आजमगढ़ के सरायमीर थाना क्षेत्र में भूत-प्रेत और तंत्र-मंत्र का भय दिखाकर महिलाओं से जेवरात व नकदी ठगने वाले एक अंतरजनपदीय गिरोह के सरगना इम्तियाज खान को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। मुठभेड़ के दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी है, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। इम्तियाज खान, जिसकी उम्र 48 वर्ष बताई गई है, अलीगढ़ का निवासी है और वर्तमान में लखनऊ के दुबग्गा में रहता है। यह पूरा मामला 9 मई 2026 को सामने आया था, जब राजापुर सिकरौर निवासी चंदा देवी ने सरायमीर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता के अनुसार, ठठेरी बाजार के पास दो अज्ञात लोगों ने उन्हें रोककर उनके पति पर भूत-प्रेत का साया होने का डर दिखाया। आरोपी 'शुद्धिकरण' का नाटक कर चंदा देवी के कान की झालियां, गले का लॉकेट, मोबाइल फोन और एक लाख रुपये लेकर फरार हो गए थे। पुलिस को सूचना मिली थी कि इस घटना में शामिल बदमाश मोटरसाइकिल से खरेवा की ओर आ रहे हैं। करछा मंदिर के पास घेराबंदी की गई, तो पुलिस को देख बदमाश भागने लगे। कच्चे रास्ते पर मोटरसाइकिल फिसलने से वे गिर पड़े, जिसके बाद एक आरोपी तो फरार हो गया, लेकिन दूसरे ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में इम्तियाज खान के पैर में गोली लग गई और उसे पकड़ लिया गया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक बिना नंबर की मोटरसाइकिल, दो मोबाइल फोन, लूटे गए आभूषण (झालियां, लॉकेट आदि), 11,100 रुपये नकद और एक देशी तमंचा व कारतूस बरामद किए हैं। पूछताछ में पता चला कि इम्तियाज खान अपने भाई के साथ मिलकर बाजारों में अधेड़ उम्र की महिलाओं को निशाना बनाता था। वे महिलाओं को झांसा देकर उन्हें 'बिना पीछे मुड़े 51 कदम चलने' को कहते थे और इसी बीच उनके जेवरात व नकदी लेकर गायब हो जाते थे। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, यह गिरोह आजमगढ़ के अलावा बरेली, बुलंदशहर और मुजफ्फरनगर सहित कई जिलों में सक्रिय रहा है। आरोपी के खिलाफ ठगी, धोखाधड़ी और एनडीपीएस एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में पहले से ही आधा दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब उसके फरार साथी की तलाश में जुटी है।
आजमगढ़ के सरायमीर थाना क्षेत्र में भूत-प्रेत और तंत्र-मंत्र का भय दिखाकर महिलाओं से जेवरात व नकदी ठगने वाले एक अंतरजनपदीय गिरोह के सरगना इम्तियाज खान को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। मुठभेड़ के दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी है, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। इम्तियाज खान, जिसकी उम्र 48 वर्ष बताई गई है, अलीगढ़ का निवासी है और वर्तमान में लखनऊ के दुबग्गा में रहता है। यह पूरा मामला 9 मई 2026 को सामने आया था, जब राजापुर सिकरौर निवासी चंदा देवी ने सरायमीर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता के अनुसार, ठठेरी बाजार के पास दो अज्ञात लोगों ने उन्हें रोककर उनके पति पर भूत-प्रेत का साया होने का डर दिखाया। आरोपी 'शुद्धिकरण' का नाटक कर चंदा देवी के कान की झालियां, गले का लॉकेट, मोबाइल फोन और एक लाख रुपये लेकर फरार हो गए थे। पुलिस को सूचना मिली थी कि इस घटना में शामिल बदमाश मोटरसाइकिल से खरेवा की ओर आ रहे हैं। करछा मंदिर के पास घेराबंदी की गई, तो पुलिस को देख बदमाश भागने
लगे। कच्चे रास्ते पर मोटरसाइकिल फिसलने से वे गिर पड़े, जिसके बाद एक आरोपी तो फरार हो गया, लेकिन दूसरे ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में इम्तियाज खान के पैर में गोली लग गई और उसे पकड़ लिया गया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक बिना नंबर की मोटरसाइकिल, दो मोबाइल फोन, लूटे गए आभूषण (झालियां, लॉकेट आदि), 11,100 रुपये नकद और एक देशी तमंचा व कारतूस बरामद किए हैं। पूछताछ में पता चला कि इम्तियाज खान अपने भाई के साथ मिलकर बाजारों में अधेड़ उम्र की महिलाओं को निशाना बनाता था। वे महिलाओं को झांसा देकर उन्हें 'बिना पीछे मुड़े 51 कदम चलने' को कहते थे और इसी बीच उनके जेवरात व नकदी लेकर गायब हो जाते थे। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, यह गिरोह आजमगढ़ के अलावा बरेली, बुलंदशहर और मुजफ्फरनगर सहित कई जिलों में सक्रिय रहा है। आरोपी के खिलाफ ठगी, धोखाधड़ी और एनडीपीएस एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में पहले से ही आधा दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब उसके फरार साथी की तलाश में जुटी है।
- आजमगढ़ के सरायमीर थाना क्षेत्र में भूत-प्रेत और तंत्र-मंत्र का भय दिखाकर महिलाओं से जेवरात व नकदी ठगने वाले एक अंतरजनपदीय गिरोह के सरगना इम्तियाज खान को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। मुठभेड़ के दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी है, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। इम्तियाज खान, जिसकी उम्र 48 वर्ष बताई गई है, अलीगढ़ का निवासी है और वर्तमान में लखनऊ के दुबग्गा में रहता है। यह पूरा मामला 9 मई 2026 को सामने आया था, जब राजापुर सिकरौर निवासी चंदा देवी ने सरायमीर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता के अनुसार, ठठेरी बाजार के पास दो अज्ञात लोगों ने उन्हें रोककर उनके पति पर भूत-प्रेत का साया होने का डर दिखाया। आरोपी 'शुद्धिकरण' का नाटक कर चंदा देवी के कान की झालियां, गले का लॉकेट, मोबाइल फोन और एक लाख रुपये लेकर फरार हो गए थे। पुलिस को सूचना मिली थी कि इस घटना में शामिल बदमाश मोटरसाइकिल से खरेवा की ओर आ रहे हैं। करछा मंदिर के पास घेराबंदी की गई, तो पुलिस को देख बदमाश भागने लगे। कच्चे रास्ते पर मोटरसाइकिल फिसलने से वे गिर पड़े, जिसके बाद एक आरोपी तो फरार हो गया, लेकिन दूसरे ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में इम्तियाज खान के पैर में गोली लग गई और उसे पकड़ लिया गया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक बिना नंबर की मोटरसाइकिल, दो मोबाइल फोन, लूटे गए आभूषण (झालियां, लॉकेट आदि), 11,100 रुपये नकद और एक देशी तमंचा व कारतूस बरामद किए हैं। पूछताछ में पता चला कि इम्तियाज खान अपने भाई के साथ मिलकर बाजारों में अधेड़ उम्र की महिलाओं को निशाना बनाता था। वे महिलाओं को झांसा देकर उन्हें 'बिना पीछे मुड़े 51 कदम चलने' को कहते थे और इसी बीच उनके जेवरात व नकदी लेकर गायब हो जाते थे। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, यह गिरोह आजमगढ़ के अलावा बरेली, बुलंदशहर और मुजफ्फरनगर सहित कई जिलों में सक्रिय रहा है। आरोपी के खिलाफ ठगी, धोखाधड़ी और एनडीपीएस एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में पहले से ही आधा दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब उसके फरार साथी की तलाश में जुटी है।2
- आजमगढ़ में भूत-प्रेत, तंत्र-मंत्र और शुद्धिकरण के नाम पर महिलाओं को झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक अंतरजनपदीय गिरोह के सरगना इम्तियाज खान को सरायमीर पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह ने 9 मई को राजापुर सिकरौर निवासी चंदा देवी को उनके पति पर भूत-प्रेत का साया होने की बात कहकर गहने, मोबाइल फोन और एक लाख रुपये नकद ठग लिए थे। इस मामले में सरायमीर थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच चल रही थी। 1 जून की रात पुलिस को सूचना मिली कि इस घटना में शामिल आरोपी मोटरसाइकिल से खरेवा की ओर आ रहे हैं। करछा मंदिर के पास पुलिस ने घेराबंदी की तो आरोपी भागने लगे, जिस दौरान उनकी मोटरसाइकिल फिसल गई। अंधेरे का फायदा उठाकर एक आरोपी फरार हो गया, जबकि दूसरे ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया और उसे दबोच लिया गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अलीगढ़ निवासी और वर्तमान में लखनऊ के दुबग्गा के इम्तियाज खान (48) के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने बताया कि वह अपने भाई के साथ मिलकर विभिन्न बाजारों में घूमकर महिलाओं को तंत्र-मंत्र और पारिवारिक संकट का भय दिखाकर ठगी करता था। पुलिस ने इम्तियाज खान के कब्जे से दो मोबाइल फोन, सोने-चांदी के आभूषण, 11,100 रुपये नकद, एक देशी तमंचा, कारतूस और एक बिना नंबर की मोटरसाइकिल बरामद की है। जांच में सामने आया है कि आरोपी के खिलाफ बरेली, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर और आजमगढ़ सहित कई जनपदों में मुकदमे दर्ज हैं। सरायमीर पुलिस ने आरोपी इम्तियाज खान के विरुद्ध विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है, और उसके फरार साथी की तलाश जारी है। इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक भुवनेश कुमार चौबे, उपनिरीक्षक पंकज यादव, उपनिरीक्षक राजनाथ यादव समेत पूरी पुलिस टीम शामिल रही।2
- आजमगढ़ में भोजपुरी भाषा और लोक साहित्य के अमर हस्ताक्षर, जनमानस के कवि तथा लोक संवेदना के सशक्त स्वर रामजियावन दास 'बावला' को उनकी जयंती पर साहित्य प्रेमियों, बुद्धिजीवियों और भोजपुरी समाज ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। 1 जून 1922 को जन्मे 'बावला' जी ने सीमित औपचारिक शिक्षा के बावजूद भोजपुरी साहित्य को अमूल्य रचनाएं प्रदान कीं, जो आज भी जन-जन की जुबान पर हैं। ग्रामीण परिवेश, लोक संस्कृति, मानवीय करुणा और रामभक्ति उनकी रचनाओं की प्रमुख विशेषताएं रहीं। 'बावला' जी की प्रसिद्ध रचना 'कउने नरेसवा क देसवा उजरि गइले, केकरे दुअरिया न छाँव...' को भोजपुरी साहित्य की कालजयी धरोहर माना जाता है। इस गीत में भगवान राम के प्रति लोकमन की आत्मीयता, करुणा और ग्रामीण जीवन की सहज संवेदनाएं जीवंत रूप में दिखाई देती हैं। भोजपुरी साहित्य के जानकारों का मत है कि 'बावला' जी ने अपने गीतों और कविताओं के माध्यम से लोकजीवन की पीड़ा, संघर्ष और सामाजिक मूल्यों को स्वर दिया। उनकी रचनाओं का मंचों, कथा-प्रवचनों और सांस्कृतिक आयोजनों में आज भी व्यापक रूप से गायन किया जाता है। जयंती के अवसर पर वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि रामजियावन दास 'बावला' केवल एक कवि नहीं थे, बल्कि भोजपुरी लोकसंस्कृति की एक जीवंत पहचान थे, जिनकी रचनाएं आने वाली पीढ़ियों को भाषा, संस्कृति और मानवीय मूल्यों से जोड़ती रहेंगी। हालांकि उनकी अनेक रचनाएं लोकप्रिय हैं, फिर भी समय के साथ उनके योगदान को अपेक्षित चर्चा नहीं मिल सकी है। इस पर साहित्य प्रेमियों ने चिंता व्यक्त की और यह भी माना कि भोजपुरी समाज को उनके साहित्यिक अवदान के संरक्षण और प्रचार-प्रसार के लिए गंभीर प्रयास करने चाहिए। देवपुरिया टाइम्स परिवार की ओर से भोजपुरी के अमर लोककवि रामजियावन दास 'बावला' जी को शत-शत नमन किया गया।1
- मऊ जनपद में पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार तथा क्षेत्राधिकारी मधुबन के मार्गदर्शन में थाना हलधरपुर पुलिस ने एक वांछित अभियुक्त दानिश उर्फ छोटू पुत्र अल्ताफ निवासी मुस्तफाबाद को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई देखभाल क्षेत्र और चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर मडैली बढनपुरा गांव के रास्ते से की गई। दानिश एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने और उसके साथ बलात्कार करने के मामले में वांछित था, जिसके संबंध में थाना हलधरपुर में मु0अ0सं0 106/26 धारा 87/137(2) बीएनएस पंजीकृत किया गया है। मुखबिर की सूचना पर, पुलिस ने मडैली बढनपुरा गेट से बसारिकपुर की तरफ लगभग 500 मीटर दूरी पर अभियुक्त को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान, अभियुक्त दानिश ने पुलिस पर जान से मारने की नीयत से फायर किया। जवाबी कार्रवाई में, पुलिस ने आत्मरक्षार्थ नियंत्रित फायर किया, जिससे अभियुक्त दानिश के पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया। पुलिस ने उसके कब्जे से 01 अदद अवैध देशी तमन्चा 315 बोर, 01 अदद खोखा कारतूस 315 बोर, 01 अदद जिंदा कारतूस 315 बोर और एक बिना नंबर की मोटरसाइकिल बरामद की। घायल अभियुक्त दानिश को उसके कृत्य के अंतर्गत धारा 109 बी.एन.एस., 3/25 आर्म्स एक्ट और मु0अ0सं0 106/26 धारा 87/137(2) बीएनएस के तहत लगभग 02:30 बजे पुलिस हिरासत में लिया गया। घायल बदमाश को तत्काल सीएचसी जोगापुर रतनपुरा भेजा गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे प्राथमिक उपचार दिया। प्राथमिक उपचार के बाद, बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए उसे जिला चिकित्सालय मऊ रेफर कर दिया गया है। मामले में अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।2
- गोला बाजार पक्के घाट से खुद को एक आम जनता बताने वाले एक व्यक्ति ने लोगों से उन सूचनाओं को पोस्ट करने का आह्वान किया है जो किसी विरोध या संघर्ष से संबंधित हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कहीं लड़ाई-झगड़ा होता है, तो वे उसमें पूरा साथ देंगे। विशेष रूप से, उन्होंने आग्रह किया है कि अगर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया जाता है, तो उस घटना पर भी जानकारी पोस्ट की जाए। इसके अतिरिक्त, पोस्ट करने वाले व्यक्ति ने दर्शकों से यह भी जानना चाहा है कि वे उनका वीडियो कहाँ से देख रहे हैं, और उन्हें कमेंट करके यह जानकारी साझा करने को कहा है।4
- आगामी 8, 9 और 10 जून को आयोजित होने वाली आरक्षी उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा को लेकर अंबेडकर नगर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं।1
- गाज़ीपुर के दुल्लहपुर स्थित जलालाबाद चौराहा पर फ्यूचर एकेडमी, ग्रामीण युवाओं को आधुनिक आईटी और प्रोग्रामिंग शिक्षा प्रदान करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। बदलते समय में तकनीकी शिक्षा की बढ़ती मांग को देखते हुए इस संस्थान ने कम समय में ही विद्यार्थियों के बीच अपनी एक अलग पहचान बनाई है। यह एकेडमी विद्यार्थियों को C#, Angular, .NET Core, Python, Java, Web Development, SQL और Database जैसे आधुनिक तथा रोजगारपरक कोर्स करवा रही है। प्रशिक्षण के दौरान छात्रों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं दिया जाता, बल्कि उन्हें प्रोजेक्ट आधारित व्यावहारिक प्रशिक्षण भी मिलता है, जिससे वे उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से समझ सकें। फ्यूचर एकेडमी अपनी आधुनिक सुविधाओं के लिए भी जानी जाती है, जहाँ विद्यार्थियों के लिए पूरी तरह वातानुकूलित (AC) कंप्यूटर लैब और क्लासरूम, हाई-स्पीड इंटरनेट, प्रोजेक्टर आधारित शिक्षण और अनुभवी प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन उपलब्ध है। संस्थान प्रबंधन के अनुसार, अब तक अनेक विद्यार्थियों को तकनीकी कौशल विकसित करने में मदद मिली है, और कई छात्र विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार प्राप्त करने में सफल भी हुए हैं। ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों को शहरों जैसी गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा उनके अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध कराना इस संस्थान का मुख्य उद्देश्य है। क्षेत्र के अभिभावकों और विद्यार्थियों ने फ्यूचर एकेडमी की इस पहल की सराहना की है, उनका कहना है कि इससे ग्रामीण युवाओं को अपने ही क्षेत्र में आधुनिक तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है, जिससे अब गाँव के विद्यार्थियों का सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की ट्रेनिंग का सपना पूरा हो सकेगा।1
- आजमगढ़ के थाना कोतवाली परिसर में 1 जून को परिवार परामर्श प्रकोष्ठ/नई किरण परियोजना के तहत आयोजित एक बैठक में एक पारिवारिक विवाद का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक यातायात/नोडल अधिकारी महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन के पर्यवेक्षण में हुई इस बैठक में कुल चार प्रकरणों की सुनवाई की गई। इनमें से एक मामला पत्नी के मायके चले जाने और उसकी विदाई को लेकर उत्पन्न हुए विवाद से जुड़ा था। काउंसलिंग और मिडिएशन प्रक्रिया के दौरान पति-पत्नी और उनके परिजनों को अलग-अलग तथा संयुक्त रूप से समझाया गया। इस गहन समझाइश-बुझाइश के बाद दोनों पक्ष आपसी सहमति से फिर से साथ रहने को तैयार हो गए। पुलिस के अनुसार, नई किरण परियोजना का मुख्य उद्देश्य बिखरते परिवारों को पुनः जोड़ना और आपसी संवाद के माध्यम से उनके विवादों का समाधान कराना है। इस अवसर पर प्रभारी परिवार परामर्श प्रकोष्ठ उपनिरीक्षक महेंद्र प्रसाद तिवारी, उपनिरीक्षक सत्यनारायण यादव, आरक्षी जितेंद्र शाह और महिला आरक्षी नेहा सिंह उपस्थित रहे। बैठक में कुल एक प्रकरण का सफलतापूर्वक समझौता कराया गया।1