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आगरा के बाह स्थित बटेश्वर धाम में पुजारियों द्वारा भक्तों से जबरन पैसे वसूलने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। जानकारी के अनुसार, यहाँ गाड़ी पूजन को लेकर पुजारियों द्वारा ₹5100 की जबरदस्ती मांग की जा रही है। भक्तों को धमकी दी जा रही है कि उन्हें यह राशि देनी ही पड़ेगी। पत्रकार महेंद्र सिंह ने इस घटना पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि पुजारियों ने धर्म को धंधा बना लिया है। यह स्थिति बटेश्वर धाम में चल रही कथित लूट को दर्शाती है, जहाँ पुजारियों पर आध्यात्मिक प्रक्रियाओं को व्यावसायिक लेन-देन में बदलने का आरोप लगाया गया है।
विद्याराम वर्मा पत्रकार
आगरा के बाह स्थित बटेश्वर धाम में पुजारियों द्वारा भक्तों से जबरन पैसे वसूलने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। जानकारी के अनुसार, यहाँ गाड़ी पूजन को लेकर पुजारियों द्वारा ₹5100 की जबरदस्ती मांग की जा रही है। भक्तों को धमकी दी जा रही है कि उन्हें यह राशि देनी ही पड़ेगी। पत्रकार महेंद्र सिंह ने इस घटना पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि पुजारियों ने धर्म को धंधा बना लिया है। यह स्थिति बटेश्वर धाम में चल रही कथित लूट को दर्शाती है, जहाँ पुजारियों पर आध्यात्मिक प्रक्रियाओं को व्यावसायिक लेन-देन में बदलने का आरोप लगाया गया है।
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- छोटी काशी कहे जाने वाले तीर्थ धाम बटेश्वर में आस्था के नाम पर लूटपाट का मामला सामने आया है, जहाँ धर्म को धंधा बना दिया गया है। बटेश्वर में गाड़ी पूजने के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। एक घटना में, गाड़ी पुजवाने गए व्यक्ति से पुजारी ने पैसों की माँग करते हुए कहा कि 'हमारी इजाजत के बिना गाड़ी नहीं पुजेगी'। पुजारी ने यह भी दावा किया कि उनके पास ही गाड़ी पूजने का ठेका है।1
- आगरा के बाह स्थित बटेश्वर धाम में पुजारियों द्वारा भक्तों से जबरन पैसे वसूलने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। जानकारी के अनुसार, यहाँ गाड़ी पूजन को लेकर पुजारियों द्वारा ₹5100 की जबरदस्ती मांग की जा रही है। भक्तों को धमकी दी जा रही है कि उन्हें यह राशि देनी ही पड़ेगी। पत्रकार महेंद्र सिंह ने इस घटना पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि पुजारियों ने धर्म को धंधा बना लिया है। यह स्थिति बटेश्वर धाम में चल रही कथित लूट को दर्शाती है, जहाँ पुजारियों पर आध्यात्मिक प्रक्रियाओं को व्यावसायिक लेन-देन में बदलने का आरोप लगाया गया है।2
- स्थानीय लोगों को एक जगह पर कई सालों से जमा पानी के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस जलभराव से लगातार बदबू आ रही है, जिसके चलते क्षेत्र में कई तरह की बीमारियों के फैलने का गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। नागरिकों ने संबंधित अधिकारियों से इस जमा पानी को निकालने में मदद करने का आग्रह किया है। इसके साथ ही, उन्होंने मान्यवर मुख्यमंत्री जी से विशेष अपील की है कि वे इस गंभीर समस्या पर गंभीरता से ध्यान दें और इसके समाधान के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाने की कृपा करें।1
- फ़िरोज़ाबाद के ज़िलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा और एसएसपी ने जिला कारागार का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने जेल की बैरिक, अस्पताल और पाकशाला सहित अन्य स्थानों का बारीकी से निरीक्षण किया।1
- फिरोजाबाद नगर निगम के वार्ड नंबर 56, मोहल्ला उर्दू नगर में वारिस पाक की दरगाह से लेकर मंजूर के मकान तक भारी जलभराव की समस्या ने स्थानीय जनता को बेहाल कर दिया है। इस गंभीर जलभराव के कारण क्षेत्र में बीमारियां भी फैल रही हैं, जिससे लोग अपने बच्चों को निकालने के लिए मुश्किल से रास्ता बनाते हुए नजर आ रहे हैं। मोहल्ले में पीने के पानी के लिए पाइपलाइन की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। जनता का आरोप है कि उन्हें टैक्स के नाम पर परेशान किया जाता है, जबकि बुनियादी सुविधाएं नदारद हैं। इस समस्या से प्रभावित लोगों में सन्नो बेगम, शबनम बेगम, अख़्तर वारसी, कमरून निशा, अनीसा बेगम, शबाना बेगम और आबिद खान शामिल हैं।1
- जसवंतनगर के मोहल्ला कोठी कैस्त में आयोजित श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के सातवें दिन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण रहा। कथा व्यास पंडित जितेंद्र शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी के दिव्य विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और सदाचार का महत्वपूर्ण संदेश दिया। पंडित शास्त्री ने श्रीमद्भागवत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसके श्रवण से मनुष्य के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है तथा ईश्वर के प्रति आस्था और समर्पण की भावना प्रबल होती है। रुक्मिणी विवाह प्रसंग का वर्णन सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथा पंडाल में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष एवं युवा श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर कथा का श्रवण किया, जिससे भजन-कीर्तन और जयघोषों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। इस यज्ञ में महानानंद एवं श्रीमती रामादेवी ने यजमान की भूमिका निभाई, जबकि आनंद कुमार एवं श्रीमती सुमन देवी परीक्षित के रूप में उपस्थित रहे। आयोजन समिति द्वारा सभी अतिथियों और श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। इस अवसर पर कलश यात्रा में शामिल किशोरियों और महिलाओं का विशेष सम्मान किया गया, जिसमें आदित्य उर्फ अनु और उनकी मां रत्नेश ने कलश धारण करने वाली कन्याओं को टिफिन और दक्षिणा भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने इस क्रिया को भारतीय संस्कृति में कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर उनका सम्मान करने का पुण्य का कार्य बताया। कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं ने यज्ञ एवं कथा की पूर्ण सफलता के लिए प्रार्थना की। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनसे आगामी धार्मिक कार्यक्रमों में भी बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। देर शाम तक कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही।1
- जनपद इटावा के इकदिल क्षेत्र में रविवार शाम अचानक मौसम बदलने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। तेज आंधी, तूफान और बारिश के कारण पूरे क्षेत्र में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। तेज हवाओं के चलते कई जगहों पर पेड़, डालियां और बिजली के खंभे गिरने की खबरें सामने आईं, जिससे लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। धूलभरी हवाओं के साथ शुरू हुई बारिश ने सड़क पर चल रहे लोगों और वाहन चालकों के लिए काफी परेशानी खड़ी कर दी, कम दृश्यता के कारण कई लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी। तेज तूफान का असर ग्रामीण क्षेत्रों में भी व्यापक रहा। ग्राम भवानीपुर पोस्ट रीतौर निवासी लगभग 70 वर्षीय बैजनाथ सिंह पुत्र गणेश का मकान तेज आंधी-तूफान की चपेट में आकर पूरी तरह ढह गया। गनीमत रही कि बैजनाथ सिंह बाल-बाल बच गए, लेकिन उनका पूरा आशियाना उजड़ गया, जिससे अब उनका परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है। पीड़ित बैजनाथ सिंह ने जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री से आर्थिक सहायता की गुहार लगाई है। इसके अलावा, तेज हवाओं के कारण कई प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई, जहाँ धूलभरी आंधी के चलते वाहन चालकों को गति धीमी करनी पड़ी और कुछ स्थानों पर सड़क किनारे खड़ी बाइकें भी गिर गईं। मौसम के अचानक बदले मिजाज से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है, क्योंकि खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।1