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लसाड़िया में मानसून की फिर मेहरबानी: 24 घंटे में 138 एमएम बारिश, छलक उठे एनिकट, किसानों के चेहरे खिले” बिल्कुल सर, इसे दैनिक भास्कर की स्थानीय खबर के अंदाज में आकर्षक हेडिंग और दमदार भाषा में इस तरह बनाया जा सकता है: Writing लसाड़िया में 24 घंटे में 138 एमएम बारिश, खेतों में लौटी रौनक मक्का, उड़द और सोयाबीन की फसलों को मिला जीवनदान, कई एनिकट फिर छलके लसाड़िया। उपखंड क्षेत्र में मानसून एक बार फिर मेहरबान हुआ है। लसाड़िया तहसील रिकॉर्ड के अनुसार 13 सितंबर की शाम 6 बजे से 14 सितंबर की शाम 6 बजे तक 24 घंटे में 138 एमएम बारिश दर्ज की गई। लगातार हुई अच्छी बारिश से क्षेत्र के खेतों में पानी की पर्याप्त उपलब्धता हुई है, जिससे किसानों के चेहरे पर खुशी नजर आ रही है। बारिश से मक्का, उड़द और सोयाबीन की फसलों को अच्छा फायदा मिलने की उम्मीद है। किसानों का कहना है कि फसलों को इस समय पानी की जरूरत थी, ऐसे में हुई बारिश फसलों के लिए संजीवनी साबित होगी। बारिश के बाद खेतों में रौनक लौट आई है और किसान अच्छी पैदावार की उम्मीद लगाए बैठे हैं। लसाड़िया उपखंड मुख्यालय के अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश होने से एनिकट और छोटे जलस्रोत दोबारा छलक उठे। कई स्थानों पर जलभराव और खेतों में पानी जमा होने से क्षेत्र में मानसून का असर साफ दिखाई दिया। लगातार बारिश से जहां किसानों में उत्साह है, वहीं जलस्रोतों में पानी की आवक बढ़ने से आगामी दिनों में रबी की फसलों के लिए भी पानी की उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है। बारिश ने लंबे समय से गर्मी और उमस से परेशान लोगों को भी राहत दी है। वैकल्पिक दमदार हेडिंग: “लसाड़िया में मानसून की फिर मेहरबानी: 24 घंटे में 138 एमएम बारिश, छलक उठे एनिकट, किसानों के चेहरे खिले”

4 hrs ago
user_VC Choudhary
VC Choudhary
Advertising agency लासड़िया, उदयपुर, राजस्थान•
4 hrs ago

लसाड़िया में मानसून की फिर मेहरबानी: 24 घंटे में 138 एमएम बारिश, छलक उठे एनिकट, किसानों के चेहरे खिले” बिल्कुल सर, इसे दैनिक भास्कर की स्थानीय खबर के अंदाज में आकर्षक हेडिंग और दमदार भाषा में इस तरह बनाया जा सकता है: Writing लसाड़िया में 24 घंटे में 138 एमएम बारिश, खेतों में लौटी रौनक मक्का, उड़द और सोयाबीन की फसलों को मिला जीवनदान, कई एनिकट फिर छलके लसाड़िया। उपखंड क्षेत्र में मानसून एक बार फिर मेहरबान हुआ है। लसाड़िया तहसील रिकॉर्ड के अनुसार 13 सितंबर की शाम 6 बजे से 14 सितंबर की शाम 6 बजे तक 24 घंटे में 138 एमएम बारिश दर्ज की गई। लगातार हुई अच्छी बारिश से क्षेत्र के खेतों में पानी की पर्याप्त उपलब्धता हुई है, जिससे किसानों के चेहरे पर खुशी नजर आ रही है। बारिश से मक्का, उड़द और सोयाबीन की फसलों को अच्छा फायदा मिलने की उम्मीद है। किसानों का कहना है कि फसलों को इस समय पानी की जरूरत थी, ऐसे में हुई बारिश फसलों के लिए संजीवनी साबित होगी। बारिश के बाद खेतों में रौनक लौट आई है और किसान अच्छी पैदावार की उम्मीद लगाए बैठे हैं। लसाड़िया उपखंड मुख्यालय के अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश होने से एनिकट और छोटे जलस्रोत दोबारा छलक उठे। कई स्थानों पर जलभराव और खेतों में पानी जमा होने से क्षेत्र में मानसून का असर साफ दिखाई दिया। लगातार बारिश से जहां किसानों में उत्साह है, वहीं जलस्रोतों में पानी की आवक बढ़ने से आगामी दिनों में रबी की फसलों के लिए भी पानी की उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है। बारिश ने लंबे समय से गर्मी और उमस से परेशान लोगों को भी राहत दी है। वैकल्पिक दमदार हेडिंग: “लसाड़िया में मानसून की फिर मेहरबानी: 24 घंटे में 138 एमएम बारिश, छलक उठे एनिकट, किसानों के चेहरे खिले”

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  • तीन दिन से बिजली गुल, ग्रामीणों का पावर हाउस पर हुए एकत्रित आसपुर बिजली बिजली गुल होने से आसपुर रात भर अंधेरे में डुबा तीन दिन से बिजली गुल, ग्रामीणों का पावर हाउस पर हुए एकत्रित आसपुर बिजली बिजली गुल होने से आसपुर रात भर अंधेरे में डुबा आसपुर में भी रात भर से शाम होने तक बिजली सही ढंग से सुचारू नहीं हो पाई है बिजली शुरू होते ही कुछ समय के बाद बंद होने से लोगों में आक्रोश वहीं रामा गांव के ग्रामीण बिजली विभाग कार्यालय पर पहुंचे और बिजली संकट से जनजीवन अस्त-व्यस्त, जल्द समाधान के आश्वासन पर ग्रामीण शांत आसपुर। ,गोल पंचायत के रामा गांव में पिछले तीन दिनों से बिजली आपूर्ति ठप होने से ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया। लगातार बिजली बंद रहने से ग्रामीणों को दैनिक कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिजली समस्या को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ गया और सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण आसपुर पावर हाउस पहुंचकर धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन जईयन महेश डामोर के द्वारा फोन नहीं उठाने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, अधिकारियों की ओर से भी फोन पर समस्या के समाधान को लेकर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने से ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया। इसके बाद ग्रामीण बिजली चालू कराने की मांग को लेकर आसपुर पावर हाउस पहुंचे और तत्काल विद्युत आपूर्ति बहाल करने की मांग की। ग्रामीणों के धरने की सूचना पर माहौल गरमाता देख पावर हाउस के कार्यकर्ता प्रेम पाटीदार मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से समझाइश करते हुए विद्युत आपूर्ति में आ रही समस्या की जानकारी दी तथा जल्द से जल्द समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने कहा कि तीन दिन से बिजली बंद होने के कारण गांव में पानी, घरेलू कामकाज सहित कई जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
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    तीन दिन से बिजली गुल, ग्रामीणों का पावर हाउस पर हुए एकत्रित 
आसपुर बिजली 

बिजली गुल होने से आसपुर रात भर अंधेरे में डुबा 
तीन दिन से बिजली गुल, ग्रामीणों का पावर हाउस पर हुए एकत्रित 
आसपुर बिजली 
बिजली गुल होने से आसपुर रात भर अंधेरे में डुबा 
आसपुर में भी रात भर से शाम होने तक बिजली सही ढंग से सुचारू नहीं हो पाई है  बिजली शुरू होते ही कुछ समय के बाद बंद होने से लोगों में आक्रोश वहीं रामा गांव के ग्रामीण 
बिजली विभाग कार्यालय पर  पहुंचे और  बिजली संकट से जनजीवन अस्त-व्यस्त, जल्द समाधान के आश्वासन पर ग्रामीण शांत आसपुर। ,गोल पंचायत के रामा गांव में पिछले तीन दिनों से बिजली आपूर्ति ठप होने से ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया। लगातार बिजली बंद रहने से ग्रामीणों को दैनिक कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिजली समस्या को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ गया और सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण आसपुर पावर हाउस पहुंचकर धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन जईयन महेश डामोर के द्वारा फोन नहीं उठाने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, अधिकारियों की ओर से भी फोन पर समस्या के समाधान को लेकर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने से ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया। इसके बाद ग्रामीण बिजली चालू कराने की मांग को लेकर आसपुर पावर हाउस पहुंचे और  तत्काल विद्युत आपूर्ति बहाल करने की मांग की। ग्रामीणों के धरने की सूचना पर माहौल गरमाता देख पावर हाउस के कार्यकर्ता प्रेम पाटीदार मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से समझाइश करते हुए विद्युत आपूर्ति में आ रही समस्या की जानकारी दी तथा जल्द से जल्द समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने कहा कि तीन दिन से बिजली बंद होने के कारण गांव में पानी, घरेलू कामकाज सहित कई जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
    user_Pravin Kothari
    Pravin Kothari
    पत्रकार आसपुर-विधानसभा आसपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • 25 सालों से कांग्रेस के गढ को भेदने वाले राजा रमीज ने वार्ड नं 24 में बनाया इतिहास 25 साल का गढ़ टूटा, रमीज राजा ने रचा इतिहास, प्रतिद्वंद्वी की जमानत भी जब्त सागवाड़ा। डूंगरपुर जिले की सागवाड़ा नगर पालिका चुनाव 2026 में वार्ड नंबर 24 का परिणाम सबसे अधिक चर्चा का विषय बन गया है। वर्षों से कांग्रेस का मजबूत गढ़ माने जाने वाले इस वार्ड में भारतीय जनता पार्टी के युवा और पहली बार चुनाव मैदान में उतरे रमीज राजा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज कर राजनीति के जानकारों को भी चौंका दिया। करीब 25 वर्षों से कांग्रेस के प्रभाव वाले इस वार्ड में भाजपा प्रत्याशी रमीज राजा ने न केवल जीत हासिल की, बल्कि अपने प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस प्रत्याशी होजैफा की जमानत भी जब्त करवा दी। रमीज राजा को कुल 333 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी को मात्र 38 वोट प्राप्त हुए। यह अंतर वार्ड की जनता के स्पष्ट जनादेश को दर्शाता है। रमीज राजा की जीत केवल एक चुनावी सफलता नहीं, बल्कि वार्ड नंबर 24 की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है। चुनाव प्रचार के दौरान उनका सरल, मिलनसार और जनसंपर्क आधारित व्यक्तित्व लोगों को काफी पसंद आया। वे लगातार आमजन के बीच रहे और हर वर्ग के लोगों से सीधे संवाद स्थापित किया। यही कारण रहा कि पहली बार चुनाव लड़ने के बावजूद उन्हें जनता का भरपूर समर्थन मिला। चुनाव से पहले हुई बातचीत में रमीज राजा ने कहा था कि वे राजनीति में नए जरूर हैं, लेकिन वार्ड के विकास और जनता की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे। उन्होंने हर जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचने और विकास कार्यों में कोई कमी नहीं छोड़ने का भरोसा दिलाया था। जनता ने उनके इन वादों और सकारात्मक सोच पर विश्वास जताते हुए उन्हें भारी मतों से विजयी बनाया। रमीज राजा की इस जीत के बाद वार्ड नंबर 24 में उत्साह का माहौल देखने को मिला। समर्थकों और स्थानीय नागरिकों ने ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी और मिठाई वितरण के साथ जीत का जश्न मनाया। लोगों का कहना है कि उन्होंने बदलाव और विकास की उम्मीद के साथ रमीज राजा को अपना प्रतिनिधि चुना है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, वार्ड नंबर 24 में रमीज राजा की यह जीत केवल एक सीट की जीत नहीं, बल्कि सागवाड़ा की स्थानीय राजनीति में बदलते जनविश्वास और नई नेतृत्व क्षमता की मजबूत पहचान है। पहली ही चुनावी पारी में 25 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ना और प्रतिद्वंद्वी की जमानत जब्त करवाना रमीज राजा को नगर पालिका चुनाव 2026 के सबसे चर्चित विजेताओं में शामिल कर चुका है।
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    25 सालों से कांग्रेस के गढ को भेदने वाले राजा रमीज ने वार्ड नं 24 में बनाया इतिहास
25 साल का गढ़ टूटा, रमीज राजा ने रचा इतिहास, प्रतिद्वंद्वी की जमानत भी जब्त
सागवाड़ा। डूंगरपुर जिले की सागवाड़ा नगर पालिका चुनाव 2026 में वार्ड नंबर 24 का परिणाम सबसे अधिक चर्चा का विषय बन गया है। वर्षों से कांग्रेस का मजबूत गढ़ माने जाने वाले इस वार्ड में भारतीय जनता पार्टी के युवा और पहली बार चुनाव मैदान में उतरे रमीज राजा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज कर राजनीति के जानकारों को भी चौंका दिया।
करीब 25 वर्षों से कांग्रेस के प्रभाव वाले इस वार्ड में भाजपा प्रत्याशी रमीज राजा ने न केवल जीत हासिल की, बल्कि अपने प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस प्रत्याशी होजैफा की जमानत भी जब्त करवा दी। रमीज राजा को कुल 333 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी को मात्र 38 वोट प्राप्त हुए। यह अंतर वार्ड की जनता के स्पष्ट जनादेश को दर्शाता है।
रमीज राजा की जीत केवल एक चुनावी सफलता नहीं, बल्कि वार्ड नंबर 24 की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है। चुनाव प्रचार के दौरान उनका सरल, मिलनसार और जनसंपर्क आधारित व्यक्तित्व लोगों को काफी पसंद आया। वे लगातार आमजन के बीच रहे और हर वर्ग के लोगों से सीधे संवाद स्थापित किया। यही कारण रहा कि पहली बार चुनाव लड़ने के बावजूद उन्हें जनता का भरपूर समर्थन मिला।
चुनाव से पहले हुई बातचीत में रमीज राजा ने कहा था कि वे राजनीति में नए जरूर हैं, लेकिन वार्ड के विकास और जनता की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे। उन्होंने हर जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचने और विकास कार्यों में कोई कमी नहीं छोड़ने का भरोसा दिलाया था। जनता ने उनके इन वादों और सकारात्मक सोच पर विश्वास जताते हुए उन्हें भारी मतों से विजयी बनाया।
रमीज राजा की इस जीत के बाद वार्ड नंबर 24 में उत्साह का माहौल देखने को मिला। समर्थकों और स्थानीय नागरिकों ने ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी और मिठाई वितरण के साथ जीत का जश्न मनाया। लोगों का कहना है कि उन्होंने बदलाव और विकास की उम्मीद के साथ रमीज राजा को अपना प्रतिनिधि चुना है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, वार्ड नंबर 24 में रमीज राजा की यह जीत केवल एक सीट की जीत नहीं, बल्कि सागवाड़ा की स्थानीय राजनीति में बदलते जनविश्वास और नई नेतृत्व क्षमता की मजबूत पहचान है। पहली ही चुनावी पारी में 25 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ना और प्रतिद्वंद्वी की जमानत जब्त करवाना रमीज राजा को नगर पालिका चुनाव 2026 के सबसे चर्चित विजेताओं में शामिल कर चुका है।
    user_Sagwara live news
    Sagwara live news
    Local News Reporter सागवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • जिला चिकित्सालय की परेशानी खोल रहा है विकास के झूठे दावे प्रतापगढ़ जिला चिकित्सालय में अंधेरा, विकास के दावों पर उठे सवाल बच्चों और जननी अस्पताल से ऑपरेशन थिएटर तक कई स्थानों पर लाइट बंद होने की शिकायत प्रतापगढ़। शहर के राजकीय जिला चिकित्सालय परिसर में इन दिनों प्रकाश व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अस्पताल के बच्चों एवं जननी अस्पताल की ओर जाने वाले मार्ग से लेकर अंदर ऑपरेशन थिएटर की तरफ तक कई स्थानों पर लाइटें बंद होने की बात सामने आई है। वहीं कुछ स्थानों पर लाइटें चालू हैं, जबकि अस्पताल परिसर में स्टाफ के रहने वाले कुछ हिस्सों में भी पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं होने की शिकायत है। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर रात के समय मरीजों, परिजनों और अस्पताल स्टाफ की आवाजाही रहती है। ऐसे में अंधेरा रहने से सुरक्षा और सुविधा दोनों को लेकर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है। स्थानीय स्तर पर यह भी सवाल उठाया जा रहा है कि अस्पताल परिसर की प्रकाश व्यवस्था की जिम्मेदारी किसकी है और यदि लाइटें लंबे समय से बंद हैं तो संबंधित ठेकेदार अथवा जिम्मेदार विभाग द्वारा इन्हें ठीक क्यों नहीं कराया गया? जिला चिकित्सालय प्रशासन का ध्यान इस समस्या की ओर अब तक क्यों नहीं गया, यह भी चर्चा का विषय है। गौरतलब है कि हाल ही में नगर परिषद के चुनाव संपन्न हुए हैं। चुनाव के दौरान शहर के विकास को लेकर पूर्व सभापति रामलाल मीणा एवं विधायक हेमंत मीणा सहित जनप्रतिनिधियों द्वारा विकास के दावे किए गए। अब शहरवासियों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि विकास के दावों की वास्तविक तस्वीर कितनी बदली है, इसे जिला चिकित्सालय जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थान की व्यवस्थाओं से भी देखा जा सकता है। निरूपण समाचार पत्र का सवाल: अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था कब तक दुरुस्त होगी? क्या जिम्मेदार अधिकारी मौके का निरीक्षण कर बंद पड़ी लाइटों को तत्काल ठीक करवाएंगे?
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    जिला चिकित्सालय की परेशानी खोल रहा है विकास के झूठे दावे
प्रतापगढ़ जिला चिकित्सालय में अंधेरा, विकास के दावों पर उठे सवाल
बच्चों और जननी अस्पताल से ऑपरेशन थिएटर तक कई स्थानों पर लाइट बंद होने की शिकायत
प्रतापगढ़। शहर के राजकीय जिला चिकित्सालय परिसर में इन दिनों प्रकाश व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अस्पताल के बच्चों एवं जननी अस्पताल की ओर जाने वाले मार्ग से लेकर अंदर ऑपरेशन थिएटर की तरफ तक कई स्थानों पर लाइटें बंद होने की बात सामने आई है। वहीं कुछ स्थानों पर लाइटें चालू हैं, जबकि अस्पताल परिसर में स्टाफ के रहने वाले कुछ हिस्सों में भी पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं होने की शिकायत है।
अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर रात के समय मरीजों, परिजनों और अस्पताल स्टाफ की आवाजाही रहती है। ऐसे में अंधेरा रहने से सुरक्षा और सुविधा दोनों को लेकर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है।
स्थानीय स्तर पर यह भी सवाल उठाया जा रहा है कि अस्पताल परिसर की प्रकाश व्यवस्था की जिम्मेदारी किसकी है और यदि लाइटें लंबे समय से बंद हैं तो संबंधित ठेकेदार अथवा जिम्मेदार विभाग द्वारा इन्हें ठीक क्यों नहीं कराया गया? जिला चिकित्सालय प्रशासन का ध्यान इस समस्या की ओर अब तक क्यों नहीं गया, यह भी चर्चा का विषय है।
गौरतलब है कि हाल ही में नगर परिषद के चुनाव संपन्न हुए हैं। चुनाव के दौरान शहर के विकास को लेकर पूर्व सभापति रामलाल मीणा एवं विधायक हेमंत मीणा सहित जनप्रतिनिधियों द्वारा विकास के दावे किए गए। अब शहरवासियों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि विकास के दावों की वास्तविक तस्वीर कितनी बदली है, इसे जिला चिकित्सालय जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थान की व्यवस्थाओं से भी देखा जा सकता है।
निरूपण समाचार पत्र का सवाल:
अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था कब तक दुरुस्त होगी? क्या जिम्मेदार अधिकारी मौके का निरीक्षण कर बंद पड़ी लाइटों को तत्काल ठीक करवाएंगे?
    user_रिपोर्टर मकसूदअहमद राईन
    रिपोर्टर मकसूदअहमद राईन
    Local News Reporter प्रतापगढ़, प्रतापगढ़, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • संत रविदास स्वरोजगार योजना से साकार हुआ तनसुख का सपना, खाद-बीज भंडार से प्रतिमाह 30–40 हजार रुपये की आय नीमच, 14 सितंबर 2026। शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंदों को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का सशक्त माध्यम बन रही हैं। ऐसी ही एक योजना का लाभ लेकर नीमच जिले के ग्राम कराडिया महाराज निवासी श्री तनसुख लाल पिता श्री कैलाश चंद्र ने अपने स्वरोजगार का सपना साकार किया और आज सफलतापूर्वक खाद-बीज भंडार संचालित कर आत्मनिर्भर जीवन की ओर बढ़ रहे हैं। श्री तनसुख लाल को संत रविदास स्वरोजगार योजना के तहत जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति के माध्यम से स्वरोजगार स्थापित करने के लिए सहायता मिली। योजना के अंतर्गत उन्हें भारतीय स्टेट बैंक, जीरन शाखा से 7 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इस राशि का उपयोग कर उन्होंने अपना खाद-बीज भंडार प्रारंभ किया। व्यवसाय शुरू होने के बाद श्री तनसुख लाल की आर्थिक स्थिति में निरंतर सुधार आया है। वर्तमान में वे अपने खाद-बीज भंडार से प्रतिमाह लगभग 30 से 40 हजार रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं। स्वरोजगार से प्राप्त नियमित आय ने न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है, बल्कि उनमें आत्मविश्वास और स्वावलंबन की भावना को भी बढ़ाया है। श्री तनसुख लाल बताते हैं कि पहले स्वयं का व्यवसाय शुरू करना उनके लिए एक सपना था, लेकिन आर्थिक संसाधनों के अभाव में यह संभव नहीं हो पा रहा था। संत रविदास स्वरोजगार योजना और जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति के सहयोग से उन्हें आवश्यक वित्तीय संबल मिला और उनका सपना साकार हो सका। आज वे अपने व्यवसाय का संचालन स्वयं कर रहे हैं और मेहनत से आगे बढ़ रहे हैं। जिले में कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के मार्गदर्शन में विभिन्न स्वरोजगार एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग स्वरोजगार से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बन सकें। श्री तनसुख लाल ने स्वरोजगार स्थापित करने में सहयोग के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। वे कहते हैं कि शासन की योजना से मिले सहयोग ने उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर दिया है। आज उनका खाद-बीज भंडार न केवल उनकी आय का माध्यम है, बल्कि उनके आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की नई पहचान भी बन गया है।
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    संत रविदास स्वरोजगार योजना से साकार हुआ तनसुख का सपना, खाद-बीज भंडार से प्रतिमाह 30–40 हजार रुपये की आय

नीमच, 14 सितंबर 2026। शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंदों को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का सशक्त माध्यम बन रही हैं। ऐसी ही एक योजना का लाभ लेकर नीमच जिले के ग्राम कराडिया महाराज निवासी श्री तनसुख लाल पिता श्री कैलाश चंद्र ने अपने स्वरोजगार का सपना साकार किया और आज सफलतापूर्वक खाद-बीज भंडार संचालित कर आत्मनिर्भर जीवन की ओर बढ़ रहे हैं।
श्री तनसुख लाल को संत रविदास स्वरोजगार योजना के तहत जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति के माध्यम से स्वरोजगार स्थापित करने के लिए सहायता मिली। योजना के अंतर्गत उन्हें भारतीय स्टेट बैंक, जीरन शाखा से 7 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इस राशि का उपयोग कर उन्होंने अपना खाद-बीज भंडार प्रारंभ किया।
व्यवसाय शुरू होने के बाद श्री तनसुख लाल की आर्थिक स्थिति में निरंतर सुधार आया है। वर्तमान में वे अपने खाद-बीज भंडार से प्रतिमाह लगभग 30 से 40 हजार रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं। स्वरोजगार से प्राप्त नियमित आय ने न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है, बल्कि उनमें आत्मविश्वास और स्वावलंबन की भावना को भी बढ़ाया है।
श्री तनसुख लाल बताते हैं कि पहले स्वयं का व्यवसाय शुरू करना उनके लिए एक सपना था, लेकिन आर्थिक संसाधनों के अभाव में यह संभव नहीं हो पा रहा था। संत रविदास स्वरोजगार योजना और जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति के सहयोग से उन्हें आवश्यक वित्तीय संबल मिला और उनका सपना साकार हो सका। आज वे अपने व्यवसाय का संचालन स्वयं कर रहे हैं और मेहनत से आगे बढ़ रहे हैं।
जिले में कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के मार्गदर्शन में विभिन्न स्वरोजगार एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग स्वरोजगार से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बन सकें।
श्री तनसुख लाल ने स्वरोजगार स्थापित करने में सहयोग के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। वे कहते हैं कि शासन की योजना से मिले सहयोग ने उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर दिया है। आज उनका खाद-बीज भंडार न केवल उनकी आय का माध्यम है, बल्कि उनके आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की नई पहचान भी बन गया है।
    user_Mukesh rathor
    Mukesh rathor
    Electrician नीमच, नीमच, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • एक ही कागज से कितनी जगहों पर कब्जा? खेसरा और नक्शे में कथित गड़बड़ी को लेकर जिला प्रशासन से जांच की मांग (रिपोर्टर अनिल जटिया) एक ही कागज से कितनी जगहों पर कब्जा? खेसरा और नक्शे में कथित गड़बड़ी को लेकर जिला प्रशासन से जांच की मांग (रिपोर्टर अनिल जटिया) समस्तीपुर। जमीन के पुराने और नए खेसरा नंबर, दस्तावेजों तथा नक्शे में कथित गड़बड़ी को लेकर एक परिवार ने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिवार का आरोप है कि उनकी अनुपस्थिति में जमीन से संबंधित कागजी कार्रवाई की गई और बाद में उसी जमीन को लेकर विवाद खड़ा हो गया। परिवार के अनुसार, पुराना खेसरा नंबर 67 उनके दादी के पिता जी के नाम से दर्ज था, जबकि बाद में इसका नया खेसरा नंबर 61 हो गया। उनका कहना है कि जब कागजात तैयार किए जा रहे थे, तब वे शादी में बाहर गए हुए थे। परिवार ने आरोप लगाया कि इसी दौरान रघुनाथ भगत के परिवार को विपत भगत की पत्नी से संबंधित खेसरा नंबर 58 की जमीन लिखे जाने तथा उसके बदले रघुनाथ भगत के परिवार से दस्तखत करवाकर कागज रखे जाने की बात सामने आई। अब कथित रूप से उसी जमीन के बदले उनके घर की जमीन को नक्शे में दिखाया जा रहा है। परिवार का दावा है कि उनकी खरीदी हुई जमीन पर पहले से दो मंजिला मकान बना हुआ है, इसके बावजूद नक्शे में जमीन की स्थिति और खेसरा नंबर को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। उनका आरोप है कि खेसरा नंबर 209 की जगह नक्शे में 119 दिखाया गया है। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें बदनाम करने के लिए तरह-तरह की अफवाहें फैलाई गईं और उनकी बात को गलत साबित करने का प्रयास किया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। परिवार की मांग है कि पुराने और नए खेसरा नंबर, मूल राजस्व रिकॉर्ड, रजिस्ट्री, नक्शे तथा जमीन का सरकारी सीमांकन कराकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए। साथ ही, यदि दस्तावेजों या नक्शे में किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है तो उसकी जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और जमीन के दस्तावेजों की जांच के बाद सच्चाई क्या सामने आती है। रिपोर्टर अनिल जटिया
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    एक ही कागज से कितनी जगहों पर कब्जा? खेसरा और नक्शे में कथित गड़बड़ी को लेकर जिला प्रशासन से जांच की मांग

(रिपोर्टर अनिल जटिया)
एक ही कागज से कितनी जगहों पर कब्जा? खेसरा और नक्शे में कथित गड़बड़ी को लेकर जिला प्रशासन से जांच की मांग
(रिपोर्टर अनिल जटिया)
समस्तीपुर। जमीन के पुराने और नए खेसरा नंबर, दस्तावेजों तथा नक्शे में कथित गड़बड़ी को लेकर एक परिवार ने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिवार का आरोप है कि उनकी अनुपस्थिति में जमीन से संबंधित कागजी कार्रवाई की गई और बाद में उसी जमीन को लेकर विवाद खड़ा हो गया।
परिवार के अनुसार, पुराना खेसरा नंबर 67 उनके दादी के पिता जी के नाम से दर्ज था, जबकि बाद में इसका नया खेसरा नंबर 61 हो गया। उनका कहना है कि जब कागजात तैयार किए जा रहे थे, तब वे शादी में बाहर गए हुए थे।
परिवार ने आरोप लगाया कि इसी दौरान रघुनाथ भगत के परिवार को विपत भगत की पत्नी से संबंधित खेसरा नंबर 58 की जमीन लिखे जाने तथा उसके बदले रघुनाथ भगत के परिवार से दस्तखत करवाकर कागज रखे जाने की बात सामने आई। अब कथित रूप से उसी जमीन के बदले उनके घर की जमीन को नक्शे में दिखाया जा रहा है।
परिवार का दावा है कि उनकी खरीदी हुई जमीन पर पहले से दो मंजिला मकान बना हुआ है, इसके बावजूद नक्शे में जमीन की स्थिति और खेसरा नंबर को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। उनका आरोप है कि खेसरा नंबर 209 की जगह नक्शे में 119 दिखाया गया है।
परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें बदनाम करने के लिए तरह-तरह की अफवाहें फैलाई गईं और उनकी बात को गलत साबित करने का प्रयास किया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
परिवार की मांग है कि पुराने और नए खेसरा नंबर, मूल राजस्व रिकॉर्ड, रजिस्ट्री, नक्शे तथा जमीन का सरकारी सीमांकन कराकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए। साथ ही, यदि दस्तावेजों या नक्शे में किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है तो उसकी जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए।
अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और जमीन के दस्तावेजों की जांच के बाद सच्चाई क्या सामने आती है।
रिपोर्टर अनिल जटिया
    user_Anil Jatiya news repotar
    Anil Jatiya news repotar
    Local News Reporter प्रतापगढ़, प्रतापगढ़, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • नीमच संस्कार पब्लिक स्कूल मैं मेरे भांजे के साथ स्कूल प्रिंसिपल द्वारा बहुत ही बेरहमी से पिटाई की गई उक्त प्रिंसिपल के खिलाफ पुलिस प्रशासन मामले को संज्ञान में लेकर उचित कार्रवाई करें विष्णु पंवार प्रिंसिपल 7999523207
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    नीमच संस्कार पब्लिक स्कूल मैं मेरे भांजे के साथ स्कूल प्रिंसिपल द्वारा बहुत ही बेरहमी से पिटाई की गई उक्त प्रिंसिपल के खिलाफ पुलिस प्रशासन मामले को संज्ञान में लेकर उचित कार्रवाई करें
 विष्णु पंवार प्रिंसिपल 7999523207
    user_कमलेश कुमार मालवीय
    कमलेश कुमार मालवीय
    नीमच नगर, नीमच, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • आसपुर में तेज बारिश 35 दिन बाद बारिश... आधे घंटे गिरी, अब 4 दिन झमाझम की उम्मीद किसानों को राहत, मुरझाती फसलों को बारिश से मिली संजीवनी आसपुर में बारिश से सड़कों पर भरा पानी। बारिश होने से क्षेत्र के एनीकट, बांध भी अब तक खाली पड़े हैं। ऐसे में फिर से बारिश होती है तो इनमें पानी की आवक के आसार बन सकते है। दिनभर रुक-रुक कर बरसे बदरा आसपुर विगत कई दिनों से रुठा मानसून रविवार को एक बार फिर से सक्रिय हुआ। बारिश के चलते खेतों में दम तोड़ती फसलों को जीवनदान मिला। गांव सहित क्षेत्र के कई गांवों में रविवार को सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। और झमाझम बारिश का दौर चलता रहा तेज हवाओं व बिजली के कड़कने के बीच सुबह से तेज बारिश शुरु हुई। इससे सड़कों पर पानी बहने लगा। वहीं, लोगों को गर्मी व उमस से कुछ राहत मिली। पिछले लंबे समय से बारिश नहीं होने से खरीफ की फसल सूखने के कगार पर थी, जिससे चलते किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें भी आ आई थीं। इसके चलते बारिश की कामना को लेकर पूजा-अर्चना का दौर भी शुरू हुआ। इस बीच बारिश का दौर शुरू होने से किसानों ने राहत की सांस ली है। आसपुर में तेज बारिश 35 दिन बाद बारिश... आधे घंटे गिरी, अब 4 दिन झमाझम की उम्मीद किसानों को राहत, मुरझाती फसलों को बारिश से मिली संजीवनी आसपुर में बारिश से सड़कों पर भरा पानी। बारिश होने से क्षेत्र के एनीकट, बांध भी अब तक खाली पड़े हैं। ऐसे में फिर से बारिश होती है तो इनमें पानी की आवक के आसार बन सकते है। दिनभर रुक-रुक कर बरसे बदरा आसपुर विगत कई दिनों से रुठा मानसून रविवार को एक बार फिर से सक्रिय हुआ। बारिश के चलते खेतों में दम तोड़ती फसलों को जीवनदान मिला। गांव सहित क्षेत्र के कई गांवों में रविवार को सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। और झमाझम बारिश का दौर चलता रहा तेज हवाओं व बिजली के कड़कने के बीच सुबह से तेज बारिश शुरु हुई। इससे सड़कों पर पानी बहने लगा। वहीं, लोगों को गर्मी व उमस से कुछ राहत मिली। पिछले लंबे समय से बारिश नहीं होने से खरीफ की फसल सूखने के कगार पर थी, जिससे चलते किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें भी आ आई थीं। इसके चलते बारिश की कामना को लेकर पूजा-अर्चना का दौर भी शुरू हुआ। इस बीच बारिश का दौर शुरू होने से किसानों ने राहत की सांस ली है। किसानों को राहत, मुरझाती फसलों को बारिश से मिली संजीवनी आसपुर में बारिश से सड़कों पर भरा पानी। बारिश होने से क्षेत्र के एनीकट, बांध भी अब तक खाली पड़े हैं। ऐसे में फिर से बारिश होती है तो इनमें पानी की आवक के आसार बन सकते है। दिनभर रुक-रुक कर बरसे बदरा आसपुर विगत कई दिनों से रुठा मानसून रविवार को एक बार फिर से सक्रिय हुआ। बारिश के चलते खेतों में दम तोड़ती फसलों को जीवनदान मिला। गांव सहित क्षेत्र के कई गांवों में रविवार को सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। और झमाझम बारिश का दौर चलता रहा तेज हवाओं व बिजली के कड़कने के बीच सुबह से तेज बारिश शुरु हुई। इससे सड़कों पर पानी बहने लगा। वहीं, लोगों को गर्मी व उमस से कुछ राहत मिली। पिछले लंबे समय से बारिश नहीं होने से खरीफ की फसल सूखने के कगार पर थी, जिससे चलते किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें भी आ आई थीं। इसके चलते बारिश की कामना को लेकर पूजा-अर्चना का दौर भी शुरू हुआ। इस बीच बारिश का दौर शुरू होने से किसानों ने राहत की सांस ली है।
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    आसपुर में तेज बारिश 

35 दिन बाद बारिश... आधे घंटे गिरी, अब 
4 दिन झमाझम की उम्मीद
किसानों को राहत, मुरझाती फसलों को बारिश से मिली संजीवनी

आसपुर में बारिश से सड़कों पर भरा पानी।

बारिश होने से क्षेत्र के एनीकट, बांध भी अब तक खाली पड़े हैं। ऐसे में फिर से
बारिश होती है तो इनमें पानी की आवक के आसार बन सकते है।
दिनभर रुक-रुक कर बरसे बदरा  आसपुर विगत कई दिनों से रुठा मानसून रविवार को एक बार फिर से सक्रिय हुआ। बारिश के चलते खेतों में दम तोड़ती फसलों को जीवनदान मिला। गांव सहित क्षेत्र के कई गांवों में रविवार को सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। और झमाझम बारिश का दौर चलता रहा तेज हवाओं व बिजली के कड़कने के बीच सुबह से तेज बारिश शुरु हुई।

इससे सड़कों पर पानी बहने लगा। वहीं, लोगों को गर्मी व उमस से कुछ राहत मिली। पिछले लंबे समय से बारिश नहीं होने से खरीफ की फसल सूखने के कगार पर थी, जिससे चलते किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें भी आ आई थीं। इसके चलते बारिश की कामना को लेकर पूजा-अर्चना का दौर भी शुरू हुआ।
इस बीच बारिश का दौर शुरू होने से किसानों ने राहत की सांस ली है।
आसपुर में तेज बारिश 
35 दिन बाद बारिश... आधे घंटे गिरी, अब 
4 दिन झमाझम की उम्मीद
किसानों को राहत, मुरझाती फसलों को बारिश से मिली संजीवनी
आसपुर में बारिश से सड़कों पर भरा पानी।
बारिश होने से क्षेत्र के एनीकट, बांध भी अब तक खाली पड़े हैं। ऐसे में फिर से
बारिश होती है तो इनमें पानी की आवक के आसार बन सकते है।
दिनभर रुक-रुक कर बरसे बदरा  आसपुर विगत कई दिनों से रुठा मानसून रविवार को एक बार फिर से सक्रिय हुआ। बारिश के चलते खेतों में दम तोड़ती फसलों को जीवनदान मिला। गांव सहित क्षेत्र के कई गांवों में रविवार को सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। और झमाझम बारिश का दौर चलता रहा तेज हवाओं व बिजली के कड़कने के बीच सुबह से तेज बारिश शुरु हुई।
इससे सड़कों पर पानी बहने लगा। वहीं, लोगों को गर्मी व उमस से कुछ राहत मिली। पिछले लंबे समय से बारिश नहीं होने से खरीफ की फसल सूखने के कगार पर थी, जिससे चलते किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें भी आ आई थीं। इसके चलते बारिश की कामना को लेकर पूजा-अर्चना का दौर भी शुरू हुआ।
इस बीच बारिश का दौर शुरू होने से किसानों ने राहत की सांस ली है।
किसानों को राहत, मुरझाती फसलों को बारिश से मिली संजीवनी
आसपुर में बारिश से सड़कों पर भरा पानी।
बारिश होने से क्षेत्र के एनीकट, बांध भी अब तक खाली पड़े हैं। ऐसे में फिर से
बारिश होती है तो इनमें पानी की आवक के आसार बन सकते है।
दिनभर रुक-रुक कर बरसे बदरा  आसपुर विगत कई दिनों से रुठा मानसून रविवार को एक बार फिर से सक्रिय हुआ। बारिश के चलते खेतों में दम तोड़ती फसलों को जीवनदान मिला। गांव सहित क्षेत्र के कई गांवों में रविवार को सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। और झमाझम बारिश का दौर चलता रहा तेज हवाओं व बिजली के कड़कने के बीच सुबह से तेज बारिश शुरु हुई।
इससे सड़कों पर पानी बहने लगा। वहीं, लोगों को गर्मी व उमस से कुछ राहत मिली। पिछले लंबे समय से बारिश नहीं होने से खरीफ की फसल सूखने के कगार पर थी, जिससे चलते किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें भी आ आई थीं। इसके चलते बारिश की कामना को लेकर पूजा-अर्चना का दौर भी शुरू हुआ।
इस बीच बारिश का दौर शुरू होने से किसानों ने राहत की सांस ली है।
    user_Pravin Kothari
    Pravin Kothari
    पत्रकार आसपुर-विधानसभा आसपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • सागवाड़ा नगरपालिका अध्यक्ष पद की दौड़ में कौन सबसे आगे? सागवाड़ा नगर पालिका 2026: अध्यक्ष पद की दौड़ में कौन सबसे आगे? सागवाड़ा नगर पालिका चुनाव 2026 में भाजपा ने 23 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। कांग्रेस 8 सीटों पर सिमट गई, जबकि सभी एग्जिट पोल और राजनीतिक आकलन पीछे छूट गए। अब शहर की सबसे बड़ी राजनीतिक चर्चा नगर पालिका अध्यक्ष के चेहरे को लेकर है। कोकिला कलाल (वार्ड 5) कड़े मुकाबले में जीत दर्ज कर चर्चा के केंद्र में हैं। ओबीसी वर्ग से आने वाली कोकिला कलाल को सामाजिक संतुलन और महिला नेतृत्व के दृष्टिकोण से मजबूत दावेदार माना जा रहा है। श्रद्धा पांचाल (वार्ड 11) 292 मतों के साथ प्रभावशाली जीत, पूर्व पार्षद का अनुभव, मजबूत जनाधार और संगठनात्मक सक्रियता उन्हें अध्यक्ष पद की दौड़ में प्रमुख नाम बना रही है। अन्य चर्चित नाम: निर्मला दरजी (वार्ड 19) आशा पाटीदार (वार्ड 33) रीना कंसारा (वार्ड 6) वहीं वार्ड 24 से पहली बार चुनाव लड़ने वाले रमीज राजा ने 25 साल पुराने कांग्रेस के गढ़ को ध्वस्त करते हुए रिकॉर्ड जीत दर्ज की और प्रतिद्वंद्वी की जमानत तक जब्त करवा दी। फिलहाल फैसला भाजपा संगठन के हाथ में है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सागवाड़ा नगर पालिका अध्यक्ष की जिम्मेदारी किस चेहरे को सौंपी जाएगी। आपकी राय में नगर पालिका अध्यक्ष कौन बनना चाहिए?
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    सागवाड़ा नगरपालिका अध्यक्ष पद की दौड़ में कौन सबसे आगे? 
सागवाड़ा नगर पालिका 2026: अध्यक्ष पद की दौड़ में कौन सबसे आगे? 
सागवाड़ा नगर पालिका चुनाव 2026 में भाजपा ने 23 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। कांग्रेस 8 सीटों पर सिमट गई, जबकि सभी एग्जिट पोल और राजनीतिक आकलन पीछे छूट गए।
अब शहर की सबसे बड़ी राजनीतिक चर्चा नगर पालिका अध्यक्ष के चेहरे को लेकर है।
कोकिला कलाल (वार्ड 5)
कड़े मुकाबले में जीत दर्ज कर चर्चा के केंद्र में हैं। ओबीसी वर्ग से आने वाली कोकिला कलाल को सामाजिक संतुलन और महिला नेतृत्व के दृष्टिकोण से मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
श्रद्धा पांचाल (वार्ड 11)
292 मतों के साथ प्रभावशाली जीत, पूर्व पार्षद का अनुभव, मजबूत जनाधार और संगठनात्मक सक्रियता उन्हें अध्यक्ष पद की दौड़ में प्रमुख नाम बना रही है।
अन्य चर्चित नाम:
निर्मला दरजी (वार्ड 19)
आशा पाटीदार (वार्ड 33)
रीना कंसारा (वार्ड 6)
वहीं वार्ड 24 से पहली बार चुनाव लड़ने वाले रमीज राजा ने 25 साल पुराने कांग्रेस के गढ़ को ध्वस्त करते हुए रिकॉर्ड जीत दर्ज की और प्रतिद्वंद्वी की जमानत तक जब्त करवा दी।
फिलहाल फैसला भाजपा संगठन के हाथ में है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि सागवाड़ा नगर पालिका अध्यक्ष की जिम्मेदारी किस चेहरे को सौंपी जाएगी।
आपकी राय में नगर पालिका अध्यक्ष कौन बनना चाहिए?
    user_Sagwara live news
    Sagwara live news
    Local News Reporter सागवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • मनासा क्षेत्र के कान्वेंट स्कूल के पास गाडूलिया बस्ती में गंदगी का मंजर, खुले आम कर रहे है गंदगी और कोई हादसे का इंतजार कर रहा प्रशासन? मनासा में गंदगी का मंजर, हादसे का इंतजार कर रहा प्रशासन? मनासा। नगर में स्वच्छता व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। मुंडरा एमजी कॉलोनी के आसपास जगह-जगह गंदगी और कीचड़ का आलम है। आने-जाने वाली महिलाओं और स्थानीय रहवासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या को लेकर नगर परिषद के अधिकारियों को बार-बार अवगत कराया गया, लेकिन इसके बावजूद मौके पर प्रभावी और सख्त कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। बारिश के बाद कीचड़ और गंदगी ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। वहीं, गाडूलिया बस्ती के पास पानी की टंकी क्षेत्र में छोटे बच्चे आए दिन टंकी के ऊपर मंडराते नजर आते हैं। ऐसे में सवाल यह है कि यदि कोई बच्चा ऊंचाई से गिर गया या कोई बड़ा हादसा हो गया, तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी? स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर परिषद को इस मामले में किसी बड़े हादसे का इंतजार नहीं करना चाहिए। बच्चों की सुरक्षा और साफ-सफाई दोनों ही गंभीर विषय हैं। अब देखना होगा कि नगर परिषद मनासा कब जागती है और कब इन समस्याओं का स्थायी समाधान करती है। सवाल सीधा है—क्या प्रशासन हादसा होने के बाद कार्रवाई करेगा, या हादसे से पहले ही जागेगा?
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    मनासा क्षेत्र के कान्वेंट स्कूल के पास गाडूलिया बस्ती में गंदगी का मंजर, खुले आम कर रहे है गंदगी और कोई हादसे का इंतजार कर रहा प्रशासन?
मनासा में गंदगी का मंजर, हादसे का इंतजार कर रहा प्रशासन?
मनासा। नगर में स्वच्छता व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। मुंडरा एमजी कॉलोनी के आसपास जगह-जगह गंदगी और कीचड़ का आलम है। आने-जाने वाली महिलाओं और स्थानीय रहवासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या को लेकर नगर परिषद के अधिकारियों को बार-बार अवगत कराया गया, लेकिन इसके बावजूद मौके पर प्रभावी और सख्त कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। बारिश के बाद कीचड़ और गंदगी ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है।
वहीं, गाडूलिया बस्ती के पास पानी की टंकी क्षेत्र में छोटे बच्चे आए दिन टंकी के ऊपर मंडराते नजर आते हैं। ऐसे में सवाल यह है कि यदि कोई बच्चा ऊंचाई से गिर गया या कोई बड़ा हादसा हो गया, तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर परिषद को इस मामले में किसी बड़े हादसे का इंतजार नहीं करना चाहिए। बच्चों की सुरक्षा और साफ-सफाई दोनों ही गंभीर विषय हैं।
अब देखना होगा कि नगर परिषद मनासा कब जागती है और कब इन समस्याओं का स्थायी समाधान करती है।
सवाल सीधा है—क्या प्रशासन हादसा होने के बाद कार्रवाई करेगा, या हादसे से पहले ही जागेगा?
    user_कमलेश कुमार मालवीय
    कमलेश कुमार मालवीय
    नीमच नगर, नीमच, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
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