डिंडोरी जिले के शाहपुर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एकल अभियान महाकौशल संभाग, रेवांचल भाग अंतर्गत अंचल डिंडोरी के सच केंद्र शाहपुर में एक भव्य सामूहिक योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों से बड़ी संख्या में आचार्य, दीदी, भैया और बहनों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केवल योगाभ्यास तक ही सीमित नहीं था, बल्कि स्वस्थ, जागरूक और अनुशासित समाज के निर्माण का महत्वपूर्ण संदेश देना भी था। आयोजन स्थल पर सुबह से ही उत्साह का वातावरण था, जहां सभी प्रतिभागियों ने मिलकर विभिन्न योगासन और व्यायाम किए तथा योग के महत्व को गहराई से समझा। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर उपस्थित डॉ. राजेश परस्ते ने बताया कि आज की तेज़ भागदौड़ भरी जीवनशैली में योग सिर्फ एक शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच का एक सशक्त माध्यम बन चुका है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं और विद्यार्थियों से नियमित रूप से योग करने का आह्वान किया। वहीं, कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे बिहारी लाल बर्मन ने योग को भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर बताया और ऐसे आयोजनों की आवश्यकता पर ज़ोर दिया ताकि इसे जन-जन तक पहुँचाया जा सके। उन्होंने समाज के हर वर्ग को योग अपनाकर एक स्वस्थ जीवन की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस सफल आयोजन में समिति सदस्य बुद्धू पंद्रम और अंचल टोली से गतिविधि प्रमुख उदय कुशराम सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से योग और व्यायाम कर स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश फैलाया। अंत में, उपस्थित सभी लोगों को नियमित योग करने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने का संकल्प दिलाया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्र निर्माण, स्वास्थ्य संवर्धन और सामाजिक जागरूकता के संदेश के साथ संपन्न हुआ।
डिंडोरी जिले के शाहपुर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एकल अभियान महाकौशल संभाग, रेवांचल भाग अंतर्गत अंचल डिंडोरी के सच केंद्र शाहपुर में एक भव्य सामूहिक योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों से बड़ी संख्या में आचार्य, दीदी, भैया और बहनों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केवल योगाभ्यास तक ही सीमित नहीं था, बल्कि स्वस्थ, जागरूक और अनुशासित समाज के निर्माण का महत्वपूर्ण संदेश देना भी था। आयोजन स्थल पर सुबह से ही उत्साह का वातावरण था, जहां सभी प्रतिभागियों ने मिलकर विभिन्न योगासन और व्यायाम किए तथा योग के महत्व को गहराई से समझा। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर उपस्थित डॉ. राजेश परस्ते ने बताया कि आज की तेज़ भागदौड़ भरी जीवनशैली में योग सिर्फ एक शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच का एक
सशक्त माध्यम बन चुका है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं और विद्यार्थियों से नियमित रूप से योग करने का आह्वान किया। वहीं, कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे बिहारी लाल बर्मन ने योग को भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर बताया और ऐसे आयोजनों की आवश्यकता पर ज़ोर दिया ताकि इसे जन-जन तक पहुँचाया जा सके। उन्होंने समाज के हर वर्ग को योग अपनाकर एक स्वस्थ जीवन की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस सफल आयोजन में समिति सदस्य बुद्धू पंद्रम और अंचल टोली से गतिविधि प्रमुख उदय कुशराम सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से योग और व्यायाम कर स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश फैलाया। अंत में, उपस्थित सभी लोगों को नियमित योग करने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने का संकल्प दिलाया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्र निर्माण, स्वास्थ्य संवर्धन और सामाजिक जागरूकता के संदेश के साथ संपन्न हुआ।
- डिंडोरी जिले के शाहपुर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एकल अभियान महाकौशल संभाग, रेवांचल भाग अंतर्गत अंचल डिंडोरी के सच केंद्र शाहपुर में एक भव्य सामूहिक योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों से बड़ी संख्या में आचार्य, दीदी, भैया और बहनों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केवल योगाभ्यास तक ही सीमित नहीं था, बल्कि स्वस्थ, जागरूक और अनुशासित समाज के निर्माण का महत्वपूर्ण संदेश देना भी था। आयोजन स्थल पर सुबह से ही उत्साह का वातावरण था, जहां सभी प्रतिभागियों ने मिलकर विभिन्न योगासन और व्यायाम किए तथा योग के महत्व को गहराई से समझा। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर उपस्थित डॉ. राजेश परस्ते ने बताया कि आज की तेज़ भागदौड़ भरी जीवनशैली में योग सिर्फ एक शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच का एक सशक्त माध्यम बन चुका है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं और विद्यार्थियों से नियमित रूप से योग करने का आह्वान किया। वहीं, कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे बिहारी लाल बर्मन ने योग को भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर बताया और ऐसे आयोजनों की आवश्यकता पर ज़ोर दिया ताकि इसे जन-जन तक पहुँचाया जा सके। उन्होंने समाज के हर वर्ग को योग अपनाकर एक स्वस्थ जीवन की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस सफल आयोजन में समिति सदस्य बुद्धू पंद्रम और अंचल टोली से गतिविधि प्रमुख उदय कुशराम सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से योग और व्यायाम कर स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश फैलाया। अंत में, उपस्थित सभी लोगों को नियमित योग करने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने का संकल्प दिलाया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्र निर्माण, स्वास्थ्य संवर्धन और सामाजिक जागरूकता के संदेश के साथ संपन्न हुआ।2
- डिंडोरी जिले में वनवासी कल्याण सेवा वनवासी विकास परिषद द्वारा माँ नर्मदा बालक छात्रावास, इमली कुटी में छात्रावास अधीक्षकों एवं सहायक अधीक्षकों के लिए एक पाँच दिवसीय अभ्यास वर्ग का आयोजन सफलतापूर्वक किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय, क्षेत्रीय, क्रांति और संभागीय स्तर के विभिन्न पदाधिकारियों से मार्गदर्शन प्राप्त हुआ, जिससे प्रतिभागियों को दिशा मिली। इस अभ्यास वर्ग में नगर के प्रतिनिधियों ने भी विशेष भागीदारी निभाई, और सभी उपस्थित अतिथियों ने वृक्षारोपण कर कार्यक्रम की पहचान को और बढ़ाया। समापन समारोह के मुख्य वक्ता छात्रावास प्रमुख श्री मनोज भट्ट रहे, जबकि सामाजिक कार्यकर्ता और भाजपा जिलाध्यक्ष श्री चमरु सिंह नेताम जी ने मुख्य अतिथि के रूप में गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। वर्ग अधिकारी श्री राजेंद्र महाराज भी इस अवसर पर मौजूद थे। पूरे कार्यक्रम का संचालन वनवासी विकास परिषद के जिला सचिव श्री गुलाब सिंह ठाकुर जी ने किया, और प्रांत तथा जागरण प्रमुख महाकौशल सतीश शर्मा ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम में सहयोग किया। इस पाँच दिवसीय आयोजन को सफल बनाने में कई समाजसेवियों और कार्यकर्ताओं का विशेष सहयोग रहा, जिनमें समाजसेवी पीतम मरावी, महेश धूमकेतु, श्री नारायण रजक, क्षेत्र छात्रावास प्रमुख श्री प्रेम भैसवार, प्रांत सह संगठन डिंडोरी तारा सिंह मार्ग, को प्रात छात्रावास प्रमुख बिछिया, आज बुढ़ापे विभाग संगठन मंत्री मंडल यशवंत सिंह मरावी, जिला संगठन मंत्री डिंडोरी देवेंद्र मरकाम और नरबदिया मरकाम प्रमुख रूप से शामिल थे। सभी कार्यकर्ताओं के अथक प्रयासों से यह अभ्यास वर्ग सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।4
- डिंडोरी जिले के शहपुरा विकासखंड के ग्राम ढोढ़ा में 19 जून 2026 को विश्व पर्यावरण दिवस और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मध्य जनकल्याणकारी योजना के क्रियान्वयन के अंतर्गत प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक कार्यशाला सह संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस आयोजन में कुल 216 किसानों ने भाग लिया, जहाँ उन्हें प्राकृतिक खेती के महत्व, पर्यावरण संरक्षण और खेती के बीच गहरे संबंधों, तथा प्राकृतिक तरीकों को अपनाकर खेती करने की तकनीकों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। किसानों को यह भी बताया गया कि प्राकृतिक खेती से मृदा स्वास्थ्य का संरक्षण होता है, पर्यावरण संतुलन बना रहता है और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा मिलता है। कार्यक्रम के दौरान, किसानों को प्रगतिशील कृषक श्री बिहारी लाल साहू जी के जैविक केंद्र और बीआरसी यूनिट का भ्रमण कराया गया। इस भ्रमण में किसानों ने जैविक खाद के निर्माण की प्रक्रिया और प्राकृतिक कृषि पद्धतियों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। जनप्रतिनिधियों में, जिला अध्यक्ष श्री चमरू सिंह नेताम ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती अपनाने से उनकी आय में वृद्धि होती है और रासायनिक खाद के उपयोग पर होने वाले खर्च में कमी आती है। उन्होंने जैविक खेती के महत्व पर जोर देते हुए किसानों को गाय, भैंस और बकरी पालन को एक व्यवसाय के रूप में अपनाने, शुद्ध दूध प्राप्त करने और जैविक खाद के माध्यम से खेतों की उर्वरता बढ़ाते हुए दूध की बिक्री से अतिरिक्त आय अर्जित करने के लिए प्रोत्साहित किया। उपाध्यक्ष श्री ज्ञानेन्द्र त्रिपाठी ने भी संगोष्ठी को संबोधित करते हुए स्वयं के किसान परिवार से होने और नियमित रूप से प्राकृतिक खेती व जैविक खाद का उपयोग करने का अनुभव साझा किया, जिससे उत्पादन में वृद्धि और लागत में कमी आने से अधिक लाभ होता है। उन्होंने सभी किसान भाइयों से प्राकृतिक खेती को अपनाकर स्वस्थ पर्यावरण के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की अपील की। इस कार्यशाला में जनप्रतिनिधियों में जिला अध्यक्ष श्री चमरू सिंह नेताम, उपाध्यक्ष श्री ज्ञानदीप त्रिपाठी, श्री आशीष वैश्य, श्री राहुल पांडे, श्री घनश्याम कछवाहा, श्री विष्णु प्रसाद साहू, और किसान संघ अध्यक्ष श्री बिहारी लाल साहू उपस्थित रहे। इनके अतिरिक्त, परियोजना संचालक आत्मा श्री आर.पी.एस. नायक, उपसंचालक कृषि श्री संजय दोषी, उप परियोजना संचालक आत्मा श्रीमती रुचि टेकाम, एसएडीओ शहपुरा श्री गुमान सिंह चौहान, कृषि विज्ञान केंद्र से वरिष्ठ वैज्ञानिक श्री के.के. देशमुख, श्रीमती गीता सिंह, एटीएम श्री विनय टेकाम (मेहंदवानी) सहित तहसीलदार श्री रामप्रसाद मार्को, मत्स्य विभाग, पशुपालन विभाग और जन अभियान परिषद के अधिकारीगण भी उपस्थित थे। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक कर उन्हें अधिक से अधिक पर्यावरण-अनुकूल एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों से जोड़ना था।4
- सोशल मीडिया पर भगवान श्रीराम के विरुद्ध आपत्तिजनक चित्र और अभद्र टिप्पणी युक्त पोस्ट करने के मामले में प्रबोध पांडे के खिलाफ थाना में एक शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ताओं ने बताया है कि इस पोस्ट से करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं तथा समाज में वैमनस्य एवं तनाव की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है। उन्होंने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी व्यक्ति के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई किए जाने की मांग की है। शिकायत दर्ज कराते समय सिल्लू रजक, अविनाश मिश्रा, धीरू मिश्रा, मुकेश दुवेदी, विकाश जोतवानी, अमन यादव, देव केवट, मोनु सेन, अमित धुर्वे, शनि रिशु पनिका, नितिन सूरी, रज्जन रजक एवं अन्य लोग उपस्थित थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी भी धर्म, देवी-देवता अथवा धार्मिक प्रतीकों का अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता। इन सभी ने कहा कि सभी धर्मों एवं आस्थाओं का सम्मान बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। प्रशासन से यह भी मांग की गई है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जिससे भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।3
- Post by पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार1
- 21 जून 2026 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, अनूपपुर पुलिस लाइन में एक विशाल योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में पुलिस लाइन में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया, जहाँ उन्होंने सामूहिक रूप से योगासनों, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में विभिन्न योगासनों और श्वास-प्रक्रियाओं का संचालन किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों ने योग के सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी अनेक लाभों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नियमित योगाभ्यास से शारीरिक तंदुरुस्ती के साथ-साथ मानसिक संतुलन भी बेहतर होता है, तनाव कम होता है, और कार्यक्षमता व एकाग्रता में वृद्धि होती है। पुलिस विभाग ने यह पहल अधिकारियों और कर्मचारियों को शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से सशक्त तथा अधिक दायित्वनिष्ठ एवं कुशल बनाए रखने के उद्देश्य से की थी। इस अवसर पर, सभी उपस्थित कर्मियों ने अपने दैनिक जीवन में योग को अपनाने का संकल्प लिया।4
- जनपद पंचायत नारायणगंज के प्रांगण में रविवार, 21 जून को प्रातः 7 बजे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक योग शिविर का आयोजन किया गया। प्रभारी सीईओ के मार्गदर्शन में शुरू हुए इस शिविर में जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, प्रशासनिक स्टाफ और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस आयोजन के माध्यम से स्वस्थ जीवन और निरोगी भारत का महत्वपूर्ण संदेश प्रसारित किया गया। शिविर में जनपद अध्यक्ष आशाराम भारतीया, भाजपा मंडल अध्यक्ष किशन तेकाम, महामंत्री सुशांत अग्रवाल, मृदु किशोर साहू, उपाध्यक्ष सुंदर सोनी और बीपीओ श्री पटेल सहित कई प्रमुख व्यक्ति उपस्थित रहे। पतंजलि योग समिति के सदस्यों और योग शिक्षकों ने उपस्थित जनसमुदाय को विभिन्न योग आसन और प्राणायाम का अभ्यास कराया। आयुष विभाग से डॉ. तेज सिंह, डॉ. प्रत्युष हर्मिट एवं उनकी टीम के डॉक्टरों ने भी इस शिविर में सक्रिय सहभागिता की। कार्यक्रम के समापन पर, जनपद पंचायत के समस्त स्टाफ, पदाधिकारियों और नागरिकों को प्रतिदिन नियमित योग करने का संकल्प दिलाया गया। इस दौरान वक्ताओं ने योग के महत्व पर प्रकाश डाला और सभी प्रतिभागियों को अपने दैनिक जीवन में नियमित योग अभ्यास के साथ-साथ आयुर्वेदिक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।1
- कुछ लोगों द्वारा भरत तिवारी के एनकाउंटर पर हो रहे विरोध-प्रदर्शन पर सवाल उठाने के बीच, उनकी कहानी रोंगटे खड़े कर देने वाली है, जो किसी फिल्म की पटकथा सी लगती है। एक गांव, जो गंगा की बाढ़ में समा गया था, वहां के अधिकतर पिछड़े और दलित आबादी वाले लोगों ने दोबारा बसना शुरू किया। भरत तिवारी ने इन लोगों की बुनियादी जरूरतों के लिए आवाज उठाना शुरू किया, जिसमें नई बस्ती तक सड़क, बिजली, चापाकल और राशन जैसी सुविधाएं शामिल थीं। जिस जगह पर लोग बसे थे, वह काफी नीचे थी और पानी भरने की समस्या थी, जिसके लिए भरत तिवारी लगातार अधिकारियों से मिट्टी भराव की गुहार लगा रहे थे ताकि लोगों को बाढ़ से बचाया जा सके। पिछले एक साल से वह स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों से ज्ञापन, बातचीत, दबाव और विरोध प्रदर्शन सहित सभी माध्यमों से लगातार प्रयास कर रहे थे। धीरे-धीरे, प्रशासन ने उन्हें मानसिक रूप से परेशान करना शुरू किया, जिससे वह व्यवस्था से निराश होने लगे और बाद में उन्हें 'मानसिक विक्षिप्त' करार दिया गया। भरत तिवारी को एक सच्चा हिन्दुस्तानी, देशभक्त और राष्ट्रवादी बताया गया, जो जनता के लिए काम करता था और देश से प्रेम करता था। लेकिन जब वह व्यवस्था से हार गया, और "काले अंग्रेजों वाले सिस्टम" ने उसे मजबूर कर दिया, तो इस नौजवान को लगा कि "बहरों को सुनाने के लिए धमाके की जरूरत है।" उसने अपने गले का महावीरी बेचकर हथियार खरीदा और पुलिस वालों को इस बात का आश्वासन देने के लिए मजबूर करने की कोशिश की कि वे झूठे वादे नहीं करेंगे और लोगों का काम पूरा करेंगे। पुलिस ने पहले आश्वासन दिया कि हथियार डालने पर उसके वादे पूरे किए जाएंगे। हालांकि, जैसे ही भरत तिवारी ने हथियार डाला, उन्हें गोली मार दी गई। भरत तिवारी को एक क्रांतिकारी बताया गया है, जिसके अंतिम संस्कार में उमड़ी भारी भीड़ का वीडियो और उन लोगों की बातें, जिनके लिए उन्होंने काम किया, उन्हें 'भगवान' मानती हैं। यह दावा किया जा रहा है कि एनकाउंटर वैसे भी कानूनी रास्ता नहीं है, और एक ऐसे समाजसेवी नौजवान का एनकाउंटर, जिसका कोई आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं था, जो व्यवस्था से निराश होकर भटक गया और जिसने सरेंडर भी कर दिया था, "एक सरकारी हत्या" है।1