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कौशाम्बी जनपद के कोखराज थाना क्षेत्र के अमहा गांव निवासी इंग्लेश के नाबालिग पुत्र की ट्रैक्टर-ट्रॉली से गिरने के कारण मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना 4 जून 2026 को दिन में तब हुई, जब नाबालिग कसिया ककोढा गांव की ओर ईंट उतारने के लिए जा रहा था। वह गांव के ही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में ईंट लादने और उतारने का काम करता था। रास्ते में हाईवे पर यह किशोर ट्रॉली से गिर गया, जिससे उसकी जान चली गई।
Indian National News INN
कौशाम्बी जनपद के कोखराज थाना क्षेत्र के अमहा गांव निवासी इंग्लेश के नाबालिग पुत्र की ट्रैक्टर-ट्रॉली से गिरने के कारण मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना 4 जून 2026 को दिन में तब हुई, जब नाबालिग कसिया ककोढा गांव की ओर ईंट उतारने के लिए जा रहा था। वह गांव के ही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में ईंट लादने और उतारने का काम करता था। रास्ते में हाईवे पर यह किशोर ट्रॉली से गिर गया, जिससे उसकी जान चली गई।
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- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के बदौसा थाने में 12 जून, शुक्रवार को एक बेहद दर्दनाक घटना हुई, जहां एक पिता ने अपनी 19 वर्षीय बेटी शिवानी की चाकू मारकर हत्या कर दी। यह घटना तब हुई जब पुलिस थाने में शिवानी और उसके पति ललित वर्मा (21 वर्षीय, दलित समाज) के बीच चल रही काउंसलिंग के दौरान शिवानी अपने पति के साथ रहने की जिद पर अड़ी रही। शिवानी 18 मई को अपने पड़ोसी ललित वर्मा के साथ घर से चली गई थी, जिसके बाद पुलिस ने प्रेमी युगल को बरामद कर लिया था। लव-मैरिज से नाराज शिवानी के पिता सत्य कुमार चौहान, जो दूसरी जाति (दलित समाज) में शादी करने को लेकर बदनामी का हवाला दे रहे थे, अपनी बेटी को समझाने की कोशिश कर रहे थे। बेटी के न मानने पर, पिता ने अचानक चाकू निकाला और उस पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमले में गंभीर रूप से घायल शिवानी को पुलिस ने तुरंत बांदा मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। खून से लथपथ बेटी को देखकर उसकी मां मौके पर ही बेहोश हो गई।1
- सोशल मीडिया पर इन दिनों '₹370 बिरयानी' से जुड़ा एक मामला जमकर वायरल हो रहा है। यह विवाद एक स्टैंड-अप शो के दौरान की गई टिप्पणी से शुरू हुआ, जिसने एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। वीडियो के वायरल होने के बाद, लोगों ने इस टिप्पणी को महिलाओं के प्रति अपमानजनक बताया और सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएँ व्यक्त कीं। इस बढ़ते विरोध के बाद, कॉमेडियन ने माफी भी मांगी, लेकिन यह मामला यहीं नहीं रुका। अब राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) और साइबर सेल भी इस मामले पर कार्रवाई कर रहे हैं। यह पूरा विवाद अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सामाजिक जिम्मेदारी के बीच एक बहस का विषय बन गया है, और जनता को यह बताने की ज़रूरत नहीं है कि इस पर क्या कार्रवाई होनी चाहिए।1
- विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर प्रयागराज के नैनी बाजार में बाल अधिकारों के संरक्षण को लेकर जन जागरूकता अभियान चलाया गया, जिसमें दुकानदारों ने बाल अधिकारों की रक्षा का दृढ़ संकल्प लिया। मोर्चा काशी क्षेत्र के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरदार पतविन्दर सिंह ने अपने सहयोगियों के साथ नैनी बाजार में घर-घर जाकर दुकानदारों से संपर्क किया और इस बात पर जोर दिया कि मासूम हाथों से काम का बोझ हटाकर उन्हें किताबों से जोड़ना आवश्यक है, क्योंकि बाल श्रम समाज के विकास में सबसे बड़ी बाधा है। उन्होंने कहा कि एक सुरक्षित बचपन ही एक समृद्ध राष्ट्र की नींव है। इस दौरान मोहित खेड़ा ने एक ऐसे जागरूक समाज के निर्माण की वकालत की, जहाँ हर बच्चे को खुलकर जीने, सीखने और अपने सपनों को साकार करने के समान अवसर मिलें, क्योंकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित होने पर ही देश का भविष्य मजबूत होगा। तरुण चावला ने बाल अधिकारों के संरक्षण का दृढ़ संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि बाल श्रम न केवल एक अमानवीय कृत्य है, बल्कि कानूनी रूप से दंडनीय अपराध भी है, जिसे जड़ से मिटाने के लिए स्वयं जागरूक बनना और समाज को जागरूक करना जरूरी है। परमिंदर सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि बाल श्रम बच्चों के भविष्य के साथ अन्याय है और सभी को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी बच्चा मजबूरी में अपना बचपन न खोए। उन्होंने स्वयं बाल श्रम न कराने और न ही अपने आसपास इसे चुपचाप होते देखने का संकल्प लेने का आग्रह किया, यह कहते हुए कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उन्हें एक आदर्श नागरिक के रूप में विकसित होने का पूरा अवसर मिलना चाहिए, क्योंकि बचपन खेल-कूद और पढ़ाई के लिए है, मजदूरी के लिए नहीं। इस जन जागरूकता अभियान में तरुण चावला, मोहित खेड़ा, मनीष, सुनील, हरमंजी सिंह, सरदार पतविन्दर सिंह, परमिंदर सिंह और जगजीत सिंह सहित कई अतिविशिष्ट स्वयंसेवक देशभक्ति की भावना के साथ उपस्थित रहे।1
- पुलिस अधीक्षक कौशांबी श्री सत्यनारायण ने आज दिनांक 12.06.2026 को पुलिस कार्यालय में आमजन की समस्याओं के समाधान हेतु जनसुनवाई का आयोजन किया। इस जनसुनवाई के दौरान, विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना गया। पुलिस अधीक्षक महोदय ने प्राप्त सभी शिकायती प्रार्थना पत्रों के संबंध में संबंधित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण तथा समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, ताकि आमजन को त्वरित राहत प्रदान की जा सके।1
- शनिवार सुबह प्रयागराज के कर्नलगंज स्थित लल्ला चुंगी चौराहे पर एक बेटे ने अपने बुजुर्ग पिता की गोली मारकर हत्या कर दी। यह घटना तब हुई जब पिता सुबह टहलने निकले थे और आरोपी बेटा अपने एक साथी के साथ बाइक पर आकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, बेटे ने यह वारदात भरण-पोषण का खर्च न देने पड़े, इस वजह से अंजाम दी। घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज से आरोपी की पहचान हो चुकी है। पुलिस अब आरोपी बेटे और उसके साथी की तलाश में जुटी है।1
- प्रयागराज शहर के निवासी तरुण सहगल और उनके परिवार ने शुक्रवार को एक प्रेसवार्ता आयोजित कर अपने चाचा के परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों में धोखाधड़ी, संपत्ति हड़पना, बैंक दस्तावेजों में कथित छेड़छाड़ और मारपीट शामिल हैं। परिवार ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। प्रेसवार्ता में तरुण सहगल ने बताया कि उनके चाचा स्वर्गीय पवन कुमार सहगल, उनके बेटों और अन्य परिजनों ने परिवार के सदस्यों की जानकारी और सहमति के बिना बीमा पॉलिसियां जारी करवाईं, जबकि परिवार के किसी भी सदस्य ने ऐसी किसी योजना के लिए अनुमति नहीं दी थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी पत्नी के संबंध में भ्रामक जानकारी देकर उन पर और उनके दिवंगत पिता पर दबाव बनाया गया, जिसके कारण संपत्ति से संबंधित उपहार विलेख पर हस्ताक्षर कराए गए। तरुण सहगल के अनुसार, बाद में इन दस्तावेजों का उपयोग करके भूमि हस्तांतरित कर ली गई। परिवार ने दिवंगत परिजन की सावधि जमा राशि से जुड़े बैंक अभिलेखों में कथित बदलाव कर धनराशि का अनुचित लाभ उठाने और संयुक्त स्वामित्व वाले एक फ्लैट पर अवैध कब्जा करने का भी आरोप लगाया है। तरुण सहगल ने जानकारी दी कि जब उनके भाई मनु सहगल बीमा संबंधी कथित अनियमितताओं पर बातचीत करने गए, तो उनके साथ मारपीट भी की गई। परिवार का कहना है कि उन्होंने इस मामले से संबंधित शिकायतें कई बार पुलिस को दी हैं, लेकिन अब तक इस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। प्रेसवार्ता के दौरान सुनीता सहगल, सोनाली सहगल और मनु सहगल भी मौजूद थे। परिवार ने प्रशासन, पुलिस और संबंधित संस्थाओं से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कराने, न्याय दिलाने और उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराने की पुरजोर मांग की है।1
- कौशाम्बी के कमासिन चौराहे पर एक घटना सामने आई है, जहाँ पानी पूरी खाने के बाद पैसे मांगने पर एक महिला ने दुकानदार पर चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में दुकानदार अनिल कुमार घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए भेजा गया। उनकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना के बाद, स्थानीय लोगों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला और उसके साथियों को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच और पूछताछ में जुटी हुई है।1