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डिंडौरी जिले की एक होनहार बेटी शिवानी साहू ने अपनी प्रतिभा और मेहनत से राष्ट्रीय मंच पर जिले का नाम रोशन किया है। शहपुरा जनपद पंचायत के ग्राम बरगांव निवासी और शासकीय स्नातक महाविद्यालय शहपुरा की छात्रा शिवानी साहू को रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर के 36वें दीक्षांत समारोह में देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के करकमलों से दो स्वर्ण पदक प्राप्त हुए हैं। जबलपुर में आयोजित इस 36वें दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुईं। इस दौरान विभिन्न संकायों के कुल 20 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया, जिनमें डिंडौरी जिले की शिवानी साहू ने अपनी विशेष पहचान बनाई। शिवानी ने स्नातक स्तर पर हिन्दी विषय में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए दोहरी उपलब्धि हासिल की। उन्हें पहला स्वर्ण पदक हिन्दी विषय में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने पर और दूसरा स्वर्ण पदक हिन्दी साहित्य में प्रथम श्रेणी के साथ सर्वोच्च अंक अर्जित करने के लिए प्रदान किया गया। इस प्रकार, एक ही दीक्षांत समारोह में दो स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अपने महाविद्यालय, गांव और पूरे जिले का नाम रोशन किया है। राष्ट्रपति के हाथों सम्मान प्राप्त करने के बाद शिवानी और उनके परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। उनके पिता बाबूलाल साहू और माता सावित्री देवी ने बेटी की इस सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए इसे पूरे परिवार के लिए अविस्मरणीय क्षण बताया। शिवानी की इस उपलब्धि से बरगांव, करौंदी और शहपुरा क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। स्थानीय नागरिकों, शिक्षकों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उनकी सफलता को क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बताया है। शिवानी साहू की यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि सीमित संसाधन भी प्रतिभा और कड़ी मेहनत के आगे बाधा नहीं बन सकते। ग्रामीण परिवेश से निकलकर राष्ट्रीय स्तर के मंच पर राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित होना केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे डिंडौरी जिले के लिए गर्व का विषय है। उनकी सफलता आने वाली पीढ़ियों को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेगी।

5 hrs ago
user_खमोद चंदेल
खमोद चंदेल
डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
5 hrs ago
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डिंडौरी जिले की एक होनहार बेटी शिवानी साहू ने अपनी प्रतिभा और मेहनत से राष्ट्रीय मंच पर जिले का नाम रोशन किया है। शहपुरा जनपद पंचायत के ग्राम बरगांव निवासी और शासकीय स्नातक महाविद्यालय शहपुरा की छात्रा शिवानी साहू को रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर के 36वें दीक्षांत समारोह में देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के करकमलों से दो स्वर्ण पदक प्राप्त हुए हैं। जबलपुर में आयोजित इस 36वें दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुईं। इस दौरान विभिन्न संकायों के कुल 20 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया, जिनमें डिंडौरी जिले की शिवानी साहू ने अपनी विशेष पहचान बनाई। शिवानी ने स्नातक स्तर पर हिन्दी विषय में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए दोहरी उपलब्धि हासिल की। उन्हें पहला स्वर्ण पदक हिन्दी विषय में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने पर और दूसरा स्वर्ण पदक हिन्दी साहित्य में प्रथम श्रेणी के साथ सर्वोच्च अंक अर्जित करने के लिए प्रदान किया गया। इस प्रकार, एक ही दीक्षांत समारोह में दो स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अपने महाविद्यालय, गांव और पूरे जिले का नाम रोशन किया है। राष्ट्रपति के हाथों सम्मान प्राप्त करने के बाद शिवानी और उनके परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। उनके पिता बाबूलाल साहू और माता सावित्री देवी ने बेटी की इस सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए इसे पूरे परिवार के लिए अविस्मरणीय क्षण बताया। शिवानी की इस उपलब्धि से बरगांव, करौंदी और शहपुरा क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। स्थानीय नागरिकों, शिक्षकों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उनकी सफलता को क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बताया है। शिवानी साहू की यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि सीमित संसाधन भी प्रतिभा और कड़ी मेहनत के आगे बाधा नहीं बन सकते। ग्रामीण परिवेश से निकलकर राष्ट्रीय स्तर के मंच पर राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित होना केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे डिंडौरी जिले के लिए गर्व का विषय है। उनकी सफलता आने वाली पीढ़ियों को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेगी।

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  • अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के पावन अवसर पर डिंडोरी जिले के बरगांव स्थित नर्मदांचल विद्यापीठ में एक भव्य योग शिविर का आयोजन किया गया। पतंजलि योग समिति डिंडोरी के तत्वावधान में, जिला अध्यक्ष बृजबिहारी साहू के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, समिति सदस्यों और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और योग को अपनी दैनिक जीवनशैली में अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर, मुख्य योग प्रशिक्षक एवं पतंजलि योग समिति के जिला अध्यक्ष बृजबिहारी साहू ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराया। योग सत्र के दौरान सामूहिक रूप से कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी और भस्त्रिका प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। इसके अतिरिक्त, ताड़ासन, वृक्षासन, वज्रासन और सूर्य नमस्कार जैसे अनेक महत्वपूर्ण योगासनों का अभ्यास करवाते हुए उनके स्वास्थ्य लाभों जैसे शारीरिक स्फूर्ति, मानसिक शांति और एकाग्रता बढ़ाने के उपायों की जानकारी दी गई। अपने संबोधन में, जिला अध्यक्ष बृजबिहारी साहू ने जोर देकर कहा कि योग केवल एक दिवसीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक श्रेष्ठ कला है। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित योग करने के लिए प्रेरित करते हुए बताया कि योग से स्मरण शक्ति, एकाग्रता और आत्मविश्वास का विकास होता है, जो शैक्षणिक और व्यक्तिगत जीवन में सफलता के लिए महत्वपूर्ण है। साहू ने स्वस्थ जीवन के लिए आयुर्वेद, संतुलित आहार और योग के समन्वय को आधार बताया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री श्याम बनमाले जी भी उपस्थित थे, वहीं विद्यालय समिति अध्यक्ष डॉ. कृष्ण कुमार बिलैया जी ने योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए इसे जन-जन तक पहुँचाने की आवश्यकता पर बल दिया। विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती सुरभि पांडे ने कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी प्रतिभागियों और पतंजलि योग समिति का आभार जताया। शिविर के समापन पर, सभी प्रतिभागियों को नियमित योग करने की शपथ दिलाई गई और विश्व शांति एवं मानव कल्याण की कामना के साथ शांति पाठ किया गया। यह आयोजन योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सफल रहा, साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक जीवनशैली के संदेश को प्रभावी ढंग से प्रसारित करने का एक माध्यम भी बना।
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    अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के पावन अवसर पर डिंडोरी जिले के बरगांव स्थित नर्मदांचल विद्यापीठ में एक भव्य योग शिविर का आयोजन किया गया। पतंजलि योग समिति डिंडोरी के तत्वावधान में, जिला अध्यक्ष बृजबिहारी साहू के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, समिति सदस्यों और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और योग को अपनी दैनिक जीवनशैली में अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।

इस अवसर पर, मुख्य योग प्रशिक्षक एवं पतंजलि योग समिति के जिला अध्यक्ष बृजबिहारी साहू ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराया। योग सत्र के दौरान सामूहिक रूप से कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी और भस्त्रिका प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। इसके अतिरिक्त, ताड़ासन, वृक्षासन, वज्रासन और सूर्य नमस्कार जैसे अनेक महत्वपूर्ण योगासनों का अभ्यास करवाते हुए उनके स्वास्थ्य लाभों जैसे शारीरिक स्फूर्ति, मानसिक शांति और एकाग्रता बढ़ाने के उपायों की जानकारी दी गई।

अपने संबोधन में, जिला अध्यक्ष बृजबिहारी साहू ने जोर देकर कहा कि योग केवल एक दिवसीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक श्रेष्ठ कला है। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित योग करने के लिए प्रेरित करते हुए बताया कि योग से स्मरण शक्ति, एकाग्रता और आत्मविश्वास का विकास होता है, जो शैक्षणिक और व्यक्तिगत जीवन में सफलता के लिए महत्वपूर्ण है। साहू ने स्वस्थ जीवन के लिए आयुर्वेद, संतुलित आहार और योग के समन्वय को आधार बताया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री श्याम बनमाले जी भी उपस्थित थे, वहीं विद्यालय समिति अध्यक्ष डॉ. कृष्ण कुमार बिलैया जी ने योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए इसे जन-जन तक पहुँचाने की आवश्यकता पर बल दिया। विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती सुरभि पांडे ने कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी प्रतिभागियों और पतंजलि योग समिति का आभार जताया।

शिविर के समापन पर, सभी प्रतिभागियों को नियमित योग करने की शपथ दिलाई गई और विश्व शांति एवं मानव कल्याण की कामना के साथ शांति पाठ किया गया। यह आयोजन योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सफल रहा, साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक जीवनशैली के संदेश को प्रभावी ढंग से प्रसारित करने का एक माध्यम भी बना।
    user_खमोद चंदेल
    खमोद चंदेल
    डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • डिंडोरी जिले के शाहपुर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एकल अभियान महाकौशल संभाग, रेवांचल भाग अंतर्गत अंचल डिंडोरी के सच केंद्र शाहपुर में एक भव्य सामूहिक योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों से बड़ी संख्या में आचार्य, दीदी, भैया और बहनों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केवल योगाभ्यास तक ही सीमित नहीं था, बल्कि स्वस्थ, जागरूक और अनुशासित समाज के निर्माण का महत्वपूर्ण संदेश देना भी था। आयोजन स्थल पर सुबह से ही उत्साह का वातावरण था, जहां सभी प्रतिभागियों ने मिलकर विभिन्न योगासन और व्यायाम किए तथा योग के महत्व को गहराई से समझा। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर उपस्थित डॉ. राजेश परस्ते ने बताया कि आज की तेज़ भागदौड़ भरी जीवनशैली में योग सिर्फ एक शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच का एक सशक्त माध्यम बन चुका है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं और विद्यार्थियों से नियमित रूप से योग करने का आह्वान किया। वहीं, कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे बिहारी लाल बर्मन ने योग को भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर बताया और ऐसे आयोजनों की आवश्यकता पर ज़ोर दिया ताकि इसे जन-जन तक पहुँचाया जा सके। उन्होंने समाज के हर वर्ग को योग अपनाकर एक स्वस्थ जीवन की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस सफल आयोजन में समिति सदस्य बुद्धू पंद्रम और अंचल टोली से गतिविधि प्रमुख उदय कुशराम सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से योग और व्यायाम कर स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश फैलाया। अंत में, उपस्थित सभी लोगों को नियमित योग करने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने का संकल्प दिलाया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्र निर्माण, स्वास्थ्य संवर्धन और सामाजिक जागरूकता के संदेश के साथ संपन्न हुआ।
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    डिंडोरी जिले के शाहपुर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एकल अभियान महाकौशल संभाग, रेवांचल भाग अंतर्गत अंचल डिंडोरी के सच केंद्र शाहपुर में एक भव्य सामूहिक योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों से बड़ी संख्या में आचार्य, दीदी, भैया और बहनों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केवल योगाभ्यास तक ही सीमित नहीं था, बल्कि स्वस्थ, जागरूक और अनुशासित समाज के निर्माण का महत्वपूर्ण संदेश देना भी था। आयोजन स्थल पर सुबह से ही उत्साह का वातावरण था, जहां सभी प्रतिभागियों ने मिलकर विभिन्न योगासन और व्यायाम किए तथा योग के महत्व को गहराई से समझा।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर उपस्थित डॉ. राजेश परस्ते ने बताया कि आज की तेज़ भागदौड़ भरी जीवनशैली में योग सिर्फ एक शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच का एक सशक्त माध्यम बन चुका है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं और विद्यार्थियों से नियमित रूप से योग करने का आह्वान किया। वहीं, कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे बिहारी लाल बर्मन ने योग को भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर बताया और ऐसे आयोजनों की आवश्यकता पर ज़ोर दिया ताकि इसे जन-जन तक पहुँचाया जा सके। उन्होंने समाज के हर वर्ग को योग अपनाकर एक स्वस्थ जीवन की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

इस सफल आयोजन में समिति सदस्य बुद्धू पंद्रम और अंचल टोली से गतिविधि प्रमुख उदय कुशराम सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से योग और व्यायाम कर स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश फैलाया। अंत में, उपस्थित सभी लोगों को नियमित योग करने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने का संकल्प दिलाया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्र निर्माण, स्वास्थ्य संवर्धन और सामाजिक जागरूकता के संदेश के साथ संपन्न हुआ।
    user_वाइस ऑफ़ राइट्स न्यूज चैनल
    वाइस ऑफ़ राइट्स न्यूज चैनल
    Voice of people डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • मंडला जिले के घुघरी विकासखंड अंतर्गत छोटे छाटा गांव के निवासी सतीश कुमार गायकवाड़ ने पंचायत अधिकारी से उनके घर तक प्रधानमंत्री सड़क (पीएम सड़क) के निर्माण की मांग की है। उन्होंने घोरेघाट पंचायत के तहत आने वाले अपने गांव, जिसका पोस्ट तबलबानी है, से यह निवेदन किया है। गायकवाड़ ने बताया कि सड़क न होने के कारण बारिश के मौसम में उन्हें और स्थानीय लोगों को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उनकी शिकायत के अनुसार, बारिश के चलते बच्चे स्कूल नहीं जा पाते, पानी लाने-ले जाने में भी भारी समस्या होती है, और आवागमन के दौरान दुर्घटना का भय बना रहता है। उन्होंने पंचायत अधिकारी से इन समस्याओं को देखते हुए जल्द से जल्द सड़क निर्माण करवाने की कृपा करने का आग्रह किया है।
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    मंडला जिले के घुघरी विकासखंड अंतर्गत छोटे छाटा गांव के निवासी सतीश कुमार गायकवाड़ ने पंचायत अधिकारी से उनके घर तक प्रधानमंत्री सड़क (पीएम सड़क) के निर्माण की मांग की है। उन्होंने घोरेघाट पंचायत के तहत आने वाले अपने गांव, जिसका पोस्ट तबलबानी है, से यह निवेदन किया है।

गायकवाड़ ने बताया कि सड़क न होने के कारण बारिश के मौसम में उन्हें और स्थानीय लोगों को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उनकी शिकायत के अनुसार, बारिश के चलते बच्चे स्कूल नहीं जा पाते, पानी लाने-ले जाने में भी भारी समस्या होती है, और आवागमन के दौरान दुर्घटना का भय बना रहता है। उन्होंने पंचायत अधिकारी से इन समस्याओं को देखते हुए जल्द से जल्द सड़क निर्माण करवाने की कृपा करने का आग्रह किया है।
    user_Sateesh kumar Gaygwal
    Sateesh kumar Gaygwal
    घुघरी, मंडला, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • सोशल मीडिया पर भगवान श्रीराम के विरुद्ध आपत्तिजनक चित्र और अभद्र टिप्पणी युक्त पोस्ट करने के मामले में प्रबोध पांडे के खिलाफ थाना में एक शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ताओं ने बताया है कि इस पोस्ट से करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं तथा समाज में वैमनस्य एवं तनाव की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है। उन्होंने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी व्यक्ति के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई किए जाने की मांग की है। शिकायत दर्ज कराते समय सिल्लू रजक, अविनाश मिश्रा, धीरू मिश्रा, मुकेश दुवेदी, विकाश जोतवानी, अमन यादव, देव केवट, मोनु सेन, अमित धुर्वे, शनि रिशु पनिका, नितिन सूरी, रज्जन रजक एवं अन्य लोग उपस्थित थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी भी धर्म, देवी-देवता अथवा धार्मिक प्रतीकों का अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता। इन सभी ने कहा कि सभी धर्मों एवं आस्थाओं का सम्मान बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। प्रशासन से यह भी मांग की गई है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जिससे भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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    सोशल मीडिया पर भगवान श्रीराम के विरुद्ध आपत्तिजनक चित्र और अभद्र टिप्पणी युक्त पोस्ट करने के मामले में प्रबोध पांडे के खिलाफ थाना में एक शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ताओं ने बताया है कि इस पोस्ट से करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं तथा समाज में वैमनस्य एवं तनाव की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है। उन्होंने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी व्यक्ति के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

शिकायत दर्ज कराते समय सिल्लू रजक, अविनाश मिश्रा, धीरू मिश्रा, मुकेश दुवेदी, विकाश जोतवानी, अमन यादव, देव केवट, मोनु सेन, अमित धुर्वे, शनि रिशु पनिका, नितिन सूरी, रज्जन रजक एवं अन्य लोग उपस्थित थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी भी धर्म, देवी-देवता अथवा धार्मिक प्रतीकों का अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता। इन सभी ने कहा कि सभी धर्मों एवं आस्थाओं का सम्मान बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।

प्रशासन से यह भी मांग की गई है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जिससे भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
    user_पार्षद सिल्लू रजक
    पार्षद सिल्लू रजक
    Animal Protection Organisation सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • Post by पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
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    Post by पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    user_पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    Astrologer सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • 21 जून 2026 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, अनूपपुर पुलिस लाइन में एक विशाल योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में पुलिस लाइन में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया, जहाँ उन्होंने सामूहिक रूप से योगासनों, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में विभिन्न योगासनों और श्वास-प्रक्रियाओं का संचालन किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों ने योग के सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी अनेक लाभों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नियमित योगाभ्यास से शारीरिक तंदुरुस्ती के साथ-साथ मानसिक संतुलन भी बेहतर होता है, तनाव कम होता है, और कार्यक्षमता व एकाग्रता में वृद्धि होती है। पुलिस विभाग ने यह पहल अधिकारियों और कर्मचारियों को शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से सशक्त तथा अधिक दायित्वनिष्ठ एवं कुशल बनाए रखने के उद्देश्य से की थी। इस अवसर पर, सभी उपस्थित कर्मियों ने अपने दैनिक जीवन में योग को अपनाने का संकल्प लिया।
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    21 जून 2026 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, अनूपपुर पुलिस लाइन में एक विशाल योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में पुलिस लाइन में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया, जहाँ उन्होंने सामूहिक रूप से योगासनों, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में विभिन्न योगासनों और श्वास-प्रक्रियाओं का संचालन किया गया।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों ने योग के सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी अनेक लाभों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नियमित योगाभ्यास से शारीरिक तंदुरुस्ती के साथ-साथ मानसिक संतुलन भी बेहतर होता है, तनाव कम होता है, और कार्यक्षमता व एकाग्रता में वृद्धि होती है। पुलिस विभाग ने यह पहल अधिकारियों और कर्मचारियों को शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से सशक्त तथा अधिक दायित्वनिष्ठ एवं कुशल बनाए रखने के उद्देश्य से की थी। इस अवसर पर, सभी उपस्थित कर्मियों ने अपने दैनिक जीवन में योग को अपनाने का संकल्प लिया।
    user_JIYAUDDIN ANSARI
    JIYAUDDIN ANSARI
    Voice of people Budar, Shahdol•
    13 hrs ago
  • कबीरधाम जिले के पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेंद्र सिंह (आईपीएस) ने पूर्व में घोर नक्सल प्रभावित रहे छत्तीसगढ़-मध्यप्रदेश सीमा से लगे लाछा-मराडबरा-उमरझोला गांवों में रात्रि विश्राम किया। इसका उद्देश्य पुलिस-जन सहयोग को मजबूत करना और दूरस्थ अंचलों की समस्याओं को समझना था। इस दौरान उन्होंने विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के भाई-बहनों और अन्य ग्रामीणों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं तथा उन्हें शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। पुलिस अधीक्षक श्री सिंह ने गांव में चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित किया, जहाँ उन्होंने मूलभूत समस्याओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और सुरक्षा संबंधी मुद्दों की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने भी पुलिस अधीक्षक के पहुंचने पर खुशी व्यक्त करते हुए अपनी परेशानियां साझा कीं। इसी क्रम में, श्री धर्मेंद्र सिंह ने थाना झलमला क्षेत्र के सोनवाही, बंदूकुंदा, सिलहरी और मध्यप्रदेश सीमा से लगे सोनवाही टोला व उमरझोला गांवों का भी दौरा किया। यहां उन्होंने शाला प्रवेश उत्सव में भाग लेकर बच्चों व पालकों को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया, बंदूकुंदा के अस्थायी प्राथमिक कोचिंग सेंटर का निरीक्षण किया, और बच्चों को शैक्षणिक सामग्री वितरित करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बच्चों को नियमित अध्ययन करने और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। वर्षा ऋतु के मद्देनजर, पुलिस अधीक्षक ने ग्रामीणों को स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों और स्वच्छता अपनाने की सलाह दी, जिसमें कुओं, झिरियों और बोरिंग के पानी को ब्लीचिंग पाउडर से सुरक्षित रखने तथा केवल शुद्ध पेयजल का सेवन करने पर जोर दिया। उन्होंने ग्रामीणों को जहरीले सांप, बिच्छू या अन्य कीट-मकोड़ों के काटने पर झाड़-फूंक या अंधविश्वास से दूर रहने और तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में उचित उपचार कराने की सलाह दी, क्योंकि समय पर चिकित्सा ही जीवन की सुरक्षा का सबसे प्रभावी उपाय है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने क्षेत्र के आश्रम एवं छात्रावासों का निरीक्षण किया, स्कूली बच्चों को शैक्षणिक सामग्री बांटी और पालकों से बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय तथा आश्रम-छात्रावासों में भेजने का आग्रह किया। उन्होंने छात्रावास अधीक्षकों को परिसर की स्वच्छता, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता और स्वास्थ्य व सुरक्षा की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। श्री धर्मेंद्र सिंह ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि कबीरधाम पुलिस केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर उसकी समस्याओं का समाधान करने और जनविश्वास को मजबूत करने के लिए भी संकल्पित है।
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    कबीरधाम जिले के पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेंद्र सिंह (आईपीएस) ने पूर्व में घोर नक्सल प्रभावित रहे छत्तीसगढ़-मध्यप्रदेश सीमा से लगे लाछा-मराडबरा-उमरझोला गांवों में रात्रि विश्राम किया। इसका उद्देश्य पुलिस-जन सहयोग को मजबूत करना और दूरस्थ अंचलों की समस्याओं को समझना था। इस दौरान उन्होंने विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के भाई-बहनों और अन्य ग्रामीणों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं तथा उन्हें शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।

पुलिस अधीक्षक श्री सिंह ने गांव में चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित किया, जहाँ उन्होंने मूलभूत समस्याओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और सुरक्षा संबंधी मुद्दों की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने भी पुलिस अधीक्षक के पहुंचने पर खुशी व्यक्त करते हुए अपनी परेशानियां साझा कीं। इसी क्रम में, श्री धर्मेंद्र सिंह ने थाना झलमला क्षेत्र के सोनवाही, बंदूकुंदा, सिलहरी और मध्यप्रदेश सीमा से लगे सोनवाही टोला व उमरझोला गांवों का भी दौरा किया। यहां उन्होंने शाला प्रवेश उत्सव में भाग लेकर बच्चों व पालकों को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया, बंदूकुंदा के अस्थायी प्राथमिक कोचिंग सेंटर का निरीक्षण किया, और बच्चों को शैक्षणिक सामग्री वितरित करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बच्चों को नियमित अध्ययन करने और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

वर्षा ऋतु के मद्देनजर, पुलिस अधीक्षक ने ग्रामीणों को स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों और स्वच्छता अपनाने की सलाह दी, जिसमें कुओं, झिरियों और बोरिंग के पानी को ब्लीचिंग पाउडर से सुरक्षित रखने तथा केवल शुद्ध पेयजल का सेवन करने पर जोर दिया। उन्होंने ग्रामीणों को जहरीले सांप, बिच्छू या अन्य कीट-मकोड़ों के काटने पर झाड़-फूंक या अंधविश्वास से दूर रहने और तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में उचित उपचार कराने की सलाह दी, क्योंकि समय पर चिकित्सा ही जीवन की सुरक्षा का सबसे प्रभावी उपाय है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने क्षेत्र के आश्रम एवं छात्रावासों का निरीक्षण किया, स्कूली बच्चों को शैक्षणिक सामग्री बांटी और पालकों से बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय तथा आश्रम-छात्रावासों में भेजने का आग्रह किया। उन्होंने छात्रावास अधीक्षकों को परिसर की स्वच्छता, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता और स्वास्थ्य व सुरक्षा की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। श्री धर्मेंद्र सिंह ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि कबीरधाम पुलिस केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर उसकी समस्याओं का समाधान करने और जनविश्वास को मजबूत करने के लिए भी संकल्पित है।
    user_राजेश कुमार कश्यप
    राजेश कुमार कश्यप
    बोडला, कबीरधाम, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
  • कुछ लोगों द्वारा भरत तिवारी के एनकाउंटर पर हो रहे विरोध-प्रदर्शन पर सवाल उठाने के बीच, उनकी कहानी रोंगटे खड़े कर देने वाली है, जो किसी फिल्म की पटकथा सी लगती है। एक गांव, जो गंगा की बाढ़ में समा गया था, वहां के अधिकतर पिछड़े और दलित आबादी वाले लोगों ने दोबारा बसना शुरू किया। भरत तिवारी ने इन लोगों की बुनियादी जरूरतों के लिए आवाज उठाना शुरू किया, जिसमें नई बस्ती तक सड़क, बिजली, चापाकल और राशन जैसी सुविधाएं शामिल थीं। जिस जगह पर लोग बसे थे, वह काफी नीचे थी और पानी भरने की समस्या थी, जिसके लिए भरत तिवारी लगातार अधिकारियों से मिट्टी भराव की गुहार लगा रहे थे ताकि लोगों को बाढ़ से बचाया जा सके। पिछले एक साल से वह स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों से ज्ञापन, बातचीत, दबाव और विरोध प्रदर्शन सहित सभी माध्यमों से लगातार प्रयास कर रहे थे। धीरे-धीरे, प्रशासन ने उन्हें मानसिक रूप से परेशान करना शुरू किया, जिससे वह व्यवस्था से निराश होने लगे और बाद में उन्हें 'मानसिक विक्षिप्त' करार दिया गया। भरत तिवारी को एक सच्चा हिन्दुस्तानी, देशभक्त और राष्ट्रवादी बताया गया, जो जनता के लिए काम करता था और देश से प्रेम करता था। लेकिन जब वह व्यवस्था से हार गया, और "काले अंग्रेजों वाले सिस्टम" ने उसे मजबूर कर दिया, तो इस नौजवान को लगा कि "बहरों को सुनाने के लिए धमाके की जरूरत है।" उसने अपने गले का महावीरी बेचकर हथियार खरीदा और पुलिस वालों को इस बात का आश्वासन देने के लिए मजबूर करने की कोशिश की कि वे झूठे वादे नहीं करेंगे और लोगों का काम पूरा करेंगे। पुलिस ने पहले आश्वासन दिया कि हथियार डालने पर उसके वादे पूरे किए जाएंगे। हालांकि, जैसे ही भरत तिवारी ने हथियार डाला, उन्हें गोली मार दी गई। भरत तिवारी को एक क्रांतिकारी बताया गया है, जिसके अंतिम संस्कार में उमड़ी भारी भीड़ का वीडियो और उन लोगों की बातें, जिनके लिए उन्होंने काम किया, उन्हें 'भगवान' मानती हैं। यह दावा किया जा रहा है कि एनकाउंटर वैसे भी कानूनी रास्ता नहीं है, और एक ऐसे समाजसेवी नौजवान का एनकाउंटर, जिसका कोई आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं था, जो व्यवस्था से निराश होकर भटक गया और जिसने सरेंडर भी कर दिया था, "एक सरकारी हत्या" है।
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    कुछ लोगों द्वारा भरत तिवारी के एनकाउंटर पर हो रहे विरोध-प्रदर्शन पर सवाल उठाने के बीच, उनकी कहानी रोंगटे खड़े कर देने वाली है, जो किसी फिल्म की पटकथा सी लगती है। एक गांव, जो गंगा की बाढ़ में समा गया था, वहां के अधिकतर पिछड़े और दलित आबादी वाले लोगों ने दोबारा बसना शुरू किया। भरत तिवारी ने इन लोगों की बुनियादी जरूरतों के लिए आवाज उठाना शुरू किया, जिसमें नई बस्ती तक सड़क, बिजली, चापाकल और राशन जैसी सुविधाएं शामिल थीं। जिस जगह पर लोग बसे थे, वह काफी नीचे थी और पानी भरने की समस्या थी, जिसके लिए भरत तिवारी लगातार अधिकारियों से मिट्टी भराव की गुहार लगा रहे थे ताकि लोगों को बाढ़ से बचाया जा सके। पिछले एक साल से वह स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों से ज्ञापन, बातचीत, दबाव और विरोध प्रदर्शन सहित सभी माध्यमों से लगातार प्रयास कर रहे थे।

धीरे-धीरे, प्रशासन ने उन्हें मानसिक रूप से परेशान करना शुरू किया, जिससे वह व्यवस्था से निराश होने लगे और बाद में उन्हें 'मानसिक विक्षिप्त' करार दिया गया। भरत तिवारी को एक सच्चा हिन्दुस्तानी, देशभक्त और राष्ट्रवादी बताया गया, जो जनता के लिए काम करता था और देश से प्रेम करता था। लेकिन जब वह व्यवस्था से हार गया, और "काले अंग्रेजों वाले सिस्टम" ने उसे मजबूर कर दिया, तो इस नौजवान को लगा कि "बहरों को सुनाने के लिए धमाके की जरूरत है।" उसने अपने गले का महावीरी बेचकर हथियार खरीदा और पुलिस वालों को इस बात का आश्वासन देने के लिए मजबूर करने की कोशिश की कि वे झूठे वादे नहीं करेंगे और लोगों का काम पूरा करेंगे।

पुलिस ने पहले आश्वासन दिया कि हथियार डालने पर उसके वादे पूरे किए जाएंगे। हालांकि, जैसे ही भरत तिवारी ने हथियार डाला, उन्हें गोली मार दी गई। भरत तिवारी को एक क्रांतिकारी बताया गया है, जिसके अंतिम संस्कार में उमड़ी भारी भीड़ का वीडियो और उन लोगों की बातें, जिनके लिए उन्होंने काम किया, उन्हें 'भगवान' मानती हैं। यह दावा किया जा रहा है कि एनकाउंटर वैसे भी कानूनी रास्ता नहीं है, और एक ऐसे समाजसेवी नौजवान का एनकाउंटर, जिसका कोई आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं था, जो व्यवस्था से निराश होकर भटक गया और जिसने सरेंडर भी कर दिया था, "एक सरकारी हत्या" है।
    user_पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    Astrologer सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
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