जिला चिकित्सालय की परेशानी खोल रहा है विकास के झूठे दावे प्रतापगढ़ जिला चिकित्सालय में अंधेरा, विकास के दावों पर उठे सवाल बच्चों और जननी अस्पताल से ऑपरेशन थिएटर तक कई स्थानों पर लाइट बंद होने की शिकायत प्रतापगढ़। शहर के राजकीय जिला चिकित्सालय परिसर में इन दिनों प्रकाश व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अस्पताल के बच्चों एवं जननी अस्पताल की ओर जाने वाले मार्ग से लेकर अंदर ऑपरेशन थिएटर की तरफ तक कई स्थानों पर लाइटें बंद होने की बात सामने आई है। वहीं कुछ स्थानों पर लाइटें चालू हैं, जबकि अस्पताल परिसर में स्टाफ के रहने वाले कुछ हिस्सों में भी पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं होने की शिकायत है। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर रात के समय मरीजों, परिजनों और अस्पताल स्टाफ की आवाजाही रहती है। ऐसे में अंधेरा रहने से सुरक्षा और सुविधा दोनों को लेकर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है। स्थानीय स्तर पर यह भी सवाल उठाया जा रहा है कि अस्पताल परिसर की प्रकाश व्यवस्था की जिम्मेदारी किसकी है और यदि लाइटें लंबे समय से बंद हैं तो संबंधित ठेकेदार अथवा जिम्मेदार विभाग द्वारा इन्हें ठीक क्यों नहीं कराया गया? जिला चिकित्सालय प्रशासन का ध्यान इस समस्या की ओर अब तक क्यों नहीं गया, यह भी चर्चा का विषय है। गौरतलब है कि हाल ही में नगर परिषद के चुनाव संपन्न हुए हैं। चुनाव के दौरान शहर के विकास को लेकर पूर्व सभापति रामलाल मीणा एवं विधायक हेमंत मीणा सहित जनप्रतिनिधियों द्वारा विकास के दावे किए गए। अब शहरवासियों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि विकास के दावों की वास्तविक तस्वीर कितनी बदली है, इसे जिला चिकित्सालय जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थान की व्यवस्थाओं से भी देखा जा सकता है। निरूपण समाचार पत्र का सवाल: अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था कब तक दुरुस्त होगी? क्या जिम्मेदार अधिकारी मौके का निरीक्षण कर बंद पड़ी लाइटों को तत्काल ठीक करवाएंगे?
जिला चिकित्सालय की परेशानी खोल रहा है विकास के झूठे दावे प्रतापगढ़ जिला चिकित्सालय में अंधेरा, विकास के दावों पर उठे सवाल बच्चों और जननी अस्पताल से ऑपरेशन थिएटर तक कई स्थानों पर लाइट बंद होने की शिकायत प्रतापगढ़। शहर के राजकीय जिला चिकित्सालय परिसर में इन दिनों प्रकाश व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अस्पताल के बच्चों एवं जननी अस्पताल की ओर जाने वाले मार्ग से लेकर अंदर ऑपरेशन थिएटर की तरफ तक कई स्थानों पर लाइटें बंद होने की बात सामने आई है। वहीं कुछ स्थानों पर लाइटें चालू हैं, जबकि अस्पताल परिसर में स्टाफ के रहने वाले कुछ हिस्सों में भी पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं होने की शिकायत है। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर रात के समय मरीजों, परिजनों और अस्पताल स्टाफ की आवाजाही रहती है। ऐसे में अंधेरा रहने से सुरक्षा और सुविधा दोनों को लेकर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है। स्थानीय स्तर पर यह भी सवाल उठाया जा रहा है कि अस्पताल परिसर
की प्रकाश व्यवस्था की जिम्मेदारी किसकी है और यदि लाइटें लंबे समय से बंद हैं तो संबंधित ठेकेदार अथवा जिम्मेदार विभाग द्वारा इन्हें ठीक क्यों नहीं कराया गया? जिला चिकित्सालय प्रशासन का ध्यान इस समस्या की ओर अब तक क्यों नहीं गया, यह भी चर्चा का विषय है। गौरतलब है कि हाल ही में नगर परिषद के चुनाव संपन्न हुए हैं। चुनाव के दौरान शहर के विकास को लेकर पूर्व सभापति रामलाल मीणा एवं विधायक हेमंत मीणा सहित जनप्रतिनिधियों द्वारा विकास के दावे किए गए। अब शहरवासियों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि विकास के दावों की वास्तविक तस्वीर कितनी बदली है, इसे जिला चिकित्सालय जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थान की व्यवस्थाओं से भी देखा जा सकता है। निरूपण समाचार पत्र का सवाल: अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था कब तक दुरुस्त होगी? क्या जिम्मेदार अधिकारी मौके का निरीक्षण कर बंद पड़ी लाइटों को तत्काल ठीक करवाएंगे?
- जिला चिकित्सालय की परेशानी खोल रहा है विकास के झूठे दावे प्रतापगढ़ जिला चिकित्सालय में अंधेरा, विकास के दावों पर उठे सवाल बच्चों और जननी अस्पताल से ऑपरेशन थिएटर तक कई स्थानों पर लाइट बंद होने की शिकायत प्रतापगढ़। शहर के राजकीय जिला चिकित्सालय परिसर में इन दिनों प्रकाश व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अस्पताल के बच्चों एवं जननी अस्पताल की ओर जाने वाले मार्ग से लेकर अंदर ऑपरेशन थिएटर की तरफ तक कई स्थानों पर लाइटें बंद होने की बात सामने आई है। वहीं कुछ स्थानों पर लाइटें चालू हैं, जबकि अस्पताल परिसर में स्टाफ के रहने वाले कुछ हिस्सों में भी पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं होने की शिकायत है। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर रात के समय मरीजों, परिजनों और अस्पताल स्टाफ की आवाजाही रहती है। ऐसे में अंधेरा रहने से सुरक्षा और सुविधा दोनों को लेकर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है। स्थानीय स्तर पर यह भी सवाल उठाया जा रहा है कि अस्पताल परिसर की प्रकाश व्यवस्था की जिम्मेदारी किसकी है और यदि लाइटें लंबे समय से बंद हैं तो संबंधित ठेकेदार अथवा जिम्मेदार विभाग द्वारा इन्हें ठीक क्यों नहीं कराया गया? जिला चिकित्सालय प्रशासन का ध्यान इस समस्या की ओर अब तक क्यों नहीं गया, यह भी चर्चा का विषय है। गौरतलब है कि हाल ही में नगर परिषद के चुनाव संपन्न हुए हैं। चुनाव के दौरान शहर के विकास को लेकर पूर्व सभापति रामलाल मीणा एवं विधायक हेमंत मीणा सहित जनप्रतिनिधियों द्वारा विकास के दावे किए गए। अब शहरवासियों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि विकास के दावों की वास्तविक तस्वीर कितनी बदली है, इसे जिला चिकित्सालय जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थान की व्यवस्थाओं से भी देखा जा सकता है। निरूपण समाचार पत्र का सवाल: अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था कब तक दुरुस्त होगी? क्या जिम्मेदार अधिकारी मौके का निरीक्षण कर बंद पड़ी लाइटों को तत्काल ठीक करवाएंगे?2
- एक ही कागज से कितनी जगहों पर कब्जा? खेसरा और नक्शे में कथित गड़बड़ी को लेकर जिला प्रशासन से जांच की मांग (रिपोर्टर अनिल जटिया) एक ही कागज से कितनी जगहों पर कब्जा? खेसरा और नक्शे में कथित गड़बड़ी को लेकर जिला प्रशासन से जांच की मांग (रिपोर्टर अनिल जटिया) समस्तीपुर। जमीन के पुराने और नए खेसरा नंबर, दस्तावेजों तथा नक्शे में कथित गड़बड़ी को लेकर एक परिवार ने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिवार का आरोप है कि उनकी अनुपस्थिति में जमीन से संबंधित कागजी कार्रवाई की गई और बाद में उसी जमीन को लेकर विवाद खड़ा हो गया। परिवार के अनुसार, पुराना खेसरा नंबर 67 उनके दादी के पिता जी के नाम से दर्ज था, जबकि बाद में इसका नया खेसरा नंबर 61 हो गया। उनका कहना है कि जब कागजात तैयार किए जा रहे थे, तब वे शादी में बाहर गए हुए थे। परिवार ने आरोप लगाया कि इसी दौरान रघुनाथ भगत के परिवार को विपत भगत की पत्नी से संबंधित खेसरा नंबर 58 की जमीन लिखे जाने तथा उसके बदले रघुनाथ भगत के परिवार से दस्तखत करवाकर कागज रखे जाने की बात सामने आई। अब कथित रूप से उसी जमीन के बदले उनके घर की जमीन को नक्शे में दिखाया जा रहा है। परिवार का दावा है कि उनकी खरीदी हुई जमीन पर पहले से दो मंजिला मकान बना हुआ है, इसके बावजूद नक्शे में जमीन की स्थिति और खेसरा नंबर को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। उनका आरोप है कि खेसरा नंबर 209 की जगह नक्शे में 119 दिखाया गया है। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें बदनाम करने के लिए तरह-तरह की अफवाहें फैलाई गईं और उनकी बात को गलत साबित करने का प्रयास किया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। परिवार की मांग है कि पुराने और नए खेसरा नंबर, मूल राजस्व रिकॉर्ड, रजिस्ट्री, नक्शे तथा जमीन का सरकारी सीमांकन कराकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए। साथ ही, यदि दस्तावेजों या नक्शे में किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है तो उसकी जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और जमीन के दस्तावेजों की जांच के बाद सच्चाई क्या सामने आती है। रिपोर्टर अनिल जटिया2
- अरनोद में भाजपा का दबदबा, 20 में से 14 वार्ड जीते; कांग्रेस 4 पर सिमटी, 2 निर्दलीयों ने भी मारी बाजी ✍️ रवि मोरवार1
- फैक्ट्री में एक व्यक्ति कि मौत परिवार को बिना बताए अस्पताल1
- MP - सुवासरा अंडरपास में फिर फसी एक मारुति वेन..! जिसका विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। सुवासरा अंडरपास में फिर फसी एक मारुति वेन..! जिसका विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। यहां से गुजर रहे एक युवक ने इसका वीडियो बनाया और अपने इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर दिया वीडियो में युवक विधायक से इस अंडरपास को सुधारने की मांग करता हुआ नजर आया वही रेलवे ट्रैक के ऊपर से महिला भी उतरती नजर आई। वास्तविक स्थिति को देखा जाए तो यहां पर बारिश के दिनों में जल भराव की वजह से आने जाने वाले राहगीरों एवं वाहनों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। शासन प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी एवं जन प्रतिनिधियों को इस ओर ध्यान देना चाहिए। हर साल बारिश के दिनों में यही हाल होते हैं, कभी-कभी तो वाहन फस भी जाते हैं, बिच में ही। कभी-भी कोई हादसा या घटना हो सकती है। एक बच्चे ने हिम्मत करके वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर डाला है, जो वायरल हुआ है देखिए आप सभी मित्र बंधु व कामेंट कर बताए की सुधार होना चाहिए या नहीं अपनी प्रतिक्रिया जरूर दें..! ✍️ सूचना जनहित में जारी1
- नगर पालिका चुनाव परिणाम सामने आ गए अब कौन बनेगा चेयर मेन कमेंट कर के जरूर बताएं1
- सालमगढ़ में 'गणपति बाप्पा मोरया' की गूंज: श्री राम मित्र मंडल ने हर्षोल्लास से की गणेश स्थापना, महाआरती में उमड़ा जनसैलाब सालमगढ़ में 'गणपति बाप्पा मोरया' की गूंज: श्री राम मित्र मंडल ने हर्षोल्लास से की गणेश स्थापना, महाआरती में उमड़ा जनसैलाब सालमगढ़। कस्बे में गणेश उत्सव के पावन पर्व पर धार्मिक उत्साह और अगाध भक्ति का अद्भुत माहौल देखने को मिल रहा है। श्री राम मित्र मंडल के तत्वावधान में गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश जी की प्रतिमा की भव्य स्थापना की गई। कार्यक्रम के दौरान करणी सेना अध्यक्ष व मुख्य यजमान अनूप सिंह राव ने पूर्ण विधि-विधान और पूजा-अर्चना के साथ श्री गणेश जी की मूर्ति स्थापित करवाई। स्थापना के उपरांत आयोजित भव्य महाआरती में समूचे क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। महाआरती के पश्चात सभी भक्तों को प्रसादी का वितरण किया गया। इस धार्मिक आयोजन में बजरंग दल प्रखंड संयोजक अजय चौधरी, सालमगढ़ नगर अध्यक्ष कुलदीप बैरागी, और सालमगढ़ लैम्प्स अध्यक्ष अशोक चौधरी विशेष रूप से उपस्थित रहे। श्री राम मित्र मंडल के सदस्यों व स्थानीय ग्रामीणों के भक्तिमय भजनों और 'गणपति बाप्पा मोरया, मंगल मूर्ति मोरया' के गगनभेदी जयकारों से पूरा क्षेत्र धर्ममय हो उठा।1
- मोवाई चूपना के बींच कुएं में मिला 40 वर्षीय व्यक्ति का शव, इलाके में फैली सनसनी1