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यह सवाल उठ रहा है कि क्या अशोक गहलोत अब राजस्थान में ही अपनी राजनीतिक गतिविधियां जारी रखेंगे, या फिर उनका अगला कदम दिल्ली की राजनीति की ओर होगा।
Pawan sharma
यह सवाल उठ रहा है कि क्या अशोक गहलोत अब राजस्थान में ही अपनी राजनीतिक गतिविधियां जारी रखेंगे, या फिर उनका अगला कदम दिल्ली की राजनीति की ओर होगा।
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- राजस्थान के भरतपुर में आयोजित एक राजनीतिक रैली के दौरान एक दिलचस्प राजनीतिक घटना देखने को मिली, जब राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के प्रमुख हनुमान बेनीवाल अपना संबोधन दे रहे थे। बेनीवाल इस संबोधन में विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर सरकार को घेर रहे थे, उसी वक्त मंच पर मौजूद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के दोनों विधायक शैलेश सिंह और जगत सिंह कार्यक्रम स्थल के मंच से उठकर चले गए। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम ने मंच पर मौजूद अन्य नेताओं के बीच तुरंत चर्चा का विषय खड़ा कर दिया। हालांकि, दोनों बीजेपी विधायकों के मंच छोड़ने के पीछे की कोई आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है, फिर भी इस वाकये ने राजनीतिक गलियारों में गरमागरम चर्चाओं को हवा दे दी है। रैली में मौजूद लोगों ने भी इस घटनाक्रम को गौर से देखा और इसे लेकर तरह-तरह की बातें करते रहे। विपक्षी दल इस पूरे मामले को एक राजनीतिक नजरिए से देख रहे हैं, जबकि बीजेपी की ओर से इस पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे यह सियासी तल्खी और गहरी हो गई है।1
- जयपुर से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहाँ री-नीट (RE-NEET) परीक्षा 2026 में नकल का एक सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है। जयपुर पुलिस ने मोबाइल का इस्तेमाल कर नकल करने की कोशिश कर रही एक छात्रा परीक्षार्थी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। घटना में उपयोग किया गया आईफोन 16 प्रो मोबाइल भी पुलिस ने ज़ब्त कर लिया है। बताया गया है कि यह आरोपी छात्रा का नीट परीक्षा का तीसरा प्रयास था। जयपुर पश्चिम के पुलिस उपायुक्त प्रशांत किरण ने इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA), नई दिल्ली द्वारा 21 जून 2026 को री-नीट (UG) 2026 परीक्षा का आयोजन किया गया था। यह घटना राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बिन्दायका परीक्षा केंद्र पर परीक्षा के दौरान हुई, जो दोपहर 2 बजे से सवा 5 बजे के बीच चल रही थी। परीक्षा केंद्र के कमरा नंबर 07 में परीक्षा दे रही 22 वर्षीय अभ्यर्थी हिमांशी तिवारी, जो गुर्जर की थड़ी, जयपुर की निवासी है, वह चेकिंग से बचते हुए एक आईफोन 16 प्रो मोबाइल अपने अंतःवस्त्रों में छिपाकर परीक्षा कक्ष के अंदर ले गई थी। परीक्षा के दौरान जब हिमांशी तिवारी प्रश्न पत्र हल करने के लिए उस मोबाइल का अनुचित उपयोग करने का प्रयास कर रही थी, तभी ड्यूटी पर तैनात वीक्षक (Invigilator) की उस पर नज़र पड़ गई। वीक्षक ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अभ्यर्थी हिमांशी को मोबाइल के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया।1
- यह सवाल उठ रहा है कि क्या अशोक गहलोत अब राजस्थान में ही अपनी राजनीतिक गतिविधियां जारी रखेंगे, या फिर उनका अगला कदम दिल्ली की राजनीति की ओर होगा।1
- आज जयपुर के वाटिका गांव क्षेत्र में एक सड़क हादसा हुआ, जहाँ एक टाटा सफारी वाहन ने पीछे से एक टैक्सी को टक्कर मार दी। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में किसी भी व्यक्ति को कोई चोट या गंभीर नुकसान नहीं हुआ। हालांकि, टक्कर के कारण टैक्सी वाहन को काफी नुकसान पहुंचा है, जिससे ड्राइवर भाई को आर्थिक हानि का सामना करना पड़ सकता है। इस घटना के बाद, सभी वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे सड़क पर वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें, ताकि ऐसी दुर्घटनाओं से बचा जा सके और सभी सावधानीपूर्वक वाहन चलाकर सुरक्षित रहें।1
- टोंक से जयपुर जाने वाले मार्ग पर बनास नदी के पास स्थित राधा कृष्ण होटल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कथित तौर पर घी के बर्तन में एक मृत तिलचट्टा दिखाई दे रहा है। आरोप है कि तिलचट्टा मिलने के बावजूद होटल के कर्मचारी उसी घी का उपयोग ग्राहकों को रोटियों पर लगाकर परोस रहे थे। इस घटना के सामने आने के बाद लोगों में होटलों में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर गंभीर चिंताएँ बढ़ गई हैं, जिससे आम नागरिकों का होटलों और ढाबों पर से विश्वास उठने की आशंका जताई जा रही है। मामले को लेकर जब पत्रकारों ने होटल संचालक हरकेश गुर्जर से बातचीत की, तो उन्होंने हाथ जोड़कर अपनी बात रखते हुए इसे गलती बताया। हरकेश गुर्जर ने जानकारी दी कि उनका होटल हाल ही में शुरू हुआ है और उन पर लगभग दो लाख रुपये का कर्ज है। उन्होंने हाईवे चौड़ीकरण और अन्य कारणों से दुकान के सामने का हिस्सा टूट जाने की बात कहते हुए आर्थिक परेशानियों का भी उल्लेख किया। हालाँकि, यह सवाल अभी भी बना हुआ है कि यदि घी में तिलचट्टा मौजूद था, तो उसका उपयोग भोजन बनाने और परोसने में क्यों किया जा रहा था, क्योंकि खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों में ऐसी लापरवाही लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकती है। स्थानीय स्तर पर इस बात को लेकर भी चर्चा हो रही है कि क्या होटल के पास आवश्यक लाइसेंस और खाद्य सुरक्षा संबंधी अनुमति है या नहीं। यदि होटल बिना आवश्यक अनुमति के संचालित हो रहा है, तो यह भी जाँच का एक महत्वपूर्ण विषय है। अब लोगों की यह मांग है कि संबंधित विभाग, खाद्य सुरक्षा अधिकारी और प्रशासन इस वायरल वीडियो की सत्यता की जाँच करें और यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।1
- यह संदेश बार-बार होने वाले नजला-जुकाम, लगातार छींकें आने, सांस लेने में दिक्कत, बलग़म की समस्या और धूल, मौसम या अन्य चीज़ों से होने वाली एलर्जी जैसी सामान्य समस्याओं पर प्रकाश डालता है। इसमें ज़ोर दिया गया है कि इन परेशानियों को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए और समय रहते सही देखभाल व विशेषज्ञ की सलाह लेना अत्यंत आवश्यक है। इन समस्याओं से निपटने और स्वस्थ जीवन सुनिश्चित करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण उपाय सुझाए गए हैं। इनमें स्वच्छ वातावरण बनाए रखना, धूल और धुएँ से दूर रहना, पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, नियमित रूप से व्यायाम और योग करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, सलाह दी गई है कि उपचार हमेशा डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही किया जाए। संदेश का समापन इस प्रेरणादायक वाक्य से होता है कि 'स्वस्थ सांसें, स्वस्थ जीवन की पहचान हैं', जो लोगों को अपनी सेहत का ध्यान रखने और खुलकर सांस लेने के लिए प्रोत्साहित करता है। अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए 075686 28143 पर संपर्क करने का विकल्प भी दिया गया है।1
- राजस्थान के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में गर्भवती और हाल ही में जन्म देने वाली महिलाओं (प्रसूताओं) की मौत और गंभीर रूप से बीमार होने की घटनाएं बेहद चिंताजनक और संवेदनशील हैं। चिकित्सा जगत और प्रशासनिक जांच के आधार पर इस पूरे मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट में कई गंभीर कारण सामने आए हैं। कोटा के सबसे बड़े मातृ एवं शिशु चिकित्सालय (जेके लोन अस्पताल) में कुछ ही दिनों के भीतर चार प्रसूताओं की अचानक मौत हो गई। शुरुआती जांच और मेडिकल ऑडिट में प्रसूताओं की मौत का मुख्य कारण प्रसव के बाद अत्यधिक रक्तस्राव (Severe PPH) और गंभीर संक्रमण के कारण अंगों का काम बंद करना (Septic Shock) पाया गया। कुछ मामलों में प्रसूताओं को बहुत गंभीर एनीमिया (खून की कमी) की स्थिति में अस्पताल लाया गया था। बीकानेर के पीबीएम अस्पताल से संबद्ध जनाना अस्पताल में प्रसव के बाद कई महिलाओं की किडनी और लिवर अचानक खराब होने (Acute Kidney & Liver Injury) के मामले सामने आए। उच्च स्तरीय जांच समितियों की रिपोर्ट के अनुसार, इसके पीछे संक्रमित जीवन रक्षक दवाएं (Contaminated IV Fluids/Injections) और अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर (ओटी) में फैला संक्रमण मुख्य वजह पाए गए। जांच में प्रसव के दौरान दी जाने वाली ग्लूकोज/ड्रिप की बोतलों में बैक्टीरिया का संक्रमण मिला, जिसने प्रसूताओं के शरीर में जाकर सेप्सिस पैदा किया और उनके अंगों को नुकसान पहुंचाया। इसी तरह, जोधपुर के सरकारी उम्मेद अस्पताल में भी प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने और उन्हें आईसीयू में शिफ्ट करने के मामले सामने आए। जांच में सामने आया कि अस्पताल के वार्डों और लेबर रूम में साफ-सफाई (हाइजीन) की भारी कमी थी। इसके अलावा, अत्यधिक वर्कलोड के कारण डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ द्वारा प्रसव के बाद दी जाने वाली देखभाल (Post-operative care) में निगरानी की कमी भी एक महत्वपूर्ण कारण रही।1
- अजमेर रोड पर एक चलती बस में अचानक भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग की तेज लपटों के साथ घना काला धुआँ आसमान में दूर-दूर तक फैल गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और प्रशासन तुरंत राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए। हालांकि, आग लगने के सही कारण और किसी के घायल होने के संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन इस पूरे मामले की जांच कर रहा है।1