मेजा तहसील परिसर में जूनियर अधिवक्ताओं के चैंबर में दिनदहाड़े तोड़फोड़ दस्तावेज फाड़ने और चैंबर में बैठे मुवक्किलों से मारपीट का भी आरोप, पुलिस जांच में जुटी मेजा, प्रयागराज। मेजा तहसील परिसर में मंगलवार को जूनियर अधिवक्ताओं के चैंबर को लेकर विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। आरोप है कि कुछ अधिवक्ता सैकड़ों लोगों के साथ तहसील परिसर पहुंचे और जूनियर अधिवक्ताओं द्वारा बनाए गए चैंबर को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस दौरान चैंबर में रखे बैग से जरूरी दस्तावेज निकालकर फाड़ने और फेंकने तथा चैंबर में बैठे मुवक्किलों के साथ मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मेजा तहसील परिसर में पिछड़े एवं दलित वर्ग के जूनियर अधिवक्ताओं द्वारा विधि व्यवसाय करने के लिए चैंबर बनाया गया था। इस चैंबर को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि वर्तमान अध्यक्ष एवं मंत्री की ओर से चैंबर को अवैध बताते हुए उसे हटाने के लिए नोटिस दिया गया था। बताया गया कि जूनियर अधिवक्ताओं ने पूर्व में समाधान दिवस के दौरान अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले से अवगत कराया था। प्रार्थना पत्र में कथित तौर पर आशंका जताई गई थी कि उनके चैंबर को क्षतिग्रस्त करने की धमकी दी जा रही है। जूनियर अधिवक्ताओं का आरोप है कि शिकायत के बावजूद मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। मंगलवार को चैंबर क्षतिग्रस्त किए जाने की घटना के बाद तहसील परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना को लेकर अधिवक्ताओं के बीच तनाव की स्थिति बताई जा रही है। जूनियर अधिवक्ताओं का आरोप है कि यदि उनकी पूर्व शिकायत पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई की गई होती तो शायद विवाद को इस स्तर तक पहुंचने से रोका जा सकता था। हालांकि, इस संबंध में अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिलहाल घटना की सूचना पुलिस को दी गई है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। चैंबर किस परिस्थिति में क्षतिग्रस्त हुआ, दस्तावेज फाड़े जाने तथा मारपीट के लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है, यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
मेजा तहसील परिसर में जूनियर अधिवक्ताओं के चैंबर में दिनदहाड़े तोड़फोड़ दस्तावेज फाड़ने और चैंबर में बैठे मुवक्किलों से मारपीट का भी आरोप, पुलिस जांच में जुटी मेजा, प्रयागराज। मेजा तहसील परिसर में मंगलवार को जूनियर अधिवक्ताओं के चैंबर को लेकर विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। आरोप है कि कुछ अधिवक्ता सैकड़ों लोगों के साथ तहसील परिसर पहुंचे और जूनियर अधिवक्ताओं द्वारा बनाए गए चैंबर को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस दौरान चैंबर में रखे बैग से जरूरी दस्तावेज निकालकर फाड़ने और फेंकने तथा चैंबर में बैठे मुवक्किलों के साथ मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मेजा तहसील परिसर में पिछड़े एवं दलित वर्ग के जूनियर अधिवक्ताओं द्वारा विधि व्यवसाय करने के लिए चैंबर बनाया गया था। इस चैंबर को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि वर्तमान अध्यक्ष एवं मंत्री की ओर से चैंबर को अवैध बताते हुए उसे हटाने के लिए नोटिस दिया गया था। बताया गया कि जूनियर अधिवक्ताओं ने पूर्व में समाधान दिवस के दौरान अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले से अवगत कराया था। प्रार्थना पत्र में कथित तौर पर आशंका जताई गई थी कि उनके चैंबर को क्षतिग्रस्त करने की धमकी दी जा रही है। जूनियर अधिवक्ताओं का आरोप है कि शिकायत के बावजूद मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। मंगलवार को चैंबर क्षतिग्रस्त किए जाने की घटना के बाद तहसील परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना को लेकर अधिवक्ताओं के बीच तनाव की स्थिति बताई जा रही है। जूनियर अधिवक्ताओं का आरोप है कि यदि उनकी पूर्व शिकायत पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई की गई होती तो शायद विवाद को इस स्तर तक पहुंचने से रोका जा सकता था। हालांकि, इस संबंध में अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिलहाल घटना की सूचना पुलिस को दी गई है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। चैंबर किस परिस्थिति में क्षतिग्रस्त हुआ, दस्तावेज फाड़े जाने तथा मारपीट के लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है, यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
- *भ्रामक और फर्जी वीडियो वायरल करने वालों की खैर नहीं: मानहानि का केस दर्ज कराने और न्यायालय जाने की तैयारी प्रयागराज। सोशल मीडिया पर पिछले कुछ समय से (समूह/संस्था) से संबंधित कुछ फर्जी, मनगढ़ंत और भ्रामक वीडियो वायरल किए जा रहे हैं। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संस्था की ओर से स्पष्ट किया गया है कि अराजक तत्वों द्वारा जानबूझकर संस्थान की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से यह षड्यंत्र रचा जा रहा है। संस्थान के प्रतिनिधियों ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि हमारी पूरी कार्यप्रणाली शत-प्रतिशत मानक और प्रशासनिक पत्रों/दिशा-निर्देशों के अनुरूप पारदर्शी तरीके से संचालित होती रही है। समय-समय पर प्रशासनिक पत्राचार और जांच प्रक्रियाओं के माध्यम से भी यह बात पूरी तरह से प्रमाणित हो चुकी है। इसके बावजूद, कुछ असामाजिक व अराजक तत्व द्वेषभावना के तहत आवारा एवं फर्जी वीडियो बनाकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं आम जनमानस से निवेदन है कि ऐसे किसी भी अनधिकृत, भ्रामक और फर्जी वीडियो पर ध्यान न दें और न ही इसे सोशल मीडिया पर शेयर या फॉरवर्ड करें। फर्जी वीडियो बनाने, उन्हें फैलाने और संस्थान की साख को नुकसान पहुंचाने वाले अराजक तत्वों की पहचान की जा रही है। ऐसे सभी उपद्रवियों के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराने के साथ-साथ सख्त से सख्त कानूनी सजा दिलाने हेतु न्यायालय (कोर्ट) की शरण ली जा रही है। > स्पष्ट चेतावनी: यदि कोई भी व्यक्ति बिना किसी ठोस प्रमाण के भ्रामक सामग्री या वीडियो शेयर करता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ बिना किसी रियायत के कड़ा लीगल नोटिस भेजा जाएगा और पुलिस व साइबर सेल के माध्यम से कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। >1
- शंकरगढ़ क्षेत्र में लोनी नदी में बहाया जा रहा राखड़ जीवन के लिए बना खतरा कार्यवाही की मांग प्रयागराज यमुनानगर के शंकरगढ़ क्षेत्र में लोनी नदी में राखड़ (फ्लाई ऐश) बहाए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि आसपास के in औद्योगिक क्षेत्रों और पावर प्लांट से निकलने वाला राखड़ ट्रकों / हाइवा से लाकर सीधे नदी में डाला जा रहा है, जिससे नदी का पानी काला और जहरीला होता जा रहा है।स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार लोनी नदी ही उनके पीने, नहाने, पशुओं और सिंचाई का मुख्य सहारा है। राखड़ मिलने से पानी में बदबू,मछलियों का मरना और खेतों में फसल खराब होने की शिकायतें आ रही हैं।ग्रामीणों ने बताया कि राखड़ में भारी मात्रा में रसायन होते हैं, जो लंबे समय तक पानी में घुले रहने से चर्म रोग, सांस और पेट की बीमारियों का खतरा बढ़ा देते हैं। कई जगह नदी का रंग पूरी तरह बदल गया है। लोगों ने जिलाधिकारी प्रयागराज और प्रदूषण नियंत्रण विभाग से मामले में हस्तक्षेप कर कार्रवाई की मांग की है।1
- prayagraj ghantaghar chauk mein jaam Janata pareshan ho rahi hai prayagraj chauk ghantaghar jaam ka jaam Janata jujh rahi hai1
- स्कूल की मॉर्निंग प्रेयर में गूंजा ' हनुमान अंश मूवी का भजन '1
- #कौशाम्बी : चायल तहसील गेट पर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना शुरू, किसानों का 13 मांगों को लेकर प्रदर्शन... पूरी खबर पढ़ने के लिए चैनल को फेसबुक यूट्यूब इंस्टाग्राम पर फॉलो करें...1
- विष्णु कांत पाण्डेय ने जन्मदिन पर सेवा संकल्प करते हुए वृद्धाश्रम में स्वास्थ्य जांच और भोजन का आयोजन किया प्रयागराज नैनी में में सामाजिक कार्यकर्ता और पावन प्रयाग फाउंडेशन के डायरेक्टर विष्णुकांत पांडेय ने अपने जन्मदिन को सेवा दिवस के रूप में मनाने का संकल्प लिया है। 21 सितंबर को नैनी स्थित आधारशिला वृद्धाश्रम में बुजुर्गों के लिए विशेष सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान सुबह 10 बजे से वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों के लिए बीपी, शुगर, वजन और थायराइड की निःशुल्क स्वास्थ्य जांच की गई। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद सभी बुजुर्गों को भोजन कराया गया और उनके साथ आत्मीय समय बिताया गया। पावन प्रयाग फाउंडेशन के डायरेक्टर विष्णुकांत पांडेय गरीब असहाय जरूरतमंद लोगों की सदैव मदद के लिए काम करते हैं। जब जब प्रयागराज में आपत स्थिती बनती है कोरोना काल रहा हो या बाढ़ के हालात बनने पर समाजसेवी विष्णु कांत पाण्डेय लोगों के लिए पहुंचते हैं एवं इलाज में सहयोग,सर्दियों में कंबल-कपड़ा वितरण और जरूरतमंद परिवारों की देखभाल उनके सामाजिक कार्यों का हिस्सा है। उनका कहना है कि जन्मदिन जैसे विशेष अवसर को समाजसेवा के लिए समर्पित करना ही सबसे सार्थक पहल है। उन्होंने आज अपने जन्मदिन के मौके पर आधारशिला वृद्धाश्रम में रहने वाले सभी लोगों से इस सेवा कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है। बाइट:विष्णुकांत पांडेय,डायरेक्टर, पावन प्रयाग फाउंडेशन, प्रयागराज। पवनदेव,संवाददाता,प्रयागराज।1
- मोटिवेशनल स्पीकर अनुभूति दीक्षित ने बताया सफलता की कुँजी1
- मेजा तहसील परिसर में जूनियर अधिवक्ताओं के चैंबर में दिनदहाड़े तोड़फोड़ दस्तावेज फाड़ने और चैंबर में बैठे मुवक्किलों से मारपीट का भी आरोप, पुलिस जांच में जुटी मेजा, प्रयागराज। मेजा तहसील परिसर में मंगलवार को जूनियर अधिवक्ताओं के चैंबर को लेकर विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। आरोप है कि कुछ अधिवक्ता सैकड़ों लोगों के साथ तहसील परिसर पहुंचे और जूनियर अधिवक्ताओं द्वारा बनाए गए चैंबर को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस दौरान चैंबर में रखे बैग से जरूरी दस्तावेज निकालकर फाड़ने और फेंकने तथा चैंबर में बैठे मुवक्किलों के साथ मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मेजा तहसील परिसर में पिछड़े एवं दलित वर्ग के जूनियर अधिवक्ताओं द्वारा विधि व्यवसाय करने के लिए चैंबर बनाया गया था। इस चैंबर को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि वर्तमान अध्यक्ष एवं मंत्री की ओर से चैंबर को अवैध बताते हुए उसे हटाने के लिए नोटिस दिया गया था। बताया गया कि जूनियर अधिवक्ताओं ने पूर्व में समाधान दिवस के दौरान अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले से अवगत कराया था। प्रार्थना पत्र में कथित तौर पर आशंका जताई गई थी कि उनके चैंबर को क्षतिग्रस्त करने की धमकी दी जा रही है। जूनियर अधिवक्ताओं का आरोप है कि शिकायत के बावजूद मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। मंगलवार को चैंबर क्षतिग्रस्त किए जाने की घटना के बाद तहसील परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना को लेकर अधिवक्ताओं के बीच तनाव की स्थिति बताई जा रही है। जूनियर अधिवक्ताओं का आरोप है कि यदि उनकी पूर्व शिकायत पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई की गई होती तो शायद विवाद को इस स्तर तक पहुंचने से रोका जा सकता था। हालांकि, इस संबंध में अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिलहाल घटना की सूचना पुलिस को दी गई है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। चैंबर किस परिस्थिति में क्षतिग्रस्त हुआ, दस्तावेज फाड़े जाने तथा मारपीट के लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है, यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।1