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BJP-SP में AI Video War तेज, अखिलेश यादव ने दिया पलटवार BJP-SP में AI Video War तेज, अखिलेश यादव ने दिया पलटवार

16 hrs ago
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Court reporter गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
16 hrs ago

BJP-SP में AI Video War तेज, अखिलेश यादव ने दिया पलटवार BJP-SP में AI Video War तेज, अखिलेश यादव ने दिया पलटवार

More news from झारखंड and nearby areas
  • फॉर्म-7 पकड़े जाने के मामले में झामुमो का धरना, शिव प्रसाद सोनी की गिरफ्तारी की मांग रंका प्रखंड मुख्यालय में बुधवार को फॉर्म-7 पकड़े जाने के मामले को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया। झामुमो के प्रखंड अध्यक्ष जैनुल्हा अंसारी एवं जिला पदाधिकारी जवाहर पासवान के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता प्रखंड मुख्यालय पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने फॉर्म-7 के मामले में शिव प्रसाद सोनी एवं इसमें संलिप्त अन्य लोगों पर कार्रवाई तथा गिरफ्तारी की मांग की। धरना के दौरान झामुमो नेताओं ने आरोप लगाया कि फॉर्म-7 के माध्यम से मतदाता सूची में नाम हटाने को लेकर लोगों को भ्रमित किया जा रहा है। वहीं, विधायक प्रतिनिधि मुरारी यादव ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि बीएलओ-2 का कार्य जांच करना और आपत्ति दर्ज कराना है। बीएलओ-2 किसी व्यक्ति का नाम स्वयं नहीं काटता है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले में लोगों को गलत जानकारी देकर भ्रमित किया जा रहा है। धरना की सूचना मिलने पर रंका अनुमंडल पदाधिकारी मोहम्मद परवेज धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को फॉर्म-7 की प्रक्रिया एवं उसके प्रावधानों के संबंध में जानकारी दी और मामले को समझाने के बाद धरना समाप्त कराया आईए झारखंड मुक्ति मोर्चा के लोगों ने क्या कहा जाने
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    फॉर्म-7 पकड़े जाने के मामले में झामुमो का धरना, शिव प्रसाद सोनी की गिरफ्तारी की मांग

रंका प्रखंड मुख्यालय में बुधवार को फॉर्म-7 पकड़े जाने के मामले को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया। झामुमो के प्रखंड अध्यक्ष जैनुल्हा अंसारी एवं जिला पदाधिकारी जवाहर पासवान के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता प्रखंड मुख्यालय पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने फॉर्म-7 के मामले में शिव प्रसाद सोनी एवं इसमें संलिप्त अन्य लोगों पर कार्रवाई तथा गिरफ्तारी की मांग की।
धरना के दौरान झामुमो नेताओं ने आरोप लगाया कि फॉर्म-7 के माध्यम से मतदाता सूची में नाम हटाने को लेकर लोगों को भ्रमित किया जा रहा है। वहीं, विधायक प्रतिनिधि मुरारी यादव ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि बीएलओ-2 का कार्य जांच करना और आपत्ति दर्ज कराना है। बीएलओ-2 किसी व्यक्ति का नाम स्वयं नहीं काटता है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले में लोगों को गलत जानकारी देकर भ्रमित किया जा रहा है।
धरना की सूचना मिलने पर रंका अनुमंडल पदाधिकारी मोहम्मद परवेज धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को फॉर्म-7 की प्रक्रिया एवं उसके प्रावधानों के संबंध में जानकारी दी और मामले को समझाने के बाद धरना समाप्त कराया आईए झारखंड मुक्ति मोर्चा के लोगों ने क्या कहा जाने
    user_Sunil singh
    Sunil singh
    रंका, गढ़वा, झारखंड•
    3 hrs ago
  • सोनभद्र: दुद्धी के जोरूखाड़ में मालिया नदी का पुल टूट कर धंसा, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा, स्कूली बच्चों ओर ग्रामीण की जान जोखिम में सोनभद्र: दुद्धी के जोरूखाड़ में मालिया नदी का पुल टूट कर धंसा, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा, स्कूली बच्चों ओर ग्रामीण की जान जोखिम में
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    सोनभद्र: दुद्धी के जोरूखाड़ में मालिया नदी का पुल टूट कर धंसा, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा, स्कूली बच्चों ओर ग्रामीण की जान जोखिम में

सोनभद्र: दुद्धी के जोरूखाड़ में मालिया नदी का पुल टूट कर धंसा, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा, स्कूली बच्चों ओर ग्रामीण की जान जोखिम में
    user_Nitesh Kumar
    Nitesh Kumar
    Mandi Agent Mahuli•
    11 hrs ago
  • जम्मू-कश्मीर के पहाडी में स्थित मां वैष्णो देवी मंदिर पैदल यात्रा लाईव मां वैष्णो देवी मंदिर पैदल यात्रा लाईव
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    जम्मू-कश्मीर के पहाडी में स्थित मां वैष्णो देवी मंदिर पैदल यात्रा लाईव 
मां वैष्णो देवी मंदिर पैदल यात्रा लाईव
    user_Jitendr Prshad
    Jitendr Prshad
    Court reporter दुद्धी, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • शिवद्वार सतद्वारी , यहां बीते हुये पल कभी भुलाये नहीं जा सकते, बोलबम सेवा समिति की पूरी टीम पहुंची शिवद्वार, डॉक्टर की आवभगत , बड़े भाई का जो सम्मान मिला कभी भुलाया नहीं जा सकता आप भी वीडियो के माध्यम से देखें
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    शिवद्वार सतद्वारी , यहां बीते हुये पल कभी भुलाये नहीं जा सकते, बोलबम सेवा समिति की पूरी टीम पहुंची शिवद्वार, डॉक्टर की आवभगत , बड़े भाई का जो  सम्मान मिला कभी भुलाया नहीं जा सकता आप भी वीडियो के माध्यम से देखें
    user_संजय श्रीवास्तव ( ब्यूरो चीफ)
    संजय श्रीवास्तव ( ब्यूरो चीफ)
    Dudhi, Sonbhadra•
    19 hrs ago
  • बलरामपुर जिला के ग्राम पंचायत महावीरगंज में प्रधानमंत्री आवास योजना के आबंटन को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। ग्रामीणों ने पंचायत के सरपंच और सचिव पर बलरामपुर जिला के ग्राम पंचायत महावीरगंज में प्रधानमंत्री आवास योजना के आबंटन को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। ग्रामीणों ने पंचायत के सरपंच और सचिव पर मिलीभगत का गंभीर आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है। बीओ01..​ग्रामीणों के अनुसार पंचायत के लिए कुल 765 आवास स्वीकृत होकर आए थे। आरोप है कि सरपंच और सचिव ने धांधली करते हुए 295 पात्र ग्रामीणों को सूची से बाहर अपात्र कर दिया है प्रभावित ग्रामीणों की मांग है कि जिनके नाम गलत तरीके से हटाए गए हैं उन्हें तुरंत योजना की सूची में वापस जोड़ा जाए। बीओ02..​आवास आबंटन में हुई इस गड़बड़ी की शिकायत जब जिला सीईओ तक पहुंची तो उन्होंने मामले की पड़ताल के लिए एक जांच टीम गठित की। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि जांच टीम ने भी निष्पक्षता से काम करने के बजाय लीपापोती की कोशिश की। ​ बीओ03..​जांच अधिकारी गांव पहुंचे जरूर, लेकिन उन्होंने पीड़ितों का पक्ष सुनने के बजाय सरपंच और सचिव के कहे अनुसार कागजी खानापूर्ति कर ली​वाकई हकदार और गरीब परिवारों को योजना से बेदखल कर दिया गया है। ​ग्रामीणों ने मांग की है कि अपात्र लोगों के नाम सूची से हटाकर केवल जरूरतमंदों को ही आवास का लाभ दिया जाए। बीओ 04....​एक तरफ सरकार हर गरीब और बेसहारा परिवार को पक्की छत देने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ धरातल पर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की साठगांठ से गरीबों का हक मारा जा रहा है। ​आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन को साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस पूरी प्रक्रिया की पारदर्शी जांच कर पीड़ित परिवारों को आवास नहीं दिए गए, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे और जिला कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेंगे बाइट 6
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    बलरामपुर जिला के ग्राम पंचायत महावीरगंज में प्रधानमंत्री आवास योजना के आबंटन को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। ग्रामीणों ने पंचायत के सरपंच और सचिव पर
बलरामपुर जिला के ग्राम पंचायत महावीरगंज में प्रधानमंत्री आवास योजना के आबंटन को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। ग्रामीणों ने पंचायत के सरपंच और सचिव पर मिलीभगत का गंभीर आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है।
बीओ01..​ग्रामीणों के अनुसार पंचायत के लिए कुल 765 आवास स्वीकृत होकर आए थे। आरोप है कि सरपंच और सचिव ने धांधली करते हुए 295 पात्र ग्रामीणों को सूची से बाहर अपात्र कर दिया है प्रभावित ग्रामीणों की मांग है कि जिनके नाम गलत तरीके से हटाए गए हैं उन्हें तुरंत योजना की सूची में वापस जोड़ा जाए।
बीओ02..​आवास आबंटन में हुई इस गड़बड़ी की शिकायत जब जिला सीईओ तक पहुंची तो उन्होंने मामले की पड़ताल के लिए एक जांच टीम गठित की। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि जांच टीम ने भी निष्पक्षता से काम करने के बजाय लीपापोती की कोशिश की।
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बीओ03..​जांच अधिकारी गांव पहुंचे जरूर, लेकिन उन्होंने पीड़ितों का पक्ष सुनने के बजाय सरपंच और सचिव के कहे अनुसार कागजी खानापूर्ति कर ली​वाकई हकदार और गरीब परिवारों को योजना से बेदखल कर दिया गया है।
​ग्रामीणों ने मांग की है कि अपात्र लोगों के नाम सूची से हटाकर केवल जरूरतमंदों को ही आवास का लाभ दिया जाए।
बीओ 04....​एक तरफ सरकार हर गरीब और बेसहारा परिवार को पक्की छत देने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ धरातल पर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की साठगांठ से गरीबों का हक मारा जा रहा है।
​आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन को साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस पूरी प्रक्रिया की पारदर्शी जांच कर पीड़ित परिवारों को आवास नहीं दिए गए, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे और जिला कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेंगे
बाइट 6
    user_Ali Khan
    Ali Khan
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    11 hrs ago
  • बाढ़ एवं जलभराव की स्थिति में नदी-घाटों से दूर रहें, सुरक्षित रहेंकृजिलाधिकारी रेणुका नदी के छठ घाट पर मॉक ड्रिल के माध्यम से आपदा से बचाव का दिया गया प्रशिक्षण नदी में डूबते व्यक्ति को बचाने एवं प्राथमिक उपचार की व्यवस्थाओं का किया गया प्रदर्शन मॉक ड्रिल के माध्यम से आमजन को किया गया जागरूक, नदी के किनारे न जाने की दी गई सलाह जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ के निर्देश के क्रम में तहसील ओबरा क्षेत्र में रेणुका नदी के छठ घाट पर बाढ़ एवं जलभराव की स्थिति से निपटने तथा नदी में डूबने की संभावित घटनाओं में त्वरित बचाव एवं राहत कार्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। मॉक ड्रिल में सीआईएसएफ, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग, मेडिकल टीम, आपूर्ति विभाग एवं पंचायती राज विभाग द्वारा समन्वित रूप से प्रतिभाग किया गया। इस दौरान नदी में किसी व्यक्ति के डूबने की स्थिति में उसे सुरक्षित बाहर निकालने, तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने तथा आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकीय सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। मॉक ड्रिल के माध्यम से संबंधित टीमों ने यह प्रदर्शित किया कि किसी व्यक्ति के नदी में डूबने की सूचना प्राप्त होने पर किस प्रकार तत्काल मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन संचालित किया जाए, डूबे व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला जाए तथा उसकी स्थिति के अनुसार प्राथमिक उपचार एवं चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जाए। इस अवसर पर आमजन को जागरूक करते हुए बताया गया कि बाढ़, जलभराव अथवा नदी में तेज जल प्रवाह की स्थिति में नदी, नाले, घाट एवं जलभराव वाले स्थानों के समीप न जाएं। बच्चों को विशेष रूप से नदी एवं जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखें तथा प्रशासन द्वारा जारी चेतावनी एवं सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। प्रशासन द्वारा आमजन से अपील की गई कि नदी में डूबते हुए व्यक्ति को देखकर स्वयं जोखिम उठाकर पानी में न उतरें। तत्काल पुलिस, प्रशासन, आपदा राहत दल अथवा स्थानीय बचाव टीम को सूचना दें। प्रशिक्षित बचाव दल द्वारा व्यक्ति को बाहर निकाले जाने के बाद उसकी स्थिति के अनुसार प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जाए तथा आवश्यकता होने पर तत्काल चिकित्सा केंद्र/अस्पताल पहुंचाया जाए। मॉक ड्रिल का उद्देश्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के साथ-साथ आमजन को आपदा के समय बरती जाने वाली सावधानियों एवं बचाव उपायों के प्रति जागरूक करना रहा। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की कि जलभराव एवं बाढ़ की स्थिति में अनावश्यक रूप से नदी अथवा जलभराव वाले स्थानों की ओर न जाएं और स्वयं तथा अपने परिवार को सुरक्षित रखें।
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    बाढ़ एवं जलभराव की स्थिति में नदी-घाटों से दूर रहें, सुरक्षित रहेंकृजिलाधिकारी
रेणुका नदी के छठ घाट पर मॉक ड्रिल के माध्यम से आपदा से बचाव का दिया गया प्रशिक्षण नदी में डूबते व्यक्ति को बचाने एवं प्राथमिक उपचार की व्यवस्थाओं का किया गया प्रदर्शन मॉक ड्रिल के माध्यम से आमजन को किया गया जागरूक, नदी के किनारे न जाने की दी गई सलाह
जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ के निर्देश के क्रम में तहसील ओबरा क्षेत्र में रेणुका नदी के छठ घाट पर बाढ़ एवं जलभराव की स्थिति से निपटने तथा नदी में डूबने की संभावित घटनाओं में त्वरित बचाव एवं राहत कार्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।
मॉक ड्रिल में सीआईएसएफ, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग, मेडिकल टीम, आपूर्ति विभाग एवं पंचायती राज विभाग द्वारा समन्वित रूप से प्रतिभाग किया गया। इस दौरान नदी में किसी व्यक्ति के डूबने की स्थिति में उसे सुरक्षित बाहर निकालने, तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने तथा आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकीय सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया।
मॉक ड्रिल के माध्यम से संबंधित टीमों ने यह प्रदर्शित किया कि किसी व्यक्ति के नदी में डूबने की सूचना प्राप्त होने पर किस प्रकार तत्काल मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन संचालित किया जाए, डूबे व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला जाए तथा उसकी स्थिति के अनुसार प्राथमिक उपचार एवं चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जाए।
इस अवसर पर आमजन को जागरूक करते हुए बताया गया कि बाढ़, जलभराव अथवा नदी में तेज जल प्रवाह की स्थिति में नदी, नाले, घाट एवं जलभराव वाले स्थानों के समीप न जाएं। बच्चों को विशेष रूप से नदी एवं जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखें तथा प्रशासन द्वारा जारी चेतावनी एवं सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
प्रशासन द्वारा आमजन से अपील की गई कि नदी में डूबते हुए व्यक्ति को देखकर स्वयं जोखिम उठाकर पानी में न उतरें। तत्काल पुलिस, प्रशासन, आपदा राहत दल अथवा स्थानीय बचाव टीम को सूचना दें। प्रशिक्षित बचाव दल द्वारा व्यक्ति को बाहर निकाले जाने के बाद उसकी स्थिति के अनुसार प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जाए तथा आवश्यकता होने पर तत्काल चिकित्सा केंद्र/अस्पताल पहुंचाया जाए।
मॉक ड्रिल का उद्देश्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के साथ-साथ आमजन को आपदा के समय बरती जाने वाली सावधानियों एवं बचाव उपायों के प्रति जागरूक करना रहा। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की कि जलभराव एवं बाढ़ की स्थिति में अनावश्यक रूप से नदी अथवा जलभराव वाले स्थानों की ओर न जाएं और स्वयं तथा अपने परिवार को सुरक्षित रखें।
    user_पत्रकार किरण गौड़ (ब्यूरो चीफ)
    पत्रकार किरण गौड़ (ब्यूरो चीफ)
    Media company ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • गढ़वा में आई बाढ़ में देखिए क्या क्या डूबा, बस स्टैंड सहित कई होटलों मे घुसा पानी गढ़वा में आई अचानक बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बस स्टैंड समेत कई इलाकों में पानी भर गया, वहीं कई होटलों में भी बाढ़ का पानी घुस गया है। देखिए, बाढ़ के पानी में क्या-क्या डूबा और लोगों को किन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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    गढ़वा में आई बाढ़ में देखिए क्या क्या डूबा, बस स्टैंड सहित कई होटलों मे घुसा पानी 
गढ़वा में आई अचानक बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बस स्टैंड समेत कई इलाकों में पानी भर गया, वहीं कई होटलों में भी बाढ़ का पानी घुस गया है।
देखिए, बाढ़ के पानी में क्या-क्या डूबा और लोगों को किन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
    user_Green Line News, Md Mostaque
    Green Line News, Md Mostaque
    पत्रकार गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    8 hrs ago
  • आजाद भारत के गुलाम लोगो को अभी मानसिक गुलामी और धार्मिक गुलामी से आजाद कराना बहुत जरूरी है । खुलेआम मानव सभ्यता को नष्ट किया जा रहा है । इन तमाम भोपाओ और दुष्ट प्रवत्ति के लोगों ने देश को बर्बाद किया है और आगे इनको रोकने के लिये कोई क़ानून नहीं बनाया तो आगे भी करते रहेगें। President of India Rahul Gandhi Priyank Kharge Ashok Gehlot PMO India Bhajanlal Sharma CMO Rajasthan Rajasthan Police ZEE Rajasthan News First India News Rajasthan
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    आजाद भारत के गुलाम लोगो को अभी मानसिक गुलामी और धार्मिक गुलामी से आजाद कराना बहुत जरूरी है । खुलेआम मानव सभ्यता को नष्ट किया जा रहा है । इन तमाम भोपाओ और दुष्ट प्रवत्ति के लोगों ने देश को बर्बाद किया है और आगे इनको रोकने के लिये कोई क़ानून नहीं बनाया तो आगे भी करते रहेगें।
President of India Rahul Gandhi Priyank Kharge Ashok Gehlot  PMO India Bhajanlal Sharma CMO Rajasthan Rajasthan Police ZEE Rajasthan News First India News Rajasthan
    user_Pappu singh
    Pappu singh
    ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • डस्टबिन घोटाले की शुरुआत तेजस्वी के कार्यकाल में हुई, मंगल पांडेय के साथ उनकी भी जांच हो: प्रशांत किशोर डस्टबिन घोटाले की शुरुआत तेजस्वी के कार्यकाल में हुई, मंगल पांडेय के साथ उनकी भी जांच हो: प्रशांत किशोर पटना | 02 सितंबर 2026 बिहार के बहुचर्चित डस्टबिन घोटाले को लेकर जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर (PK) ने स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के साथ-साथ पूर्व उपमुख्यमंत्री और तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी यादव की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। PK ने कहा कि डस्टबिन की खरीद की प्रक्रिया तेजस्वी यादव के स्वास्थ्य मंत्री रहते शुरू हुई थी, इसलिए पूरे मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए। प्रशांत किशोर ने कहा कि इस मामले में सिर्फ वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय की भूमिका की जांच करना पर्याप्त नहीं है। जिस समय डस्टबिन की खरीद की प्रक्रिया शुरू हुई, उस दौरान स्वास्थ्य विभाग तेजस्वी यादव के पास था। ऐसे में तेजस्वी यादव की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। स्वास्थ्य विभाग में अनियमितता का लगाया आरोप PK ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं और सरकार पूरे मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि किसी सरकारी खरीद में गड़बड़ी हुई है तो उसकी जांच जिम्मेदार अधिकारियों और उस समय विभाग संभाल रहे लोगों तक पहुंचनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर डस्टबिन की खरीद तेजस्वी यादव के कार्यकाल में शुरू हुई थी, तो जांच का दायरा केवल वर्तमान मंत्री तक सीमित क्यों रखा जाए? मंगल पांडेय के साथ तेजस्वी पर भी उठाए सवाल प्रशांत किशोर ने स्पष्ट कहा कि डस्टबिन खरीद मामले में मंगल पांडेय के साथ-साथ तेजस्वी यादव की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि खरीद प्रक्रिया में कहीं नियमों की अनदेखी या वित्तीय अनियमितता हुई थी या नहीं। PK के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में डस्टबिन खरीद का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अब इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष की ओर से राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आने की संभावना है।
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    डस्टबिन घोटाले की शुरुआत तेजस्वी के कार्यकाल में हुई, मंगल पांडेय के साथ उनकी भी जांच हो: प्रशांत किशोर
डस्टबिन घोटाले की शुरुआत तेजस्वी के कार्यकाल में हुई, मंगल पांडेय के साथ उनकी भी जांच हो: प्रशांत किशोर
पटना | 02 सितंबर 2026  
बिहार के बहुचर्चित डस्टबिन घोटाले को लेकर जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर (PK) ने स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के साथ-साथ पूर्व उपमुख्यमंत्री और तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी यादव की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। PK ने कहा कि डस्टबिन की खरीद की प्रक्रिया तेजस्वी यादव के स्वास्थ्य मंत्री रहते शुरू हुई थी, इसलिए पूरे मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए।
प्रशांत किशोर ने कहा कि इस मामले में सिर्फ वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय की भूमिका की जांच करना पर्याप्त नहीं है। जिस समय डस्टबिन की खरीद की प्रक्रिया शुरू हुई, उस दौरान स्वास्थ्य विभाग तेजस्वी यादव के पास था। ऐसे में तेजस्वी यादव की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग में अनियमितता का लगाया आरोप
PK ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं और सरकार पूरे मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि किसी सरकारी खरीद में गड़बड़ी हुई है तो उसकी जांच जिम्मेदार अधिकारियों और उस समय विभाग संभाल रहे लोगों तक पहुंचनी चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर डस्टबिन की खरीद तेजस्वी यादव के कार्यकाल में शुरू हुई थी, तो जांच का दायरा केवल वर्तमान मंत्री तक सीमित क्यों रखा जाए?
मंगल पांडेय के साथ तेजस्वी पर भी उठाए सवाल
प्रशांत किशोर ने स्पष्ट कहा कि डस्टबिन खरीद मामले में मंगल पांडेय के साथ-साथ तेजस्वी यादव की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि खरीद प्रक्रिया में कहीं नियमों की अनदेखी या वित्तीय अनियमितता हुई थी या नहीं।
PK के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में डस्टबिन खरीद का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अब इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष की ओर से राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आने की संभावना है।
    user_भास्कर न्यूज़ औरंगाबाद बिहार
    भास्कर न्यूज़ औरंगाबाद बिहार
    Press advisory औरंगाबाद, औरंगाबाद, बिहार•
    3 hrs ago
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