एक ही कागज से कितनी जगहों पर कब्जा? खेसरा और नक्शे में कथित गड़बड़ी को लेकर जिला प्रशासन से जांच की मांग (रिपोर्टर अनिल जटिया) एक ही कागज से कितनी जगहों पर कब्जा? खेसरा और नक्शे में कथित गड़बड़ी को लेकर जिला प्रशासन से जांच की मांग (रिपोर्टर अनिल जटिया) समस्तीपुर। जमीन के पुराने और नए खेसरा नंबर, दस्तावेजों तथा नक्शे में कथित गड़बड़ी को लेकर एक परिवार ने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिवार का आरोप है कि उनकी अनुपस्थिति में जमीन से संबंधित कागजी कार्रवाई की गई और बाद में उसी जमीन को लेकर विवाद खड़ा हो गया। परिवार के अनुसार, पुराना खेसरा नंबर 67 उनके दादी के पिता जी के नाम से दर्ज था, जबकि बाद में इसका नया खेसरा नंबर 61 हो गया। उनका कहना है कि जब कागजात तैयार किए जा रहे थे, तब वे शादी में बाहर गए हुए थे। परिवार ने आरोप लगाया कि इसी दौरान रघुनाथ भगत के परिवार को विपत भगत की पत्नी से संबंधित खेसरा नंबर 58 की जमीन लिखे जाने तथा उसके बदले रघुनाथ भगत के परिवार से दस्तखत करवाकर कागज रखे जाने की बात सामने आई। अब कथित रूप से उसी जमीन के बदले उनके घर की जमीन को नक्शे में दिखाया जा रहा है। परिवार का दावा है कि उनकी खरीदी हुई जमीन पर पहले से दो मंजिला मकान बना हुआ है, इसके बावजूद नक्शे में जमीन की स्थिति और खेसरा नंबर को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। उनका आरोप है कि खेसरा नंबर 209 की जगह नक्शे में 119 दिखाया गया है। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें बदनाम करने के लिए तरह-तरह की अफवाहें फैलाई गईं और उनकी बात को गलत साबित करने का प्रयास किया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। परिवार की मांग है कि पुराने और नए खेसरा नंबर, मूल राजस्व रिकॉर्ड, रजिस्ट्री, नक्शे तथा जमीन का सरकारी सीमांकन कराकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए। साथ ही, यदि दस्तावेजों या नक्शे में किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है तो उसकी जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और जमीन के दस्तावेजों की जांच के बाद सच्चाई क्या सामने आती है। रिपोर्टर अनिल जटिया
एक ही कागज से कितनी जगहों पर कब्जा? खेसरा और नक्शे में कथित गड़बड़ी को लेकर जिला प्रशासन से जांच की मांग (रिपोर्टर अनिल जटिया) एक ही कागज से कितनी जगहों पर कब्जा? खेसरा और नक्शे में कथित गड़बड़ी को लेकर जिला प्रशासन से जांच की मांग (रिपोर्टर अनिल जटिया) समस्तीपुर। जमीन के पुराने और नए खेसरा नंबर, दस्तावेजों तथा नक्शे में कथित गड़बड़ी को लेकर एक परिवार ने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिवार का आरोप है कि उनकी अनुपस्थिति में जमीन से संबंधित कागजी कार्रवाई की गई और बाद में उसी जमीन को लेकर विवाद खड़ा हो गया। परिवार के अनुसार, पुराना खेसरा नंबर 67 उनके दादी के पिता जी के नाम से दर्ज था, जबकि बाद में इसका नया खेसरा नंबर 61 हो गया। उनका कहना है कि जब कागजात तैयार किए जा रहे थे, तब वे शादी में बाहर गए हुए थे। परिवार ने आरोप लगाया कि इसी दौरान रघुनाथ भगत के परिवार को विपत भगत की पत्नी से संबंधित खेसरा नंबर 58 की जमीन लिखे जाने तथा उसके बदले रघुनाथ भगत के परिवार से दस्तखत करवाकर कागज रखे जाने
की बात सामने आई। अब कथित रूप से उसी जमीन के बदले उनके घर की जमीन को नक्शे में दिखाया जा रहा है। परिवार का दावा है कि उनकी खरीदी हुई जमीन पर पहले से दो मंजिला मकान बना हुआ है, इसके बावजूद नक्शे में जमीन की स्थिति और खेसरा नंबर को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। उनका आरोप है कि खेसरा नंबर 209 की जगह नक्शे में 119 दिखाया गया है। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें बदनाम करने के लिए तरह-तरह की अफवाहें फैलाई गईं और उनकी बात को गलत साबित करने का प्रयास किया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। परिवार की मांग है कि पुराने और नए खेसरा नंबर, मूल राजस्व रिकॉर्ड, रजिस्ट्री, नक्शे तथा जमीन का सरकारी सीमांकन कराकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए। साथ ही, यदि दस्तावेजों या नक्शे में किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है तो उसकी जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और जमीन के दस्तावेजों की जांच के बाद सच्चाई क्या सामने आती है। रिपोर्टर अनिल जटिया
- MP - सागर जहरीली शराब कांड के दूसरे आरोपी का भी आज शॉर्ट एनकाउंटर किया गया है। ऐसे में अब हमारे राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर कोई चिंता की बात नहीं है। अब हर अपराधी के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी। डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री1
- सालमगढ़ में गणपति बाप्पा मोरया के जयकारों से गूंजे घर और पंडाल गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर सालमगढ़ में गणपति बाप्पा मोरया के जयकारों से गूंजे घर और पंडाल गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर सालमगढ़ में चारों ओर भक्ति और उत्सव का माहौल है। कस्बे में विभिन्न स्थानों, सार्वजनिक पंडालों और श्रद्धालुओं के घरों में विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश की प्रतिमाएं गाजे-बाजे और ढोल-नगाड़ों की थाप पर पूरे विधि-विधान से स्थापित की गई हैं। उत्सव की प्रमुख झलकियां: भव्य शोभायात्राएं: श्रद्धालु गणपति बाप्पा को अपने घर और पंडालों में लाने के लिए अबीर-गुलाल उड़ाते हुए और "गणपति बाप्पा मोरया, मंगल मूर्ति मोरया" के जयकारे लगाते हुए गाजे-बाजे के साथ निकले। वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा: शुभ मुहूर्त में पंडितों और आचार्यों द्वारा विधि-विधान से प्राण-प्रतिष्ठा कर महाआरती की गई और भगवान को मोदक व लड्डू का भोग चढ़ाया गया। सजे हुए घर व पंडाल: कस्बे के कई प्रमुख चौराहों और कॉलोनियों में आकर्षक झांकियां सजाई गई हैं। रोशनी और फूलों से सजे पंडालों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। सांस्कृतिक व धार्मिक कार्यक्रम: आगामी दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव के दौरान शाम को भजन संध्या, आरती और विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। पूरा सालमगढ़ क्षेत्र इस समय भक्तिमय ऊर्जा और उत्साह से सराबोर है।1
- मंदसौर की धरती पर खुशियों की बहार हो, हर घर में गणपति बप्पा का प्यार हो। 🌺🙏 गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएँ 🙏🌺 मंदसौर की धरती पर खुशियों की बहार हो, हर घर में गणपति बप्पा का प्यार हो। दूर हों सारे दुख और खुशियाँ हजार हों, गणपति बप्पा की कृपा से हर सपना साकार हो। ❤️ 🐘🌿 गणपति बप्पा मोरया! 🌿🐘 समस्त मंदसौरवासियों को गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएँ। 🙏1
- संत रविदास स्वरोजगार योजना से साकार हुआ तनसुख का सपना, खाद-बीज भंडार से प्रतिमाह 30–40 हजार रुपये की आय नीमच, 14 सितंबर 2026। शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंदों को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का सशक्त माध्यम बन रही हैं। ऐसी ही एक योजना का लाभ लेकर नीमच जिले के ग्राम कराडिया महाराज निवासी श्री तनसुख लाल पिता श्री कैलाश चंद्र ने अपने स्वरोजगार का सपना साकार किया और आज सफलतापूर्वक खाद-बीज भंडार संचालित कर आत्मनिर्भर जीवन की ओर बढ़ रहे हैं। श्री तनसुख लाल को संत रविदास स्वरोजगार योजना के तहत जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति के माध्यम से स्वरोजगार स्थापित करने के लिए सहायता मिली। योजना के अंतर्गत उन्हें भारतीय स्टेट बैंक, जीरन शाखा से 7 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इस राशि का उपयोग कर उन्होंने अपना खाद-बीज भंडार प्रारंभ किया। व्यवसाय शुरू होने के बाद श्री तनसुख लाल की आर्थिक स्थिति में निरंतर सुधार आया है। वर्तमान में वे अपने खाद-बीज भंडार से प्रतिमाह लगभग 30 से 40 हजार रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं। स्वरोजगार से प्राप्त नियमित आय ने न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है, बल्कि उनमें आत्मविश्वास और स्वावलंबन की भावना को भी बढ़ाया है। श्री तनसुख लाल बताते हैं कि पहले स्वयं का व्यवसाय शुरू करना उनके लिए एक सपना था, लेकिन आर्थिक संसाधनों के अभाव में यह संभव नहीं हो पा रहा था। संत रविदास स्वरोजगार योजना और जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति के सहयोग से उन्हें आवश्यक वित्तीय संबल मिला और उनका सपना साकार हो सका। आज वे अपने व्यवसाय का संचालन स्वयं कर रहे हैं और मेहनत से आगे बढ़ रहे हैं। जिले में कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के मार्गदर्शन में विभिन्न स्वरोजगार एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग स्वरोजगार से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बन सकें। श्री तनसुख लाल ने स्वरोजगार स्थापित करने में सहयोग के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। वे कहते हैं कि शासन की योजना से मिले सहयोग ने उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर दिया है। आज उनका खाद-बीज भंडार न केवल उनकी आय का माध्यम है, बल्कि उनके आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की नई पहचान भी बन गया है।2
- नीमच संस्कार पब्लिक स्कूल मैं मेरे भांजे के साथ स्कूल प्रिंसिपल द्वारा बहुत ही बेरहमी से पिटाई की गई उक्त प्रिंसिपल के खिलाफ पुलिस प्रशासन मामले को संज्ञान में लेकर उचित कार्रवाई करें विष्णु पंवार प्रिंसिपल 79995232071
- MP - हाईवे पर 3 घंटे तक मृतक के परिजनों ने किया जाम फैक्ट्री के जहरीले पानी से 5 मवेशियों और युवक के मौत पर भड़के ग्रामीण _*एथेनॉल फैक्ट्री मे करंट लगने से युवक की मौत*_ हाईवे पर 3 घंटे तक मृतक के परिजनों ने किया जाम फैक्ट्री के जहरीले पानी से 5 मवेशियों और युवक के मौत पर भड़के ग्रामीण एसडीओपी व थाना प्रभारी की समझाईस के बाद किया धरना समाप्त1
- सालमगढ़ में हरतालिका तीज की धूम: सुहागिनों ने रखा निर्जला व्रत, गूंजे 'हर-हर महादेव' के जयकारे सालमगढ़ में हरतालिका तीज की धूम: सुहागिनों ने रखा निर्जला व्रत, गूंजे 'हर-हर महादेव' के जयकारे सालमगढ़। कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हरतालिका तीज का पावन पर्व मंगलवार को पारंपरिक श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। पति की लंबी उम्र और परिवार की खुशहाली की कामना को लेकर सुहागिन महिलाओं ने दिनभर निराहार और निर्जला व्रत रखा। देवालयों में उमड़ा जनसैलाब संध्याकाल होते ही महिलाओं ने नए वस्त्र पहनकर और सोलह श्रृंगार कर निकटवर्ती मंदिरों का रुख किया। कस्बे के प्रमुख शिव मंदिरों में दर्शन और पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। महिलाओं ने विधि-विधान से भगवान भोलेनाथ, माता पार्वती और श्री गणेश जी का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की और अखंड सौभाग्य का वरदान मांगा। मंदिरों में सजा भव्य फुलेरा हरतालिका तीज के विशेष अवसर पर सभी शिवालयों में प्राकृतिक फूलों और पत्तियों से मनमोहक 'फुलेरा' बांधा गया। रंग-बिरंगे फूलों से महकते गर्भगृह और रोशनी की सजावट ने मंदिरों के वातावरण को अत्यंत दिव्य बना दिया। कथा श्रवण और भजन-कीर्तन पूजन के दौरान महिलाओं ने समूह में बैठकर हरतालिका तीज की पौराणिक व्रत कथा सुनी। इसके बाद 'ओम नमः शिवाय' और माता पार्वती के भजनों से मंदिर परिसर गूंज उठा। देर रात तक चले भजन-कीर्तन के बाद आरती की गई और श्रद्धालुओं में महाप्रसाद का वितरण हुआ।1
- मनासा क्षेत्र के कान्वेंट स्कूल के पास गाडूलिया बस्ती में गंदगी का मंजर, खुले आम कर रहे है गंदगी और कोई हादसे का इंतजार कर रहा प्रशासन? मनासा में गंदगी का मंजर, हादसे का इंतजार कर रहा प्रशासन? मनासा। नगर में स्वच्छता व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। मुंडरा एमजी कॉलोनी के आसपास जगह-जगह गंदगी और कीचड़ का आलम है। आने-जाने वाली महिलाओं और स्थानीय रहवासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या को लेकर नगर परिषद के अधिकारियों को बार-बार अवगत कराया गया, लेकिन इसके बावजूद मौके पर प्रभावी और सख्त कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। बारिश के बाद कीचड़ और गंदगी ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। वहीं, गाडूलिया बस्ती के पास पानी की टंकी क्षेत्र में छोटे बच्चे आए दिन टंकी के ऊपर मंडराते नजर आते हैं। ऐसे में सवाल यह है कि यदि कोई बच्चा ऊंचाई से गिर गया या कोई बड़ा हादसा हो गया, तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी? स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर परिषद को इस मामले में किसी बड़े हादसे का इंतजार नहीं करना चाहिए। बच्चों की सुरक्षा और साफ-सफाई दोनों ही गंभीर विषय हैं। अब देखना होगा कि नगर परिषद मनासा कब जागती है और कब इन समस्याओं का स्थायी समाधान करती है। सवाल सीधा है—क्या प्रशासन हादसा होने के बाद कार्रवाई करेगा, या हादसे से पहले ही जागेगा?3
- फिर ठेकेदार की लापरवाही सामने आई रोडवेज बस व प्राईवेट बस की भिड़ंत क्या कोई कार्रवाई होगी1