ग्राम रोजगार सेवक संघ के बैनर तले गुरुवार दोपहर करीब दो बजे कौशांबी के नेवादा ब्लॉक परिसर में रोजगार सेवकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर खंड विकास अधिकारी एस.के. राय को मुख्यमंत्री संबोधित एक आठ सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे आंदोलन और हड़ताल करेंगे। ज्ञापन के माध्यम से रोजगार सेवकों ने मुख्यमंत्री द्वारा 4 अक्टूबर 2021 को की गई घोषणाओं को लागू करने, अपना मासिक मानदेय बढ़ाकर 24 हजार रुपये करने और उन्हें राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने की प्रमुख मांगें उठाईं। इसके अतिरिक्त, कंटीजेंसी व्यवस्था समाप्त कर मानदेय का भुगतान पृथक बजट से सुनिश्चित करने, ईपीएफ की कटी हुई धनराशि को यूएएन खाते में हस्तांतरित करने, छह से आठ माह का बकाया मानदेय तुरंत जारी करने, लंबी सेवा अवधि का लाभ देते हुए विभागीय भर्तियों में प्राथमिकता देने तथा तकनीकी कार्यों के लिए एंड्रॉयड मोबाइल फोन और मासिक रिचार्ज सुविधा उपलब्ध कराने की भी मांग की गई। ज्ञापन सौंपते समय जिला महामंत्री तत्सत ओझा, ब्लॉक अध्यक्ष खुर्शीद खान और ब्लॉक महामंत्री संदीप कुमार सहित दर्जनों ग्राम रोजगार सेवक मौजूद रहे। रोजगार सेवकों ने दृढ़ता से कहा है कि यदि उनकी इन मांगों पर शीघ्र कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे अपने आंदोलन को और अधिक तीव्र करेंगे।
ग्राम रोजगार सेवक संघ के बैनर तले गुरुवार दोपहर करीब दो बजे कौशांबी के नेवादा ब्लॉक परिसर में रोजगार सेवकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर खंड विकास अधिकारी एस.के. राय को मुख्यमंत्री संबोधित एक आठ सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे आंदोलन और हड़ताल करेंगे। ज्ञापन के माध्यम से रोजगार सेवकों ने मुख्यमंत्री द्वारा 4 अक्टूबर 2021 को की गई घोषणाओं को लागू करने, अपना मासिक मानदेय बढ़ाकर 24 हजार रुपये करने और उन्हें राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने की प्रमुख मांगें उठाईं। इसके अतिरिक्त, कंटीजेंसी व्यवस्था समाप्त कर मानदेय का भुगतान पृथक बजट से सुनिश्चित करने, ईपीएफ की कटी हुई धनराशि को यूएएन खाते में हस्तांतरित करने, छह से आठ माह का बकाया मानदेय तुरंत जारी करने, लंबी सेवा अवधि का लाभ देते हुए विभागीय भर्तियों में प्राथमिकता देने तथा तकनीकी कार्यों के लिए एंड्रॉयड मोबाइल फोन और मासिक रिचार्ज सुविधा उपलब्ध कराने की भी मांग की गई। ज्ञापन सौंपते समय जिला महामंत्री तत्सत ओझा, ब्लॉक अध्यक्ष खुर्शीद खान और ब्लॉक महामंत्री संदीप कुमार सहित दर्जनों ग्राम रोजगार सेवक मौजूद रहे। रोजगार सेवकों ने दृढ़ता से कहा है कि यदि उनकी इन मांगों पर शीघ्र कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे अपने आंदोलन को और अधिक तीव्र करेंगे।
- कौशाम्बी पुलिस ने उत्तर प्रदेश आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में गुरुवार को पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण ने पुलिस लाइन स्थित मनोरंजन कक्ष में परीक्षा ड्यूटी में लगाए गए अधिकारियों और कर्मचारियों की ब्रीफिंग की। इस दौरान एसपी सत्यनारायण ने भर्ती परीक्षा की शुचिता और गोपनीयता बनाए रखने को पुलिस की सर्वोच्च जिम्मेदारी बताया। उन्होंने सभी अधिकारियों को समय पर परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने, अभ्यर्थियों की सघन जांच करने और प्रतिबंधित सामग्री पर विशेष निगरानी रखने के कड़े निर्देश दिए। साथ ही किसी भी प्रकार की अनियमितता या संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई करने का आह्वान किया। ब्रीफिंग में उन्होंने शासन एवं भर्ती बोर्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित कराने पर जोर दिया और कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी अधिकारी पूरी सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ अपनी ड्यूटी करें। अभ्यर्थियों और आमजन के साथ शालीन व्यवहार करने तथा आवश्यक सहयोग प्रदान करने के निर्देश भी दिए गए। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि परीक्षा की निष्पक्षता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा, और यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक अमिता सिंह, जनपद के सभी क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी तथा परीक्षा ड्यूटी में नियुक्त पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। आरक्षी भर्ती परीक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन की इस सक्रियता से अभ्यर्थियों में निष्पक्ष और सुरक्षित परीक्षा को लेकर भरोसा बढ़ा है।1
- ग्राम रोजगार सेवक संघ के बैनर तले गुरुवार दोपहर करीब दो बजे कौशांबी के नेवादा ब्लॉक परिसर में रोजगार सेवकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर खंड विकास अधिकारी एस.के. राय को मुख्यमंत्री संबोधित एक आठ सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे आंदोलन और हड़ताल करेंगे। ज्ञापन के माध्यम से रोजगार सेवकों ने मुख्यमंत्री द्वारा 4 अक्टूबर 2021 को की गई घोषणाओं को लागू करने, अपना मासिक मानदेय बढ़ाकर 24 हजार रुपये करने और उन्हें राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने की प्रमुख मांगें उठाईं। इसके अतिरिक्त, कंटीजेंसी व्यवस्था समाप्त कर मानदेय का भुगतान पृथक बजट से सुनिश्चित करने, ईपीएफ की कटी हुई धनराशि को यूएएन खाते में हस्तांतरित करने, छह से आठ माह का बकाया मानदेय तुरंत जारी करने, लंबी सेवा अवधि का लाभ देते हुए विभागीय भर्तियों में प्राथमिकता देने तथा तकनीकी कार्यों के लिए एंड्रॉयड मोबाइल फोन और मासिक रिचार्ज सुविधा उपलब्ध कराने की भी मांग की गई। ज्ञापन सौंपते समय जिला महामंत्री तत्सत ओझा, ब्लॉक अध्यक्ष खुर्शीद खान और ब्लॉक महामंत्री संदीप कुमार सहित दर्जनों ग्राम रोजगार सेवक मौजूद रहे। रोजगार सेवकों ने दृढ़ता से कहा है कि यदि उनकी इन मांगों पर शीघ्र कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे अपने आंदोलन को और अधिक तीव्र करेंगे।1
- कौशांबी के कोखराज थाना क्षेत्र के चक चमरूपुर गांव में कानून की सरेआम धज्जियां उड़ाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ प्रयागराज मंडल के आयुक्त न्यायालय में एक जमीन का मुकदमा लंबित है और 10 जुलाई 2026 तक यथास्थिति बनाए रखने का स्पष्ट आदेश है। इसके बावजूद, विपक्षी असर्फी लाल द्वारा कानूनगो को कथित तौर पर पैसे देकर, पुलिस और लेखपाल की मौजूदगी में जबरन नाप-जोख करवाकर अवैध निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। पीड़ित शिव श्याम, जो स्व. रामदुलारे के पुत्र हैं, ने पुलिस अधीक्षक कौशांबी को एक शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। पत्र में शिव श्याम ने बताया है कि असर्फी लाल बनाम अमर सिंह आदि के मामले में उपजिलाधिकारी सिराथू के आदेश दिनांक 07-11-2025, 29-03-2022 और डिग्री दिनांक 06-05-2022 के विरुद्ध उन्होंने आयुक्त प्रयागराज की अदालत में वाद सं0 RST7148/2024 अपील दायर की है। शिकायत के मुताबिक, आयुक्त न्यायालय ने इस अपील पर सुनवाई के लिए 10-07-2026 की तिथि नियत करते हुए यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। इसके बावजूद, विपक्षी असर्फी लाल कानूनगो को पैसा देकर जबरन नाप करवा रहा है और निर्माण कार्य जारी रखे हुए है। शिव श्याम ने एसपी से विनम्र प्रार्थना की है कि असर्फी लाल द्वारा किए जा रहे इस अवैध निर्माण कार्य को तत्काल रुकवाया जाए और आयुक्त प्रयागराज द्वारा सुनवाई हेतु नियत तिथि 10-07-2026 तक यथास्थिति बनाए रखने के आदेश का सख्ती से पालन करवाया जाए। यह सवाल उठाया जा रहा है कि जब उच्च न्यायालय का यथास्थिति का आदेश है, तो किसके इशारे पर कानूनगो और पुलिस की मौजूदगी में जमीन की नाप-जोख हो रही है और क्या राजस्व तथा पुलिस विभाग दबंगों के सामने नतमस्तक है। यह खबर पीड़ित शिव श्याम द्वारा पुलिस अधीक्षक को दिए गए 4/6/26 दिनांकित शिकायती पत्र पर आधारित है, और अब देखना यह होगा कि एसपी कौशांबी इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और क्या कोर्ट के आदेश का पालन कराकर पीड़ित को न्याय दिला पाते हैं।1
- कौशाम्बी जनपद के कोखराज थाना क्षेत्र अंतर्गत अमहा गाँव में एक नाबालिग किशोर की ट्रॉली से गिरकर दुखद मौत हो गई। इस घटना को बेहद दर्दनाक बताया गया है।1
- पुलिस अधीक्षक कौशांबी श्री सत्यनारायण के निर्देशानुसार जनपद में एक व्यापक साइबर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में, 04 जून 2026 को चौकी सैयद सरावा क्षेत्र में साइबर सुरक्षा और ऑनलाइन ठगी से बचाव के लिए एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामवासियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान, पुलिस टीम ने ग्रामीणों को साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसमें डिजिटल अरेस्ट स्कैम, इन्वेस्टमेंट स्कैम, फर्जी सरकारी अधिकारी बनकर की जाने वाली ठगी, सोशल मीडिया एवं अश्लील वीडियो के नाम पर ब्लैकमेलिंग, एपीके फाइल भेजकर ठगी, वर्क फ्रॉम होम फ्रॉड, क्यूआर कोड स्कैनिंग से होने वाली धोखाधड़ी, ऑनलाइन शॉपिंग स्कैम, ऑनलाइन नौकरी दिलाने के नाम पर धोखा, पैसे वापसी (रिफंड) स्कैम, विदेश में नौकरी के नाम पर ठगी, और फर्जी लिंक तथा ऑनलाइन गेमिंग के माध्यम से की जाने वाली ठगी जैसी प्रमुख धोखाधड़ी शामिल थीं। इसके अतिरिक्त, निजी फोटो एवं वीडियो के दुरुपयोग अथवा वायरल होने की स्थिति से निपटने के लिए उपलब्ध StopNCII पोर्टल के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। पुलिस टीम ने उपस्थित लोगों को साइबर अपराध होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने ग्रामवासियों से किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश या लिंक पर विश्वास न करने और जागरूक रहकर सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने की अपील की, ताकि वे ऑनलाइन धोखाधड़ी से बच सकें।4
- एक व्यक्ति द्वारा रोज़ाना सड़क पर गाड़ी खड़ी करने के कारण राहगीरों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। जब उसे गाड़ी हटाने के लिए कहा जाता है, तो वह मना कर देता है और शराब के नशे में झगड़ा करने लगता है। इस हरकत की वजह से सड़क पर एक बड़ा गड्ढा बन गया है, जिससे बड़ी गाड़ियों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। मजबूरन गाड़ियों को नाली पर रखे पत्थरों के ऊपर से गुजरना पड़ता है, जो एक दैनिक समस्या बन गई है।1
- कौशाम्बी के सराय अकिल थाना क्षेत्र के इमली गांव में हुई महिला की सनसनीखेज हत्या का पुलिस ने छह दिन के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में हत्या के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है और मृतका का मोबाइल फोन तथा टिफिन भी बरामद कर लिया है। यह घटना 29 मई की रात की है, जब इमली गांव निवासी मनीता देवी अपने पति को खेत में खाना देने गई थीं। घर से लगभग एक किलोमीटर दूर खाना पहुंचाने के बाद वह वापस नहीं लौटीं। परिजनों ने काफी तलाश के बाद गांव के पास एक बगीचे में उनका शव पड़ा पाया, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस, फोरेंसिक टीम और अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण ने इस हत्याकांड के खुलासे के लिए एसओजी, सर्विलांस और स्थानीय पुलिस की एक संयुक्त टीम गठित की थी। जांच के दौरान इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों से पूछताछ के आधार पर पुलिस का शक गांव के ही अर्जुन पासी पर गया। गुरुवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने उसे फकीराबाद पावर हाउस के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी अर्जुन पासी की निशानदेही पर मृतका का नोकिया की-पैड मोबाइल और टिफिन भी बरामद किया गया। पूछताछ में अर्जुन पासी ने बताया कि घटना की रात वह अपनी बाग में रखी लकड़ियां देखकर लौट रहा था, तभी उसकी मुलाकात मनीता देवी से हुई। आरोपी के मुताबिक, महिला ने उसे अपशब्द कहे, जिससे वह गुस्से में आगबबूला हो गया और उसने महिला का गला दबाकर हत्या कर दी। मौत के बाद उसने शव को बांस की कोठ और बालू के ढेर के बीच छिपा दिया था और बाद में मोबाइल तथा टिफिन भी वहीं पास में छिपा दिए थे। पुलिस ने आरोपी अर्जुन पासी के खिलाफ बीएनएस की धारा 103(1) के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले के खुलासे से पुलिस ने जहां राहत की सांस ली है, वहीं गांव में महिला की हत्या को लेकर लोगों में अभी भी आक्रोश और चर्चा का माहौल बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि यह सफल अनावरण वैज्ञानिक साक्ष्यों और तकनीकी जांच के आधार पर किया गया है।1
- कौशाम्बी जनपद के कोखराज थाना क्षेत्र के अमहा गांव निवासी इंग्लेश के नाबालिग पुत्र की ट्रैक्टर-ट्रॉली से गिरने के कारण मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना 4 जून 2026 को दिन में तब हुई, जब नाबालिग कसिया ककोढा गांव की ओर ईंट उतारने के लिए जा रहा था। वह गांव के ही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में ईंट लादने और उतारने का काम करता था। रास्ते में हाईवे पर यह किशोर ट्रॉली से गिर गया, जिससे उसकी जान चली गई।1