बेखौफ लकड़कट्टों ने हरे बाग पर चलाया आरा; 'मौन' रहा वन विभाग, संरक्षण के लगे आरोप हरदोई (पिहानी): एक तरफ सरकार 'वृक्षारोपण अभियान' चलाकर धरती को हरा-भरा बनाने का प्रयास कर रही है, वहीं दूसरी ओर हरदोई के पिहानी थाना क्षेत्र में मिलीभगत का एक ऐसा खेल सामने आया है जिसने हरियाली को ही दांव पर लगा दिया है। पिहानी थाना क्षेत्र के ग्राम पंडरबा किला से रामपुर जाने वाले मार्ग पर स्थित एक फलदार आम के बाग में जमकर अवैध कटान हुआ। बताया जा रहा है कि इस बाग में कुल 72 पेड़ थे। आरोप है कि वन विभाग और संबंधित डॉक्टरों ने कथित तौर पर भ्रष्टाचार के चलते करीब 42 पेड़ों को 'बांझ' या 'सूखा' दिखाकर परमिट जारी कर दिया। अवैध कटान और रेंजर की भूमिका पर सवाल स्थानीय सूत्रों के अनुसार, परमिट की आड़ में बचे हुए 20 अन्य हरे पेड़ों को भी अवैध रूप से काटा जा रहा था। जब इसकी सूचना दूरभाष के माध्यम से पिहानी रेंजर महोदया को दी गई, तो उन्होंने न तो कोई संतोषजनक जवाब दिया और न ही मौके पर जाना उचित समझा। ग्रामीणों का आरोप है कि रेंजर महोदया के परोक्ष संरक्षण में ही इस अवैध कटान को अंजाम दिया गया साक्ष्य मिटाने की कोशिश और पुलिस की मौजूदगी हैरानी की बात यह रही कि पेड़ों के कटान के बाद उनकी जड़ों को उखाड़कर साक्ष्य मिटाने के लिए जेसीबी (JCB) मशीन बुलाई गई थी। सूचना पर जब हल्का पुलिस और वन दरोगा मौके पर पहुंचे, तो जेसीबी वहां से फरार हो गई। आरोप है कि "मोटे लिफाफे" के लेन-देन के बाद पुलिस और वन कर्मियों ने भी मामले को रफा-दफा कर दिया और लकड़ी को पास की ही एक आरा मशीन पर डंप करवा दिया गया। आरा मशीन मालिक का पल्ला झाड़ना जब पड़ोस में स्थित आरा मशीन संचालक से पूछताछ की गई, तो उसने लकड़ी डंप होने की बात तो स्वीकार की, लेकिन परमिट दिखाने में असमर्थता जताई। संचालक का कहना है कि उसे पेड़ों की सही संख्या की जानकारी नहीं है। बड़ा सवाल: जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं, तो हरियाली कैसे बचेगी? क्या दोषी अधिकारियों, भ्रष्ट ठेकेदारों और आरा मशीन मालिक पर कोई वैधानिक कार्यवाही होगी, या यह फाइल भी कागजों में दबकर रह जाएगी?
बेखौफ लकड़कट्टों ने हरे बाग पर चलाया आरा; 'मौन' रहा वन विभाग, संरक्षण के लगे आरोप हरदोई (पिहानी): एक तरफ सरकार 'वृक्षारोपण अभियान' चलाकर धरती को हरा-भरा बनाने का प्रयास कर रही है, वहीं दूसरी ओर हरदोई के पिहानी थाना क्षेत्र में मिलीभगत का एक ऐसा खेल सामने आया है जिसने हरियाली को ही दांव पर लगा दिया है। पिहानी थाना क्षेत्र के ग्राम पंडरबा किला से रामपुर जाने वाले मार्ग पर स्थित एक फलदार आम के बाग में जमकर अवैध कटान हुआ। बताया जा रहा है कि इस बाग में कुल 72 पेड़ थे। आरोप है कि वन विभाग और संबंधित डॉक्टरों ने कथित तौर पर भ्रष्टाचार के चलते करीब 42 पेड़ों को 'बांझ' या 'सूखा' दिखाकर परमिट जारी कर दिया। अवैध कटान और रेंजर की भूमिका पर सवाल स्थानीय सूत्रों के अनुसार, परमिट की आड़ में बचे हुए 20 अन्य हरे पेड़ों को भी अवैध रूप से काटा जा रहा था। जब इसकी सूचना दूरभाष के माध्यम से पिहानी रेंजर महोदया को दी गई, तो उन्होंने न तो कोई संतोषजनक जवाब दिया और न ही मौके पर जाना उचित समझा। ग्रामीणों का आरोप है कि रेंजर महोदया के परोक्ष संरक्षण में ही इस अवैध कटान को अंजाम दिया गया साक्ष्य मिटाने की कोशिश और पुलिस की मौजूदगी हैरानी की बात यह रही कि पेड़ों के कटान के बाद उनकी जड़ों को उखाड़कर साक्ष्य मिटाने के लिए जेसीबी (JCB) मशीन बुलाई गई थी। सूचना पर जब हल्का पुलिस और वन दरोगा मौके पर पहुंचे, तो जेसीबी वहां से फरार हो गई। आरोप है कि "मोटे लिफाफे" के लेन-देन के बाद पुलिस और वन कर्मियों ने भी मामले को रफा-दफा कर दिया और लकड़ी को पास की ही एक आरा मशीन पर डंप करवा दिया गया। आरा मशीन मालिक का पल्ला झाड़ना जब पड़ोस में स्थित आरा मशीन संचालक से पूछताछ की गई, तो उसने लकड़ी डंप होने की बात तो स्वीकार की, लेकिन परमिट दिखाने में असमर्थता जताई। संचालक का कहना है कि उसे पेड़ों की सही संख्या की जानकारी नहीं है। बड़ा सवाल: जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं, तो हरियाली कैसे बचेगी? क्या दोषी अधिकारियों, भ्रष्ट ठेकेदारों और आरा मशीन मालिक पर कोई वैधानिक कार्यवाही होगी, या यह फाइल भी कागजों में दबकर रह जाएगी?
- Post by SV भारत न्यूज़ संवाददाता रामबाबू1
- Post by Rohit Kumar1
- महिला कोटेदार से अभद्रता के विरोध में उबाल: कार्रवाई की मांग को लेकर सैकड़ों विक्रेताओं का प्रदर्शन, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन परमार्थ आवाज ब्यूरो रिपोर्ट हरदोई। शाहाबाद तहसील में महिला कोटेदार के साथ कथित अभद्रता और अवैध वसूली के दबाव के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना के विरोध में जिले भर से पहुंचे सैकड़ों उचित दर विक्रेताओं ने तहसील परिसर में एकत्र होकर जोरदार प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम शाहाबाद को ज्ञापन सौंपते हुए आरोपियों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे। मामला भदेवना गांव की महिला कोटेदार सीमा देवी से जुड़ा है। आरोप है कि 25 फरवरी को वह शाहाबाद स्थित आपूर्ति कार्यालय में आयोजित एक बैठक में शामिल होने गई थीं। इसी दौरान स्वयं को किसान यूनियन से जुड़ा बताने वाले दो व्यक्तियों—सत्यवीर और गोलू—ने उन पर दबाव बनाया कि वे सप्लाई इंस्पेक्टर पर 6 हजार रुपये लेने का आरोप लगाते हुए वीडियो बयान दें। सीमा देवी का कहना है कि जब उन्होंने इस तरह का झूठा आरोप लगाने से इनकार किया तो उनके साथ गाली-गलौज की गई और अभद्र व्यवहार किया गया। सीमा देवी ने उसी दिन शाहाबाद कोतवाली में लिखित तहरीर देकर शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप है कि तीन दिन बीत जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे कोटेदारों में आक्रोश फैल गया है। प्रदर्शन में शामिल विक्रेताओं ने कहा कि यदि एक महिला कोटेदार की शिकायत पर भी गंभीरता नहीं दिखाई जाएगी तो इससे पूरे तंत्र का मनोबल प्रभावित होगा। प्रदर्शनकारियों का यह भी आरोप है कि कुछ तथाकथित किसान संगठनों से जुड़े लोग समय-समय पर उचित दर की दुकानों पर पहुंचकर अनियमितता के आरोप लगाते हैं, वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने और समाचार पत्रों में छपवाने की धमकी देते हैं। इसके माध्यम से कथित रूप से मासिक अवैध वसूली का दबाव बनाया जाता है। कोटेदारों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का कार्य प्रभावित हो रहा है और पात्र कार्डधारकों को समय पर राशन उपलब्ध कराने में बाधा उत्पन्न हो रही है। सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता परिषद के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार अवस्थी के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में ज्ञानेंद्र सिंह ‘ज्ञानी’, रविकांत तिवारी, मुईद अहमद, जहीरूद्दीन मंसूरी और रोहित कुमार समेत बड़ी संख्या में विक्रेता मौजूद रहे। वक्ताओं ने प्रशासन से मांग की कि महिला कोटेदार की शिकायत की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। एसडीएम शाहाबाद को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं की गई तो सभी उचित दर विक्रेता सामूहिक रूप से दुकानें बंद कर धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा।2
- रियल न्यूज हरदोई सुरसा विकास खंड ग्राम पंचायत खजुराहरा का मामला है यहां पर कुछ व्यक्तियों द्वारा पानी पर रोक लगाई जा रही है और ग्राम प्रधान के द्वारा यह निर्माण कराया जाना था लेकिन कुछ व्यक्ति या कार्य नहीं करवाने दे रहे हैं और गांव के व्यक्तियों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है1
- हरदोई बिलग्राम। आगामी त्योहार होली और ईद को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से शुक्रवार को प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार के नेतृत्व में कस्बा बिलग्राम व आसपास के मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में व्यापक पैदल गश्त और निगरानी अभियान चलाया गया। इस दौरान पुलिस टीम ने ड्रोन कैमरे की मदद से संवेदनशील स्थानों पर विशेष नजर रखी। प्रभारी निरीक्षक ने बाजार, मुख्य चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों का भ्रमण कर लोगों से संवाद स्थापित किया तथा शांति एवं भाईचारे के साथ त्योहार मनाने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने या माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। गश्त के दौरान उपनिरीक्षक अरविन्द यादव, उपनिरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह, अनिल कुमार सहित पर्याप्त पुलिस बल मौजूद रहा। ड्रोन कैमरे से निगरानी किए जाने से क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल मजबूत दिखाई दिया। पुलिस प्रशासन ने आमजन से सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।4
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- Big Breaking News झूठी शिकायत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गंभीर1
- Post by SV भारत न्यूज़ संवाददाता रामबाबू1