लवन नगर पंचायत में मानसून की पहली तेज बारिश ने जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है, जिससे नगर के कई वार्डों में जलभराव और घरों में पानी घुसने जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं। सार्वजनिक संस्थानों के आसपास भी गंदगी फैलने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति पर लवन के वरिष्ठ नागरिक मोतीलाल पांडे ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मोतीलाल पांडे ने अपने लिखित वक्तव्य में आरोप लगाया कि हर वर्ष पहली ही बारिश नगर पंचायत की व्यवस्थाओं की वास्तविकता उजागर कर देती है। उनके अनुसार नगर का भ्रमण करने पर स्पष्ट दिखता है कि अधिकांश स्थानों पर बिना पानी पार किए आवागमन संभव नहीं है, क्योंकि नालियों के अभाव और उचित जल निकासी व्यवस्था न होने से सड़कों पर पानी जमा हो जाता है। उन्होंने विशेष रूप से वार्ड क्रमांक 13 और 14 की स्थिति को चिंताजनक बताया, जहाँ कई घरों के भीतर तक पानी भर गया है और मुक्ति धाम से आने वाला दूषित एवं गंदा पानी लोगों के घरों तक पहुँच रहा है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी खतरे उत्पन्न हो गए हैं। उन्होंने वार्ड क्रमांक 5 स्थित राजेंद्र एजुकेशन स्कूल के सामने पूरे वर्ष रहने वाले जलभराव और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर के आसपास हर वर्ष पानी जमा होने की समस्या पर भी चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि इससे विद्यार्थियों, अभिभावकों, मरीजों और उनके परिजनों को असुविधा और संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है। मोतीलाल पांडे ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि नगर की बदहाल व्यवस्थाओं को देखकर ऐसा लगता है मानो जनता "सुशासन" का आनंद ले रही हो। उन्होंने नगर पंचायत से जल निकासी, नालियों के निर्माण और जलभराव वाले क्षेत्रों की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। नगरवासियों का भी कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी जल निकासी व्यवस्था विकसित नहीं की गई, तो आगामी बारिश में स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है, और अब सभी की निगाहें नगर पंचायत के संभावित कदमों पर टिकी हैं।
लवन नगर पंचायत में मानसून की पहली तेज बारिश ने जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है, जिससे नगर के कई वार्डों में जलभराव और घरों में पानी घुसने जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं। सार्वजनिक संस्थानों के आसपास भी गंदगी फैलने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति पर लवन के वरिष्ठ नागरिक मोतीलाल पांडे ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मोतीलाल पांडे ने अपने लिखित वक्तव्य
में आरोप लगाया कि हर वर्ष पहली ही बारिश नगर पंचायत की व्यवस्थाओं की वास्तविकता उजागर कर देती है। उनके अनुसार नगर का भ्रमण करने पर स्पष्ट दिखता है कि अधिकांश स्थानों पर बिना पानी पार किए आवागमन संभव नहीं है, क्योंकि नालियों के अभाव और उचित जल निकासी व्यवस्था न होने से सड़कों पर पानी जमा हो जाता है। उन्होंने विशेष रूप से वार्ड क्रमांक 13 और 14 की स्थिति को चिंताजनक बताया, जहाँ कई घरों के भीतर तक पानी भर गया है
और मुक्ति धाम से आने वाला दूषित एवं गंदा पानी लोगों के घरों तक पहुँच रहा है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी खतरे उत्पन्न हो गए हैं। उन्होंने वार्ड क्रमांक 5 स्थित राजेंद्र एजुकेशन स्कूल के सामने पूरे वर्ष रहने वाले जलभराव और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर के आसपास हर वर्ष पानी जमा होने की समस्या पर भी चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि इससे विद्यार्थियों, अभिभावकों, मरीजों और उनके परिजनों को असुविधा और संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है। मोतीलाल पांडे ने व्यंग्यात्मक अंदाज
में कहा कि नगर की बदहाल व्यवस्थाओं को देखकर ऐसा लगता है मानो जनता "सुशासन" का आनंद ले रही हो। उन्होंने नगर पंचायत से जल निकासी, नालियों के निर्माण और जलभराव वाले क्षेत्रों की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। नगरवासियों का भी कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी जल निकासी व्यवस्था विकसित नहीं की गई, तो आगामी बारिश में स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है, और अब सभी की निगाहें नगर पंचायत के संभावित कदमों पर टिकी हैं।
- बलौदा बाजार में 05.07.2026 को दोपहर 11:59 बजे डायल 112 कंट्रोल रूम को एक आपातकालीन कॉल मिली। ग्राम खम्हरिया रिसदा के एक सजग कॉलर ने बताया कि गांव की एक 15 वर्षीय नाबालिग बच्ची को सांप ने काट लिया है और उसकी हालत गंभीर होती जा रही है। घटना के समय मौसम बेहद खराब था, जिसमें तेज बारिश, आंधी और तूफान का तांडव चल रहा था। ऐसे विपरीत हालात में भी, सिटी कोतवाली बाज़-1 की टीम को दोपहर 12:00 बजे जैसे ही यह सूचना मिली, वे बिना किसी देरी के घटनास्थल की ओर रवाना हो गए। खराब मौसम और कम दृश्यता के बावजूद, आरक्षक क्रमांक 626 अनिल कुमार साहू और वाहन चालक खगेश मानिकपुरी ने अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए, बेहद कम समय में ग्राम खम्हरिया रिसदा पहुंचकर पीड़ित बच्ची को अपने वाहन में लिया और तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार, सर्पदंश के मामलों में 'गोल्डन ऑवर' यानी शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। डायल 112 की टीम ने यदि तेज आंधी-तूफान के बीच त्वरित कार्रवाई न की होती, तो बच्ची की जान को गंभीर खतरा हो सकता था। अस्पताल में समय पर भर्ती होने के कारण अब बच्ची की हालत सुरक्षित और स्थिर है। डायल 112 की इस त्वरित और जीवन रक्षक कार्रवाई की बच्ची के परिजनों सहित पूरे ग्रामवासियों ने मुक्त कंठ से सराहना की है, वहीं वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी आरक्षक अनिल कुमार साहू और चालक खगेश मानिकपुरी की इस तत्परता और सेवा भावना की प्रशंसा की है।2
- कोरबा वन मंडल के पसरखेत रेंज में मुख्य मार्ग पर 14 फीट लंबा किंग कोबरा सड़क पार करते दिखा, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने तत्काल वन विभाग को इसकी सूचना दी, जिसके बाद डीएफओ प्रेमलता यादव को भी घटना से अवगत कराया गया। एसडीओ सूर्यकांत सोनी ने रेस्क्यू टीम आर.सी.आर.एस. के अविनाश यादव को मौके पर रवाना किया। तब तक किंग कोबरा झगरहा-हाटी मार्ग को पार कर आगे बढ़ चुका था, जिससे मार्ग पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। बारिश के बीच अविनाश और उनकी टीम ने करीब एक घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाकर कोबरा को सुरक्षित पकड़ा और उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया। स्वस्थ पाए जाने पर उसे घने जंगल में छोड़ दिया गया। इस दौरान रेंजर देवदत्त खांडे, अशोक कुमार और अन्य वन अमला भी मौजूद रहा। उल्लेखनीय है कि इस क्षेत्र में टीम द्वारा अब तक 50 से अधिक किंग कोबरा का रेस्क्यू किया जा चुका है।1
- बिलासपुर जिले के रतनपुर थाना क्षेत्र के बेलतरा गांव में स्थित एक ग्रामीण बैंक में बीती रात चोरी की एक बड़ी वारदात का प्रयास किया गया। बदमाशों ने बैंक की दीवार तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश की और बैंक परिसर में लगे एटीएम में भी तोड़फोड़ की। इसके अतिरिक्त, अपराधियों ने बैंक के सीसीटीवी सिस्टम से भी छेड़छाड़ की है। इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) टीम तुरंत मौके पर पहुंची और अपनी जांच शुरू कर दी। सीसीटीवी सिस्टम से छेड़छाड़ के मद्देनजर, पुलिस डीवीआर और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की गहनता से पड़ताल कर रही है। पुलिस वर्तमान में आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।1
- लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण गिधपुरी थाना क्षेत्र के ग्राम अमेठी घाट में स्थिति गंभीर हो गई है। कल से जारी वर्षा के चलते नदी-नाले उफान पर हैं और अमेठी घाट में जलप्रवाह की गति काफी तेज हो गई है, जिससे क्षेत्र में आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बढ़ते जलस्तर ने स्थानीय ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। बारिश के कारण घाट क्षेत्र में पानी का बहाव लगातार बढ़ रहा है, जिसके मद्देनजर लोगों से अत्यधिक सतर्कता बरतने की अपील की गई है। प्रशासन और पुलिस स्थिति पर लगातार कड़ी नजर रखे हुए हैं। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे किसी भी सूरत में उफनते नालों और नदियों को पार करने का प्रयास न करें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। लगातार वर्षा के कारण आसपास के निचले इलाकों में भी जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। प्रशासन द्वारा हालातों की निरंतर निगरानी की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे मौसम संबंधित और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत पुलिस या संबंधित अधिकारियों को दें।2
- लवन नगर पंचायत में मानसून की पहली तेज बारिश ने जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है, जिससे नगर के कई वार्डों में जलभराव और घरों में पानी घुसने जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं। सार्वजनिक संस्थानों के आसपास भी गंदगी फैलने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति पर लवन के वरिष्ठ नागरिक मोतीलाल पांडे ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मोतीलाल पांडे ने अपने लिखित वक्तव्य में आरोप लगाया कि हर वर्ष पहली ही बारिश नगर पंचायत की व्यवस्थाओं की वास्तविकता उजागर कर देती है। उनके अनुसार नगर का भ्रमण करने पर स्पष्ट दिखता है कि अधिकांश स्थानों पर बिना पानी पार किए आवागमन संभव नहीं है, क्योंकि नालियों के अभाव और उचित जल निकासी व्यवस्था न होने से सड़कों पर पानी जमा हो जाता है। उन्होंने विशेष रूप से वार्ड क्रमांक 13 और 14 की स्थिति को चिंताजनक बताया, जहाँ कई घरों के भीतर तक पानी भर गया है और मुक्ति धाम से आने वाला दूषित एवं गंदा पानी लोगों के घरों तक पहुँच रहा है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी खतरे उत्पन्न हो गए हैं। उन्होंने वार्ड क्रमांक 5 स्थित राजेंद्र एजुकेशन स्कूल के सामने पूरे वर्ष रहने वाले जलभराव और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर के आसपास हर वर्ष पानी जमा होने की समस्या पर भी चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि इससे विद्यार्थियों, अभिभावकों, मरीजों और उनके परिजनों को असुविधा और संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है। मोतीलाल पांडे ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि नगर की बदहाल व्यवस्थाओं को देखकर ऐसा लगता है मानो जनता "सुशासन" का आनंद ले रही हो। उन्होंने नगर पंचायत से जल निकासी, नालियों के निर्माण और जलभराव वाले क्षेत्रों की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। नगरवासियों का भी कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी जल निकासी व्यवस्था विकसित नहीं की गई, तो आगामी बारिश में स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है, और अब सभी की निगाहें नगर पंचायत के संभावित कदमों पर टिकी हैं।4