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लक्ष्मणगढ़ में श्री श्रद्धानाथजी आश्रम के नए पीठाधीश्वर के रूप में युवा संत प्रकाशनाथजी महाराज का चादरपोशी कार्यक्रम संपन्न हुआ। यह आयोजन पद्मश्री संत श्री बैजनाथजी महाराज के शिवलोकगमन के बाद बुधवार को आश्रम परिसर में हुआ। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साधु-संतों, आश्रम के हजारों सेवकों, अनुयायियों, शिष्यों, भक्तों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में श्री प्रकाशनाथजी महाराज को चादरपोशी की गई। चादरपोशी से पहले समाधि पूजन का कार्यक्रम भी हुआ। सूत्रों के अनुसार, देश भर से आए महाराजश्री के शिष्यों, भक्तों और आश्रम के अनुयायियों सहित आसपास के क्षेत्र से लगभग बीस हजार से अधिक लोगों ने समाधि पर धोक लगाकर आशीर्वाद प्राप्त किया और मंगल कामना की। इस अवसर पर भंडारे का भी आयोजन किया गया।
पत्रकार घनश्याम प्रजापत
लक्ष्मणगढ़ में श्री श्रद्धानाथजी आश्रम के नए पीठाधीश्वर के रूप में युवा संत प्रकाशनाथजी महाराज का चादरपोशी कार्यक्रम संपन्न हुआ। यह आयोजन पद्मश्री संत श्री बैजनाथजी महाराज के शिवलोकगमन के बाद बुधवार को आश्रम परिसर में हुआ। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साधु-संतों, आश्रम के हजारों सेवकों, अनुयायियों, शिष्यों, भक्तों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में श्री प्रकाशनाथजी महाराज को चादरपोशी की गई। चादरपोशी से पहले समाधि पूजन का कार्यक्रम भी हुआ। सूत्रों के अनुसार, देश भर से आए महाराजश्री के शिष्यों, भक्तों और आश्रम के अनुयायियों सहित आसपास के क्षेत्र से लगभग बीस हजार से अधिक लोगों ने समाधि पर धोक लगाकर आशीर्वाद प्राप्त किया और मंगल कामना की। इस अवसर पर भंडारे का भी आयोजन किया गया।
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- लक्ष्मणगढ़ में श्री श्रद्धानाथजी आश्रम के नए पीठाधीश्वर के रूप में युवा संत प्रकाशनाथजी महाराज का चादरपोशी कार्यक्रम संपन्न हुआ। यह आयोजन पद्मश्री संत श्री बैजनाथजी महाराज के शिवलोकगमन के बाद बुधवार को आश्रम परिसर में हुआ। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साधु-संतों, आश्रम के हजारों सेवकों, अनुयायियों, शिष्यों, भक्तों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में श्री प्रकाशनाथजी महाराज को चादरपोशी की गई। चादरपोशी से पहले समाधि पूजन का कार्यक्रम भी हुआ। सूत्रों के अनुसार, देश भर से आए महाराजश्री के शिष्यों, भक्तों और आश्रम के अनुयायियों सहित आसपास के क्षेत्र से लगभग बीस हजार से अधिक लोगों ने समाधि पर धोक लगाकर आशीर्वाद प्राप्त किया और मंगल कामना की। इस अवसर पर भंडारे का भी आयोजन किया गया।1
- दौसा जिले के बांदीकुई क्षेत्र में हत्या के एक आरोपी के पिता पर जानलेवा हमला किया गया है। हमलावरों ने उन पर लाठी-डंडों और पत्थरों से वार किए, जिससे उनकी हालत गंभीर हो गई। उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है।1
- शहीद राकेश मीणा की प्रतिमा का भव्य अनावरण, पुष्पवर्षा और कलश यात्रा ने बांधा समां बालघाट। बालघाट समीप राजोली गांव में मंगलवार को शहीद राकेश मीणा की प्रतिमा के भव्य अनावरण समारोह का आयोजन श्रद्धा एवं सम्मान के साथ किया गया। कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री Dr. Kirodi Lal Meena ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए शहीद राकेश मीणा की प्रतिमा का अनावरण किया। समारोह में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भाग लेकर शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रतिमा अनावरण से पूर्व कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए 8 जेसीबी मशीनों तथा ड्रोन कैमरे की सहायता से पुष्पवर्षा की गई। आसमान से बरसाए गए फूलों ने पूरे माहौल को देशभक्ति और श्रद्धा से सराबोर कर दिया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने शहीद राकेश मीणा अमर रहें के जयघोष लगाए। कार्यक्रम के तहत 501 महिलाओं द्वारा विशाल कलश यात्रा निकाली गई। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर राजकीय प्राथमिक विद्यालय से शहीद राकेश मीणा के समाधि स्थल तक भव्य शोभायात्रा निकाली। यात्रा के दौरान भजन-कीर्तन और धार्मिक नारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। ग्रामीणों ने जगह-जगह कलश यात्रा का स्वागत किया। शहीद की स्मृति में दो दिवसीय हरि कीर्तन महोत्सव का भी आयोजन किया गया, जिसमें चार कीर्तन पार्टियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कीर्तन मंडलियों ने भक्ति गीतों एवं संगीतमय प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। देर रात तक चले भजन-कीर्तन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। समारोह में पूर्व जिला प्रमुख शिवदयाल मीणा, टोडाभीम चेयरमैन अमृता मीणा, सरपंच राकेश मीणा, प्रहलाद सिंह चौहान, उपखंड अधिकारी अमन चौधरी, डिप्टी मुरारी लाल मीणा, थाना प्रभारी महेश चंद मीणा, तहसीलदार श्रीराम मीणा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। वक्ताओं ने अपने संबोधन में शहीद राकेश मीणा के बलिदान को याद करते हुए कहा कि उनका त्याग और राष्ट्रसेवा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। राजोली गांव में आयोजित यह समारोह क्षेत्र के इतिहास के सबसे बड़े आयोजनों में से एक रहा, जिसमें हजारों लोगों ने भाग लेकर शहीद को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। फोटो राजोली गांव में शहिद राकेश मीणा मूर्ति अनावरण2
- दौसा में पुलिस ने भीलवाड़ा के करेडा थाना क्षेत्र के एक वांछित इनामी आरोपी हामिद उर्फ फिरोज मोहमद को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी अवैध शराब के प्रकरण में पिछले एक साल से फरार चल रहा था, और उस पर पंद्रह हजार रुपए का इनाम घोषित था। भरतपुर जिले के पाहड़ी थाना क्षेत्र निवासी हामिद उर्फ फिरोज मोहमद की गिरफ्तारी एसपी पीयूष दीक्षित के निर्देश पर साइबर सेल और डीएसटी की संयुक्त कार्रवाई के तहत हुई। भीलवाड़ा पुलिस द्वारा घोषित इस इनामी आरोपी को दौसा पुलिस ने धर दबोचा।1
- दौसा के कुण्डल तहसील मुख्यालय पर कोलवा थाना पुलिस ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। राजस्थान पुलिस के सड़क सुरक्षा अभियान के तहत चलाए गए इस विशेष जांच अभियान में कुल 20 वाहनों के चालान काटे गए। इस कार्रवाई की अगुवाई एएसआई समय सिंह और एएसआई समुंदर सिंह ने की, जो राजस्थान पुलिस के उच्च अधिकारियों के निर्देशों के तहत की जा रही है। अभियान के दौरान वाहनों पर लगी काली फिल्म, अवैध मॉडिफिकेशन, गलत लिखावट और अन्य अनियमितताओं की गहनता से जांच की गई। नियमों के विपरीत पाए जाने पर 9 मोटरसाइकिलों, 4 ट्रैक्टरों, 2 बोलरों, 3 लोडिंग टेम्पो और 2 पिकअप वाहनों पर चालान किए गए। इस विशेष जांच अभियान में, उल्लंघन करने वाले चालकों को भविष्य में यातायात नियमों का पालन करने की हिदायत दी गई। एएसआई समय सिंह और एएसआई समुंदर सिंह ने सभी चालकों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने और वाहन के आवश्यक दस्तावेज साथ रखने के लिए भी जानकारी दी तथा नियमों का सख्ती से पालन करने का अनुरोध किया। कोलवा थाना पुलिस की इस कार्रवाई की ग्रामीणों ने भी खूब सराहना की है, इसे नियमों की पालना के साथ-साथ लोगों को जागरूक करने वाली एक सराहनीय पहल बताया गया। कोलवा थाना पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा से समझौता करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और भविष्य में भी इसी प्रकार की कार्रवाई लगातार होती रहेगी।2
- राजस्थान के महवा स्थित ग्राम ऊकरूंद में गुरुवार को धार्मिक आस्था, सनातन संस्कृति और सामाजिक एकता का अनूठा संगम देखने को मिला। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ, जिससे पूरा गांव भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंग गया। सुबह से ही गांव में उत्सव का माहौल था और भगवान के जयकारों, भजन-कीर्तन व शंखध्वनि से वातावरण भक्तिमय हो उठा। आयोजक काडूराम मीना ने बताया कि कथा महोत्सव के शुभारंभ से पहले उनके निज निवास पर वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना, हवन और कलश पूजन किया गया। विद्वान आचार्यों के मंत्रोच्चार के बीच धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होने के बाद संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं की उपस्थिति में कलश यात्रा विधिवत शुरू हुई। इस यात्रा में महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों सहित हजारों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। पारंपरिक परिधानों में सिर पर कलश धारण किए महिलाओं की लंबी कतारें और उनके द्वारा गाए जा रहे मंगल गीत विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। यात्रा में शामिल श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण और सनातन धर्म के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। यह भव्य कलश यात्रा गांव के प्रमुख मार्गों, चौक-चौराहों और धार्मिक स्थलों से होकर गुजरी। यात्रा के दौरान ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं का फूल-मालाओं, पुष्प वर्षा, फल और शीतल जलपान से भव्य स्वागत किया। जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए थे और श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं, जिससे ग्रामीणों का उत्साह और सहयोग आयोजन को यादगार बना गया। इस आयोजन में सामाजिक समरसता और भाईचारे की मिसाल भी दिखी, जहां गांव के सभी वर्गों और समाजों के लोग एक साथ सहभागी बने। श्रद्धालुओं ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने और संस्कारों को मजबूत करने का कार्य करते हैं, तथा धर्म के माध्यम से प्रेम, सद्भाव और आपसी सहयोग की भावना को बढ़ावा मिलता है। आयोजक काडूराम मीना ने श्रीमद्भागवत कथा को मानव जीवन को सही दिशा देने वाली दिव्य ज्ञान गंगा बताया। उन्होंने कहा कि कथा के श्रवण से व्यक्ति के जीवन में आध्यात्मिक जागृति आती है और उसे धर्म, सत्य, सेवा व सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से कथा में नियमित रूप से उपस्थित होकर धर्म लाभ लेने का आग्रह किया। कलश यात्रा के कथा स्थल पहुंचने पर विधिवत पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ कथा महोत्सव का औपचारिक शुभारंभ किया गया। आगामी दिनों में कथा व्यास द्वारा श्रीमद्भागवत महापुराण के विभिन्न प्रसंगों का रसपान कराया जाएगा, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं, भक्तों के प्रति उनकी करुणा, धर्म स्थापना, भक्ति की महिमा और मानव जीवन के कल्याणकारी संदेशों का विस्तार से वर्णन किया जाएगा। ग्रामीणों का मानना है कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़ने का अवसर मिलता है। आधुनिकता के इस दौर में ये आयोजन समाज में नैतिकता, संस्कार और भारतीय संस्कृति को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों, युवाओं और महिलाओं सहित हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, बैठने और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। कथा महोत्सव को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। भक्ति, श्रद्धा, संस्कृति और सामाजिक एकता का यह अद्भुत संगम ऊकरूंद गांव के लिए एक ऐतिहासिक और यादगार अवसर बन गया है।4
- शुरू न्यूज़ ने अपने पाठकों से एक विशेष वीडियो को ध्यान से सुनने और उस पर अपनी सहमति देने का आग्रह किया है। यह अपील पाठकों के नाम आज शाम को जारी की गई है।1
- राजस्थान के बांदीकुई में एक टावर के जनरेटर में अचानक आग लगने से क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग लगने की इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों में चिंता फैल गई।1