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- Post by BaरKaट्ठा Ki आwaज1
- अमित शाह ने असम चुनाव को लेकर किया खुलासा?1
- Post by Sunil Kumar journalist1
- हजारीबाग हजारीबाग स्थित आरोग्यम कुणाल महिला एवं शिशु अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने एक बार फिर अपनी दक्षता का परिचय देते हुए तीन गंभीर रूप से बीमार बच्चों को नया जीवन दिया है। शिशु एवं नवजात रोग विशेषज्ञ डॉ. हीरालाल राम ने जानकारी देते हुए बताया कि हाल के दिनों में अस्पताल में लगातार तीन अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां सामने आईं, जिनका सफल उपचार कर अब बच्चों को स्वस्थ अवस्था में घर भेजा जा रहा है। पहली परिस्थिति में एक मासूम बच्चा गंभीर रूप से झुलसी अवस्था में अस्पताल लाया गया। बताया गया कि वह गर्म पदार्थ में गिर गया था, जिससे उसके शरीर का निचला हिस्सा, विशेषकर नाभि के नीचे का भाग और निजी अंग बुरी तरह प्रभावित हो गए थे। यह द्वितीय स्तर की जलन थी। डॉक्टरों ने निरंतर पट्टी, आवश्यक दवाइयों और जीवाणुरोधी उपचार के माध्यम से उसकी स्थिति में सुधार किया। लगातार निगरानी और उपचार के बाद अब बच्चा काफी हद तक स्वस्थ हो चुका है और स्थिर अवस्था में उसे छुट्टी दे दी गई है, साथ ही आगे भी नियमित पट्टी जारी रखने की सलाह दी गई है। दूसरी स्थिति में एक बच्चा अत्यधिक तेज बुखार के साथ अस्पताल पहुंचा, जिसका तापमान 104 से 105 डिग्री तक था। बच्चा अचेत अवस्था के करीब था और उसकी मानसिक स्थिति भी प्रभावित हो चुकी थी। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि वह स्क्रब टाइफस संक्रमण से ग्रसित है। डॉक्टरों ने बिना देर किए उपचार शुरू किया और मात्र तीन दिनों के भीतर उसकी स्थिति में तेजी से सुधार हुआ। अब बच्चा पूरी तरह सामान्य है, स्वयं भोजन कर रहा है और स्वस्थ होकर घर लौट गया हैतीसरी स्थिति एक सड़क दुर्घटना से जुड़ी थी, जिसमें एक बच्चा अपने पिता के साथ मोटरसाइकिल पर सवार था और दुर्घटना का शिकार हो गया। अस्पताल पहुंचने के समय उसकी हालत अत्यंत नाजुक थी। वह बेहोश था, अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा था और रक्तचाप भी माप में नहीं आ रहा था। उसकी चेतना स्तर भी बेहद कम थी। डॉक्टरों ने तुरंत रक्त चढ़ाकर गहन चिकित्सा कक्ष में इलाज शुरू किया। लगातार प्रयास, सतत निगरानी और समर्पित देखभाल के परिणामस्वरूप अब बच्चा पूरी तरह स्वस्थ हो चुका है और अगले एक से दो दिनों में उसे भी अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। डॉ. हीरालाल राम ने बताया कि अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक समर्पित टीम निरंतर गंभीर रोगियों की देखभाल में जुटी रहती है। इस टीम में डॉ. प्रकाश, डॉ. सुरभि, डॉ. शक्ति और डॉ. आमिर के साथ प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ शामिल हैं, जो हर परिस्थिति में बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अस्पताल के निदेशक हर्ष अजमेरा ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल इलाज करना नहीं, बल्कि मरीजों को भरोसा और सुरक्षा का अहसास देना भी है। हम लगातार आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत कर रहे हैं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम को और सशक्त बना रहे हैं, ताकि हजारीबाग और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बड़े शहरों जैसी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं यहीं उपलब्ध हो सकें। हमारा प्रयास है कि किसी भी गंभीर स्थिति में मरीज को बाहर जाने की आवश्यकता न पड़े और समय पर सही उपचार मिल सके। वहीं अस्पताल की प्रशासक जया सिंह ने कहा कि संस्थान में प्रत्येक मरीज की देखभाल सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ की जाती है। हम न केवल चिकित्सा सुविधाओं को उन्नत बना रहे हैं, बल्कि प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ और आधुनिक उपकरणों के माध्यम से सेवा की गुणवत्ता को लगातार बेहतर कर रहे हैं। हमारी पूरी टीम दिन-रात समर्पण के साथ काम कर रही है, ताकि हर मरीज को सुरक्षित, प्रभावी और संतोषजनक इलाज मिल सके और अस्पताल पर लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत हो।1
- अंधविश्वास में नाबालिग की हत्या, मां समेत तीन गिरफ्तार हजारीबाग। विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के कुसुम्बा गांव में 13 वर्षीय नाबालिग बच्ची की हत्या के मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के नाम पर अंजाम दी गई इस जघन्य घटना में पुलिस ने मृतका की मां समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया था, जिसने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे मामले का खुलासा किया।1
- हजारीबाग के इमली कोठी चौक पर हुई सड़क दुर्घटना मोटरसाइकिल सवार घायल लोग सड़क पर उतरे1
- Post by Update news 241
- Post by BaरKaट्ठा Ki आwaज1
- घटनास्थल पर पहुंचे पूर्व मंत्री योगेंद्र साव एवं पूर्व विधायक अंबा प्रसाद, कंपनी प्रबंधन पर कठोर कार्रवाई की मांग हजारीबाग | केरेडारी कोल माइंस से ट्रांसपोर्टिंग कर रही नकाश कंपनी की 16 चक्का हाईवा गाड़ी ने एक व्यक्ति को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान सुनील सोनी (पिता–मोती सोनी), निवासी चट्टी बरियातू के रूप में हुई है। विदित हो कि एक माह के भीतर ही पति एवं पत्नी दोनों की मौत हो गई। मृतक व्यक्ति के पत्नी विगत दिनों ओदरणा घाटी में हुई थी जबकि पति की मौत ट्रांसपोर्टिंग वाहन की चपेट में आने से हो गई। 26 मार्च को ही पत्नी का श्राद्ध कर्म पूर्ण किया था और बुधवार को ट्रांसपोर्टिंग वाहन की चपेट में आने से उसकी दुखद मौत हो गई। घटना की सूचना पाकर पूर्व मंत्री योगेंद्र साव घटनास्थल पहुंचे तत्पश्चात पूर्व विधायक अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय सचिव अंबा प्रसाद भी घटनास्थल पर पहुंची। घटनास्थल से ही अंबा प्रसाद ने कहा हजारीबाग उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह से बात की एवं वस्तु स्थिति से अवगत कराया, उपायुक्त ने पूर्व विधायक को आस्वस्त किया कि कंपनी एवं ट्रांसपोर्टिंग वाहन पर लीगल कारवाई सुनिश्चित की जाएगी। अंबा प्रसाद ने कहा कि मृतक के बच्चों के सर से पिता का साया उठ गया है उनका लालन-पालन कैसे होगा पढ़ाई आगे जारी कैसे रहेगी इस पर प्रशासन को तत्काल आवश्यक कदम उठाना चाहिए। देर शाम कंपनी प्रबंधन के साथ वार्ता के बाद 7 लाख रुपए मुआवजा देने की सहमति बनी जिसमें से 3 लाख मृतक के आश्रित को तुरंत प्रदान किया गया। परिजनों को तत्काल एक नौकरी एवं मृतक के बेटे को 18 वर्ष होने के बाद नौकरी दिए जाने पर भी सहमति बनी।वहीं केरेडारी अंचल से भी एक लाख सरकारी सहायता प्रदान करने पर सहमति बनी है। ज्ञात हो कि एनटीपीसी केरेडारी कोल माइंस से पिछले तीन वर्षों से ट्रांसपोर्टिंग कार्य जारी है, लेकिन अब तक वैकल्पिक मार्ग नहीं बनाया गया है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी और खतरे का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि ट्रांसपोर्टिंग कर रही नकाश कंपनी द्वारा नियम-कानूनों की अनदेखी की जा रही है, जिससे इस तरह की घटनाएं घटी हैं। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है।1