर्शन1
- कुशीनगर में प्रेमी दंपति ने पेड़ से लटककर दी जान: अंतरजातीय विवाह के बाद तानों से थे परेशान, शादी के 5 महीने बाद दर्दनाक अंत कुशीनगर में प्रेमी दंपति ने पेड़ से लटककर दी जान: अंतरजातीय विवाह के बाद तानों से थे परेशान, शादी के 5 महीने बाद दर्दनाक अंत कुशीनगर। जिले के हनुमानगंज थाना क्षेत्र में बुधवार को एक नवविवाहित दंपति का शव गांव के बाहर लीची के पेड़ से फंदे पर लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतकों की पहचान 22 वर्षीय रितेश भारती पुत्र दयानिधि भारती, निवासी ग्राम सभा जिंदा छपरा तथा 20 वर्षीय पूजा शर्मा पुत्री गोपाल शर्मा, निवासी खड्डा नगर के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही दोनों परिवारों में कोहराम मच गया, जबकि पूरे क्षेत्र में शोक और चर्चा का माहौल है। परिजनों और स्थानीय लोगों के अनुसार रितेश और पूजा खड्डा नगर स्थित ज्ञान ज्योति स्कूल में साथ पढ़ते थे। स्कूल के दिनों में दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो समय के साथ प्रेम संबंध में बदल गई। दिसंबर 2025 में दोनों घर छोड़कर चले गए थे, लेकिन एक दिन बाद वापस लौट आए। उस समय मामला हनुमानगंज थाने पहुंचा, जहां पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया गया और युवती अपने परिवार के साथ चली गई। बाद में दोनों परिवारों की सहमति बनने पर जनवरी 2026 में रितेश और पूजा ने कोर्ट मैरिज कर ली। शादी के बाद पूजा अपने पति के घर रहने लगी और पिछले पांच महीने से वहीं रह रही थी। परिजनों का आरोप है कि पूजा की मां इस अंतरजातीय विवाह से खुश नहीं थीं। शादी के बाद भी वह कथित रूप से जाति को लेकर ताने देती थीं और विवाह को स्वीकार नहीं कर पा रही थीं। परिवार का दावा है कि लगातार मानसिक दबाव और तानों से परेशान होकर दोनों ने यह आत्मघाती कदम उठाया। रितेश के पिता दयानिधि भारती गोरखपुर में राजगीर का कार्य करते हैं। घटना के समय घर पर केवल उसके दादा-दादी मौजूद थे। परिजनों के अनुसार रितेश गांव से बाहर जाने की बात कहकर घर से निकला था। कुछ देर बाद खेत की ओर गए ग्रामीणों ने गांव के बाहर लीची के पेड़ पर दोनों के शव फंदे से लटकते देखे। सूचना मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और पुलिस को जानकारी दी गई। सूचना पर हनुमानगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को नीचे उतरवाकर कब्जे में लिया। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया, आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन जांच केवल इसी पहलू तक सीमित नहीं रखी गई है। हत्या और आत्महत्या दोनों संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर सामाजिक स्वीकार्यता, अंतरजातीय विवाह और पारिवारिक दबाव जैसे गंभीर मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।1