मुरैना के पोरसा स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, गांधीनगर में एक गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में केला देवी मंदिर के पुजारी पंडित रामदास श्रोत्रिय महाराज को शॉल, श्रीफल और स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ब्रह्माकुमारी परिवार के सदस्य, श्रद्धालु और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे, जहां पूरा वातावरण आध्यात्मिक और वैदिक मंगलाचार की गूंज से सराबोर रहा। इस अवसर पर बीके रेखा बहन ने कहा कि संत, महंत और पुजारी समाज के आध्यात्मिक मार्गदर्शक होते हैं, जो लोगों में नैतिकता, सदाचार, प्रेम और शांति का संचार करते हैं। उन्होंने भारतीय संस्कृति और प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे व्यक्तित्वों का सम्मान करना हमारे संस्कारों की पहचान है। जब समाज अपने आध्यात्मिक मार्गदर्शकों का आदर करता है, तो नई पीढ़ी भी संस्कार, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित होती है। सम्मान ग्रहण करने के बाद पंडित रामदास श्रोत्रिय महाराज ने आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि धर्म का वास्तविक उद्देश्य मानवता, सेवा, सदाचार और परस्पर प्रेम का संदेश देना है। उन्होंने सभी से जीवन में सत्य, संयम और ईश्वर भक्ति को स्थान देने की अपील की, जिससे समाज में सुख और शांति आ सके। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने और समाज में नैतिकता के प्रसार का संकल्प लिया।
मुरैना के पोरसा स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, गांधीनगर में एक गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में केला देवी मंदिर के पुजारी पंडित रामदास श्रोत्रिय महाराज को शॉल, श्रीफल और स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ब्रह्माकुमारी परिवार के सदस्य, श्रद्धालु और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे, जहां पूरा वातावरण आध्यात्मिक और वैदिक मंगलाचार की गूंज से सराबोर रहा। इस अवसर पर बीके रेखा बहन ने कहा कि संत, महंत और पुजारी समाज के आध्यात्मिक मार्गदर्शक होते हैं, जो लोगों में नैतिकता, सदाचार, प्रेम और शांति का संचार करते हैं। उन्होंने भारतीय संस्कृति और प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे व्यक्तित्वों का सम्मान करना हमारे संस्कारों की पहचान है। जब समाज अपने आध्यात्मिक मार्गदर्शकों का आदर करता है, तो नई पीढ़ी भी संस्कार, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित होती है। सम्मान ग्रहण करने के बाद पंडित रामदास श्रोत्रिय महाराज ने आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि धर्म का वास्तविक उद्देश्य मानवता, सेवा, सदाचार और परस्पर प्रेम का संदेश देना है। उन्होंने सभी से जीवन में सत्य, संयम और ईश्वर भक्ति को स्थान देने की अपील की, जिससे समाज में सुख और शांति आ सके। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने और समाज में नैतिकता के प्रसार का संकल्प लिया।
- मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के पोरसा में स्थित सांदीपनि विद्यालय, राजौधा में समाज में मधुमेह (डायबिटीज) के प्रति जागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के उद्देश्य से एक विशेष स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में राष्ट्रीय प्रशिक्षित स्वास्थ्य प्रचारक राजेश श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को सरल एवं वैज्ञानिक भाषा में मधुमेह के कारण, बचाव और संतुलित जीवनशैली के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुप्रसिद्ध मधुमेह शोधकर्ता एवं राष्ट्रपति सम्मानित डॉ. रविंद्र नांदेड़कर का सपना "मधुमेह मुक्त भारत" का निर्माण करना है, और इसी उद्देश्य को लेकर देशभर में यह जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है ताकि लोग समय रहते इससे बचाव कर सकें। राजेश श्रीवास्तव ने शरीर की कार्यप्रणाली समझाते हुए कहा कि डायबिटीज कोई बीमारी नहीं बल्कि शरीर के चयापचय (मेटाबॉलिज्म) से जुड़ा एक डिसऑर्डर है। उन्होंने बच्चों को जंक फूड, अत्यधिक मीठे पेय पदार्थों और असंतुलित खानपान के दुष्प्रभावों के बारे में सचेत किया। उन्होंने बताया कि लंबे समय तक अनियंत्रित मधुमेह रहने पर हृदय, किडनी, आंखें, नसें और पैर प्रभावित हो सकते हैं। स्वस्थ जीवन के लिए "उचित आहार, उचित विहार और उचित उपचार" का मूल मंत्र देते हुए उन्होंने केवल रोटी पर निर्भर रहने के बजाय भोजन में दाल, हरी सब्जियां, सलाद और संतुलित पोषण शामिल करने की सलाह दी। साथ ही, भोजन करते समय मोबाइल फोन या टीवी देखने की आदत से बचने और चिकित्सकों या आहार विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही कार्बोहाइड्रेटयुक्त खाद्य पदार्थों का नियंत्रित मात्रा में सेवन करने की बात कही। कार्यशाला में अनुयांश आरोग्य प्रतिष्ठान द्वारा संचालित सामाजिक पहल की भी जानकारी दी गई, जो 0 से 18 वर्ष तक के टाइप-1 मधुमेह से प्रभावित बच्चों के लिए सहायता, परामर्श और जागरूकता सेवाएं प्रदान करती है। इस कार्यक्रम के आयोजक विद्यालय के उपप्राचार्य संजय शर्मा रहे, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ भाजपा नेता अरविंद सिंह तोमर और विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. श्रीकांत शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम के संयोजक एवं पूर्व मंडल अध्यक्ष राम कुमार गुप्ता ने विद्यालय में ऐसी स्वास्थ्य कार्यशालाएं प्रत्येक माह आयोजित करने का सुझाव दिया। कार्यक्रम का संचालन संतोष उपाध्याय द्वारा किया गया, जिसमें विद्यालय के समस्त शिक्षकों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अंत में संतुलित आहार व स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।1
- मध्य प्रदेश के मुरैना जिले की पोरसा तहसील स्थित ग्राम पंचायत बुधारा में विकास कार्यों की पोल खुल गई है। 7 जुलाई 2026 को मंजू देवी सखवार के निधन के बाद उनकी अंतिम यात्रा को गांव से श्मशान घाट तक जाने के लिए कीचड़ और दलदल से होकर गुजरना पड़ा। इस घटना के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जो गांव की बदहाल बुनियादी सुविधाओं को दर्शा रहे हैं। यह समस्या केवल एक परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे गांव की वर्षों पुरानी त्रासदी है। बरसात के मौसम में यहां की सड़कें और श्मशान मार्ग पूरी तरह जर्जर हो जाते हैं, जिससे ग्रामीणों का जीना मुहाल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार और प्रशासन के विकास के सभी दावे इस जमीनी हकीकत के सामने खोखले साबित हो रहे हैं, जहां अंतिम यात्रा तक सम्मानपूर्वक नहीं निकल पा रही है। समाजसेवी रिंकू सिलावट ने जिला प्रशासन, जिला पंचायत और जनपद पंचायत से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से ग्राम बुधारा का सर्वेक्षण कर श्मशान घाट तक पक्की सड़क बनाने और गांव की अन्य जर्जर सड़कों का सुधार करने की अपील की है। यह मांग पूरी तरह से ग्रामीणों के सम्मान और उनके मूलभूत अधिकारों की सुरक्षा को केंद्र में रखकर उठाई गई है।1
- मुरैना जिले के अम्बाह में स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए नगर पालिका द्वारा सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों और एजेंसी को नोटिस जारी किए गए हैं। मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के तहत प्रत्येक घर से नियमित रूप से कचरा संग्रहण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि किसी भी क्षेत्र में कचरा संग्रहण में अनियमितता मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, स्वच्छता अमले को निर्धारित समय पर कचरा उठाने, लोगों को गीले व सूखे कचरे को अलग करने के लिए जागरूक करने और शहर में कहीं भी कचरा जमा न होने देने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने नागरिकों से भी सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फेंकने और स्वच्छता में सहयोग करने की अपील की है।1
- मुरैना जिले के अम्बाह में स्वच्छता व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए नगर पालिका प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। शहर में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन कार्य में लापरवाही पाए जाने पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) ने संबंधित कर्मचारियों और जिम्मेदार एजेंसी को नोटिस जारी किया है। सीएमओ ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के सख्त क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं और स्पष्ट किया है कि प्रत्येक घर से नियमित रूप से कचरा संग्रहण किया जाए। कचरा उठाने के काम में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ ने स्वच्छता अमले को निर्धारित समय पर कचरा कलेक्शन करने और नागरिकों को गीले व सूखे कचरे को अलग-अलग करने के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए हैं, ताकि शहर में कहीं भी कचरा जमा न हो सके। इसके साथ ही, नगर पालिका प्रशासन ने आम जनता से भी सहयोग की अपील की है। नागरिकों से कहा गया है कि वे कचरा केवल निर्धारित वाहन में ही डालें और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने से बचें, ताकि एक स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ अम्बाह का निर्माण किया जा सके।1
- मुरैना के अम्बाह में एक दुकान से जो गेहूं और चावल वितरित किया जा रहा है, वह खाने योग्य बिल्कुल नहीं है। इस अनाज में भारी मात्रा में कंकड़, मिट्टी और घुन (कीड़े) लगे हुए हैं। इस वितरित किए जा रहे अनाज की हालत इतनी बदतर है कि इसे मवेशी भी नहीं खा सकते हैं।1
- मुरैना जिले की अम्बाह तहसील के अंतर्गत आने वाली रुअर पंचायत से एक बेहद गैर-जिम्मेदाराना मामला सामने आया है। यहाँ रुअर नहर के पास सड़क के किनारे पशु-पक्षियों की लाखों रुपये की एक्सपायर्ड दवाइयाँ खुले में फेंक दी गई हैं। यह अनुचित कृत्य पशु चिकित्सालय के अधिकारियों और कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया है। सरकारी संपत्ति का सरेआम दुरुपयोग करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों ने इतनी बड़ी मात्रा में एक्सपायर्ड दवाइयों को लावारिस छोड़ दिया है। पशु अस्पताल के जिम्मेदार डॉक्टरों और अधिकारियों की इस कार्यशैली से स्थानीय जनजीवन और बेजुबान पशुओं का जीवन गंभीर खतरे में आ गया है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि इतनी बड़ी डिग्रियां हासिल करने वाले डॉक्टर दवाइयों के दुष्प्रभावों से भली-भाँति परिचित होने के बावजूद ग्रामीणों के जीवन को सीधे मौत के मुंह में धकेल रहे हैं। सड़क किनारे पड़े इन जहरीले रसायनों से वहाँ खेलने वाले बच्चों और राहगीरों की जीवन लीला समाप्त होने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने किसी बड़ी अनहोनी की आशंका जताते हुए दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की मांग की है।4
- मुरैना के अंबाह अंतर्गत थरा गांव की बेटी खुशी तोमर का मध्य प्रदेश पुलिस में उपनिरीक्षक (सब-इंस्पेक्टर) पद पर चयन हुआ है। हाल ही में घोषित हुए पुलिस सूबेदार, उपनिरीक्षक और प्लाटून कमांडर के परीक्षा परिणामों में सफलता हासिल कर वह सीधे इस पद पर चयनित होने वाली अपने गांव की पहली बेटी बन गई हैं। खुशी के गांव प्रथम आगमन पर ग्रामीणों द्वारा उनके सम्मान में एक भव्य स्वागत यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए। खुशी तोमर के पिता जितेंद्र सिंह तोमर भारतीय सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद वर्तमान में ग्वालियर में पुलिस निरीक्षक पद पर कार्यरत हैं। खुशी ने अपनी इस सफलता से गांव की रूढ़िवादिता को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि बेटियां किसी भी मामले में लड़कों से कम नहीं हैं। स्वागत यात्रा के दौरान खुशी ने सबसे पहले परमहंस बाबा बालक दास जी आश्रम में माथा टेककर आशीर्वाद लिया। इसके बाद उनके निवास स्थान पर गांव के गणमान्य नागरिकों और परिजनों ने उन्हें शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया। खुशी दो भाई-बहनों में छोटी हैं। उनके भाई और भाजपा युवा नेता धर्मेंद्र सिंह तोमर (छोटे ठेकेदार) ने खुशी की इस उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा कि उनकी बहन ने गांव का नाम रोशन किया है और वह गांव की अन्य लड़कियों के लिए एक मिसाल और आदर्श बन गई हैं। थरा गांव से पहले भी कई प्रतिभाओं ने देश स्तर पर नाम रोशन किया है, जिनमें आईएएस परीक्षा उत्तीर्ण कर पंजाब कैडर में सेवाएं दे रहे संदीप राजोरिया और आईईएस (भारतीय अभियांत्रिकी सेवा) में चयनित होकर सेवाएं दे रहे दीपू तोमर (पुत्र प्रान सिंह तोमर) शामिल हैं। अब खुशी तोमर ने भी सब-इंस्पेक्टर बनकर अपने दादा सुरेश सिंह तोमर और पूरे गांव को गौरवान्वित किया है।1
- मुरैना के अंबाह में पुलिस ने हत्या और हत्या के प्रयास के दो गंभीर मामलों में करीब दो वर्षों से फरार चल रहे ₹5 हजार के इनामी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए दोहरी रोड नहर की पुलिया के पास से आरोपी अमित गहलोत (पुत्र अशोक गहलोत) को धर दबोचा। आरोपी के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई करीब ₹30 हजार कीमत की एक अवैध देसी पिस्टल भी बरामद की गई है। अमित गहलोत वर्ष 2024 के हत्या के मामले में वांछित था। इसके अलावा, 11 जुलाई 2026 को दोहरी रोड स्थित कृष्णा गार्डन के पास हुई फायरिंग एवं हत्या के प्रयास के मामले में भी उसकी गिरफ्तारी की गई है। यह कामयाबी पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीना के निर्देश पर जिले में फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मिली है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र पाल सिंह डाबर और एसडीओपी रवि सिंह भदौरिया के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक वीरेश सिंह कुशवाह सहित अंबाह थाना पुलिस टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पकड़े गए आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।1