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Reporter Ravinder
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- ग्राम रणवीरपुर के जैन ट्रेडर्स में बिना दस्तावेज अनाज भंडारण पर बड़ी कार्रवाई 4738 बोरी धान और अन्य अनाज किया जप्त1
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- 23 जनवरी को होने वाले भारत और न्यूजीलैंड के मुकाबले को लेकर STUDENT'S को कितने में मिलेगा टिकट? #cg #chhattisgarh #raipur #cgnews # police dost1
- टोयोटा का लोगो सिर्फ़ एक डिज़ाइन नहीं, बल्कि गहरी सोच का प्रतीक है 🚗✨। 1989 में कंपनी की 50वीं वर्षगांठ पर पेश किए गए इस लोगो में दो अंदरूनी अंडाकार ग्राहक और टोयोटा के दिल को दर्शाते हैं, जिनका मिलना भरोसे और जुड़ाव का संकेत है। बाहरी अंडाकार टोयोटा की वैश्विक पहुंच दिखाता है। इसमें “TOYOTA” के सभी अक्षर छुपे हैं 🌍🔧 #toyota #logodesign #brandstory #logomeaning #automotive #branding #designthinking #carbrand #viral #explore1
- आज शांति सरोवर, रायपुर में सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत आयोजित 'पुलिस मितान सम्मेलन' में शामिल हो कर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ लालउमेद सिंग ने पुलिस मितान ऐप का शुभारंभ किया। उन्होंने इस अभिनव पहल पर रायपुर पुलिस एवं सभी पुलिस मितान भाई-बहनों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। साथ ही पुलिस मितान साथियों को सम्मानित भी किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ लालउमेद सिंग ने इस अवसर पर कहा कि यह अभिनव पहल सड़क सुरक्षा के प्रति जन-जागरूकता को नई दिशा देगी। #raipurnews #policemitan #policemitancg #roadsafety1
- ग्राम बिरकोना में खुद बाइक से गिरने पर एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल अस्पताल में कराया भर्ती1
- Post by Hari Sharma Sharma1
- भिलाई-चरौदा के मणिकंचन केंद्र में खुद जलाया जा रहा कचरा!** भिलाई-चरौदा नगर निगम एक ओर शहरवासियों से स्वच्छता रैंकिंग बढ़ाने और खुले में कचरा न जलाने की अपील कर रहा है, वहीं दूसरी ओर नगर निगम के ही मणिकंचन केंद्रों में कचरा जलाए जाने का मामला सामने आया है, जिसने पूरे स्वच्छता अभियान की सच्चाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं। महापौर निर्मल कोसरे और कमिश्नर डी.एस. राजपूत के निर्देश पर निगम अमला नागरिकों पर नियम विरुद्ध कचरा फेंकने, सड़क पर निर्माण सामग्री डालने और खुले में कचरा जलाने पर जुर्माना ठोक रहा है। लेकिन सवाल यह है — जब नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई हो रही है, तो नियम तोड़ता खुद निगम दिखाई दे तो कार्रवाई किस पर होगी? नगर निगम द्वारा बताया जाता है कि शहर के सभी वार्डों से गीला और सूखा कचरा अलग-अलग एकत्र कर एस.एल.आर.एम. यानी मणिकंचन केंद्रों तक पहुँचाया जाता है, जहाँ उसका निपटान और रीसाइक्लिंग की जाती है। लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि मणिकंचन केंद्रों में कचरे को रीसाइक्लिंग करने के बजाय खुलेआम जलाया जा रहा है, जिससे आसपास के इलाकों में जहरीला धुआँ फैल रहा है। इससे न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान हो रहा है, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है 👉 आखिर ऐसा कौन-सा कचरा है जो रीसाइक्लिंग योग्य नहीं है? 👉 यदि रीसाइक्लिंग संभव नहीं थी, तो उसे जलाने की अनुमति किसने दी? 👉 क्या स्वच्छता के नियम सिर्फ आम नागरिकों के लिए हैं? 👉 या फिर निगम के लिए नियमों में छूट है? नगर निगम खुले में कचरा जलाने पर नागरिकों पर चालानी कार्रवाई की चेतावनी देता है, लेकिन मणिकंचन केंद्र में जल रहे कचरे पर निगम की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। यदि यही हाल रहा, तो स्वच्छता रैंकिंग बढ़ाने के दावे केवल कागज़ों और भाषणों तक ही सीमित रह जाएंगे। जनता अब सिर्फ अपील नहीं, जवाब और कार्रवाई चाहती है। अब देखना यह होगा कि नगर निगम प्रशासन 👉 इस मामले पर सफाई देता है 👉 जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होती है 👉 या फिर यह एक्सपोज़ भी फाइलों में दबकर रह जाएगा। स्वच्छ शहर का सपना तभी साकार होगा, जब नियम सबके लिए बराबर होंगे — चाहे वो आम नागरिक हो या खुद नगर निगम।1