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Alex Shivansh
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- Post by Alex Shivansh1
- सिसई (गुमला)। जैक माध्यमिक बोर्ड के परीक्षा परिणाम घोषित होते ही पूरे प्रखंड क्षेत्र में खुशी की लहर है। वहीं रंजीत नारायण सिंह सरस्वती विद्या मंंदिर कुदरा सिसई की छात्रा सोनी लकड़ा ने 98% अंक के साथ प्रखंड टॉपर का खिताब हासिल किया है और गुमला जिला टॉप 10 में भी अपनी जगह बनाई है। *उनसे हुई खास बातचीत के अंश* सोनी लकड़ा ने बताया कि परीक्षा की भरपुर तैयारी की थी। लक्ष्य निर्धारित कर एकाग्रता के साथ खूब मेहनत की। उनका लक्ष्य 98% से भी अधिक का था। लेकिन भी वो अपनी इस उपलब्धि पर खुश हैं उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपनी माता लीलावती देवी, पिता लाल उरांव और अपने विद्यालय के गुरुजनों को दी है उन्होंने उनका आभार व्यक्त करते हुए कहा कि माता पिता व गुरुजनों के मार्गदर्शन से ही ये मुकाम हासिल हुआ है। सोनी का लक्ष्य सिविल सर्विसेज में जाकर देश की सेवा करने का है वे आगे की पढाई रांची में रहकर करना चाहती है उन्होंने अपने क्षेत्र के विद्यार्थियों को अपना लक्ष्य निर्धारित कर एकाग्रता के साथ कड़ी मेहनत करते हुए आगे बढ़ने का संदेश दिया है। वहीं सेकंड टॉपर बनी सोनाली कुमारी ने भी अपनी सफलता का श्रेय अपनी माता अनिता देवी पिता प्रयाग साहु व गुरुजनों को दिया है वे आगे की पढाई गुमला से करना चाहती हैं और उनका लक्ष्य जेई बनने का है। विद्या मंंदिर के प्रधानाचार्य देवेंद्र वर्मा ने बताया कि इसबार विद्यालय का परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत रहा है। कुल 45 विद्यार्थियों ने दसवीं बोर्ड परीक्षा में भाग लिया था और सभी ने प्रथम श्रेणी से उत्तीर्णता हासिल किया है जो विद्यालय के लिए बड़े ही गर्व की बात है और इससे पुरा विद्यालय परिवार हर्षित है। 8 विद्यार्थियों ने 90% से ऊपर अंक प्राप्त किया है वहीं 15 विद्यार्थी ऐसे हैं जिन्होंने 80% से ऊपर अंक प्राप्त किया है। अन्य सात विद्यार्थी 75% से ऊपर अंक प्राप्त किये हैं और बाकी 70% से ऊपर अंक प्राप्त करने वालों में से हैं। इनकी सफलता में विद्यालय की बेहतर शिक्षण प्रणाली, समर्पित शिक्षक व अभिभावकों का बड़ा योगदान रहा है। विद्यार्थियों को इस प्रकार तैयार किया जा रहा है कि अगले वर्ष के माध्यमिक बोर्ड परीक्षा में हमारे विद्या मंंदिर के विद्यार्थी स्टेट टॉपर का खिताब हासिल करेंगे।उन्होंने सभी सफल विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनकी उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।4
- छारदा में ग्राम प्रधान के सहायक सचिव चयन के दौरान हुआ विवाद, ग्रामीण दो गुट में उलझे सिसई प्रखंड अंतर्गत छारदा पंचायत के छारदा गांव के ग्रामीणों ने बताया कि अंचल कार्यालय सिसई से निर्गत पत्र के अनुसार ग्राम सभा अध्यक्ष के सहायक सचिव का चयन के दौरान ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में विशेष ग्राम सभा का बैठक किया गया था। जहां दो पक्षों में विवाद हो गया। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के ही सरकारी शिक्षक स्कूल छोड़ कर बैठक में पहुंचे थे और विवाद कराया। विवाद शुरू होने के बाद चयन प्रक्रिया को बंद किया गया। ग्राम सभा के अध्यक्ष सहायक सचिव का चयन में प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांव में विवाद हो रहा हैं। जिसके कारण समय पर चयन प्रक्रिया पूरी नहीं हो रही हैं।2
- चैनपुर बस स्टैंड स्थित लाइफ लाइन हॉस्पिटल में अवैध गर्भपात के गंभीर आरोपों को लेकर शनिवार को प्रशासन हरकत में दिखा। गुमला के सिविल सर्जन डॉ. शंभूनाथ चौधरी अपनी टीम के साथ अचानक चैनपुर पहुंचे और अस्पताल में व्यापक स्तर पर जांच अभियान चलाया।1
- सत्ता की बेरुखी पर ग्रामीणों का प्रहार: श्रमदान से खजूर ढोंढा पर बना बीस फीट लंबा बांध, खुद लिखा आत्मनिर्भरता का इतिहास चैनपुर प्रखंड की रामपुर पंचायत अंतर्गत राजस्व ग्राम भटौली में ग्रामीणों ने सरकार और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के बीच मिसाल पेश करते हुए श्रमदान से खजूर ढोंढा पर लगभग बीस फीट लंबा बोरी बांध तैयार कर दिया। भीषण गर्मी और जल संकट से जूझ रहे ग्रामीणों ने प्रशासनिक मदद का इंतजार करने के बजाय स्वयं आगे बढ़कर समस्या का समाधान किया। लगातार पड़ रही गर्मी के कारण क्षेत्र के जलस्रोत सूख चुके थे। स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि बैल, बकरी सहित अन्य मवेशियों के लिए पीने के पानी का संकट उत्पन्न हो गया था। इस गंभीर समस्या को देखते हुए फिया फाउंडेशन की कार्यकर्ता रजनी केरकेट्टा ने ग्राम सभा की बैठक आयोजित की, जहां सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सरकार के भरोसे बैठने के बजाय श्रमदान से बांध निर्माण किया जाएगा। ग्राम प्रधान राजेश बैगा ने प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि नाले पर बांध निर्माण के लिए कई बार आवेदन दिए गए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने विधायक भूषण तिर्की से भी गुहार लगाई, परंतु अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। अंततः ग्रामीणों ने खुद ही पहल करने का निर्णय लिया। निर्णय के बाद पूरा गांव एकजुट हो गया। ग्रामीण अपने घरों से खाली बोरे, कुदाल और तगाड़ी लेकर नाले पर पहुंचे और बोरियों में बालू भरकर पानी का प्रवाह रोक दिया। बांध बनते ही पानी का जमाव शुरू हो गया है। ग्रामीणों का अनुमान है कि इससे करीब तीस एकड़ भूमि की सिंचाई संभव होगी, मवेशियों के लिए स्थायी जल व्यवस्था बनेगी तथा ग्रामीणों को दैनिक उपयोग के पानी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। फिया फाउंडेशन के प्रखंड समन्वयक ललित कुमार महतो ने कहा कि यदि ग्राम सभा मजबूत हो और ग्रामीण एकजुट रहें, तो श्रमदान से बड़े बदलाव संभव हैं। इस सामूहिक श्रमदान में ग्राम प्रधान राजेश बैगा, मनीष लोहार, देवंती देवी, जितेंद्र रतिया, सुखदेव रतिया, अंजनी देवी, शुकर्मानी देवी, सुषमा देवी, नीलम देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।1
- चैनपुर में अवैध क्लीनिक पर शिकंजा तेज, सिविल सर्जन ने की जांच, विरोधाभासी बयानों से गहराया मामला जांच के लिए पहुंचे सिविल सर्जन, संचालक फिर गायब गुमला (चैनपुर): ‘लाइफ लाइन हॉस्पिटल’ में अवैध गर्भपात के खुलासे के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। शनिवार को सिविल सर्जन डॉक्टर शंभूनाथ चौधरी अस्पताल परिसर पहुंचे और पूरे मामले की जांच की। जांच के दौरान अस्पताल का संचालक मौके पर मौजूद नहीं मिला, जिससे संदेह और गहरा गया है। दवाओं और उपकरणों से लंबे समय से इलाज के संकेत अस्पताल के अंदर रखी दवाओं, मशीनों और उपकरणों को देखकर यह स्पष्ट संकेत मिला कि यहां लंबे समय से स्त्री रोग सहित अन्य बीमारियों का इलाज किया जा रहा था। बिना वैध अनुमति और विशेषज्ञ डॉक्टर के इस तरह इलाज होना गंभीर लापरवाही और नियमों का उल्लंघन माना जा रहा है। बयानों में विरोधाभास, सच्चाई क्या है? मामले में अब एक नया सवाल डॉक्टर प्रभात के बयान को लेकर खड़ा हो गया है। छापेमारी के दिन जब पीड़िता को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, तब उन्होंने कहा था कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि मरीज किस अस्पताल से आई है। वहीं अब उनका कहना है कि वे लाइफ लाइन हॉस्पिटल केवल एक्स-रे का रेट पूछने गए थे। ऐसे में दोनों बयानों में स्पष्ट विरोधाभास नजर आ रहा है। सवाल उठ रहा है कि सच्चाई किस बयान में है और क्या कुछ छिपाने की कोशिश हो रही है। “पूरे मामले की हो रही है जांच”: सिविल सर्जन सिविल सर्जन डॉक्टर शंभूनाथ चौधरी ने कहा कि मामले की गहन जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जल्द ही उचित कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कदम उठाने की बात भी उन्होंने कही। जनप्रतिनिधि ने जताई नाराजगी, कड़ी कार्रवाई की मांग जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस तरह की अवैध गतिविधियां समाज के लिए खतरनाक हैं। यह सीधे तौर पर लोगों की जान के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जिले में चल रहे सभी अवैध क्लीनिकों की पहचान कर उन्हें तत्काल बंद किया जाए और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। कार्रवाई की दिशा में नजरें, कई सवालों के जवाब बाकी फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की जांच जारी है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि बिना रजिस्ट्रेशन और योग्य डॉक्टर के यह अस्पताल इतने लंबे समय तक कैसे संचालित होता रहा। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जांच के बाद जिम्मेदारों पर क्या ठोस कार्रवाई होती है।1
- अवैध खनन पर खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 के तहत कड़ी कार्रवाई। बिना चालान खनिज परिवहन पर भारी जुर्माना निर्धारित। ट्रैक्टर-ट्रॉली: ₹50,000 | 407/408: ₹1,00,000 | छह पहिया ट्रक: ₹2,00,000 | डम्पर: ₹3,00,000 | मशीनरी: ₹5,00,000 तक जुर्माना। गुमला: आज शुक्रवार को उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स (खनन) की बैठक आयोजित की गई, जिसमें अवैध खनन एवं खनिजों के अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि नदियों (बालूघाटों) से बालू उत्खनन/निकासी पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा लगाए गए प्रतिबंध समाप्त होने के बावजूद सभी संभावित क्षेत्रों में सघन छापामारी अभियान चलाकर अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर पूर्णतः रोक लगाई जाए। बैठक में बताया गया कि जिलांतर्गत कैटगरी-11 के 18 बालूघाटों की ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया हेतु सैद्धांतिक सहमति प्रदान की जा चुकी है। इस संबंध में संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारियों को ग्राम सभा आयोजित कर सहमति प्राप्त करने का निर्देश दिया गया है, ताकि अग्रेत्तर कार्रवाई पूर्ण कर बालू की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। उपायुक्त ने जिला टास्क फोर्स के साथ संयुक्त रूप से पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण एवं छापामारी अभियान चलाने, प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई कर समय-सीमा के भीतर निराकरण करने तथा खनिज लदे वाहनों की सघन जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी खनिजों का परिवहन वैध चालान के साथ एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप ढंककर किया जाना अनिवार्य होगा तथा ओवरलोडिंग पर विशेष निगरानी रखी जाए। खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 के अंतर्गत अवैध खनन, भंडारण एवं बिना वैध चालान के खनिज परिवहन करने पर कड़े दंड का प्रावधान है। राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अनुसार ऐसे मामलों में ट्रैक्टर एवं ट्रॉली पर ₹50,000, मैटाडोर/हाफ ट्रक (407/408) पर ₹1,00,000, छह पहिया पूर्ण बॉडी ट्रक पर ₹2,00,000, डम्पर (छह/दस या अधिक पहिए) पर ₹3,00,000 तथा क्रेन, नाव, उत्खनन मशीन, लोडर, पावर हैमर, कंप्रेसर, ड्रिलिंग मशीन सहित अन्य भारी उपकरणों पर ₹5,00,000 तक का जुर्माना लगाया जाएगा, साथ ही नियमानुसार अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। इसके अतिरिक्त, समाप्त खनन पट्टों, वृहत (बॉक्साइट) एवं लघु खनन पट्टा क्षेत्रों के बाहर अवैध खनन पर सतत निगरानी रखते हुए नियमित छापामारी करने का निर्देश दिया गया। साथ ही, खनन पट्टा एवं क्रशर इकाइयों का नियमित निरीक्षण कर बाउंड्री पिलर, साइन बोर्ड एवं क्रशर को कवर करने सहित सभी निर्धारित नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में सचिव खान के पत्रांक-562/एम दिनांक 06.03.2026 के आलोक में बालू एवं अन्य खनिजों के अवैध उत्खनन, भंडारण एवं परिवहन पर पूर्ण रोक लगाने के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया। *अन्य महत्वपूर्ण निर्देश:* उपायुक्त ने शहरी क्षेत्र अंतर्गत लोहरदगा रूट पर संचालित बसों के आवागमन को लेकर भी निर्देश देते हुए कहा कि नए बस डिपो से ही बसों का संचालन सुनिश्चित किया जाए। यदि बसें निर्धारित स्थान या समय से संचालित नहीं होती हैं, तो संबंधित बस चालकों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में अपर समाहर्ता शशिंद्र कुमार बड़ाइक, एसडीओ सदर राजीव नीरज, एसडीओ चैनपुर पूर्णिमा कुमारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी, डीएसपी गुमला मुख्यालय सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।1
- जशपुर: जाशपूर जमीन विवाद में जानलेवा हमला बाप बेटी सहित 3 आरोपी गिरफ्तार भेजे गए जेल1
- सिमडेगा:- महिला सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की आवाज बुलंद करने के उद्देश्य से आयोजित “महिला आक्रोश मार्च” में भाग लेने के लिए शनिवार को सिमडेगा से हजारों की संख्या में कार्यकर्ता रांची के लिए रवाना हुए। जिले के विभिन्न प्रखंडों और गांवों से सुबह से ही कार्यकर्ता जुटने लगे। महिलाओं, युवाओं और पार्टी पदाधिकारियों में खासा उत्साह देखा गया।हाथों में तख्तियां और बैनर लिए कार्यकर्ता “नारी शक्ति का सम्मान”, “बहन-बेटियों का अपमान नहीं सहेंगे” और “महिला अधिकार हमारा संकल्प” जैसे नारों के साथ रांची के लिए रवाना हुए। पूरे सिमडेगा में रैली को लेकर जोश और उत्साह का माहौल बना रहा। भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक पुरी ने अपना वक्तव्य देते हुए कहा कि “महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के सवाल पर भाजपा हमेशा गंभीर रही है। सिमडेगा से हजारों कार्यकर्ताओं का रांची के लिए प्रस्थान यह दर्शाता है कि जिले की जनता महिला शक्ति के साथ खड़ी है। यह रैली केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज में बदलाव और बहन-बेटियों के सम्मान की लड़ाई का जनआंदोलन है।” उन्होंने आगे कहा कि जिले के सभी मंडलों, बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं और महिला मोर्चा की सक्रिय भागीदारी से यह रैली ऐतिहासिक बनेगी।भाजपा जिला महामंत्री रवि गुप्ता ने कहा कि यह रैली महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए एक निर्णायक पहल है। उन्होंने कहा कि सिमडेगा से हजारों कार्यकर्ताओं का निकलना इस बात का संकेत है कि जनता अब महिलाओं के मुद्दों पर एकजुट होकर आवाज उठाने के लिए तैयार है।रैली में शामिल होने के लिए कार्यकर्ताओं का जत्था बसों, निजी वाहनों और अन्य साधनों से रांची के लिए रवाना हुआ। रांची के मोराबादी मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में भारी भीड़ जुटने की संभावना है। पूरे जिले में आयोजन को लेकर उत्साह का माहौल बना हुआ है।1