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लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की सुरक्षा की उठी आवाज, पत्रकारों ने सरकार से की सात बड़ी मांगें
MANOJ KUMAR YADAV
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की सुरक्षा की उठी आवाज, पत्रकारों ने सरकार से की सात बड़ी मांगें
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- लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की सुरक्षा की उठी आवाज, पत्रकारों ने सरकार से की सात बड़ी मांगें2
- यह व्यक्ति एक शिक्षक है एक शिक्षक ऐसा कैसे हो सकता है जब तक इस देश में ऐसे एक व्यक्ति हैं तब तक आरक्षण लागू रहना चाहिए जातिवादी मानसिकता का है। इसके अंदर कितना ज़हर भरा हुआ है। इस गधे के बच्चे को कौन बताए कि अगर सभी जातियाँ अपना-अपना पारंपरिक काम करें, तो इस हिसाब से इन्हें भी भीख माँगनी चाहिए। और जितने भी लोग सरकारी नौकरी में हैं, उन्हें नौकरी छोड़ देनी चाहिए, क्योंकि नौकरी तो इनका पेशा नहीं रहा है। इन्हें तो धर्म की रक्षा करनी चाहिए और भिक्षा माँगकर खाना चाहिए।1
- एक युवक और एक युवती के शव लीची के पेड़ से लटके मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई कुशीनगर से एक दुखद खबर सामने आई है। हनुमानगंज थाना क्षेत्र के जिंदा छपरा गांव में एक युवक और एक युवती के शव लीची के पेड़ से लटके मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस के अनुसार दोनों की पहचान जिंदा छपरा निवासी 22 वर्षीय रितेश कुमार और खड्डा की 21 वर्षीय पूजा शर्मा के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक दोनों ने करीब छह माह पहले कोर्ट मैरिज की थी और जिंदा छपरा में साथ रह रहे थे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। मौके पर शांति व्यवस्था कायम है। इस पूरे मामले पर क्या कहा अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ वर्मा ने, सुनिए उनकी बाइट1
- श्रावण मास में नहीं होगी श्रद्धालुओं को परेशानी, डीएम ने दिए सख्त निर्देश! पवित्र श्रावण मास 30 जुलाई से प्रारंभ होने जा रहा है। इसे लेकर जिला प्रशासन ने कांवड़ यात्रा, शिवालयों में जलाभिषेक और प्रमुख जलभराव घाटों पर सुरक्षा एवं श्रद्धालुओं की सुविधाओं के व्यापक इंतजाम पूरे कर लिए हैं। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने बताया कि जनपद के सभी प्रमुख शिवालयों, कांवड़ मार्गों और प्रमुख स्थलों पर पर्याप्त पुलिस एवं पैरा पुलिस बल की तैनाती की गई है। साथ ही आठ प्रमुख शिवालयों पर जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं, जो पूरे श्रावण मास के दौरान व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे। उन्होंने बताया कि नगर निकायों और ग्रामीण क्षेत्रों में संबंधित अधिकारियों को साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था तथा श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त शौचालयों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट मोड पर रखते हुए प्रमुख स्थलों पर मेडिकल टीम, एम्बुलेंस और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।1
- श्रावण मास को लेकर देवरिया प्रशासन अलर्ट, शिवालयों व कांवड़ मार्गों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम देवरिया, 29 जुलाई। पवित्र श्रावण मास के शुभारंभ (30 जुलाई) से पहले जिला प्रशासन ने कांवड़ यात्रा, शिवालयों में जलाभिषेक और प्रमुख जलभराव घाटों पर सुरक्षा एवं श्रद्धालुओं की सुविधाओं के व्यापक इंतजाम पूरे कर लिए हैं। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने बताया कि जनपद के सभी प्रमुख शिवालयों, कांवड़ मार्गों और महत्वपूर्ण स्थलों पर पर्याप्त पुलिस एवं पैरा पुलिस बल की तैनाती की गई है। आठ प्रमुख शिवालयों पर जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट भी नियुक्त किए गए हैं, जो पूरे श्रावण मास के दौरान व्यवस्थाओं की सतत निगरानी करेंगे। प्रशासन ने नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों के सभी शिवालयों और कांवड़ मार्गों पर साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था तथा अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्याप्त संख्या में शौचालयों की व्यवस्था मंदिर परिसर से उचित दूरी पर की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग को प्रमुख स्थलों पर मेडिकल टीमों की तैनाती, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और एम्बुलेंस सेवाएं सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके। श्रद्धालुओं की सहायता के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम भी सक्रिय रहेगा, जिसके माध्यम से किसी भी समस्या या स्वास्थ्य संबंधी सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जा सकेगी। सरयू नदी सहित प्रमुख घाटों पर बैरिकेडिंग, गहरे पानी वाले स्थानों पर चेतावनी संकेतक लगाने और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि श्रावण मास के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा सभी अधिकारी पूरी जिम्मेदारी के साथ व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें।1
- *श्रावण मास की तैयारियों के संबंध में देवरिया डीएम की बाइट1
- बिजली व्यवस्था सुधारने की मांग, सपा नेताओं का विरोध प्रदर्शन1
- कुशीनगर में प्रेमी दंपति ने पेड़ से लटककर दी जान: अंतरजातीय विवाह के बाद तानों से थे परेशान, शादी के 5 महीने बाद दर्दनाक अंत कुशीनगर में प्रेमी दंपति ने पेड़ से लटककर दी जान: अंतरजातीय विवाह के बाद तानों से थे परेशान, शादी के 5 महीने बाद दर्दनाक अंत कुशीनगर। जिले के हनुमानगंज थाना क्षेत्र में बुधवार को एक नवविवाहित दंपति का शव गांव के बाहर लीची के पेड़ से फंदे पर लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतकों की पहचान 22 वर्षीय रितेश भारती पुत्र दयानिधि भारती, निवासी ग्राम सभा जिंदा छपरा तथा 20 वर्षीय पूजा शर्मा पुत्री गोपाल शर्मा, निवासी खड्डा नगर के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही दोनों परिवारों में कोहराम मच गया, जबकि पूरे क्षेत्र में शोक और चर्चा का माहौल है। परिजनों और स्थानीय लोगों के अनुसार रितेश और पूजा खड्डा नगर स्थित ज्ञान ज्योति स्कूल में साथ पढ़ते थे। स्कूल के दिनों में दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो समय के साथ प्रेम संबंध में बदल गई। दिसंबर 2025 में दोनों घर छोड़कर चले गए थे, लेकिन एक दिन बाद वापस लौट आए। उस समय मामला हनुमानगंज थाने पहुंचा, जहां पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया गया और युवती अपने परिवार के साथ चली गई। बाद में दोनों परिवारों की सहमति बनने पर जनवरी 2026 में रितेश और पूजा ने कोर्ट मैरिज कर ली। शादी के बाद पूजा अपने पति के घर रहने लगी और पिछले पांच महीने से वहीं रह रही थी। परिजनों का आरोप है कि पूजा की मां इस अंतरजातीय विवाह से खुश नहीं थीं। शादी के बाद भी वह कथित रूप से जाति को लेकर ताने देती थीं और विवाह को स्वीकार नहीं कर पा रही थीं। परिवार का दावा है कि लगातार मानसिक दबाव और तानों से परेशान होकर दोनों ने यह आत्मघाती कदम उठाया। रितेश के पिता दयानिधि भारती गोरखपुर में राजगीर का कार्य करते हैं। घटना के समय घर पर केवल उसके दादा-दादी मौजूद थे। परिजनों के अनुसार रितेश गांव से बाहर जाने की बात कहकर घर से निकला था। कुछ देर बाद खेत की ओर गए ग्रामीणों ने गांव के बाहर लीची के पेड़ पर दोनों के शव फंदे से लटकते देखे। सूचना मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और पुलिस को जानकारी दी गई। सूचना पर हनुमानगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को नीचे उतरवाकर कब्जे में लिया। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया, आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन जांच केवल इसी पहलू तक सीमित नहीं रखी गई है। हत्या और आत्महत्या दोनों संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर सामाजिक स्वीकार्यता, अंतरजातीय विवाह और पारिवारिक दबाव जैसे गंभीर मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।1