*कुशलगढ़ में उलटफेर! ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष की कुर्सी हिली, एक मामूली कार्यकर्ता ने कर दिया खेल - आखिर में पर्ची ने बचाई लाज* *कुशलगढ़ नगर पालिका का सबसे बड़ा सियासी धमाका - वार्ड 14 में टाई, लॉटरी से तय हुई किस्मत* *धर्मेन्द्र कुमार सोनी / कुशलगढ़* कुशलगढ़ नगर पालिका चुनाव 2026 में एक ऐसा भूचाल आया है जिसने बड़े-बड़े राजनीतिक दिग्गजों के होश उड़ा दिए हैं। वार्ड नंबर 14, जिसे कांग्रेस का अभेद्य किला माना जा रहा था, उस किले की दीवार को एक साधारण से दिखने वाले भाजपा कार्यकर्ता ने हिला कर रख दिया। मुकाबला था - एक तरफ कांग्रेस का बाहुबली, ब्लॉक अध्यक्ष, पैसे और पॉवर वाला चेहरा *रजनीकांत खाब्या* और दूसरी तरफ भाजपा का एक मामूली सा कार्यकर्ता, बोहरा समाज का *कलीमुद्दीन बोहरा*, जिसके पास न प्रचार के लिए बड़ी गाड़ियां थीं, न बड़े नेताओं की फौज। लेकिन जब EVM का पिटारा खुला तो पूरा कुशलगढ़ सन्न रह गया। दोनों को मिले बराबर वोट! जी हां, बिल्कुल बराबर! *कैसे टाई हुआ सबसे हाई-प्रोफाइल वार्ड?* वार्ड 14 में चुनाव प्रचार के दौरान रजनीकांत खाब्या ने पूरी ताकत झोंक दी थी। बड़े-बड़े बैनर, लाउडस्पीकर, दावतों का दौर। उनके समर्थक तो चुनाव से पहले ही जीत का जश्न मनाने की तैयारी में थे। उन्हें लग रहा था कि सामने वाला तो बच्चा है, उसे तो यूं ही हरा देंगे। लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि सामने वाला "बच्चा" नहीं, जनता का सच्चा सिपाही है। कलीमुद्दीन बोहरा ने जो किया, उसने राजनीतिक पंडितों की सारी थ्योरी फेल कर दी। कलीमुद्दीन सुबह 6 बजे उठता, टोपी लगाता और निकल पड़ता गली-गली। न कोई डीजे, न कोई नारा। बस हाथ जोड़कर एक ही बात - "भाईजान, एक मौका दीजिए, वार्ड की सेवा करूंगा।" उसकी सादगी, उसकी ईमानदारी वार्ड की महिलाओं और युवाओं के दिल में घर कर गई। बोहरा समाज तो पूरी तरह एकजुट हो ही गया, साथ ही अन्य समाज के लोगों ने भी उसे भरपूर प्यार दिया। मतदान वाले दिन वार्ड 14 में रिकॉर्ड तोड़ मतदान हुआ। तभी इशारा मिल गया था कि कुछ बड़ा होने वाला है। *मतगणना हॉल में थमी सांसें, 3 बार हुई गिनती* शुक्रवार को मतगणना हॉल का नजारा देखने लायक था। जब वार्ड 14 की गिनती शुरू हुई तो अधिकारी भी हैरान रह गए। पहला राउंड - खाब्या 12 वोट से आगे। दूसरा राउंड - कलीमुद्दीन ने बराबरी कर ली। तीसरा और आखिरी राउंड - दोनों के वोट बिल्कुल बराबर! हॉल में शोर मच गया। कांग्रेस खेमे के चेहरे पीले पड़ गए। भाजपा कार्यकर्ता खुशी से उछल पड़े। निर्वाचन अधिकारी को अपनी आंखों पर भरोसा नहीं हुआ। उन्होंने दोबारा गिनती का आदेश दिया। दूसरी गिनती - फिर टाई। तीसरी गिनती - फिर टाई! कुशलगढ़ के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि एक ब्लॉक अध्यक्ष और एक साधारण कार्यकर्ता के बीच मुकाबला बराबरी पर छूटा हो। अब क्या होगा? सबकी जुबान पर एक ही सवाल था। *फिर आई वो पर्ची, जिसने पलट दी किस्मत* नियम साफ है। टाई होने पर पर्ची से फैसला होगा। यानी अब जनता का फैसला नहीं, किस्मत का फैसला होगा। अधिकारियों ने दो सफेद कागज लिए। एक पर लिखा - रजनीकांत खाब्या, दूसरे पर - कलीमुद्दीन बोहरा। दोनों पर्चियों को एक जैसी मोड़ा गया और एक प्लास्टिक के जार में डाल दिया गया। हॉल में पिन ड्रॉप साइलेंस। एक छोटे से बच्चे को बुलाया गया। बच्चे ने आंख बंद करके जार में हाथ डाला और एक पर्ची बाहर निकाली। निर्वाचन अधिकारी ने कांपते हाथों से पर्ची खोली... और नाम पढ़ा - *रजनीकांत खाब्या*। बस! कांग्रेस खेमे में जान में जान आई। समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। लेकिन वो जीत का शोर नहीं था, वो राहत की सांस थी। वो जानते थे कि आज वो जीते नहीं हैं, बचे हैं। पर्ची ने उनकी लाज बचा ली है। *सनसनी की असली वजह - कलीमुद्दीन बोहरा* इस पूरे चुनाव में अगर कोई हीरो है तो वो है कलीमुद्दीन। कुशलगढ़ की जनता आज खुलेआम कह रही है - "खाब्या पर्ची से जीता है, कलीमुद्दीन दिलों को जीत गया है।" राजनीतिक और आर्थिक रूप से बेहद मजबूत माने जाने वाले खाब्या को एक ऐसे व्यक्ति ने टक्कर दी, जिसके पास चुनाव लड़ने के लिए उधार के पैसे तक लेने पड़े थे। यह सिर्फ एक चुनाव नहीं था, यह घमंड बनाम सादगी की लड़ाई थी। वार्ड के एक बुजुर्ग ने कहा - "खाब्या साहब तो बड़े आदमी हैं, उनसे मिलना मुश्किल है। कलीमुद्दीन तो हमारे साथ चाय पीता है, हमारे दुख-सुख में खड़ा रहता है। हमने तो उसे ही वोट दिया।" *कांग्रेस में हड़कंप, भाजपा में जोश* इस परिणाम ने दोनों पार्टियों में खलबली मचा दी है। कांग्रेस खेमे में इस बात को लेकर गहन मंथन चल रहा है कि आखिर उनके ब्लॉक अध्यक्ष को इतनी कड़ी टक्कर कैसे मिली? क्या जनता नाराज है? क्या संगठन में कोई कमी रह गई? यह जीत नहीं, खतरे की घंटी है। वहीं भाजपा खेमे में जबरदस्त जोश है। एक साधारण कार्यकर्ता का इस तरह लड़ना भाजपा के लिए संजीवनी बन गया है। पार्टी के बड़े नेता अब कह रहे हैं कि अगली बार वार्ड 14 हमारा है। कलीमुद्दीन को अब पार्टी में बड़ा चेहरा माना जा रहा है। *पर्ची से जीता, पर क्या जनता का दिल जीता?* सबसे बड़ा सवाल यही है। पर्ची से तो खाब्या जीत गए, लेकिन क्या उन्होंने जनता का विश्वास जीता है? वार्ड 14 की जनता का एक धड़ा अभी भी कह रहा है कि असली विजेता कलीमुद्दीन है। सोशल मीडिया पर कलीमुद्दीन के समर्थन में पोस्ट की बाढ़ आ गई है। लोग लिख रहे हैं - "टाई नहीं, यह कलीमुद्दीन की नैतिक जीत है।" अब देखना यह होगा कि पर्ची से बने पार्षद रजनीकांत खाब्या अगले 5 साल में वार्ड का कितना विकास करते हैं, क्या वे उन लोगों का भी दिल जीत पाएंगे जिन्होंने उन्हें वोट नहीं दिया था? और कलीमुद्दीन बोहरा? हार कर भी वह जीत गया है। उसने साबित कर दिया है कि कुशलगढ़ में अब रुतबे और पैसे की नहीं, बल्कि ईमानदारी और मेहनत की राजनीति चलेगी। वार्ड 14 का यह चुनावी ड्रामा आने वाले कई सालों तक कुशलगढ़ की राजनीति में एक मिसाल के तौर पर याद किया जाएगा - जब एक पर्ची ने एक ब्लॉक अध्यक्ष की कुर्सी बचा ली।
*कुशलगढ़ में उलटफेर! ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष की कुर्सी हिली, एक मामूली कार्यकर्ता ने कर दिया खेल - आखिर में पर्ची ने बचाई लाज* *कुशलगढ़ नगर पालिका का सबसे बड़ा सियासी धमाका - वार्ड 14 में टाई, लॉटरी से तय हुई किस्मत* *धर्मेन्द्र कुमार सोनी / कुशलगढ़* कुशलगढ़ नगर पालिका चुनाव 2026 में एक ऐसा भूचाल आया है जिसने बड़े-बड़े राजनीतिक दिग्गजों के होश उड़ा दिए हैं। वार्ड नंबर 14, जिसे कांग्रेस का अभेद्य किला माना जा रहा था, उस किले की दीवार को एक साधारण से दिखने वाले भाजपा कार्यकर्ता ने हिला कर रख दिया। मुकाबला था - एक तरफ कांग्रेस का बाहुबली, ब्लॉक अध्यक्ष, पैसे और पॉवर वाला चेहरा *रजनीकांत खाब्या* और दूसरी तरफ भाजपा का एक मामूली सा कार्यकर्ता, बोहरा समाज का *कलीमुद्दीन बोहरा*, जिसके पास न प्रचार के लिए बड़ी गाड़ियां थीं, न बड़े नेताओं की फौज। लेकिन जब EVM का पिटारा खुला तो पूरा कुशलगढ़ सन्न रह गया। दोनों को मिले बराबर वोट! जी हां, बिल्कुल बराबर! *कैसे टाई हुआ सबसे हाई-प्रोफाइल वार्ड?* वार्ड 14 में चुनाव प्रचार के दौरान रजनीकांत खाब्या ने पूरी ताकत झोंक दी थी। बड़े-बड़े बैनर, लाउडस्पीकर, दावतों का दौर। उनके समर्थक तो चुनाव से पहले ही जीत का जश्न मनाने की तैयारी में थे। उन्हें लग रहा था कि सामने वाला तो बच्चा है, उसे तो यूं ही हरा देंगे। लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि सामने वाला "बच्चा" नहीं, जनता का सच्चा सिपाही है। कलीमुद्दीन बोहरा ने जो किया, उसने राजनीतिक पंडितों की सारी थ्योरी फेल कर दी। कलीमुद्दीन सुबह 6 बजे उठता, टोपी लगाता और निकल पड़ता गली-गली। न कोई डीजे, न कोई नारा। बस हाथ जोड़कर एक ही बात - "भाईजान, एक मौका दीजिए, वार्ड की सेवा करूंगा।" उसकी सादगी, उसकी ईमानदारी वार्ड की महिलाओं और युवाओं के दिल में घर कर गई। बोहरा समाज तो पूरी तरह एकजुट हो ही गया, साथ ही अन्य समाज के लोगों ने भी उसे भरपूर प्यार दिया। मतदान वाले दिन वार्ड 14 में रिकॉर्ड तोड़ मतदान हुआ। तभी इशारा मिल गया था कि कुछ बड़ा
होने वाला है। *मतगणना हॉल में थमी सांसें, 3 बार हुई गिनती* शुक्रवार को मतगणना हॉल का नजारा देखने लायक था। जब वार्ड 14 की गिनती शुरू हुई तो अधिकारी भी हैरान रह गए। पहला राउंड - खाब्या 12 वोट से आगे। दूसरा राउंड - कलीमुद्दीन ने बराबरी कर ली। तीसरा और आखिरी राउंड - दोनों के वोट बिल्कुल बराबर! हॉल में शोर मच गया। कांग्रेस खेमे के चेहरे पीले पड़ गए। भाजपा कार्यकर्ता खुशी से उछल पड़े। निर्वाचन अधिकारी को अपनी आंखों पर भरोसा नहीं हुआ। उन्होंने दोबारा गिनती का आदेश दिया। दूसरी गिनती - फिर टाई। तीसरी गिनती - फिर टाई! कुशलगढ़ के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि एक ब्लॉक अध्यक्ष और एक साधारण कार्यकर्ता के बीच मुकाबला बराबरी पर छूटा हो। अब क्या होगा? सबकी जुबान पर एक ही सवाल था। *फिर आई वो पर्ची, जिसने पलट दी किस्मत* नियम साफ है। टाई होने पर पर्ची से फैसला होगा। यानी अब जनता का फैसला नहीं, किस्मत का फैसला होगा। अधिकारियों ने दो सफेद कागज लिए। एक पर लिखा - रजनीकांत खाब्या, दूसरे पर - कलीमुद्दीन बोहरा। दोनों पर्चियों को एक जैसी मोड़ा गया और एक प्लास्टिक के जार में डाल दिया गया। हॉल में पिन ड्रॉप साइलेंस। एक छोटे से बच्चे को बुलाया गया। बच्चे ने आंख बंद करके जार में हाथ डाला और एक पर्ची बाहर निकाली। निर्वाचन अधिकारी ने कांपते हाथों से पर्ची खोली... और नाम पढ़ा - *रजनीकांत खाब्या*। बस! कांग्रेस खेमे में जान में जान आई। समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। लेकिन वो जीत का शोर नहीं था, वो राहत की सांस थी। वो जानते थे कि आज वो जीते नहीं हैं, बचे हैं। पर्ची ने उनकी लाज बचा ली है। *सनसनी की असली वजह - कलीमुद्दीन बोहरा* इस पूरे चुनाव में अगर कोई हीरो है तो वो है कलीमुद्दीन। कुशलगढ़ की जनता आज खुलेआम कह रही है - "खाब्या पर्ची से जीता है, कलीमुद्दीन दिलों को जीत गया है।" राजनीतिक और आर्थिक रूप से बेहद मजबूत माने जाने वाले खाब्या को एक ऐसे व्यक्ति ने टक्कर दी, जिसके पास चुनाव लड़ने के लिए
उधार के पैसे तक लेने पड़े थे। यह सिर्फ एक चुनाव नहीं था, यह घमंड बनाम सादगी की लड़ाई थी। वार्ड के एक बुजुर्ग ने कहा - "खाब्या साहब तो बड़े आदमी हैं, उनसे मिलना मुश्किल है। कलीमुद्दीन तो हमारे साथ चाय पीता है, हमारे दुख-सुख में खड़ा रहता है। हमने तो उसे ही वोट दिया।" *कांग्रेस में हड़कंप, भाजपा में जोश* इस परिणाम ने दोनों पार्टियों में खलबली मचा दी है। कांग्रेस खेमे में इस बात को लेकर गहन मंथन चल रहा है कि आखिर उनके ब्लॉक अध्यक्ष को इतनी कड़ी टक्कर कैसे मिली? क्या जनता नाराज है? क्या संगठन में कोई कमी रह गई? यह जीत नहीं, खतरे की घंटी है। वहीं भाजपा खेमे में जबरदस्त जोश है। एक साधारण कार्यकर्ता का इस तरह लड़ना भाजपा के लिए संजीवनी बन गया है। पार्टी के बड़े नेता अब कह रहे हैं कि अगली बार वार्ड 14 हमारा है। कलीमुद्दीन को अब पार्टी में बड़ा चेहरा माना जा रहा है। *पर्ची से जीता, पर क्या जनता का दिल जीता?* सबसे बड़ा सवाल यही है। पर्ची से तो खाब्या जीत गए, लेकिन क्या उन्होंने जनता का विश्वास जीता है? वार्ड 14 की जनता का एक धड़ा अभी भी कह रहा है कि असली विजेता कलीमुद्दीन है। सोशल मीडिया पर कलीमुद्दीन के समर्थन में पोस्ट की बाढ़ आ गई है। लोग लिख रहे हैं - "टाई नहीं, यह कलीमुद्दीन की नैतिक जीत है।" अब देखना यह होगा कि पर्ची से बने पार्षद रजनीकांत खाब्या अगले 5 साल में वार्ड का कितना विकास करते हैं, क्या वे उन लोगों का भी दिल जीत पाएंगे जिन्होंने उन्हें वोट नहीं दिया था? और कलीमुद्दीन बोहरा? हार कर भी वह जीत गया है। उसने साबित कर दिया है कि कुशलगढ़ में अब रुतबे और पैसे की नहीं, बल्कि ईमानदारी और मेहनत की राजनीति चलेगी। वार्ड 14 का यह चुनावी ड्रामा आने वाले कई सालों तक कुशलगढ़ की राजनीति में एक मिसाल के तौर पर याद किया जाएगा - जब एक पर्ची ने एक ब्लॉक अध्यक्ष की कुर्सी बचा ली।
- RL यादव मूकनायक स्टेट संपादक राजस्थान :8890304717 बांसवाड़ा में शिक्षकों का महासंगम! 18-19 सितंबर को जुटेंगे 1500 शिक्षक | Rajasthan Teacher Conference बांसवाड़ा में शिक्षक हितों को लेकर बड़ा आयोजन होने जा रहा है। राजस्थान शिक्षक संघ अंबेडकर का दो दिवसीय जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन 18 एवं 19 सितंबर 2026 को लिओ इंटरनेशनल शिक्षण संस्थान, डांगपाड़ा बांसवाड़ा में आयोजित होगा। सम्मेलन में जिले के विभिन्न ब्लॉकों से करीब 1500 शिक्षक साथियों के शामिल होने की संभावना है। सम्मेलन में शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं, शिक्षा व्यवस्था और शिक्षक हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा एवं विचार-विमर्श किया जाएगा। कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर उपाध्याय पार्क में जिला अध्यक्ष वालजी अड़ की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिला महामंत्री मणिलाल यादव सहित विभिन्न ब्लॉकों के अध्यक्ष एवं पदाधिकारी मौजूद रहे। खबर से जुड़े अपडेट के लिए जुड़े रहिए। मूकनायक | स्टेट चीफ एडिटर राजस्थान — रामलाल यादव समाचार आपको कैसे लगे कमेन्ट लाईक जरूर करे ।1
- ऋषि पंचमी के पावन अवसर पर सालमगढ़ से 10 किलोमीटर दूर स्थित कमलेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं, विशेषकर महिलाओं का भारी जनसैलाब उमड़ता है। इस व्रत और परंपरा से जुड़ी यहा पर प्राकृतिक रूप से 12 ज्योतिर्लिंग मोजूद है लगातार प्राकृतिक रूप से जलाअभिषेक ऋषि पंचमी के पावन अवसर पर सालमगढ़ से 10 किलोमीटर दूर स्थित कमलेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं, विशेषकर महिलाओं का भारी जनसैलाब उमड़ता है। इस व्रत और परंपरा से जुड़ी यहा पर प्राकृतिक रूप से 12 ज्योतिर्लिंग मोजूद है लगातार प्राकृतिक रूप से जला अभिषेक होता है मुख्य बातें: पवित्र स्नान: ऋषि पंचमी पर महिलाएं नदियों, तालाबों या पवित्र जलकुंडों पर जाकर स्नान करती हैं और पूजा-अर्चना का संकल्प लेती हैं। विशेष आहार (फलाहार): इस व्रत में महिलाएं मुख्य रूप से मोरधान (सवां/समा के चावल) का ही फलाहार ग्रहण करती हैं। भक्तों का समागम: राजस्थान और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों से हजारों की संख्या में महिलाएं दर्शन और पूजा के लिए कमलेश्वर महादेव मंदिर पहुँचती हैं। धार्मिक मान्यता: अनजाने में हुई भूल-चूक व पापों के प्रायश्चित और ऋषियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए यह व्रत विशेष रूप से रखा जाता है।1
- नमस्कार! मैं आपका रिपोर्टर पंडित, 'A to Z न्यूज़ 24 वागड़' से। राजस्थान नगरीय निकाय चुनाव परिणाम: 309 निकायों का पूरा लेखा-जोखा! A2Z NEWS24 vagad के साथ राजस्थान नगरीय निकाय चुनाव परिणाम: 309 निकायों का पूरा लेखा-जोखा! झालावाड़ नगर परिषद: पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के गढ़ में बीजेपी को झटका, 45 में से 29 वार्ड जीतकर कांग्रेस ने बनाया पूर्ण बहुमत। झालरापाटन नगरपालिका: बीजेपी ने 20 में से 11 सीटें जीतकर हासिल किया बहुमत। बारां नगर परिषद: आम आदमी पार्टी (AAP) ने रचा इतिहास, 60 में से 31 सीटें जीतकर बनाया पूर्ण बहुमत। सवाई माधोपुर: जिले के सभी 6 निकायों में बीजेपी का एकतरफा कब्ज़ा। हनुमानगढ़, मकराना और हिंडौन: निर्दलीय प्रत्याशी बने सबसे बड़ी ताकत। चूरू नगर परिषद: त्रिशंकु स्थिति; 6 निर्दलीय तय करेंगे कि बोर्ड किसका बनेगा। मुख्य निष्कर्ष: जयपुर, कोटा और उदयपुर जैसे बड़े नगर निगमों में बीजेपी मजबूत है, जबकि बीकानेर, सीकर और झालावाड़ में कांग्रेस ने अपनी साख बनाई है। 40 से ज्यादा नगरपालिकाओं में निर्दलीय ही 'किंगमेकर' की भूमिका निभाएंगे। हर अपडेट के लिए जुड़े रहिए 'A to Z न्यूज़ 24 वागड़' के साथ। धन्यवाद!1
- 25 सालों से कांग्रेस के गढ को भेदने वाले राजा रमीज ने वार्ड नं 24 में बनाया इतिहास 25 साल का गढ़ टूटा, रमीज राजा ने रचा इतिहास, प्रतिद्वंद्वी की जमानत भी जब्त सागवाड़ा। डूंगरपुर जिले की सागवाड़ा नगर पालिका चुनाव 2026 में वार्ड नंबर 24 का परिणाम सबसे अधिक चर्चा का विषय बन गया है। वर्षों से कांग्रेस का मजबूत गढ़ माने जाने वाले इस वार्ड में भारतीय जनता पार्टी के युवा और पहली बार चुनाव मैदान में उतरे रमीज राजा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज कर राजनीति के जानकारों को भी चौंका दिया। करीब 25 वर्षों से कांग्रेस के प्रभाव वाले इस वार्ड में भाजपा प्रत्याशी रमीज राजा ने न केवल जीत हासिल की, बल्कि अपने प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस प्रत्याशी होजैफा की जमानत भी जब्त करवा दी। रमीज राजा को कुल 333 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी को मात्र 38 वोट प्राप्त हुए। यह अंतर वार्ड की जनता के स्पष्ट जनादेश को दर्शाता है। रमीज राजा की जीत केवल एक चुनावी सफलता नहीं, बल्कि वार्ड नंबर 24 की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है। चुनाव प्रचार के दौरान उनका सरल, मिलनसार और जनसंपर्क आधारित व्यक्तित्व लोगों को काफी पसंद आया। वे लगातार आमजन के बीच रहे और हर वर्ग के लोगों से सीधे संवाद स्थापित किया। यही कारण रहा कि पहली बार चुनाव लड़ने के बावजूद उन्हें जनता का भरपूर समर्थन मिला। चुनाव से पहले हुई बातचीत में रमीज राजा ने कहा था कि वे राजनीति में नए जरूर हैं, लेकिन वार्ड के विकास और जनता की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे। उन्होंने हर जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचने और विकास कार्यों में कोई कमी नहीं छोड़ने का भरोसा दिलाया था। जनता ने उनके इन वादों और सकारात्मक सोच पर विश्वास जताते हुए उन्हें भारी मतों से विजयी बनाया। रमीज राजा की इस जीत के बाद वार्ड नंबर 24 में उत्साह का माहौल देखने को मिला। समर्थकों और स्थानीय नागरिकों ने ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी और मिठाई वितरण के साथ जीत का जश्न मनाया। लोगों का कहना है कि उन्होंने बदलाव और विकास की उम्मीद के साथ रमीज राजा को अपना प्रतिनिधि चुना है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, वार्ड नंबर 24 में रमीज राजा की यह जीत केवल एक सीट की जीत नहीं, बल्कि सागवाड़ा की स्थानीय राजनीति में बदलते जनविश्वास और नई नेतृत्व क्षमता की मजबूत पहचान है। पहली ही चुनावी पारी में 25 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ना और प्रतिद्वंद्वी की जमानत जब्त करवाना रमीज राजा को नगर पालिका चुनाव 2026 के सबसे चर्चित विजेताओं में शामिल कर चुका है।1
- सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत 17 सितंबर को उज्जैन में होगा भव्य दीपोत्सव सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत 17 सितंबर को उज्जैन में होगा भव्य दीपोत्सव शिप्रा तट और श्री महाकाल महालोक क्षेत्र में एक साथ प्रज्वलित होंगे 25 लाख से अधिक दीप, राष्ट्रीय स्तर पर विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी कलेक्टर श्री सिंह ने दीपोत्सव की तैयारियों की समीक्षा कर अधिकारियों को दिए समयबद्ध एवं अनुशासित आयोजन के निर्देश1
- लाइक कमेंट शेयर करो चैनल सब्सक्राइब करो आपका अपना गांव की खबरें मिलते रहेगी और आप sapoot करो लाइक कमेंट शेयर करो चैनल सब्सक्राइब करो1
- पीठ स्कूल में बच्चों को अच्छे और बुरे स्पर्श की जानकारी राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार सीनियर सेकेंडरी स्कूल पीठ में अच्छे स्पर्श-बुरे स्पर्श एवं विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम न्यायाधीश जेएम न्यायालय अनिल चावला के निर्देशन में हुआ। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को अच्छे स्पर्श-बुरे स्पर्श के साथ शारीरिक, यौन, मानसिक एवं भावनात्मक दुर्व्यवहार से बचाव के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम, किशोर न्याय बोर्ड एवं भारतीय न्याय संहिता-2023 के महत्वपूर्ण प्रावधानों के बारे में भी विस्तार से बताया गया। बच्चों को सुरक्षित शरीर और सुरक्षित घर की अवधारणा समझाते हुए किसी भी अनुचित व्यवहार की स्थिति में बिना डर के आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान निःशुल्क विधिक सहायता, बाल-अनुकूल विधिक सेवाएं, पीड़ित मुआवजा एवं सहायता तथा न्याय मित्र की भूमिका के बारे में जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में लगातार ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि बच्चों में कानूनी जागरूकता बढ़े और वे सुरक्षित एवं निर्भीक वातावरण में शिक्षा प्राप्त कर सकें। इस अवसर पर बार एसोसिएशन अध्यक्ष अभिषेक उपाध्याय, न्यायालय कर्मचारी तथा पैरालीगल वालंटियर के स्थान पर विधिक स्वयंसेवक रमन लाल, पंकज पाटीदार, मुंशी वैभव पाटीदार, सुरेश प्रजापत सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।4
- सालमगढ़ में 'गणपति बाप्पा मोरया' की गूंज: श्री राम मित्र मंडल ने हर्षोल्लास से की गणेश स्थापना, महाआरती में उमड़ा जनसैलाब सालमगढ़ में 'गणपति बाप्पा मोरया' की गूंज: श्री राम मित्र मंडल ने हर्षोल्लास से की गणेश स्थापना, महाआरती में उमड़ा जनसैलाब सालमगढ़। कस्बे में गणेश उत्सव के पावन पर्व पर धार्मिक उत्साह और अगाध भक्ति का अद्भुत माहौल देखने को मिल रहा है। श्री राम मित्र मंडल के तत्वावधान में गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश जी की प्रतिमा की भव्य स्थापना की गई। कार्यक्रम के दौरान करणी सेना अध्यक्ष व मुख्य यजमान अनूप सिंह राव ने पूर्ण विधि-विधान और पूजा-अर्चना के साथ श्री गणेश जी की मूर्ति स्थापित करवाई। स्थापना के उपरांत आयोजित भव्य महाआरती में समूचे क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। महाआरती के पश्चात सभी भक्तों को प्रसादी का वितरण किया गया। इस धार्मिक आयोजन में बजरंग दल प्रखंड संयोजक अजय चौधरी, सालमगढ़ नगर अध्यक्ष कुलदीप बैरागी, और सालमगढ़ लैम्प्स अध्यक्ष अशोक चौधरी विशेष रूप से उपस्थित रहे। श्री राम मित्र मंडल के सदस्यों व स्थानीय ग्रामीणों के भक्तिमय भजनों और 'गणपति बाप्पा मोरया, मंगल मूर्ति मोरया' के गगनभेदी जयकारों से पूरा क्षेत्र धर्ममय हो उठा।1