भोपाल में कलेक्टर कार्यालय के भीतर मास्टर प्लान पर आयोजित दिशा बैठक के दौरान तीखा हंगामा देखने को मिला। बैठक में मौजूद जनपद अध्यक्ष प्रमोद राजपूत और कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद तथा आतिफ अकील के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि माहौल पूरी तरह गरमा गया। आरोप है कि इस दौरान प्रमोद राजपूत ने दोनों विधायकों को 'औकात में रहने' की नसीहत दी। बैठक में हुई इस नोंकझोंक का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें प्रमोद राजपूत का कथित बयान सुनाई दे रहा है— 'बदमाशी भी कर लूंगा, राजपूत हूँ, निपट लूंगा।' इस विवाद के बाद आरिफ मसूद और आतिफ अकील बैठक छोड़कर बाहर निकल गए। घटना के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए आरिफ मसूद ने कहा कि बदतमीजी और बेइज्जती कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने इसे विधायकों के विशेषाधिकारों का हनन करार दिया और स्पष्ट किया कि वे इस पूरे मामले की शिकायत विधानसभा अध्यक्ष से करेंगे। इस घटना के बाद अब राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के आसार हैं।
भोपाल में कलेक्टर कार्यालय के भीतर मास्टर प्लान पर आयोजित दिशा बैठक के दौरान तीखा हंगामा देखने को मिला। बैठक में मौजूद जनपद अध्यक्ष प्रमोद राजपूत और कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद तथा आतिफ अकील के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि माहौल पूरी तरह गरमा गया। आरोप है कि इस दौरान प्रमोद राजपूत ने
दोनों विधायकों को 'औकात में रहने' की नसीहत दी। बैठक में हुई इस नोंकझोंक का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें प्रमोद राजपूत का कथित बयान सुनाई दे रहा है— 'बदमाशी भी कर लूंगा, राजपूत हूँ, निपट लूंगा।' इस विवाद के बाद आरिफ मसूद और आतिफ अकील बैठक छोड़कर बाहर निकल गए। घटना के बाद
अपनी प्रतिक्रिया देते हुए आरिफ मसूद ने कहा कि बदतमीजी और बेइज्जती कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने इसे विधायकों के विशेषाधिकारों का हनन करार दिया और स्पष्ट किया कि वे इस पूरे मामले की शिकायत विधानसभा अध्यक्ष से करेंगे। इस घटना के बाद अब राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के आसार हैं।
- भोपाल कलेक्ट्रेट में मास्टर प्लान को लेकर आयोजित दिशा की बैठक के दौरान उस समय भारी बवाल मच गया, जब जनपद अध्यक्ष प्रमोद राजपूत ने कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और आतिफ अकील को सरेआम धमकी दे दी। बैठक के दौरान प्रमोद राजपूत ने मर्यादा लांघते हुए दोनों विधायकों को 'औकात में रहने' की नसीहत दी। कैमरों के सामने उन्होंने अपमानजनक लहजे में कहा, 'बदमाशी भी कर लूंगा, राजपूत हूं निपट लूंगा'। इस घटना के बाद आरिफ मसूद और आतिफ अकील विरोध जताते हुए बैठक छोड़कर बाहर निकल गए। आरिफ मसूद ने इस पूरे घटनाक्रम को विधायकों का विशेषाधिकार हनन करार दिया है और उन्होंने मामले की शिकायत विधानसभा अध्यक्ष से करने का ऐलान किया है।3
- भोपाल नगर निगम के अतिक्रमण अमले ने आज सुबह वार्ड 62 के पार्षद द्वारा बनाए जा रहे कार्यालय को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई को लेकर मिली जानकारी के अनुसार, निगम प्रशासन द्वारा इस निर्माण कार्य को लेकर तीन दिन पहले ही नोटिस जारी किया गया था। कार्रवाई के तहत आज सुबह मौके पर पहुंचकर निगम की टीम ने निर्माण को तोड़ दिया।1
- पूर्व आईएएस नियाज खान द्वारा दिए गए बयान पर भोपाल से कांग्रेस के विधायक आरिफ मसूद ने अपनी असहमति जताई है। आरिफ मसूद का कहना है कि भारत की संस्कृति में दाढ़ी-टोपी हो या धोती-कुर्ता, देश की पहचान इन्हीं विविधताओं से होती है, इसलिए वह नियाज खान की बातों से इत्तेफाक नहीं रखते हैं। मॉब लिंचिंग जैसे संवेदनशील मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए आरिफ मसूद ने कहा कि एक विशेष वर्ग के साथ इस तरह की घटनाएं लगातार हो रही हैं।1
- उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर सीधा निशाना साधते हुए उन्हें खुली चुनौती दी है। ओम प्रकाश राजभर ने दावा किया है कि अखिलेश यादव अब इस जन्म में मुख्यमंत्री नहीं बन पाएंगे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब उन्हें अगले जन्म में मुख्यमंत्री बनने की तैयारी करनी चाहिए।1
- मध्य प्रदेश पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी।1
- भोपाल के हुजूर क्षेत्र में डॉ. शिल्पा ताम्रकार ने एक महत्वपूर्ण सत्र के दौरान स्वस्थ रहने के तौर-तरीकों पर विस्तार से चर्चा की है। उन्होंने लोगों को बेहतर स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए आवश्यक सुझाव और जीवनशैली में बदलावों के बारे में जानकारी दी है। डॉ. ताम्रकार द्वारा साझा की गई पूरी जानकारी को देखना स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने के लिए महत्वपूर्ण बताया गया है।1
- भोपाल में कलेक्टर कार्यालय के भीतर मास्टर प्लान पर आयोजित दिशा बैठक के दौरान तीखा हंगामा देखने को मिला। बैठक में मौजूद जनपद अध्यक्ष प्रमोद राजपूत और कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद तथा आतिफ अकील के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि माहौल पूरी तरह गरमा गया। आरोप है कि इस दौरान प्रमोद राजपूत ने दोनों विधायकों को 'औकात में रहने' की नसीहत दी। बैठक में हुई इस नोंकझोंक का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें प्रमोद राजपूत का कथित बयान सुनाई दे रहा है— 'बदमाशी भी कर लूंगा, राजपूत हूँ, निपट लूंगा।' इस विवाद के बाद आरिफ मसूद और आतिफ अकील बैठक छोड़कर बाहर निकल गए। घटना के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए आरिफ मसूद ने कहा कि बदतमीजी और बेइज्जती कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने इसे विधायकों के विशेषाधिकारों का हनन करार दिया और स्पष्ट किया कि वे इस पूरे मामले की शिकायत विधानसभा अध्यक्ष से करेंगे। इस घटना के बाद अब राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के आसार हैं।3
- मध्य प्रदेश के सतना जिले में निलंबित उपयंत्री सतीश समेले द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सतीश समेले को जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शैलेन्द्र सिंह ने निलंबित किया है, जिन पर पहले से ही विकास कार्यों में कमीशनखोरी, अनियमितताओं और निरीक्षण के दौरान बंदूक लेकर घूमने के आरोप रहे हैं। निलंबन के बाद सतीश समेले ने विभागीय व्यवस्था पर निशाना साधते हुए दावा किया है कि निर्माण कार्यों में भुगतान और स्वीकृति के दौरान लिया जाने वाला कमीशन केवल निचले स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी श्रृंखला ऊपर तक जुड़ी हुई है। उन्होंने खुद को इस व्यवस्था का एक 'एजेंट' करार देते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के लिए केवल निचले कर्मचारी जिम्मेदार नहीं हैं, बल्कि निर्णय लेने और भुगतान प्रक्रिया से जुड़े उच्च अधिकारी भी इसमें शामिल हैं। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि केवल छोटे स्तर पर कार्रवाई से भ्रष्टाचार खत्म नहीं होगा। इन आरोपों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रशासन में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार मुक्त सरकार के दावों पर बहस छेड़ दी है। प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में अब इस बात पर चर्चा तेज है कि क्या ये आरोप व्यक्तिगत प्रतिशोध हैं या विभागीय तंत्र की सच्चाई का पर्दाफाश। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी प्रतीक्षित है, और अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या सरकार इन गंभीर आरोपों की उच्च स्तरीय जांच करवाएगी।1
- भोपाल में पुलिस कमिश्नर के निर्देशों के तहत रात्रिकालीन सघन चेकिंग अभियान लगातार जारी है। इसी सिलसिले में हनुमानगंज थाना क्षेत्र में देर रात पुलिस ने विशेष चेकिंग पॉइंट लगाकर वाहनों और संदिग्ध व्यक्तियों की बारीकी से जांच की। इस दौरान पुलिस ने वाहनों के दस्तावेजों, संदिग्ध गतिविधियों और नियमों के पालन को सुनिश्चित किया। पुलिस प्रशासन का कहना है कि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण रखने, असामाजिक तत्वों पर निगरानी बनाए रखने और शहर में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से यह अभियान आगे भी अनवरत जारी रहेगा।1