मनासा क्षेत्र के कान्वेंट स्कूल के पास गाडूलिया बस्ती में गंदगी का मंजर, खुले आम कर रहे है गंदगी और कोई हादसे का इंतजार कर रहा प्रशासन? मनासा में गंदगी का मंजर, हादसे का इंतजार कर रहा प्रशासन? मनासा। नगर में स्वच्छता व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। मुंडरा एमजी कॉलोनी के आसपास जगह-जगह गंदगी और कीचड़ का आलम है। आने-जाने वाली महिलाओं और स्थानीय रहवासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या को लेकर नगर परिषद के अधिकारियों को बार-बार अवगत कराया गया, लेकिन इसके बावजूद मौके पर प्रभावी और सख्त कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। बारिश के बाद कीचड़ और गंदगी ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। वहीं, गाडूलिया बस्ती के पास पानी की टंकी क्षेत्र में छोटे बच्चे आए दिन टंकी के ऊपर मंडराते नजर आते हैं। ऐसे में सवाल यह है कि यदि कोई बच्चा ऊंचाई से गिर गया या कोई बड़ा हादसा हो गया, तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी? स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर परिषद को इस मामले में किसी बड़े हादसे का इंतजार नहीं करना चाहिए। बच्चों की सुरक्षा और साफ-सफाई दोनों ही गंभीर विषय हैं। अब देखना होगा कि नगर परिषद मनासा कब जागती है और कब इन समस्याओं का स्थायी समाधान करती है। सवाल सीधा है—क्या प्रशासन हादसा होने के बाद कार्रवाई करेगा, या हादसे से पहले ही जागेगा?
मनासा क्षेत्र के कान्वेंट स्कूल के पास गाडूलिया बस्ती में गंदगी का मंजर, खुले आम कर रहे है गंदगी और कोई हादसे का इंतजार कर रहा प्रशासन? मनासा में गंदगी का मंजर, हादसे का इंतजार कर रहा प्रशासन? मनासा। नगर में स्वच्छता व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। मुंडरा एमजी कॉलोनी के आसपास जगह-जगह गंदगी और कीचड़ का आलम है। आने-जाने वाली महिलाओं और स्थानीय रहवासियों को काफी परेशानी का सामना करना
पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या को लेकर नगर परिषद के अधिकारियों को बार-बार अवगत कराया गया, लेकिन इसके बावजूद मौके पर प्रभावी और सख्त कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। बारिश के बाद कीचड़ और गंदगी ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। वहीं, गाडूलिया बस्ती के पास पानी की टंकी क्षेत्र में छोटे बच्चे आए दिन टंकी के ऊपर मंडराते नजर आते हैं। ऐसे में सवाल यह है कि यदि कोई बच्चा ऊंचाई
से गिर गया या कोई बड़ा हादसा हो गया, तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी? स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर परिषद को इस मामले में किसी बड़े हादसे का इंतजार नहीं करना चाहिए। बच्चों की सुरक्षा और साफ-सफाई दोनों ही गंभीर विषय हैं। अब देखना होगा कि नगर परिषद मनासा कब जागती है और कब इन समस्याओं का स्थायी समाधान करती है। सवाल सीधा है—क्या प्रशासन हादसा होने के बाद कार्रवाई करेगा, या हादसे से पहले ही जागेगा?
- संत रविदास स्वरोजगार योजना से साकार हुआ तनसुख का सपना, खाद-बीज भंडार से प्रतिमाह 30–40 हजार रुपये की आय नीमच, 14 सितंबर 2026। शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंदों को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का सशक्त माध्यम बन रही हैं। ऐसी ही एक योजना का लाभ लेकर नीमच जिले के ग्राम कराडिया महाराज निवासी श्री तनसुख लाल पिता श्री कैलाश चंद्र ने अपने स्वरोजगार का सपना साकार किया और आज सफलतापूर्वक खाद-बीज भंडार संचालित कर आत्मनिर्भर जीवन की ओर बढ़ रहे हैं। श्री तनसुख लाल को संत रविदास स्वरोजगार योजना के तहत जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति के माध्यम से स्वरोजगार स्थापित करने के लिए सहायता मिली। योजना के अंतर्गत उन्हें भारतीय स्टेट बैंक, जीरन शाखा से 7 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इस राशि का उपयोग कर उन्होंने अपना खाद-बीज भंडार प्रारंभ किया। व्यवसाय शुरू होने के बाद श्री तनसुख लाल की आर्थिक स्थिति में निरंतर सुधार आया है। वर्तमान में वे अपने खाद-बीज भंडार से प्रतिमाह लगभग 30 से 40 हजार रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं। स्वरोजगार से प्राप्त नियमित आय ने न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है, बल्कि उनमें आत्मविश्वास और स्वावलंबन की भावना को भी बढ़ाया है। श्री तनसुख लाल बताते हैं कि पहले स्वयं का व्यवसाय शुरू करना उनके लिए एक सपना था, लेकिन आर्थिक संसाधनों के अभाव में यह संभव नहीं हो पा रहा था। संत रविदास स्वरोजगार योजना और जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति के सहयोग से उन्हें आवश्यक वित्तीय संबल मिला और उनका सपना साकार हो सका। आज वे अपने व्यवसाय का संचालन स्वयं कर रहे हैं और मेहनत से आगे बढ़ रहे हैं। जिले में कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के मार्गदर्शन में विभिन्न स्वरोजगार एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग स्वरोजगार से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बन सकें। श्री तनसुख लाल ने स्वरोजगार स्थापित करने में सहयोग के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। वे कहते हैं कि शासन की योजना से मिले सहयोग ने उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर दिया है। आज उनका खाद-बीज भंडार न केवल उनकी आय का माध्यम है, बल्कि उनके आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की नई पहचान भी बन गया है।2
- नीमच संस्कार पब्लिक स्कूल मैं मेरे भांजे के साथ स्कूल प्रिंसिपल द्वारा बहुत ही बेरहमी से पिटाई की गई उक्त प्रिंसिपल के खिलाफ पुलिस प्रशासन मामले को संज्ञान में लेकर उचित कार्रवाई करें विष्णु पंवार प्रिंसिपल 79995232071
- खबर का असर, केदारेश्वर जीर्णोद्धार समिति ने तोड़ी चुप्पी, कहा - हमारे हक का पैसा बरवाड़िया कैसे गया मामला केदारेश्वर महादेव डोम घोटाले का रामपुरा/नीमच: गत दिनों चर्चाओं में रहें जिला नीमच अंतर्गत रामपुरा तहसील क्षेत्र अंतर्गत ऐतिहासिक केदारेश्वर महादेव मंदिर डोम घोटाला विवाद में स्थानीय जिम्मेदार मीडिया द्वारा खबरें प्रकाशित करने के पश्चात नया मोड़ आता दिखाई दिया, आखिरकार श्री केदारेश्वर जीर्णोद्धार समिति ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए साफ कहा है कि, मुख्यमंत्री जी ने पैसा केदारेश्वर धाम के लिए दिया था, तो वो पैसा बारवाड़िया कैसे पहुंच गया? ये केदारेश्वर धाम के भक्तों की आस्था के साथ सीधा धोखा है। समिति का कहना है कि, केदारेश्वर मंदिर का हक, केदारेश्वर के श्रद्धालुओं को ही मिलना चाहिए। अगर जल्द ही इस पूरे मामले की जांच नहीं हुई और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो समिति बड़ा आंदोलन करेगी। ज्ञात हो कि, मुख्यमंत्री विशेष निधि से केदारेश्वर मंदिर क्षेत्र में डोम के लिए राशि स्वीकृत हुई थी, लेकिन अधिकारियों और ग्राम पंचायत बारवाडिया सरपंच की मिली भगत के चलते डोम का निर्माण कार्य ग्राम बारवाड़िया में निर्माणाधीन हैं। अब श्री केदारेश्वर जीर्णोद्धार समिति के इस महत्वपूर्ण बयान के पश्चात क्या जिम्मेदार शासन प्रशासन और जनप्रतिनिधिजन केदारेश्वर महादेव मंदिर को न्याय हक़ दिलाते है। यह एक बड़ा सवाल हैं। हमारी मांग पहले भी यही थी, आज भी यही है कि, इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और ऐतिहासिक केदारेश्वर धाम को उसका हक़ मिले।1
- आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश, नीमच में सिखाए गए माटी गणेश बनाने के गुर नीमच, मध्यप्रदेश से है जहां। गणेश उत्सव की तैयारियों के बीच नीमच से आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संदेश सामने आया है। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की ओर से “सिद्ध गणेश–माटी गणेश” अभियान के तहत स्वामी विवेकानंद शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में माटी गणेश प्रतिमा निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां प्रतिभागियों को मिट्टी से भगवान गणेश की प्रतिमा बनाने की विधि सिखाई गई और प्राकृतिक सामग्री के उपयोग के साथ पर्यावरण अनुकूल गणेश उत्सव का संदेश दिया गया। प्रशिक्षक माया दवे ने प्रतिमा निर्माण का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। खास बात यह है कि नीमच में एक ओर माटी गणेश के जरिए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है, तो दूसरी ओर गणेश चतुर्थी को लेकर शहर में जबरदस्त उत्साह नजर आ रहा है। जगह-जगह भव्य पंडाल सज चुके हैं और श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों के साथ गणपति बप्पा की प्रतिमाएं अपने घरों और पंडालों तक लेकर पहुंच रहे हैं। संदेश साफ है—आस्था भी रहे, उत्सव भी हो और प्रकृति भी सुरक्षित रहे।1
- आदित्य ठाकरे, सूरज पंचोली, डिनो मोरिया…’ दिशा सालियान केस में पिता सतीश ने CBI को बताया पूरा घटनाक्रम, वकील ने भी खोले कई राज दिशा सालियान केस एक बार फिर सुर्खियों में है। उनके पिता सतीश सालियान ने सीबीआई के सामने अपना बयान दर्ज कराया है। उन्होंने जांच अधिकारियों को कई अहम नाम औरमुंबई में दिवंगत दिशा सालियान की मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में है। दिशा के पिता सतीश सालियान ने शुक्रवार को सीबीआई के सामने अपना बयान दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि उन्होंने अधिकारियों को मामले से जुड़ी सभी बातें और जिन लोगों के नाम उनके सामने आए हैं, उनकी जानकारी दी है। बयान दर्ज होने के बाद अब मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर नजरें जांच एजेंसी पर हैं। घटनाओं से जुड़ी जानकारी दी है, जिसके बाद मामले में हलचल बढ़ गई है।सतीश सालियान ने कहा कि उन्होंने अपने बयान में आदित्य ठाकरे, सूरज पांचोली, डिनो मोरिया और सुशांत सिंह राजपूत के बॉडीगार्ड समेत कई लोगों के नाम बताए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने उनकी बातों को लिखित रूप में दर्ज किया और उन्हें बताया कि कुछ दिनों में इस पर कार्रवाई शुरू की जाएगी। ‘सत्य पराजित नहीं होता’, बोले सतीश सालियान बयान दर्ज कराने के बाद सतीश सालियान ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों को वही बताया है जो तथ्य उनके सामने हैं। जब उनसे पूछा गया कि इतने लंबे समय तक उनकी बात नहीं सुनी गई और अब मामले में सुनवाई आगे बढ़ रही है, तो उन्होंने कहा कि सत्य कभी पराजित नहीं होता। उन्होंने कहा, “जिधर सत्य है, उधर भगवान खड़ा रहता है।” सतीश सालियान ने उम्मीद जताई कि उनकी बेटी को न्याय मिलेगा।सीबीआई ने दिशा सालियान की मौत से जुड़े सभी दस्तावेज हासिल करने के लिए पहले मालवणी पुलिस से संपर्क किया था। शुक्रवार को डीएसपी पूरन कुमार की देखरेख में सतीश सालियान का बयान दर्ज किया गया। हालांकि, सीबीआई ने इस घटनाक्रम पर अब तक आधिकारिक तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की है। दिशा और सुशांत केस को जोड़ने का दावा सतीश सालियान के वकील निलेश ओझा ने दावा किया कि दिशा सालियान और अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले आपस में जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश के मुताबिक पहले सतीश सालियान का बयान दर्ज किया जाना और एफआईआर दर्ज करना जरूरी है। इसके बाद जांच में सामने आने वाले सबूतों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ओझा ने दावा किया कि जांच से जुड़े पर्याप्त सबूत उनके पास हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि कुछ बातें अभी सार्वजनिक नहीं की जा सकतीं क्योंकि इससे जांच प्रभावित हो सकती है।2
- NEWS:-नीमच के संस्कार स्कूल में शर्मनाक घटना,8वीं के छात्र से बेरहमी, CCTV ने खड़े किए गंभीर सवाल,कुर्सी से साथी छात्र के गिरने पर भड़के प्राचार्य पर मारपीट के आरोप,बच्चे को हाथ-पैर से पीटने और घसीटने का वीडियो सामने आया मनासा।नीमच के संस्कार स्कूल में शर्मनाक घटना,8वीं के छात्र से बेरहमी, CCTV ने खड़े किए गंभीर सवाल,कुर्सी से साथी छात्र के गिरने पर भड़के प्राचार्य पर मारपीट के आरोप,बच्चे को हाथ-पैर से पीटने और घसीटने का वीडियो सामने आया1
- मनासा क्षेत्र के कान्वेंट स्कूल के पास गाडूलिया बस्ती में गंदगी का मंजर, खुले आम कर रहे है गंदगी और कोई हादसे का इंतजार कर रहा प्रशासन? मनासा में गंदगी का मंजर, हादसे का इंतजार कर रहा प्रशासन? मनासा। नगर में स्वच्छता व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। मुंडरा एमजी कॉलोनी के आसपास जगह-जगह गंदगी और कीचड़ का आलम है। आने-जाने वाली महिलाओं और स्थानीय रहवासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या को लेकर नगर परिषद के अधिकारियों को बार-बार अवगत कराया गया, लेकिन इसके बावजूद मौके पर प्रभावी और सख्त कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। बारिश के बाद कीचड़ और गंदगी ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। वहीं, गाडूलिया बस्ती के पास पानी की टंकी क्षेत्र में छोटे बच्चे आए दिन टंकी के ऊपर मंडराते नजर आते हैं। ऐसे में सवाल यह है कि यदि कोई बच्चा ऊंचाई से गिर गया या कोई बड़ा हादसा हो गया, तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी? स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर परिषद को इस मामले में किसी बड़े हादसे का इंतजार नहीं करना चाहिए। बच्चों की सुरक्षा और साफ-सफाई दोनों ही गंभीर विषय हैं। अब देखना होगा कि नगर परिषद मनासा कब जागती है और कब इन समस्याओं का स्थायी समाधान करती है। सवाल सीधा है—क्या प्रशासन हादसा होने के बाद कार्रवाई करेगा, या हादसे से पहले ही जागेगा?3
- फिर ठेकेदार की लापरवाही सामने आई रोडवेज बस व प्राईवेट बस की भिड़ंत क्या कोई कार्रवाई होगी1