बरगी डैम में क्रूज हादसे का खौफनाक वीडियो आया सामने, हंसी-खुशी के बीच मौत बनकर आई आंधी जबलपुर। मध्यप्रदेश के संस्कारधानी जबलपुर के बरगी डैम में गुरुवार शाम को हुए भीषण क्रूज हादसे का एक दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि हादसे से ठीक पहले सब कुछ सामान्य था। पर्यटक क्रूज पर सवार होकर नर्मदा की लहरों का आनंद ले रहे थे, सेल्फी ली जा रही थी और चारों ओर खुशी का माहौल था। लेकिन पलक झपकते ही प्रकृति का मिजाज बदला और एक जोरदार आंधी ने इस खुशी को मातम में बदल दिया। वीडियो में कैद हुआ तबाही का मंजर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में दिख रहा है कि क्रूज अपनी रफ्तार में था, तभी अचानक 60-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने लगीं। देखते ही देखते ऊंची लहरें उठने लगीं और क्रूज अनियंत्रित होकर एक तरफ झुक गया। चीख-पुकार मचते ही क्रूज पानी में समा गया। चश्मदीदों के अनुसार, मौसम इतनी तेजी से बदला कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। अब तक 9 शव बरामद, रेस्क्यू जारी ताजा जानकारी के अनुसार, इस हादसे में मरने वालों की संख्या 09 हो गई है। एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें कल रात से ही लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। शुक्रवार सुबह बचाव दल ने पानी से पांच और शव निकाले हैं। अब तक करीब 28-29 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। लापरवाही के भी लग रहे आरोप हादसे में बचे कुछ पर्यटकों ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि क्रूज डूबने के वक्त लाइफ जैकेट समय पर उपलब्ध नहीं कराए गए थे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है। प्रदेश भर में क्रूज संचालन पर रोक इस भीषण हादसे के बाद मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग ने बड़ा फैसला लेते हुए प्रदेश के सभी जलाशयों में क्रूज के संचालन पर फिलहाल रोक लगा दी है। जब तक सुरक्षा मानकों की पूरी जांच नहीं हो जाती, तब तक पर्यटन के लिए क्रूज सेवा बंद रहेगी।
बरगी डैम में क्रूज हादसे का खौफनाक वीडियो आया सामने, हंसी-खुशी के बीच मौत बनकर आई आंधी जबलपुर। मध्यप्रदेश के संस्कारधानी जबलपुर के बरगी डैम में गुरुवार शाम को हुए भीषण क्रूज हादसे का एक दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि हादसे से ठीक पहले सब कुछ सामान्य था। पर्यटक क्रूज पर सवार होकर नर्मदा की लहरों का आनंद ले रहे थे, सेल्फी ली जा रही थी और चारों ओर खुशी का माहौल था। लेकिन पलक झपकते ही प्रकृति का मिजाज बदला और एक जोरदार आंधी ने इस खुशी को मातम में बदल दिया। वीडियो में कैद हुआ तबाही का मंजर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में दिख रहा है कि क्रूज अपनी रफ्तार में था, तभी अचानक 60-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने लगीं। देखते ही देखते ऊंची लहरें उठने लगीं और क्रूज अनियंत्रित होकर एक तरफ झुक गया। चीख-पुकार मचते ही क्रूज पानी में समा गया। चश्मदीदों के अनुसार, मौसम इतनी तेजी से बदला कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। अब तक 9 शव बरामद, रेस्क्यू जारी ताजा जानकारी के अनुसार, इस हादसे में मरने वालों की संख्या 09 हो गई है। एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें कल रात से ही लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। शुक्रवार सुबह बचाव दल ने पानी से पांच और शव निकाले हैं। अब तक करीब 28-29 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। लापरवाही के भी लग रहे आरोप हादसे में बचे कुछ पर्यटकों ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि क्रूज डूबने के वक्त लाइफ जैकेट समय पर उपलब्ध नहीं कराए गए थे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है। प्रदेश भर में क्रूज संचालन पर रोक इस भीषण हादसे के बाद मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग ने बड़ा फैसला लेते हुए प्रदेश के सभी जलाशयों में क्रूज के संचालन पर फिलहाल रोक लगा दी है। जब तक सुरक्षा मानकों की पूरी जांच नहीं हो जाती, तब तक पर्यटन के लिए क्रूज सेवा बंद रहेगी।
- Post by पंकज गुप्ता "पत्रकार"1
- Post by कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली1
- दीवार गिरने से महिला घायल, जबलपुर रेफर1
- भारतीय जनता पार्टी की सरकार की CM किसान योजना की खुली पोल सरकार की सारी बातें हवा हवाई किसान परेशान योजनाएं महान।1
- जबलपुर से नर्मदा नदी के प्रवाह से कई घाट निर्मित हुए जिनमें भेड़ाघाट धुंआधार सर्वाधिक चर्चित है यह तिथियों पर श्रद्धा से लोग नहाने आते इसके अलावा प्रकृति द्वारा यहां बहुत रोचक दृश्य देखने कई बार यहां हिंदी फिल्मों की शूटिंग हुई कई विदेशी पर्यटक आते रहते अलग अलग विख्यात यह स्थान है1
- बरगी डैम में क्रूज पलटा,04 की मौत, 30 लोग थे सवार जबलपुर के बरगी डैम में बड़ा हादसा, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और मौके पर प्रशासन पहुंच गया है।1
- Post by पंकज गुप्ता "पत्रकार"1
- लोकेशन जबलपुर रिपोर्टर आशीष कुमार दुबे बरगी डैम क्रूज हादसा: मौत के आगोश में भी साथ न छूटा, मां की ममता देख कांप उठी लोगों की रूह जबलपुर/बरगी। मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में गुरुवार शाम हुए भीषण क्रूज हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सामने आई एक तस्वीर ने न केवल वहां मौजूद बचाव दल, बल्कि पूरे प्रदेश की आंखों में आंसू ला दिए। पानी की गहराई में डूबे क्रूज के केबिन से जब एक मां और उसके चार वर्षीय मासूम बेटे का शव निकाला गया, तो दोनों एक-दूसरे से लिपटे हुए थे। अंतिम सांस तक बचाने की कोशिश चश्मदीदों और बचाव दल के अनुसार, मां ने लाइफ सेफ्टी जैकेट पहन रखी थी। ऐसा प्रतीत होता है कि डूबते हुए क्रूज के बीच उस मां ने अपनी पूरी शक्ति अपने कलेजे के टुकड़े को बचाने में लगा दी थी। उसे शायद यह उम्मीद थी कि सेफ्टी जैकेट के सहारे वह अपने बच्चे को डूबने से बचा लेगी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। दोनों मां-बेटा क्रूज के केबिन में ही फंस गए और बाहर नहीं निकल सके। गुरुवार शाम करीब 6:00 बजे नर्मदा के बैकवाटर में अचानक आए तेज तूफान और ऊंची लहरों के कारण क्रूज अनियंत्रित होकर पलट गया।मौसम विभाग द्वारा पहले ही येलो अलर्ट (तेज हवाओं की चेतावनी) जारी किया गया था, इसके बावजूद क्रूज का संचालन क्यों होने दिया गया, यह जांच का विषय है। जीवित बचे कुछ पर्यटकों ने आरोप लगाया है कि क्रूज पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे और आपात स्थिति में चालक ने समय रहते क्रूज को किनारे नहीं लगाया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह और पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी को मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए। वहीं, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सुरक्षा में बड़ी चूक है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। ताजा जानकारी के मुताबिक, इस हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 23 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। NDRF, SDRF और सेना की टुकड़ी लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। "मां की ममता जीत गई, किन्तु मां हार गई..." — यह वाक्य आज हर उस शख्स की जुबान पर है जिसने बरगी की लहरों में डूबी उस ममता की कहानी सुनी।4
- Post by कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली1