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डबवाली में आज सुबह से ही लगातार और बहुत तेज़ बारिश हो रही है, जिससे क्षेत्र का मौसम काफी खराब हो गया है। यह बारिश सुबह 6 बजे शुरू हुई थी और अभी तक, सुबह 8:30 बजे तक भी जारी है, रुकने का नाम नहीं ले रही है। स्थानीय जानकारी के अनुसार, डबवाली में इतनी भयंकर बारिश पहली बार हुई है।
Viram Kumar
डबवाली में आज सुबह से ही लगातार और बहुत तेज़ बारिश हो रही है, जिससे क्षेत्र का मौसम काफी खराब हो गया है। यह बारिश सुबह 6 बजे शुरू हुई थी और अभी तक, सुबह 8:30 बजे तक भी जारी है, रुकने का नाम नहीं ले रही है। स्थानीय जानकारी के अनुसार, डबवाली में इतनी भयंकर बारिश पहली बार हुई है।
More news from राजस्थान and nearby areas
- जोधपुर में री नीट परीक्षा का आयोजन किया गया। यह परीक्षा शहर भर में कुल 46 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुई।1
- श्रीगंगानगर के नेहरा नगर (6 छोटी) की मुख्य सड़क इस समय अत्यधिक बदहाली का सामना कर रही है, जो क्षेत्र को सीधे मुख्य बाजार से जोड़ती है। यह महत्वपूर्ण मार्ग अब जलभराव और कचरे के बड़े ढेरों में तब्दील हो चुका है, जिससे स्थानीय निवासियों का जीवन दूभर हो गया है। बावजूद इसके, जिम्मेदार प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या पर आंखें मूंदे बैठे हैं। स्थिति इतनी विकट है कि जलभराव और भारी कीचड़ के कारण पैदल निकलना भी असंभव हो चुका है। आपातकालीन स्थितियों, जैसे कि बीमारी में, दोपहिया वाहन या एम्बुलेंस का यहां से गुजरना पूरी तरह से असंभव है, जिससे लोगों में हर समय यह डर बना रहता है कि किसी अचानक बीमार व्यक्ति को अस्पताल कैसे ले जाया जाएगा। इसके साथ ही, क्षेत्र की सीवरेज व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुकी है, जिससे सड़कों पर गंदा पानी बजबजा रहा है। सड़क किनारे लगे कचरे के ढेरों पर बेसहारा पशु मुंह मारते हैं, जिससे भयंकर बदबू फैल रही है और मच्छरों के प्रकोप के कारण महामारियों का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों का गुस्सा प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर फूट पड़ा है। उनका आरोप है कि चुनाव के दौरान बड़े-बड़े वादे करने वाले नेता और अधिकारी अब पूरी तरह से मौन हैं। जनता का कहना है कि जनप्रतिनिधियों को केवल उनके वोटों से मतलब है, और चुनाव खत्म होते ही वे अपनी गाड़ियों में बैठकर गायब हो जाते हैं, जनता को इस 'नारकीय स्थिति' में तड़पने के लिए अकेला छोड़ दिया जाता है।2
- मुका हिरण मामले के संबंध में बिश्नोई समाज की एक सभा आयोजित की गई, जिसमें परमेश्वरी ने भाग लिया।2
- श्रीगंगानगर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने लंबित मानदेय, भवन किराया और अन्य बकाया भुगतानों को लेकर नारी शक्ति राजस्थान आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की ओर से एडीएम व महिला एवं बाल विकास विभाग को एक ज्ञापन सौंपा है। संघ ने बताया है कि कई महीनों से मानदेय का भुगतान न होने के कारण कर्मचारियों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, किराये के भवनों में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया भी बकाया है, जिसके चलते मकान मालिक केंद्र खाली कराने की चेतावनी दे रहे हैं। ज्ञापन में संघ ने पोषण ट्रैकर, सामुदायिक कार्यक्रम, मोबाइल रिचार्ज, बिजली बिल और अन्य योजनाओं से संबंधित बकाया राशि के तत्काल भुगतान की भी मांग की है। साथ ही, सेवानिवृत्त कर्मियों को पेंशन, ग्रेच्युटी और बीमा राशि जल्द जारी करने की भी मांग उठाई गई है। आंगनबाड़ी कर्मियों ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो जिलेभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। इस दौरान विभाग के नए सर्वे और सभी सरकारी कार्यों का बहिष्कार किया जाएगा, क्योंकि बकाया भुगतान को लेकर अब उनका सब्र जवाब देने लगा है।2
- नागौर जिले में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों और जिला कलेक्टर नागौर के मार्गदर्शन में चल रहे विशेष अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत रविवार को जायल उपखंड क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की गई। इस दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-458 (निम्बी जोधा-डेगाना खंड) पर किए गए 25 अवैध अतिक्रमणों को हटाया गया। यह अभियान राष्ट्रीय राजमार्गों को अतिक्रमणमुक्त कर यातायात को सुरक्षित और सुगम बनाने, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने तथा आमजन को निर्बाध आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है। विशेष रूप से बड़ी खाटू और उसके आसपास के क्षेत्रों में राजमार्ग की भूमि पर बने अवैध निर्माणों और अस्थायी ढांचों को निशाना बनाया गया। इस कार्रवाई को अंजाम देने से पहले राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग ने अतिक्रमणों का सर्वेक्षण किया और संबंधित व्यक्तियों को नियमानुसार नोटिस जारी किए थे। निर्धारित समय-सीमा समाप्त होने के बाद, राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम उपखंड अधिकारी जायल रजत के निर्देशन में मौके पर पहुंची और कार्रवाई की। राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की ओर से सहायक अभियंता महेंद्र चौधरी एवं वर्मा, राजस्व विभाग की ओर से तहसीलदार विजय बाजिया, भू-अभिलेख निरीक्षक किसन लाल और पटवारी लालाराम सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। पुलिस विभाग ने अभियान के दौरान आवश्यक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था सुनिश्चित की। उपखंड अधिकारी ने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर किसी भी तरह का अतिक्रमण जनहित और सड़क सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों और जिला कलेक्टर की मंशा के अनुरूप राजमार्गों को पूरी तरह से अतिक्रमणमुक्त रखने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा, और शेष चिन्हित अतिक्रमणों के विरुद्ध भी आगामी दिनों में कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे राष्ट्रीय राजमार्ग की भूमि पर अतिक्रमण न करें और सुरक्षित एवं व्यवस्थित यातायात व्यवस्था बनाए रखने में अपना सहयोग दें।3
- पोकरण उपखंड अधिकारी (SDM) हीर सिंह चारण ने एक प्रेस वार्ता में बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि एकमे सोलर कंपनी से जुड़े कार्मिक और अधिकारी उन पर दबाव बना रहे हैं। उन्होंने मीडिया के सामने स्वीकार किया कि उन पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि वे ग्रामीणों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने देंगे। SDM हीर सिंह ने आगे जानकारी दी कि गुड्डी और जैमला गांव के ग्रामीणों तथा सोलर कंपनियों के बीच चल रहे मामलों को लेकर उन्होंने जिला कलेक्टर को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने अनुरोध किया है कि इन मामलों की सुनवाई पोकरण उपखंड न्यायालय में न की जाए, बल्कि सभी प्रकरणों का निस्तारण जैसलमेर में किया जाए। प्रेस वार्ता के दौरान SDM हीर सिंह चारण ने यह भी दोहराया कि, "यह बिल्कुल सत्य है कि मेरे ऊपर दबाव बनाया जा रहा है, लेकिन मैं ग्रामीणों के हितों से समझौता नहीं कर सकता। न्यायालय में आने वाले लोगों को निष्पक्ष न्याय मिलना चाहिए और मैं अपनी जिम्मेदारी उसी भावना से निभाऊंगा।" SDM के इस बयान के बाद क्षेत्र में सोलर परियोजनाओं और ग्रामीणों के बीच चल रहे विवादों को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। ग्रामीणों ने भी SDM के इस रुख का स्वागत करते हुए निष्पक्ष सुनवाई की अपनी मांग को एक बार फिर दोहराया है।1
- जोधपुर में एक नर्सिंगकर्मी अपने तबादले की गुहार लगाते हुए एक मंत्री के पैरों में गिर पड़ी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि नर्सिंगकर्मी मंत्री से अपने स्थानांतरण के लिए अनुरोध कर रही है।1
- श्रीगंगानगर के नेहरा नगर (6 छोटी) की मुख्य सड़क इस समय अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है, जो सीधे क्षेत्र को मुख्य बाजार से जोड़ती है। यह रास्ता अब एक बड़े जलभराव और कचरे के ढेर में तब्दील हो चुका है, जिससे स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल हो गया है और जिम्मेदार प्रशासन तथा जनप्रतिनिधि आँखें मूंदे बैठे हैं। नेहरा नगर को बाजार से जोड़ने वाला यह एकमात्र मुख्य मार्ग जलभराव और भारी कीचड़ के कारण पैदल चलने के लिए भी दूभर हो गया है। सड़क की इतनी खराब स्थिति है कि किसी आपातकालीन स्थिति या बीमारी के समय दोपहिया वाहन या एम्बुलेंस का यहां से गुजरना पूरी तरह असंभव है, जिससे स्थानीय लोग हर वक्त बीमारी में अस्पताल पहुँचने की चिंता में रहते हैं। क्षेत्र की सीवरेज व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा चुकी है, जिससे सड़कों पर गंदा पानी और कीचड़ बजबजा रहा है, जो प्रशासन के दावों की पोल खोलता है। सड़क के किनारे कचरे के बड़े-बड़े ढेर भी लगे हुए हैं, जहाँ बेसहारा पशु मुँह मारते दिखते हैं। इस गंदगी से इलाके में भयंकर बदबू फैली है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से महामारियों का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है, उनका कहना है कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करने वाले जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी अब पूरी तरह मौन हैं। वे आरोप लगाते हैं कि "नेताओं को सिर्फ हमारे वोट से मतलब है। चुनाव खत्म होते ही वे अपनी गाड़ियों में बैठकर गायब हो जाते हैं, और इस नारकीय स्थिति में तड़पने के लिए हमें अकेला छोड़ दिया जाता है।" ऐसे में, स्थानीय प्रशासन से तत्काल सफाई करवाए जाने की मांग उठ रही है।2
- जैसलमेर में पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं कांग्रेस नेता शाले मोहम्मद ने प्रेस वार्ता के दौरान केंद्र सरकार पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन स्थानों पर भारतीय जनता पार्टी की सरकारें हैं, वहाँ लगातार पेपर लीक की घटनाएं हो रही हैं और केंद्र सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। शाले मोहम्मद ने विशेष रूप से NEET पेपर लीक मामले का जिक्र किया, जिसके कारण देशभर के लाखों विद्यार्थियों और अभिभावकों में चिंता का माहौल है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इतनी गंभीर स्थिति के बावजूद केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने न तो इस्तीफा दिया है और न ही केंद्र सरकार की ओर से कोई बड़ी या प्रभावी कार्रवाई देखने को मिली है। पूर्व मंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि कांग्रेस के शासनकाल में भी कुछ पेपर लीक की घटनाएं हुई थीं, लेकिन तब सरकार ने ऐसे मामलों में तुरंत और सख्त कार्रवाई की थी। उन्होंने कहा कि उस समय दोषियों को गिरफ्तार किया गया था और पेपर माफियाओं के खिलाफ कठोर कदम उठाए गए थे, जिसके परिणामस्वरूप पेपर लीक करने वाले गिरोहों में कानून का भय बना हुआ था। हालांकि, शाले मोहम्मद ने आरोप लगाया कि वर्तमान केंद्र सरकार की ढिलाई के चलते पेपर माफियाओं के हौसले बुलंद हो रहे हैं, और इसी कारण प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है। उन्होंने मांग की कि इन पेपर लीक मामलों में जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए ताकि युवाओं को न्याय मिल सके।1