जनपद जालौन में एक बड़े प्रशासनिक अधिकारी और एक ब्लॉक प्रमुख/मटर व्यापारी के बीच सीधा टकराव सामने आया है, जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। इसी क्रम में, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से ब्लॉक प्रमुख और बड़े मटर व्यापारी रामराज निरंजन ने मुख्यालय उरई के होटल नवोदय सरोवर में एक प्रेस वार्ता कर मीडिया को सीसीटीवी फुटेज सौंपे। इन फुटेज के जरिए उन्होंने जालौन के उप जिलाधिकारी (एसडीएम) रिंकू सिंह राही पर 23 जून को कोल्ड स्टोर के निरीक्षण के दौरान थप्पड़ मारने का गंभीर आरोप लगाया है। प्रेस वार्ता में निरंजन ने खुद को "एक जनप्रतिनिधि नहीं, एक किसान और उद्यमी" बताते हुए अपनी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने बताया कि वह वर्ष 1999 से किसानों की सेवा कर रहे हैं और उनका बेतवा आइस एंड कोल्ड स्टोर हजारों किसानों की उपज को सुरक्षित रखता है। निरंजन के अनुसार, 23 जून 2026 को दोपहर लगभग 4:07 बजे, जिलाधिकारी द्वारा गठित एक जांच समिति, जिसकी अध्यक्षता उप जिलाधिकारी रिंकू सिंह राही कर रहे थे, उनके कोल्ड स्टोर के निरीक्षण के लिए पहुंची। उन्होंने समिति का सम्मानपूर्वक स्वागत किया। निरीक्षण के दौरान, एसडीएम ने फायर पंप चालू करने को कहा, और जब प्रेशर बनने में समय लगा, तो आरोप लगाया कि पंप खराब है, जबकि वीडियो में पंप ठीक से चलता दिख रहा था। इसके बाद, एसडीएम ने ढाई मिनट के भीतर कोल्ड स्टोर के दस्तावेज लाने को कहा। रामराज निरंजन ने एसडीएम से कार्यालय में चलकर पेपर देखने का आग्रह किया, जिस पर एसडीएम भड़क गए। निरंजन ने अपने कोल्ड स्टोर के निदेशक राजेश शुक्ला को फोन करके पेपर वहीं लाने को कहा। निरंजन का आरोप है कि दो मिनट पूरे होने से पहले ही रिंकू सिंह राही ने कहा कि उनका समय समाप्त हो गया है, और फिर चिल्लाने व गाली-गलौच करने लगे। जब निरंजन ने इस घटनाक्रम को अपने मोबाइल पर रिकॉर्ड करना शुरू किया, तो एसडीएम रिंकू सिंह राही ने कथित तौर पर उन्हें थप्पड़ मार दिया, जो सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट दिखाई दे रहा है। निरंजन का दावा है कि वह गिरते-गिरते बचे और उन्हें 'बहुत बेइज्जती' महसूस हुई। उन्होंने बताया कि इस घटना के 50 किसान और कई प्रशासनिक अधिकारी गवाह थे। घटना के तुरंत बाद, उन्होंने दूरभाष पर जिलाधिकारी को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। निरंजन ने सवाल उठाया कि "किस कानून ने इन्हें थप्पड़ मारने का अधिकार दिया है?" उन्होंने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अगर उनके जैसे व्यक्ति को थप्पड़ मारा जा सकता है और उनके साथ बदतमीजी की जा सकती है, तो आम आदमी का क्या होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें कोई वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं, बल्कि केवल न्याय चाहिए। निरंजन ने यह भी चेतावनी दी कि अगर आज उनके साथ ऐसा हुआ है, तो कल किसी और किसान के साथ भी ऐसा हो सकता है। अंत में, उन्होंने एसडीएम को चुनौती देते हुए कहा, "एसडीएम साहब! ईमानदारी दिखा रहे थे या गुंडागर्दी आप खुद भी देख ले ?" निरंजन ने ये सभी वीडियो और सीसीटीवी फुटेज समस्त मीडिया को उपलब्ध कराए हैं। फिलहाल, यह मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है, और आने वाला समय बताएगा कि इस टकराव में कौन भारी पड़ता है।
जनपद जालौन में एक बड़े प्रशासनिक अधिकारी और एक ब्लॉक प्रमुख/मटर व्यापारी के बीच सीधा टकराव सामने आया है, जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। इसी क्रम में, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से ब्लॉक प्रमुख और बड़े मटर व्यापारी रामराज निरंजन ने मुख्यालय उरई के होटल नवोदय सरोवर में एक प्रेस वार्ता कर मीडिया को सीसीटीवी फुटेज सौंपे। इन फुटेज के जरिए उन्होंने जालौन के उप जिलाधिकारी (एसडीएम) रिंकू सिंह राही पर 23 जून को कोल्ड स्टोर के निरीक्षण के दौरान थप्पड़ मारने का गंभीर आरोप लगाया है। प्रेस वार्ता में निरंजन ने खुद को "एक जनप्रतिनिधि नहीं, एक किसान और उद्यमी" बताते हुए अपनी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने बताया कि वह वर्ष 1999 से किसानों की सेवा कर रहे हैं और उनका बेतवा आइस एंड कोल्ड स्टोर हजारों किसानों की उपज को सुरक्षित रखता है। निरंजन के अनुसार, 23 जून 2026 को दोपहर लगभग 4:07 बजे, जिलाधिकारी द्वारा गठित एक जांच समिति, जिसकी अध्यक्षता उप जिलाधिकारी रिंकू सिंह राही कर रहे थे, उनके कोल्ड स्टोर के निरीक्षण के लिए पहुंची। उन्होंने समिति का सम्मानपूर्वक स्वागत किया। निरीक्षण के दौरान, एसडीएम ने फायर पंप चालू करने को कहा, और जब प्रेशर बनने में समय लगा, तो आरोप लगाया कि पंप खराब है, जबकि वीडियो में पंप ठीक से चलता दिख रहा था। इसके बाद, एसडीएम ने ढाई मिनट के भीतर कोल्ड स्टोर के दस्तावेज लाने को कहा। रामराज निरंजन ने एसडीएम से कार्यालय में चलकर पेपर देखने का आग्रह किया, जिस पर एसडीएम भड़क गए। निरंजन ने अपने कोल्ड स्टोर के निदेशक राजेश शुक्ला को फोन करके पेपर वहीं लाने को कहा। निरंजन का आरोप है कि दो मिनट पूरे होने से पहले ही रिंकू सिंह राही ने कहा कि उनका समय समाप्त हो गया है, और फिर चिल्लाने व गाली-गलौच करने लगे। जब निरंजन ने इस घटनाक्रम को अपने मोबाइल पर रिकॉर्ड करना शुरू किया, तो एसडीएम रिंकू सिंह राही ने कथित तौर पर उन्हें थप्पड़ मार दिया, जो सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट दिखाई दे रहा है। निरंजन का दावा है कि वह गिरते-गिरते बचे और उन्हें 'बहुत बेइज्जती' महसूस हुई। उन्होंने बताया कि इस घटना के 50 किसान और कई प्रशासनिक अधिकारी गवाह थे। घटना के तुरंत बाद, उन्होंने दूरभाष पर जिलाधिकारी को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। निरंजन ने सवाल उठाया कि "किस कानून ने इन्हें थप्पड़ मारने का अधिकार दिया है?" उन्होंने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अगर उनके जैसे व्यक्ति को थप्पड़ मारा जा सकता है और उनके साथ बदतमीजी की जा सकती है, तो आम आदमी का क्या होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें कोई वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं, बल्कि केवल न्याय चाहिए। निरंजन ने यह भी चेतावनी दी कि अगर आज उनके साथ ऐसा हुआ है, तो कल किसी और किसान के साथ भी ऐसा हो सकता है। अंत में, उन्होंने एसडीएम को चुनौती देते हुए कहा, "एसडीएम साहब! ईमानदारी दिखा रहे थे या गुंडागर्दी आप खुद भी देख ले ?" निरंजन ने ये सभी वीडियो और सीसीटीवी फुटेज समस्त मीडिया को उपलब्ध कराए हैं। फिलहाल, यह मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है, और आने वाला समय बताएगा कि इस टकराव में कौन भारी पड़ता है।
- जालौन जिले की कुठोंद थाना पुलिस को अपराध नियंत्रण अभियान के तहत एक बड़ी सफलता मिली है। थाना प्रभारी जगदंबा दुबे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर कार्रवाई करते हुए घेराबंदी कर तीन अंतर्जनपदीय चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से अवैध असलहा, कारतूस, एक मोटरसाइकिल, नकद रुपये, लोहे का सब्बल और मोबाइल फोन सहित कई अन्य सामान बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, ये गिरफ्तार किए गए आरोपी लंबे समय से विभिन्न जनपदों में चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। मुखबिर से पुख्ता जानकारी मिलने के बाद, पुलिस टीम ने एक सुनियोजित रणनीति के तहत घेराबंदी कर तीनों को धर दबोचा। तलाशी के दौरान उनके पास से दो अवैध तमंचे, दो जिंदा और दो मिस कारतूस, चोरी में इस्तेमाल किया गया लोहे का सब्बल, एक मोटरसाइकिल, नकद रुपये और मोबाइल फोन बरामद हुए। आरोपियों से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ सामने आने की बात कही जा रही है। पुलिस उनसे अन्य चोरी की घटनाओं के संबंध में गहनता से पूछताछ कर रही है। इसके साथ ही, उनके आपराधिक इतिहास की भी जाँच की जा रही है, ताकि यह पता चल सके कि उन्होंने किन-किन जनपदों में वारदातें की हैं और उनके गिरोह में कौन-कौन लोग शामिल हैं। कुठोंद थाना पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के विरुद्ध यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और क्षेत्र में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।4
- केंद्रीय मंत्रिमंडल में अतिशीघ्र फेरबदल होने की संभावना जताई जा रही है।1
- उत्तर प्रदेश में विकास कार्यों को गति प्रदान करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस और पीलीभीत जिलों को कुल ₹1,117 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इन परियोजनाओं के तहत हाथरस में ₹548 करोड़ और पीलीभीत में ₹569 करोड़ की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास, निवेश और रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। मुख्यमंत्री योगी ने चेतावनी देते हुए कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यदि किसी परियोजना में लापरवाही या अनियमितता पाई गई तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से प्रदेश के आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।1
- जनपद जालौन में पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन दहन' के तहत एक बड़ी कार्रवाई की गई है। जालौन पुलिस ने विभिन्न मामलों में जब्त किए गए कुल 102.049 किलोग्राम मादक पदार्थों को न्यायालय की अनुमति प्राप्त होने के बाद विनष्ट कर दिया। नष्ट किए गए इन मादक पदार्थों की अनुमानित बाजार कीमत 56 लाख 01 हजार 200 रुपये बताई गई है, जो कुल 09 अभियोगों से संबंधित थे। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में हुई और इसमें विधिक प्रक्रिया का पालन किया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि माननीय न्यायालय से अनुमति मिलने के उपरांत ही मादक पदार्थों के विनष्टीकरण की प्रक्रिया नियमानुसार संपन्न कराई गई, जिसकी निगरानी के लिए संबंधित अधिकारी और अन्य जिम्मेदार कर्मचारी भी मौजूद रहे। जालौन पुलिस का स्पष्ट कहना है कि जनपद में नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए उनका अभियान लगातार जारी है। पुलिस ने यह भी बताया कि मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी और वे युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं। पुलिस ने आमजन से भी अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त या तस्करी से संबंधित कोई जानकारी मिलती है, तो वे तत्काल पुलिस को सूचित करें ताकि ऐसे अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।2
- जालौन के जिला मुख्यालय उरई में कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ चल रहे दुष्प्रचार का खंडन किया। विधायक ने उन आरोपों को सिरे से खारिज किया जिनमें उनके गनर द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर में मारपीट किए जाने की बात कही गई थी। विधायक चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि उनकी विधानसभा क्षेत्र के संभावित प्रत्याशी उनकी सामाजिक छवि धूमिल करने के उद्देश्य से इस तरह का दुष्प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने इन सभी आरोपों को निराधार बताया और स्पष्ट किया कि उनकी यह प्रतिक्रिया 220 विधानसभा जालौन से संबंधित है।4
- जनपद जालौन में एक बड़े प्रशासनिक अधिकारी और एक ब्लॉक प्रमुख/मटर व्यापारी के बीच सीधा टकराव सामने आया है, जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। इसी क्रम में, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से ब्लॉक प्रमुख और बड़े मटर व्यापारी रामराज निरंजन ने मुख्यालय उरई के होटल नवोदय सरोवर में एक प्रेस वार्ता कर मीडिया को सीसीटीवी फुटेज सौंपे। इन फुटेज के जरिए उन्होंने जालौन के उप जिलाधिकारी (एसडीएम) रिंकू सिंह राही पर 23 जून को कोल्ड स्टोर के निरीक्षण के दौरान थप्पड़ मारने का गंभीर आरोप लगाया है। प्रेस वार्ता में निरंजन ने खुद को "एक जनप्रतिनिधि नहीं, एक किसान और उद्यमी" बताते हुए अपनी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने बताया कि वह वर्ष 1999 से किसानों की सेवा कर रहे हैं और उनका बेतवा आइस एंड कोल्ड स्टोर हजारों किसानों की उपज को सुरक्षित रखता है। निरंजन के अनुसार, 23 जून 2026 को दोपहर लगभग 4:07 बजे, जिलाधिकारी द्वारा गठित एक जांच समिति, जिसकी अध्यक्षता उप जिलाधिकारी रिंकू सिंह राही कर रहे थे, उनके कोल्ड स्टोर के निरीक्षण के लिए पहुंची। उन्होंने समिति का सम्मानपूर्वक स्वागत किया। निरीक्षण के दौरान, एसडीएम ने फायर पंप चालू करने को कहा, और जब प्रेशर बनने में समय लगा, तो आरोप लगाया कि पंप खराब है, जबकि वीडियो में पंप ठीक से चलता दिख रहा था। इसके बाद, एसडीएम ने ढाई मिनट के भीतर कोल्ड स्टोर के दस्तावेज लाने को कहा। रामराज निरंजन ने एसडीएम से कार्यालय में चलकर पेपर देखने का आग्रह किया, जिस पर एसडीएम भड़क गए। निरंजन ने अपने कोल्ड स्टोर के निदेशक राजेश शुक्ला को फोन करके पेपर वहीं लाने को कहा। निरंजन का आरोप है कि दो मिनट पूरे होने से पहले ही रिंकू सिंह राही ने कहा कि उनका समय समाप्त हो गया है, और फिर चिल्लाने व गाली-गलौच करने लगे। जब निरंजन ने इस घटनाक्रम को अपने मोबाइल पर रिकॉर्ड करना शुरू किया, तो एसडीएम रिंकू सिंह राही ने कथित तौर पर उन्हें थप्पड़ मार दिया, जो सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट दिखाई दे रहा है। निरंजन का दावा है कि वह गिरते-गिरते बचे और उन्हें 'बहुत बेइज्जती' महसूस हुई। उन्होंने बताया कि इस घटना के 50 किसान और कई प्रशासनिक अधिकारी गवाह थे। घटना के तुरंत बाद, उन्होंने दूरभाष पर जिलाधिकारी को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। निरंजन ने सवाल उठाया कि "किस कानून ने इन्हें थप्पड़ मारने का अधिकार दिया है?" उन्होंने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अगर उनके जैसे व्यक्ति को थप्पड़ मारा जा सकता है और उनके साथ बदतमीजी की जा सकती है, तो आम आदमी का क्या होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें कोई वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं, बल्कि केवल न्याय चाहिए। निरंजन ने यह भी चेतावनी दी कि अगर आज उनके साथ ऐसा हुआ है, तो कल किसी और किसान के साथ भी ऐसा हो सकता है। अंत में, उन्होंने एसडीएम को चुनौती देते हुए कहा, "एसडीएम साहब! ईमानदारी दिखा रहे थे या गुंडागर्दी आप खुद भी देख ले ?" निरंजन ने ये सभी वीडियो और सीसीटीवी फुटेज समस्त मीडिया को उपलब्ध कराए हैं। फिलहाल, यह मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है, और आने वाला समय बताएगा कि इस टकराव में कौन भारी पड़ता है।1