नमस्कार! मैं आपका रिपोर्टर पंडित, 'A to Z न्यूज़ 24 वागड़' से। राजस्थान नगरीय निकाय चुनाव परिणाम: 309 निकायों का पूरा लेखा-जोखा! A2Z NEWS24 vagad के साथ राजस्थान नगरीय निकाय चुनाव परिणाम: 309 निकायों का पूरा लेखा-जोखा! झालावाड़ नगर परिषद: पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के गढ़ में बीजेपी को झटका, 45 में से 29 वार्ड जीतकर कांग्रेस ने बनाया पूर्ण बहुमत। झालरापाटन नगरपालिका: बीजेपी ने 20 में से 11 सीटें जीतकर हासिल किया बहुमत। बारां नगर परिषद: आम आदमी पार्टी (AAP) ने रचा इतिहास, 60 में से 31 सीटें जीतकर बनाया पूर्ण बहुमत। सवाई माधोपुर: जिले के सभी 6 निकायों में बीजेपी का एकतरफा कब्ज़ा। हनुमानगढ़, मकराना और हिंडौन: निर्दलीय प्रत्याशी बने सबसे बड़ी ताकत। चूरू नगर परिषद: त्रिशंकु स्थिति; 6 निर्दलीय तय करेंगे कि बोर्ड किसका बनेगा। मुख्य निष्कर्ष: जयपुर, कोटा और उदयपुर जैसे बड़े नगर निगमों में बीजेपी मजबूत है, जबकि बीकानेर, सीकर और झालावाड़ में कांग्रेस ने अपनी साख बनाई है। 40 से ज्यादा नगरपालिकाओं में निर्दलीय ही 'किंगमेकर' की भूमिका निभाएंगे। हर अपडेट के लिए जुड़े रहिए 'A to Z न्यूज़ 24 वागड़' के साथ। धन्यवाद!
नमस्कार! मैं आपका रिपोर्टर पंडित, 'A to Z न्यूज़ 24 वागड़' से। राजस्थान नगरीय निकाय चुनाव परिणाम: 309 निकायों का पूरा लेखा-जोखा! A2Z NEWS24 vagad के साथ राजस्थान नगरीय निकाय चुनाव परिणाम: 309 निकायों का पूरा लेखा-जोखा! झालावाड़ नगर परिषद: पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के गढ़ में बीजेपी को झटका, 45 में से 29 वार्ड जीतकर कांग्रेस ने बनाया पूर्ण बहुमत। झालरापाटन नगरपालिका: बीजेपी ने 20 में से 11 सीटें जीतकर हासिल किया बहुमत। बारां नगर परिषद: आम आदमी पार्टी (AAP) ने रचा इतिहास, 60 में से 31 सीटें जीतकर बनाया पूर्ण बहुमत। सवाई माधोपुर: जिले के सभी 6 निकायों में बीजेपी का एकतरफा कब्ज़ा। हनुमानगढ़, मकराना और हिंडौन: निर्दलीय प्रत्याशी बने सबसे बड़ी ताकत। चूरू नगर परिषद: त्रिशंकु स्थिति; 6 निर्दलीय तय करेंगे कि बोर्ड किसका बनेगा। मुख्य निष्कर्ष: जयपुर, कोटा और उदयपुर जैसे बड़े नगर निगमों में बीजेपी मजबूत है, जबकि बीकानेर, सीकर और झालावाड़ में कांग्रेस ने अपनी साख बनाई है। 40 से ज्यादा नगरपालिकाओं में निर्दलीय ही 'किंगमेकर' की भूमिका निभाएंगे। हर अपडेट के लिए जुड़े रहिए 'A to Z न्यूज़ 24 वागड़' के साथ। धन्यवाद!
- तीन दिन से बिजली गुल, ग्रामीणों का पावर हाउस पर हुए एकत्रित आसपुर बिजली बिजली गुल होने से आसपुर रात भर अंधेरे में डुबा तीन दिन से बिजली गुल, ग्रामीणों का पावर हाउस पर हुए एकत्रित आसपुर बिजली बिजली गुल होने से आसपुर रात भर अंधेरे में डुबा आसपुर में भी रात भर से शाम होने तक बिजली सही ढंग से सुचारू नहीं हो पाई है बिजली शुरू होते ही कुछ समय के बाद बंद होने से लोगों में आक्रोश वहीं रामा गांव के ग्रामीण बिजली विभाग कार्यालय पर पहुंचे और बिजली संकट से जनजीवन अस्त-व्यस्त, जल्द समाधान के आश्वासन पर ग्रामीण शांत आसपुर। ,गोल पंचायत के रामा गांव में पिछले तीन दिनों से बिजली आपूर्ति ठप होने से ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया। लगातार बिजली बंद रहने से ग्रामीणों को दैनिक कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिजली समस्या को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ गया और सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण आसपुर पावर हाउस पहुंचकर धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन जईयन महेश डामोर के द्वारा फोन नहीं उठाने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, अधिकारियों की ओर से भी फोन पर समस्या के समाधान को लेकर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने से ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया। इसके बाद ग्रामीण बिजली चालू कराने की मांग को लेकर आसपुर पावर हाउस पहुंचे और तत्काल विद्युत आपूर्ति बहाल करने की मांग की। ग्रामीणों के धरने की सूचना पर माहौल गरमाता देख पावर हाउस के कार्यकर्ता प्रेम पाटीदार मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से समझाइश करते हुए विद्युत आपूर्ति में आ रही समस्या की जानकारी दी तथा जल्द से जल्द समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने कहा कि तीन दिन से बिजली बंद होने के कारण गांव में पानी, घरेलू कामकाज सहित कई जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे हैं।1
- कुशलगढ़ की पालिका में ‘एक सीट’ का खेल, भाजपा-कांग्रेस की निगाहें निर्दलीय पर कुशलगढ़ नगर पालिका चुनाव परिणाम के बाद अब सियासी निगाहें बोर्ड गठन और अध्यक्ष पद के चुनाव पर टिक गई हैं। 20 सदस्यीय नगर पालिका में भाजपा ने 10, कांग्रेस ने 9 और एक सीट निर्दलीय ने जीती है। बोर्ड गठन के लिए 11 पार्षदों का बहुमत जरूरी है। ऐसे में भाजपा बहुमत से सिर्फ एक कदम दूर है, जबकि कांग्रेस को दो पार्षदों के समर्थन की जरूरत होगी। लिहाजा निर्दलीय पार्षद की भूमिका बेहद अहम हो गई है। बताया जा रहा है कि निर्दलीय पार्षद भाजपा विचारधारा से जुड़े रहे हैं और टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर चुनाव मैदान में उतरे थे। ऐसे में उनके रुख पर दोनों दलों की नजरें टिकी हैं। अब सबसे बड़ा सवाल अध्यक्ष पद को लेकर है। भाजपा के 10 पार्षद होने से उसका पलड़ा फिलहाल भारी नजर आ रहा है, लेकिन अंतिम तस्वीर समर्थन के समीकरण तय करेंगे। कुशलगढ़ में अब चुनावी मुकाबले के बाद ‘11 का आंकड़ा’ और अध्यक्ष की कुर्सी सबसे बड़ा सियासी मुद्दा बन गया है।1
- नगरीय चुनावों में भाजपा की ऐतिहासिक जीत, जनता ने प्रधानमंत्री मोदी के विकास कार्यों पर लगाई मोहर : मुख्यमंत्री भाजपा की जीत कार्यकर्ताओं के परिश्रम का परिणाम, आगामी पंचायत चुनावों में भी बड़ी विजय का जताया विश्वास जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने पिछले ढाई वर्षों से अधिक के कार्यकाल में जो ऐतिहासिक कार्य किए हैं, राजस्थान की जनता ने नगरीय चुनावों में भाजपा को भारी समर्थन देकर उन पर अपनी मोहर लगाई है। जनता ने प्रधानमंत्री के विकसित भारत और विकसित राजस्थान के संकल्प को स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि नगरीय चुनावों में भाजपा की यह जीत कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम का परिणाम है और आगामी पंचायत चुनावों में भी भाजपा को बड़ी विजय हासिल होगी। मुख्यमंत्री सोमवार को भाजपा प्रदेश मुख्यालय पर नगरीय चुनावों में भाजपा के पक्ष में आए परिणामों को लेकर मीडिया से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने चुनावी जीत को भाजपा के कार्यकर्ताओं को समर्पित करते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं की मेहनत, समर्पण और जनसेवा की भावना के कारण पार्टी ने ऐतिहासिक विजय हासिल की है। उन्होंने कहा कि इन चुनावों के माध्यम से प्रदेश के युवाओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके विकास विजन पर एक बार फिर भरोसा जताया है। आज राजस्थान के साथ-साथ पूरे देश का युवा प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और उनकी नीतियों के साथ खड़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक विभिन्न योजनाओं को प्रभावी रूप से धरातल पर उतारा है। भाजपा के जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने जनता के बीच जाकर महिला, युवा और गरीब कल्याण से जुड़े कार्य किए हैं। सरकार की योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए गए। इसी का परिणाम है कि मतदाताओं ने भाजपा सरकार पर विश्वास जताते हुए नगरीय चुनावों में पार्टी के पक्ष में जनादेश दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने अपने संकल्प पत्र के 78 प्रतिशत वादे पूरे कर दिए हैं। सरकार नगरीय विकास संकल्प पत्र में किए गए वादों को भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ पूरा करेगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि नगरीय निकाय चुनावों के बाद अब आगामी पंचायत चुनावों में भी भाजपा को बड़ी जीत प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि जनता का यह विश्वास सरकार को और अधिक मजबूती के साथ विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि इस जनादेश के माध्यम से मतदाताओं ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि भाजपा ही ऐसी पार्टी है, जो जनता की आवाज सुनकर संवेदनशीलता के साथ उनके हित में कार्य करती है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का उद्देश्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि जनविश्वास के अनुरूप विकास और जनकल्याण के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि नगरीय चुनावों का यह जनादेश ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ के पक्ष में भी जनता की स्वीकृति को दर्शाता है। मतदाताओं ने माना है कि एक साथ चुनाव होने से विकास कार्यों में तेजी आती है और सरकारी संसाधनों एवं समय की बचत होती है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के शासनकाल पर निशाना साधते हुए कहा कि उस समय लगातार दो-दो वर्षों तक नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव होते रहते थे, जिससे विकास कार्य प्रभावित होते थे। उन्होंने कहा कि एक साथ चुनाव होने से प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी और सरकार तथा जनप्रतिनिधि अधिक प्रभावी ढंग से विकास कार्यों पर ध्यान दे सकेंगे।4
- पीठ - लबाना समाज वागड़ बस्ती के नायक श्री कालूसिंह झाड़ के नेतृत्व में सलारेश्वर महादेव मंदिर में हवन यज्ञ, समाज की खुशहाली के लिए दी सामूहिक आहुतियां जी, नाम जोड़कर पूरी हेडलाइन: लबाना समाज वागड़ बस्ती के नायक श्री कालूसिंह झाड़ के नेतृत्व में सलारेश्वर महादेव मंदिर में हवन यज्ञ, समाज की खुशहाली के लिए दी सामूहिक आहुतियां।।1
- अरनोद में भाजपा का दबदबा, 20 में से 14 वार्ड जीते; कांग्रेस 4 पर सिमटी, 2 निर्दलीयों ने भी मारी बाजी ✍️ रवि मोरवार1
- लसाड़िया में मानसून की फिर मेहरबानी: 24 घंटे में 138 एमएम बारिश, छलक उठे एनिकट, किसानों के चेहरे खिले” बिल्कुल सर, इसे दैनिक भास्कर की स्थानीय खबर के अंदाज में आकर्षक हेडिंग और दमदार भाषा में इस तरह बनाया जा सकता है: Writing लसाड़िया में 24 घंटे में 138 एमएम बारिश, खेतों में लौटी रौनक मक्का, उड़द और सोयाबीन की फसलों को मिला जीवनदान, कई एनिकट फिर छलके लसाड़िया। उपखंड क्षेत्र में मानसून एक बार फिर मेहरबान हुआ है। लसाड़िया तहसील रिकॉर्ड के अनुसार 13 सितंबर की शाम 6 बजे से 14 सितंबर की शाम 6 बजे तक 24 घंटे में 138 एमएम बारिश दर्ज की गई। लगातार हुई अच्छी बारिश से क्षेत्र के खेतों में पानी की पर्याप्त उपलब्धता हुई है, जिससे किसानों के चेहरे पर खुशी नजर आ रही है। बारिश से मक्का, उड़द और सोयाबीन की फसलों को अच्छा फायदा मिलने की उम्मीद है। किसानों का कहना है कि फसलों को इस समय पानी की जरूरत थी, ऐसे में हुई बारिश फसलों के लिए संजीवनी साबित होगी। बारिश के बाद खेतों में रौनक लौट आई है और किसान अच्छी पैदावार की उम्मीद लगाए बैठे हैं। लसाड़िया उपखंड मुख्यालय के अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश होने से एनिकट और छोटे जलस्रोत दोबारा छलक उठे। कई स्थानों पर जलभराव और खेतों में पानी जमा होने से क्षेत्र में मानसून का असर साफ दिखाई दिया। लगातार बारिश से जहां किसानों में उत्साह है, वहीं जलस्रोतों में पानी की आवक बढ़ने से आगामी दिनों में रबी की फसलों के लिए भी पानी की उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है। बारिश ने लंबे समय से गर्मी और उमस से परेशान लोगों को भी राहत दी है। वैकल्पिक दमदार हेडिंग: “लसाड़िया में मानसून की फिर मेहरबानी: 24 घंटे में 138 एमएम बारिश, छलक उठे एनिकट, किसानों के चेहरे खिले”1
- आसपुर में तेज बारिश 35 दिन बाद बारिश... आधे घंटे गिरी, अब 4 दिन झमाझम की उम्मीद किसानों को राहत, मुरझाती फसलों को बारिश से मिली संजीवनी आसपुर में बारिश से सड़कों पर भरा पानी। बारिश होने से क्षेत्र के एनीकट, बांध भी अब तक खाली पड़े हैं। ऐसे में फिर से बारिश होती है तो इनमें पानी की आवक के आसार बन सकते है। दिनभर रुक-रुक कर बरसे बदरा आसपुर विगत कई दिनों से रुठा मानसून रविवार को एक बार फिर से सक्रिय हुआ। बारिश के चलते खेतों में दम तोड़ती फसलों को जीवनदान मिला। गांव सहित क्षेत्र के कई गांवों में रविवार को सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। और झमाझम बारिश का दौर चलता रहा तेज हवाओं व बिजली के कड़कने के बीच सुबह से तेज बारिश शुरु हुई। इससे सड़कों पर पानी बहने लगा। वहीं, लोगों को गर्मी व उमस से कुछ राहत मिली। पिछले लंबे समय से बारिश नहीं होने से खरीफ की फसल सूखने के कगार पर थी, जिससे चलते किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें भी आ आई थीं। इसके चलते बारिश की कामना को लेकर पूजा-अर्चना का दौर भी शुरू हुआ। इस बीच बारिश का दौर शुरू होने से किसानों ने राहत की सांस ली है। आसपुर में तेज बारिश 35 दिन बाद बारिश... आधे घंटे गिरी, अब 4 दिन झमाझम की उम्मीद किसानों को राहत, मुरझाती फसलों को बारिश से मिली संजीवनी आसपुर में बारिश से सड़कों पर भरा पानी। बारिश होने से क्षेत्र के एनीकट, बांध भी अब तक खाली पड़े हैं। ऐसे में फिर से बारिश होती है तो इनमें पानी की आवक के आसार बन सकते है। दिनभर रुक-रुक कर बरसे बदरा आसपुर विगत कई दिनों से रुठा मानसून रविवार को एक बार फिर से सक्रिय हुआ। बारिश के चलते खेतों में दम तोड़ती फसलों को जीवनदान मिला। गांव सहित क्षेत्र के कई गांवों में रविवार को सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। और झमाझम बारिश का दौर चलता रहा तेज हवाओं व बिजली के कड़कने के बीच सुबह से तेज बारिश शुरु हुई। इससे सड़कों पर पानी बहने लगा। वहीं, लोगों को गर्मी व उमस से कुछ राहत मिली। पिछले लंबे समय से बारिश नहीं होने से खरीफ की फसल सूखने के कगार पर थी, जिससे चलते किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें भी आ आई थीं। इसके चलते बारिश की कामना को लेकर पूजा-अर्चना का दौर भी शुरू हुआ। इस बीच बारिश का दौर शुरू होने से किसानों ने राहत की सांस ली है। किसानों को राहत, मुरझाती फसलों को बारिश से मिली संजीवनी आसपुर में बारिश से सड़कों पर भरा पानी। बारिश होने से क्षेत्र के एनीकट, बांध भी अब तक खाली पड़े हैं। ऐसे में फिर से बारिश होती है तो इनमें पानी की आवक के आसार बन सकते है। दिनभर रुक-रुक कर बरसे बदरा आसपुर विगत कई दिनों से रुठा मानसून रविवार को एक बार फिर से सक्रिय हुआ। बारिश के चलते खेतों में दम तोड़ती फसलों को जीवनदान मिला। गांव सहित क्षेत्र के कई गांवों में रविवार को सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। और झमाझम बारिश का दौर चलता रहा तेज हवाओं व बिजली के कड़कने के बीच सुबह से तेज बारिश शुरु हुई। इससे सड़कों पर पानी बहने लगा। वहीं, लोगों को गर्मी व उमस से कुछ राहत मिली। पिछले लंबे समय से बारिश नहीं होने से खरीफ की फसल सूखने के कगार पर थी, जिससे चलते किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें भी आ आई थीं। इसके चलते बारिश की कामना को लेकर पूजा-अर्चना का दौर भी शुरू हुआ। इस बीच बारिश का दौर शुरू होने से किसानों ने राहत की सांस ली है।1
- निकाय चुनाव में भाजपा का परचम, लगातार आठवीं बार डूंगरपुर में खिला कमल डूंगरपुर निकाय चुनाव में फिर खिला कमल, भाजपा की ऐतिहासिक जीत डूंगरपुर। निकाय चुनाव परिणाम में भाजपा ने एक बार फिर शानदार जीत दर्ज की। मतगणना के बाद भाजपा खेमे में खुशी की लहर दौड़ गई। समर्थकों ने मिठाई बांटकर और आतिशबाजी कर जीत का जश्न मनाया। डूंगरपुर नगरपरिषद में भाजपा ने 40 में से 24 सीटों पर जीत हासिल की। इसके साथ ही भाजपा ने स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया। भाजपा ने लगातार आठवीं बार नगरपरिषद में अपना बोर्ड बनाया। नेताओं ने जीत का श्रेय जनता के विश्वास और कार्यकर्ताओं की मेहनत को दिया। संगठन की मजबूत रणनीति को भी जीत का अहम कारण बताया गया। भाजपा की जीत से कार्यकर्ताओं में उत्साह और जोश का माहौल है। इस परिणाम ने डूंगरपुर की स्थानीय राजनीति में भाजपा का दबदबा फिर साबित कर दिया।1
- आसमान से बरसी आफत, कुशलगढ़ क्षेत्र में बिजली गिरने से पांच बेजुबानों की मौत कुशलगढ़ विधानसभा क्षेत्र में रविवार को तेज बारिश के दौरान तीन अलग-अलग स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने से पांच पशुओं की दर्दनाक मौत हो गई। सोमवार सुबह 7 बजे मिली जानकारी अनुसार जालिमपुरा गांव में किसान रमेश पुत्र कड़वा के दो बैलों की मौत हुई, जबकि रोहनिया मन्ना में कालूसिंह गरासिया के आंगन में बंधे बैल ने दम तोड़ दिया। वहीं गोडा खुदनी गांव में एक किसान की दो भैंसें भी आकाशीय बिजली की चपेट में आ गईं। हादसे से पशुपालक परिवारों में मायूसी और मातम का माहौल है। सूचना पर राजस्व विभाग के पटवारी मनालाल गरासिया सहित अधिकारी-कर्मचारी मौके पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। ग्रामीणों ने पीड़ित किसानों को नियमानुसार आर्थिक सहायता देने की मांग की है। बारिश के दौरान आकाशीय बिजली से बचाव को लेकर उपखंड अधिकारी अश्विन मारू ने ग्रामीणों से सावधानी बरतने और खुले स्थानों व पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की अपील की है।1