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चित्रकूट धाम पर पत्थर बरसाने वाले आरोपी को पुलिस ने पकड़ा , पत्थरबाजी का राज खुला, जमीन विवाद में छात्रावास पर बरसाए थे पत्थर धम्बोला। गेलन स्थित चित्रकूट धाम परियोजना भवन पर रात के अंधेरे में हुई पत्थरबाजी के मामले का धम्बोला पुलिस ने खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने जमीन विवाद को लेकर शराब के नशे में छात्रावास भवन पर पत्थर फेंकने की बात स्वीकार की है। घटना के बाद आरोपी अहमदाबाद भाग गया था, जहां से पुलिस टीम ने उसे डिटेन कर थाने लाकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार 12 अगस्त की रात करीब 11.15 बजे चित्रकूट परियोजना के छात्रावास भवन के पीछे से गाली-गलौज करते हुए अचानक तेज पत्थरबाजी शुरू हो गई थी। छात्रावास में 10 विद्यार्थी और परियोजना से जुड़े चार कार्मिक रह रहे थे। पत्थरबाजी से भवन की छत पर लगे टीन में छेद हो गए और जालियों को भी नुकसान पहुंचा। बाहर सो रहा एक कार्मिक पत्थरों की आवाज सुनकर भवन के भीतर भागा और दरवाजा बंद कर लिया। आरोप है कि हमलावरों ने दरवाजा तोड़ने का प्रयास भी किया। घटना से विद्यार्थी और कार्मिक दहशत में आ गए थे। संदेह की सुई पहुंची दिनेश तक, अहमदाबाद से लाई पुलिस घटना की रिपोर्ट 13 अगस्त को छात्रावास प्रमुख अम्बालाल गमेती ने धम्बोला थाने में दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने प्रार्थी और गवाहों के बयान लिए तथा घटनास्थल से तकनीकी साक्ष्य जुटाए। आसपास के लोगों से पूछताछ और संदिग्धों पर निगरानी के साथ मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। तकनीकी साक्ष्य और पारंपरिक पुलिसिंग के आधार पर पुलिस का संदेह गेलन निवासी दिनेश कटारा पर गया। पुलिस के अनुसार घटना के बाद दिनेश अपने घर से फरार होकर मजदूरी के लिए अहमदाबाद चला गया था। पुलिस टीम अहमदाबाद पहुंची और तलाश के बाद उसे डिटेन कर धम्बोला लाई। पूछताछ में उसने जमीन विवाद को लेकर शराब के नशे में पत्थरबाजी करने की बात स्वीकार की। जांच में सामने आया कि चित्रकूट धाम परियोजना करीब 15 बीघा जमीन पर निर्माणाधीन है। संस्था की ओर से करीब एक वर्ष पहले निर्माण और भूमि विकास का काम शुरू किया गया था। पुलिस के अनुसार जमीन की सीमा से सटी भूमि को लेकर दिनेश और उसके परिवार की ओर से पूर्व में भी विरोध किया गया था। उस समय गांव के लोगों की मध्यस्थता से संस्था ने करीब डेढ़ से दो बीघा जमीन उनकी सुविधा के लिए छोड़कर रास्ता निकाला था। हाल में संस्था ने जमीन पर बाउंड्रीवॉल निर्माण के लिए जेसीबी से सफाई कराई और पौधारोपण के लिए गड्ढे खुदवाए। शेष भूमि पर कृषि कार्य करते हुए चारे की बुवाई भी शुरू कर दी गई। पुलिस के मुताबिक पहले खाली पड़ी जमीन पर दिनेश के परिवार के पशु चरते थे। तारबंदी और भूमि के उपयोग शुरू होने से पशुओं के चारे की समस्या को लेकर दिनेश पुत्र हकरा आहारी नाराज था। इसी नाराजगी में उसने 12 अगस्त की रात छात्रावास के पीछे से पत्थर फेंककर विद्यार्थियों और कर्मचारियों को भयभीत किया। घटना के बाद आरोपी दो दिन तक अपनी मौजूदगी छिपाता रहा और रिश्तेदारियों में घूमने के बाद अहमदाबाद चला गया। पुलिस को उस पर संदेह होने पर तलाश तेज की गई। अहमदाबाद से पकड़कर लाए जाने के बाद पूछताछ में घटना का खुलासा हुआ। *पुलिस टीम में* थानाधिकारी चन्द्रशेखर किलानिया, सहायक उपनिरीक्षक सोहनलाल, कांस्टेबल कुणाल एवं आसूचना अधिकारी कांस्टेबल करण शामिल रहे।

3 hrs ago
user_मुकेश कुमार आर. पंड्या
मुकेश कुमार आर. पंड्या
Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
3 hrs ago

चित्रकूट धाम पर पत्थर बरसाने वाले आरोपी को पुलिस ने पकड़ा , पत्थरबाजी का राज खुला, जमीन विवाद में छात्रावास पर बरसाए थे पत्थर धम्बोला। गेलन स्थित चित्रकूट धाम परियोजना भवन पर रात के अंधेरे में हुई पत्थरबाजी के मामले का धम्बोला पुलिस ने खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने जमीन विवाद को लेकर शराब के नशे में छात्रावास भवन पर पत्थर फेंकने की बात स्वीकार की है। घटना के बाद आरोपी अहमदाबाद भाग गया था, जहां से पुलिस टीम ने उसे डिटेन कर थाने लाकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार 12 अगस्त की रात करीब 11.15 बजे चित्रकूट परियोजना के छात्रावास भवन के पीछे से गाली-गलौज करते हुए अचानक तेज पत्थरबाजी शुरू हो गई थी। छात्रावास में 10 विद्यार्थी और परियोजना से जुड़े चार कार्मिक रह रहे थे। पत्थरबाजी से भवन की छत पर लगे टीन में छेद हो गए और जालियों को भी नुकसान पहुंचा। बाहर सो रहा एक कार्मिक पत्थरों की आवाज सुनकर भवन के भीतर भागा और दरवाजा बंद कर लिया। आरोप है कि हमलावरों ने दरवाजा तोड़ने का प्रयास भी किया। घटना से विद्यार्थी और कार्मिक दहशत में आ गए थे। संदेह की सुई पहुंची दिनेश तक, अहमदाबाद से लाई पुलिस घटना की रिपोर्ट 13 अगस्त को छात्रावास प्रमुख अम्बालाल गमेती ने धम्बोला थाने में दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने प्रार्थी और गवाहों के बयान लिए तथा घटनास्थल से तकनीकी साक्ष्य जुटाए। आसपास के लोगों से पूछताछ और संदिग्धों पर निगरानी के साथ मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। तकनीकी साक्ष्य और पारंपरिक पुलिसिंग के आधार पर पुलिस का संदेह गेलन निवासी दिनेश कटारा पर गया। पुलिस के अनुसार घटना के

बाद दिनेश अपने घर से फरार होकर मजदूरी के लिए अहमदाबाद चला गया था। पुलिस टीम अहमदाबाद पहुंची और तलाश के बाद उसे डिटेन कर धम्बोला लाई। पूछताछ में उसने जमीन विवाद को लेकर शराब के नशे में पत्थरबाजी करने की बात स्वीकार की। जांच में सामने आया कि चित्रकूट धाम परियोजना करीब 15 बीघा जमीन पर निर्माणाधीन है। संस्था की ओर से करीब एक वर्ष पहले निर्माण और भूमि विकास का काम शुरू किया गया था। पुलिस के अनुसार जमीन की सीमा से सटी भूमि को लेकर दिनेश और उसके परिवार की ओर से पूर्व में भी विरोध किया गया था। उस समय गांव के लोगों की मध्यस्थता से संस्था ने करीब डेढ़ से दो बीघा जमीन उनकी सुविधा के लिए छोड़कर रास्ता निकाला था। हाल में संस्था ने जमीन पर बाउंड्रीवॉल निर्माण के लिए जेसीबी से सफाई कराई और पौधारोपण के लिए गड्ढे खुदवाए। शेष भूमि पर कृषि कार्य करते हुए चारे की बुवाई भी शुरू कर दी गई। पुलिस के मुताबिक पहले खाली पड़ी जमीन पर दिनेश के परिवार के पशु चरते थे। तारबंदी और भूमि के उपयोग शुरू होने से पशुओं के चारे की समस्या को लेकर दिनेश पुत्र हकरा आहारी नाराज था। इसी नाराजगी में उसने 12 अगस्त की रात छात्रावास के पीछे से पत्थर फेंककर विद्यार्थियों और कर्मचारियों को भयभीत किया। घटना के बाद आरोपी दो दिन तक अपनी मौजूदगी छिपाता रहा और रिश्तेदारियों में घूमने के बाद अहमदाबाद चला गया। पुलिस को उस पर संदेह होने पर तलाश तेज की गई। अहमदाबाद से पकड़कर लाए जाने के बाद पूछताछ में घटना का खुलासा हुआ। *पुलिस टीम में* थानाधिकारी चन्द्रशेखर किलानिया, सहायक उपनिरीक्षक सोहनलाल, कांस्टेबल कुणाल एवं आसूचना अधिकारी कांस्टेबल करण शामिल रहे।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • जयपुर में विधानसभा के बाहर BAP विधायकों का हल्ला-बोल, उठी भील प्रदेश और मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक बनाने की मांग* *जयपुर:* आज राजस्थान विधानसभा के बाहर भील प्रदेश राज्य की मांग एवं ऐतिहासिक मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग को लेकर भारत आदिवासी पार्टी (BAP) ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व BAP के चार विधायकों ने किया: - *चौरासी विधायक अनिल कटारा* - *बागीदौरा विधायक जयकृष्ण पटेल* - *आसपुर विधायक उमेश डामोर* - *धरियावद विधायक थावरचंद डामोर* चारों विधायकों ने पारंपरिक भीली वेशभूषा में कार्यकर्ताओं के साथ विधानसभा की सीढ़ियों पर *"भील प्रदेश की मांग"* का बैनर लहराया। बैनर पर भील प्रदेश के नक्शे के साथ मानगढ़ धाम और शहीदों को श्रद्धांजलि का चित्र था। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारे लगाए - _"हमारा हक मांगते, भील प्रदेश की मांग"_ और _"मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करो।"_ विधायकों ने कहा कि राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र के आदिवासी बहुल जिलों को मिलाकर अलग भील प्रदेश बनाना आदिवासी समाज का पुराना हक है। साथ ही 1913 में 1500 से ज्यादा आदिवासियों के बलिदान स्थल मानगढ़ धाम को केंद्र सरकार राष्ट्रीय स्मारक घोषित करे, यह वागड़ के आदिवासियों के सम्मान का प्रश्न है। BAP विधायकों ने कहा - आदिवासी समाज के अधिकार, सम्मान और ऐतिहासिक विरासत की रक्षा के लिए हमारी आवाज विधानसभा के अंदर और बाहर दोनों जगह मजबूती से उठती रहेगी।
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    जयपुर में विधानसभा के बाहर BAP विधायकों का हल्ला-बोल, उठी भील प्रदेश और मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक बनाने की मांग*
*जयपुर:* आज राजस्थान विधानसभा के बाहर भील प्रदेश राज्य की मांग एवं ऐतिहासिक मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग को लेकर भारत आदिवासी पार्टी (BAP) ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
इस प्रदर्शन का नेतृत्व BAP के चार विधायकों ने किया:
- *चौरासी विधायक अनिल कटारा*
- *बागीदौरा विधायक जयकृष्ण पटेल* 
- *आसपुर विधायक उमेश डामोर*
- *धरियावद विधायक थावरचंद डामोर*
चारों विधायकों ने पारंपरिक भीली वेशभूषा में कार्यकर्ताओं के साथ विधानसभा की सीढ़ियों पर *"भील प्रदेश की मांग"* का बैनर लहराया। बैनर पर भील प्रदेश के नक्शे के साथ मानगढ़ धाम और शहीदों को श्रद्धांजलि का चित्र था।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारे लगाए - _"हमारा हक मांगते, भील प्रदेश की मांग"_ और _"मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करो।"_
विधायकों ने कहा कि राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र के आदिवासी बहुल जिलों को मिलाकर अलग भील प्रदेश बनाना आदिवासी समाज का पुराना हक है। साथ ही 1913 में 1500 से ज्यादा आदिवासियों के बलिदान स्थल मानगढ़ धाम को केंद्र सरकार राष्ट्रीय स्मारक घोषित करे, यह वागड़ के आदिवासियों के सम्मान का प्रश्न है।
BAP विधायकों ने कहा - आदिवासी समाज के अधिकार, सम्मान और ऐतिहासिक विरासत की रक्षा के लिए हमारी आवाज विधानसभा के अंदर और बाहर दोनों जगह मजबूती से उठती रहेगी।
    user_Mohan khant 84
    Mohan khant 84
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • भारत आदिवासी पार्टी के विधायक थावरचंद डामोर उमेश डामोर अनिल कटारा व जय कृष्ण पटेल के द्वारा फिर से भील प्रदेश अलग राज्य को लेकर विधानसभा में मांग उठाईं उससे साथ साथ उन्हें मदन राठौड़ के बारे में भी अपनी बात रखी मदन राठौड़‌ ने आदिवासियों को भैडचाल‌ बोला था उसका साधा निशाना ठोका‌ BAP, के विधायकों द्वारा हमारे न्यूज चैनल को शैयर‌ करें साथ ही सब्सक्राइबर करना ना भूले‌
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    भारत आदिवासी पार्टी के विधायक थावरचंद डामोर उमेश डामोर अनिल कटारा व जय कृष्ण पटेल के द्वारा फिर से भील प्रदेश अलग राज्य को लेकर विधानसभा में मांग उठाईं उससे साथ साथ उन्हें मदन राठौड़ के बारे में भी अपनी बात रखी मदन राठौड़‌ ने आदिवासियों को भैडचाल‌ बोला था उसका साधा निशाना ठोका‌ BAP, के विधायकों द्वारा 
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    user_वागड़ की आवाज
    वागड़ की आवाज
    Photographer सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • बाकड़ा विद्यालय-निठाउवा सड़क बदहाल, गड्ढों में तब्दील हुआ मुख्य मार्ग बाकड़ा विद्यालय-निठाउवा सड़क बदहाल, गड्ढों में तब्दील हुआ मुख्य मार्ग जगह-जगह गड्ढे, कीचड़ और जलभराव से ग्रामीण परेशान, हादसे का खतरा बाकड़ा विद्यालय से निठाउवा जाने वाली मुख्य सड़क लंबे समय से बदहाली का दंश झेल रही है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे होने के साथ बारिश के बाद कीचड़ और जलभराव ने ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ा दी है। हालात यह हैं कि राहगीरों और वाहन चालकों को इस मार्ग से गुजरने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार सड़क की हालत बारिश से पहले ही खराब थी, लेकिन बारिश के बाद गड्ढों में पानी भरने से स्थिति और विकट हो गई है। पानी से भरे गड्ढों का अंदाजा नहीं लगने के कारण वाहन चालक जोखिम उठाकर गुजरने को मजबूर हैं। दोपहिया वाहन चालकों के लिए तो यह मार्ग और भी परेशानी का सबब बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की बदहाली के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इस मार्ग के आसपास करीब 300 से 400 घरों की आबादी निवास करती है। रोजाना बड़ी संख्या में ग्रामीण, विद्यार्थी और वाहन चालक इसी सड़क से होकर आवागमन करते हैं। इसके बावजूद लंबे समय से सड़क की सुध नहीं लिए जाने से लोगों में नाराजगी है। जल निकासी का भी अभाव ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी लंबे समय तक जमा रहता है। इससे सड़क और अधिक क्षतिग्रस्त हो रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन एवं संबंधित विभाग से सड़क का मौका निरीक्षण करवाकर गड्ढों की मरम्मत, जल निकासी की व्यवस्था और सड़क को जल्द दुरुस्त कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो समस्या और गंभीर हो सकती है।
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    बाकड़ा विद्यालय-निठाउवा सड़क बदहाल, गड्ढों में तब्दील हुआ मुख्य मार्ग
बाकड़ा विद्यालय-निठाउवा सड़क बदहाल, गड्ढों में तब्दील हुआ मुख्य मार्ग
जगह-जगह गड्ढे, कीचड़ और जलभराव से ग्रामीण परेशान, हादसे का खतरा
बाकड़ा विद्यालय से निठाउवा जाने वाली मुख्य सड़क लंबे समय से बदहाली का दंश झेल रही है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे होने के साथ बारिश के बाद कीचड़ और जलभराव ने ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ा दी है। हालात यह हैं कि राहगीरों और वाहन चालकों को इस मार्ग से गुजरने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार सड़क की हालत बारिश से पहले ही खराब थी, लेकिन बारिश के बाद गड्ढों में पानी भरने से स्थिति और विकट हो गई है। पानी से भरे गड्ढों का अंदाजा नहीं लगने के कारण वाहन चालक जोखिम उठाकर गुजरने को मजबूर हैं। दोपहिया वाहन चालकों के लिए तो यह मार्ग और भी परेशानी का सबब बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की बदहाली के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इस मार्ग के आसपास करीब 300 से 400 घरों की आबादी निवास करती है। रोजाना बड़ी संख्या में ग्रामीण, विद्यार्थी और वाहन चालक इसी सड़क से होकर आवागमन करते हैं। इसके बावजूद लंबे समय से सड़क की सुध नहीं लिए जाने से लोगों में नाराजगी है।
जल निकासी का भी अभाव
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी लंबे समय तक जमा रहता है। इससे सड़क और अधिक क्षतिग्रस्त हो रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन एवं संबंधित विभाग से सड़क का मौका निरीक्षण करवाकर गड्ढों की मरम्मत, जल निकासी की व्यवस्था और सड़क को जल्द दुरुस्त कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो समस्या और गंभीर हो सकती है।
    user_मुकेश कुमार आर. पंड्या
    मुकेश कुमार आर. पंड्या
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • सीमलवाड़ा महाविद्यालय में एबीवीपी की नवीन कार्यकारिणी गठित सीमलवाड़ा। राजकीय महाविद्यालय सीमलवाड़ा में बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की सत्र 2026-27 की नवीन कार्यकारिणी का गठन किया गया। कार्यक्रम में अभाविप के राष्ट्रीय मंत्री हर्षित ननोमा की विशेष उपस्थिति रही। राष्ट्रीय मंत्री हर्षित ननोमा ने विद्यार्थियों को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के परिचय, उद्देश्य एवं गौरवशाली इतिहास से अवगत कराया। उन्होंने छात्रहित के मुद्दों पर संगठन की भूमिका तथा राष्ट्र निर्माण में विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भागीदारी पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान निर्वतमान नगर मंत्री पुष्पेंद्र डामोर ने नवीन कार्यकारिणी की घोषणा की। इसमें किशन तराल को इकाई अध्यक्ष एवं क्रिश कुम्हार को इकाई सचिव का दायित्व सौंपा गया। इसके साथ ही कुल 32 सदस्यों को नवीन कार्यकारिणी में दायित्व प्रदान किए गए। कार्यकारिणी में महेश गरासिया, विक्रम अंगारी, तूफान अंगारी, मेहरबान कटरा, सूर्य प्रकाश मालीवाड़, जीनल डोडियार, सुमित नाई एवं अतुल बंजारा को कार्यकारिणी सदस्य की जिम्मेदारी दी गई। नवीन कार्यकारिणी के गठन पर विद्यार्थियों एवं कार्यकर्ताओं ने नवदायित्व प्राप्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं। इस दौरान विद्यार्थियों ने छात्रहित, समाजहित एवं राष्ट्रहित में संगठन के माध्यम से सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
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    सीमलवाड़ा महाविद्यालय में एबीवीपी की नवीन कार्यकारिणी गठित
सीमलवाड़ा। राजकीय महाविद्यालय सीमलवाड़ा में बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की सत्र 2026-27 की नवीन कार्यकारिणी का गठन किया गया। कार्यक्रम में अभाविप के राष्ट्रीय मंत्री हर्षित ननोमा की विशेष उपस्थिति रही।
राष्ट्रीय मंत्री हर्षित ननोमा ने विद्यार्थियों को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के परिचय, उद्देश्य एवं गौरवशाली इतिहास से अवगत कराया। उन्होंने छात्रहित के मुद्दों पर संगठन की भूमिका तथा राष्ट्र निर्माण में विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भागीदारी पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के दौरान निर्वतमान नगर मंत्री पुष्पेंद्र डामोर ने नवीन कार्यकारिणी की घोषणा की। इसमें किशन तराल को इकाई अध्यक्ष एवं क्रिश कुम्हार को इकाई सचिव का दायित्व सौंपा गया। इसके साथ ही कुल 32 सदस्यों को नवीन कार्यकारिणी में दायित्व प्रदान किए गए।
कार्यकारिणी में महेश गरासिया, विक्रम अंगारी, तूफान अंगारी, मेहरबान कटरा, सूर्य प्रकाश मालीवाड़, जीनल डोडियार, सुमित नाई एवं अतुल बंजारा को कार्यकारिणी सदस्य की जिम्मेदारी दी गई।
नवीन कार्यकारिणी के गठन पर विद्यार्थियों एवं कार्यकर्ताओं ने नवदायित्व प्राप्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं। इस दौरान विद्यार्थियों ने छात्रहित, समाजहित एवं राष्ट्रहित में संगठन के माध्यम से सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
    user_संजय भोई
    संजय भोई
    सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    23 hrs ago
  • नगरीय निकाय आम चुनाव 2026 के निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सफल आयोजन को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी देशलदान के निर्देशन में बुधवार को उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रकाश चंद्र रेगर की अध्यक्षता मे आयोजित। नगरीय निकाय चुनाव 2026 की तैयारियों को लेकर ली समीक्षा बैठक सभी कार्य समय पर पूर्ण करना सुनिश्चित करें उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री रेगर डूंगरपुर, 19 अगस्त। नगरीय निकाय आम चुनाव 2026 के निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सफल आयोजन को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी देशलदान के निर्देशन में बुधवार को उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रकाश चंद्र रेगर की अध्यक्षता में जिला परिषद के ईडीपी सभागार में बैठक आयोजित की गई। जिला परिषद के ईडीपी सभागार में आयोजित बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चंद्र रेगर ने समस्त प्रकोष्ठ प्रभारी अधिकारी एवं सहायक प्रभारी अधिकारियों की नगरीय निकाय  चुनाव 2026 निष्पक्ष ए पारदर्शी एवं सफलतापूर्वक संपन्न करवाए जाने के लिए समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने पोलिंग पार्टी का गठन, पार्टियों की संख्या, रिजर्व पोलिंग पार्टी ऑफिस , चुनाव में नियुक्त कार्मिकों के ट्रेनिंग सेल का गठन, बेलेट पेपर, पोलिंग पार्टी रवानगी, कमिशनिंग, स्ट्रॉन्ग रूम, मतगणना कक्ष, ईवीएम रेंडमाइजेशन, रूट चार्ट, व्हीकल्स सहित अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किए। बैठक में उन्होंने सभी प्रकोष्ठ प्रभारी एवं सहायक प्रभारी से अब तक की गई तैयारियों को लेकर समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने सभी प्रकोष्ठ प्रभारियों से समीक्षा करते हुए चुनाव संचालन प्रकोष्ठ, मतदान दल गठन प्रकोष्ठ, आदर्श आचार संहिता, रूट चार्ट चेक प्रकोष्ठ, यातायात प्रकोष्ठ, वेयरहाउस प्रभारी, प्रशिक्षण प्रकोष्ठ, वीडियो ग्राफी, मतपत्र मतदाता सूची की कार्यकारी प्रति तैयारी प्रकोष्ठ, मतदान दल यात्रा भुगतान प्रकोष्ठ,वाहन किराया भुगतान प्रकोष्ठ, चुनाव भंडारण प्रकोष्ठ,  रसद प्रकोष्ठ, अभियोजन प्रकोष्ठ, मीडिया प्रकोष्ठ, सांख्यिकी प्रकोष्ठ, नियंत्रण कक्ष प्रकोष्ठ, मतदान कर्मियों के लिए वेलफेयर ऑफीसर सहित अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि  सभी प्रकोष्ठ प्रभारी एवं सहायक प्रकोष्ठ प्रभारी अपने.अपने दायित्वों का गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें। इस अवसर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी हनुमान सिंह राठौड़, उपखंड अधिकारी सोनू कुमार गुर्जर सहित सभी प्रकोष्ठ प्रभारी अधिकारी एवं सहायक प्रकोष्ठ प्रभारी अधिकारी उपस्थित रहे।
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    नगरीय निकाय आम चुनाव 2026 के निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सफल आयोजन को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी  देशलदान के निर्देशन में बुधवार को उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रकाश चंद्र रेगर की अध्यक्षता मे आयोजित।
नगरीय निकाय चुनाव 2026 की तैयारियों को लेकर ली समीक्षा बैठक
सभी कार्य समय पर पूर्ण करना सुनिश्चित करें उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री रेगर
डूंगरपुर, 19 अगस्त। नगरीय निकाय आम चुनाव 2026 के निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सफल आयोजन को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी  देशलदान के निर्देशन में बुधवार को उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रकाश चंद्र रेगर की अध्यक्षता में जिला परिषद के ईडीपी सभागार में बैठक आयोजित की गई।
जिला परिषद के ईडीपी सभागार में आयोजित बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चंद्र रेगर ने समस्त प्रकोष्ठ प्रभारी अधिकारी एवं सहायक प्रभारी अधिकारियों की नगरीय निकाय  चुनाव 2026 निष्पक्ष ए पारदर्शी एवं सफलतापूर्वक संपन्न करवाए जाने के लिए समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
बैठक में उन्होंने पोलिंग पार्टी का गठन, पार्टियों की संख्या, रिजर्व पोलिंग पार्टी ऑफिस , चुनाव में नियुक्त कार्मिकों के ट्रेनिंग सेल का गठन, बेलेट पेपर, पोलिंग पार्टी रवानगी, कमिशनिंग, स्ट्रॉन्ग रूम, मतगणना कक्ष, ईवीएम रेंडमाइजेशन, रूट चार्ट, व्हीकल्स सहित अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किए।
बैठक में उन्होंने सभी प्रकोष्ठ प्रभारी एवं सहायक प्रभारी से अब तक की गई तैयारियों को लेकर समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
उन्होंने सभी प्रकोष्ठ प्रभारियों से समीक्षा करते हुए चुनाव संचालन प्रकोष्ठ, मतदान दल गठन प्रकोष्ठ, आदर्श आचार संहिता, रूट चार्ट चेक प्रकोष्ठ, यातायात प्रकोष्ठ, वेयरहाउस प्रभारी, प्रशिक्षण प्रकोष्ठ, वीडियो ग्राफी, मतपत्र मतदाता सूची की कार्यकारी प्रति तैयारी प्रकोष्ठ, मतदान दल यात्रा भुगतान प्रकोष्ठ,वाहन किराया भुगतान प्रकोष्ठ, चुनाव भंडारण प्रकोष्ठ,  रसद प्रकोष्ठ, अभियोजन प्रकोष्ठ, मीडिया प्रकोष्ठ, सांख्यिकी प्रकोष्ठ, नियंत्रण कक्ष प्रकोष्ठ, मतदान कर्मियों के लिए वेलफेयर ऑफीसर सहित अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि  सभी प्रकोष्ठ प्रभारी एवं सहायक प्रकोष्ठ प्रभारी अपने.अपने दायित्वों का गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें।
इस अवसर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी हनुमान सिंह राठौड़, उपखंड अधिकारी सोनू कुमार गुर्जर सहित सभी प्रकोष्ठ प्रभारी अधिकारी एवं सहायक प्रकोष्ठ प्रभारी अधिकारी उपस्थित रहे।
    user_राकेश कलाल रिपोर्टर
    राकेश कलाल रिपोर्टर
    Local News Reporter चिखली, डूंगरपुर, राजस्थान•
    15 hrs ago
  • गैप सागर झील की पाल पर असामाजिक तत्वों का ने की तोड़फोड़, गमले तोड़े, 'आई लव डूंगरपुर' बोर्ड को पहुंचाया नुकसान डूंगरपुर l। शहर के प्रमुख पर्यटन स्थल गैप सागर झील की पाल पर असामाजिक व सिरफिरे तत्वों द्वारा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का गंभीर मामला सामने आया है। असामाजिक तत्वों ने झील परिसर में सौंदर्यीकरण के लिए रखे गमलों को फोड़ दिया और 'आई लव डूंगरपुर' के सेल्फी पॉइंट बोर्ड को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।नगर परिषद की ओर से झील की पाल पर तैनात केयरटेकर देवीलाल ने बताया कि किसी अज्ञात अथवा मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति ने घाट पर रखे पौधों के गमलों को तोड़ दिया। गमले टूटने के कारण पूरे घाट और सीढ़ियों पर मिट्टी व कचरा फैल गया, जिससे चारों तरफ गंदगी हो गई। इसके अलावा शहर की पहचान बने 'आई लव डूंगरपुर' के बोर्ड को भी नुकसान पहुंचाया गया है। केयरटेकर ने घटना की आधिकारिक सूचना तुरंत नगर परिषद प्रशासन को दे दी है। स्थानीय लोगों में सार्वजनिक संपत्ति को इस तरह नुकसान पहुंचाने को लेकर भारी रोष है और उन्होंने पुलिस प्रशासन से असामाजिक तत्वों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
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    गैप सागर झील की पाल पर असामाजिक तत्वों का ने की तोड़फोड़, गमले तोड़े, 'आई लव डूंगरपुर' बोर्ड को पहुंचाया नुकसान
डूंगरपुर l। शहर के प्रमुख पर्यटन स्थल गैप सागर झील की पाल पर असामाजिक व सिरफिरे तत्वों द्वारा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का गंभीर मामला सामने आया है। असामाजिक तत्वों ने झील परिसर में सौंदर्यीकरण के लिए रखे गमलों को फोड़ दिया और 'आई लव डूंगरपुर' के सेल्फी पॉइंट बोर्ड को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।नगर परिषद की ओर से झील की पाल पर तैनात केयरटेकर देवीलाल ने बताया कि किसी अज्ञात अथवा मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति ने घाट पर रखे पौधों के गमलों को तोड़ दिया। गमले टूटने के कारण पूरे घाट और सीढ़ियों पर मिट्टी व कचरा फैल गया, जिससे चारों तरफ गंदगी हो गई। इसके अलावा शहर की पहचान बने 'आई लव डूंगरपुर' के बोर्ड को भी नुकसान पहुंचाया गया है।
केयरटेकर ने घटना की आधिकारिक सूचना तुरंत नगर परिषद प्रशासन को दे दी है। स्थानीय लोगों में सार्वजनिक संपत्ति को इस तरह नुकसान पहुंचाने को लेकर भारी रोष है और उन्होंने पुलिस प्रशासन से असामाजिक तत्वों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
    user_Naresh Bhoi
    Naresh Bhoi
    पत्रकार डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • चित्रकूट धाम पर पत्थर बरसाने वाले आरोपी को पुलिस ने पकड़ा , पत्थरबाजी का राज खुला, जमीन विवाद में छात्रावास पर बरसाए थे पत्थर धम्बोला। गेलन स्थित चित्रकूट धाम परियोजना भवन पर रात के अंधेरे में हुई पत्थरबाजी के मामले का धम्बोला पुलिस ने खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने जमीन विवाद को लेकर शराब के नशे में छात्रावास भवन पर पत्थर फेंकने की बात स्वीकार की है। घटना के बाद आरोपी अहमदाबाद भाग गया था, जहां से पुलिस टीम ने उसे डिटेन कर थाने लाकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार 12 अगस्त की रात करीब 11.15 बजे चित्रकूट परियोजना के छात्रावास भवन के पीछे से गाली-गलौज करते हुए अचानक तेज पत्थरबाजी शुरू हो गई थी। छात्रावास में 10 विद्यार्थी और परियोजना से जुड़े चार कार्मिक रह रहे थे। पत्थरबाजी से भवन की छत पर लगे टीन में छेद हो गए और जालियों को भी नुकसान पहुंचा। बाहर सो रहा एक कार्मिक पत्थरों की आवाज सुनकर भवन के भीतर भागा और दरवाजा बंद कर लिया। आरोप है कि हमलावरों ने दरवाजा तोड़ने का प्रयास भी किया। घटना से विद्यार्थी और कार्मिक दहशत में आ गए थे। संदेह की सुई पहुंची दिनेश तक, अहमदाबाद से लाई पुलिस घटना की रिपोर्ट 13 अगस्त को छात्रावास प्रमुख अम्बालाल गमेती ने धम्बोला थाने में दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने प्रार्थी और गवाहों के बयान लिए तथा घटनास्थल से तकनीकी साक्ष्य जुटाए। आसपास के लोगों से पूछताछ और संदिग्धों पर निगरानी के साथ मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। तकनीकी साक्ष्य और पारंपरिक पुलिसिंग के आधार पर पुलिस का संदेह गेलन निवासी दिनेश कटारा पर गया। पुलिस के अनुसार घटना के बाद दिनेश अपने घर से फरार होकर मजदूरी के लिए अहमदाबाद चला गया था। पुलिस टीम अहमदाबाद पहुंची और तलाश के बाद उसे डिटेन कर धम्बोला लाई। पूछताछ में उसने जमीन विवाद को लेकर शराब के नशे में पत्थरबाजी करने की बात स्वीकार की। जांच में सामने आया कि चित्रकूट धाम परियोजना करीब 15 बीघा जमीन पर निर्माणाधीन है। संस्था की ओर से करीब एक वर्ष पहले निर्माण और भूमि विकास का काम शुरू किया गया था। पुलिस के अनुसार जमीन की सीमा से सटी भूमि को लेकर दिनेश और उसके परिवार की ओर से पूर्व में भी विरोध किया गया था। उस समय गांव के लोगों की मध्यस्थता से संस्था ने करीब डेढ़ से दो बीघा जमीन उनकी सुविधा के लिए छोड़कर रास्ता निकाला था। हाल में संस्था ने जमीन पर बाउंड्रीवॉल निर्माण के लिए जेसीबी से सफाई कराई और पौधारोपण के लिए गड्ढे खुदवाए। शेष भूमि पर कृषि कार्य करते हुए चारे की बुवाई भी शुरू कर दी गई। पुलिस के मुताबिक पहले खाली पड़ी जमीन पर दिनेश के परिवार के पशु चरते थे। तारबंदी और भूमि के उपयोग शुरू होने से पशुओं के चारे की समस्या को लेकर दिनेश पुत्र हकरा आहारी नाराज था। इसी नाराजगी में उसने 12 अगस्त की रात छात्रावास के पीछे से पत्थर फेंककर विद्यार्थियों और कर्मचारियों को भयभीत किया। घटना के बाद आरोपी दो दिन तक अपनी मौजूदगी छिपाता रहा और रिश्तेदारियों में घूमने के बाद अहमदाबाद चला गया। पुलिस को उस पर संदेह होने पर तलाश तेज की गई। अहमदाबाद से पकड़कर लाए जाने के बाद पूछताछ में घटना का खुलासा हुआ। *पुलिस टीम में* थानाधिकारी चन्द्रशेखर किलानिया, सहायक उपनिरीक्षक सोहनलाल, कांस्टेबल कुणाल एवं आसूचना अधिकारी कांस्टेबल करण शामिल रहे।
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    चित्रकूट धाम पर पत्थर बरसाने वाले आरोपी को पुलिस ने पकड़ा , 
पत्थरबाजी का राज खुला, जमीन विवाद में छात्रावास पर बरसाए थे पत्थर
धम्बोला। गेलन स्थित चित्रकूट धाम परियोजना भवन पर रात के अंधेरे में हुई पत्थरबाजी के मामले का धम्बोला पुलिस ने खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने जमीन विवाद को लेकर शराब के नशे में छात्रावास भवन पर पत्थर फेंकने की बात स्वीकार की है। घटना के बाद आरोपी अहमदाबाद भाग गया था, जहां से पुलिस टीम ने उसे डिटेन कर थाने लाकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार 12 अगस्त की रात करीब 11.15 बजे चित्रकूट परियोजना के छात्रावास भवन के पीछे से गाली-गलौज करते हुए अचानक तेज पत्थरबाजी शुरू हो गई थी। छात्रावास में 10 विद्यार्थी और परियोजना से जुड़े चार कार्मिक रह रहे थे। पत्थरबाजी से भवन की छत पर लगे टीन में छेद हो गए और जालियों को भी नुकसान पहुंचा। बाहर सो रहा एक कार्मिक पत्थरों की आवाज सुनकर भवन के भीतर भागा और दरवाजा बंद कर लिया। आरोप है कि हमलावरों ने दरवाजा तोड़ने का प्रयास भी किया। घटना से विद्यार्थी और कार्मिक दहशत में आ गए थे।
संदेह की सुई पहुंची दिनेश तक, अहमदाबाद से लाई पुलिस
घटना की रिपोर्ट 13 अगस्त को छात्रावास प्रमुख अम्बालाल गमेती ने धम्बोला थाने में दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने प्रार्थी और गवाहों के बयान लिए तथा घटनास्थल से तकनीकी साक्ष्य जुटाए। आसपास के लोगों से पूछताछ और संदिग्धों पर निगरानी के साथ मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। तकनीकी साक्ष्य और पारंपरिक पुलिसिंग के आधार पर पुलिस का संदेह गेलन निवासी दिनेश कटारा पर गया। पुलिस के अनुसार घटना के बाद दिनेश अपने घर से फरार होकर मजदूरी के लिए अहमदाबाद चला गया था। पुलिस टीम अहमदाबाद पहुंची और तलाश के बाद उसे डिटेन कर धम्बोला लाई। पूछताछ में उसने जमीन विवाद को लेकर शराब के नशे में पत्थरबाजी करने की बात स्वीकार की। जांच में सामने आया कि चित्रकूट धाम परियोजना करीब 15 बीघा जमीन पर निर्माणाधीन है। संस्था की ओर से करीब एक वर्ष पहले निर्माण और भूमि विकास का काम शुरू किया गया था। पुलिस के अनुसार जमीन की सीमा से सटी भूमि को लेकर दिनेश और उसके परिवार की ओर से पूर्व में भी विरोध किया गया था। उस समय गांव के लोगों की मध्यस्थता से संस्था ने करीब डेढ़ से दो बीघा जमीन उनकी सुविधा के लिए छोड़कर रास्ता निकाला था। हाल में संस्था ने जमीन पर बाउंड्रीवॉल निर्माण के लिए जेसीबी से सफाई कराई और पौधारोपण के लिए गड्ढे खुदवाए। शेष भूमि पर कृषि कार्य करते हुए चारे की बुवाई भी शुरू कर दी गई। पुलिस के मुताबिक पहले खाली पड़ी जमीन पर दिनेश के परिवार के पशु चरते थे। तारबंदी और भूमि के उपयोग शुरू होने से पशुओं के चारे की समस्या को लेकर दिनेश पुत्र हकरा आहारी नाराज था। इसी नाराजगी में उसने 12 अगस्त की रात छात्रावास के पीछे से पत्थर फेंककर विद्यार्थियों और कर्मचारियों को भयभीत किया। घटना के बाद आरोपी दो दिन तक अपनी मौजूदगी छिपाता रहा और रिश्तेदारियों में घूमने के बाद अहमदाबाद चला गया। पुलिस को उस पर संदेह होने पर तलाश तेज की गई। अहमदाबाद से पकड़कर लाए जाने के बाद पूछताछ में घटना का खुलासा हुआ।
*पुलिस टीम में*
थानाधिकारी चन्द्रशेखर किलानिया, सहायक उपनिरीक्षक सोहनलाल, कांस्टेबल कुणाल एवं आसूचना अधिकारी कांस्टेबल करण शामिल रहे।
    user_मुकेश कुमार आर. पंड्या
    मुकेश कुमार आर. पंड्या
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • आदतन चाकूबाजी के आरोपी ने पांचवीं बार उठाया चाकू, इस बार दोस्त की चली गई जान पुरानी घटनाओं में समझौते से बचता रहा आरोपी, ग्रामीण बोले- समय पर सख्त कार्रवाई होती तो नहीं जाती सूरज की जान सीमलवाड़ा। राजसमंद जिले के भीम क्षेत्र में हुई चाकूबाजी की घटना में 20 वर्षीय सूरज उर्फ सुरेश मीणा की उपचार के दौरान मौत के बाद डूंगरपुर जिले के चौरासी क्षेत्र के गंधवापाल और हड़मातीयां गांव में आक्रोश का माहौल रहा। सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि ग्रामीणों के अनुसार आरोपी पंकज मीणा पूर्व में भी चाकूबाजी की कई घटनाओं में शामिल रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पहले की घटनाओं में आपसी समझौते के कारण उसे सख्त कानूनी कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ा और अब पांचवीं बार हुई चाकूबाजी में उसके ही दोस्त की जान चली गई। मृतक ओर आरोपी एक ही गांव हड़मतियां के है। सूरज का शव बुधवार सुबह हड़मातीयां गांव पहुंचा तो परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में एकत्र हो गए। ग्रामीण आरोपी के घर शव ले जाने की मांग पर अड़ गए और मृतक परिवार को आर्थिक सहयोग देने की मांग रखी। स्थिति को देखते हुए चौरासी थानाधिकारी रतनलाल जटिया मय पुलिस जाब्ते के मौके पर पहुंचे। एएसआई निर्मल कुमार , ईश्वर लाल , सुरेन्द्र सिंह सहित आसपास के थानों और पुलिस मुख्यालय से भी रिजर्व जाब्ता बुलाया गया। गंधवापाल के वरिष्ठ लोगों ने ग्रामीणों और परिजनों से समझाइश की। लंबी बातचीत के बाद दोपहर करीब दो बजे दोनों पक्षों के बीच लिखित समझौता हुआ। इसके बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया। समझौते में मृतक परिवार को आर्थिक सहयोग देने के साथ आरोपी पंकज को गांव में नहीं रहने देने तथा उसे कानूनी सहायता में सहयोग नहीं करने पर सहमति बनने की बात सामने आई। काम के दौरान दोस्त पर किया हमला : पुलिस को दिए उपचाराधीन बयान के अनुसार सूरज पिछले चार-पांच वर्षों से भीम क्षेत्र में मकान निर्माण और प्लास्टर का काम करता था। उसका दोस्त पंकज भी उसके साथ मजदूरी करने आया था। 17 अगस्त की शाम दोनों भीम के इंडिया तलाई क्षेत्र में एक मकान पर काम कर रहे थे। सूरज के बयान के अनुसार शाम करीब छह बजे वह रोटियां बना रहा था और उसने पंकज को सब्जी बनाने के लिए कहा। इसी दौरान पंकज ने कथित रूप से जेब से चाकू निकालकर सूरज के सिर और गले पर हमला कर दिया। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो आरोपी कथित रूप से चाकू और खून लगी टी-शर्ट वहीं छोड़कर फरार हो गया। गंभीर घायल सूरज को पहले भीम अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उसे ब्यावर और बाद में अजमेर रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। ग्रामीणों ने गिनाईं पुरानी चाकूबाजी की घटनाएं : ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी पंकज पर पहले भी चाकूबाजी की घटनाओं में शामिल होने के आरोप लगते रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार आवासीय विद्यालय में पढ़ाई के दौरान एक छात्र से विवाद, स्कूल में हुई एक अन्य घटना, होली के दौरान तथा तालाब के पास भी चाकूबाजी की घटनाओं का आरोप उस पर लगा था। ग्रामीणों का कहना है कि हर बार परिवार की ओर से सहयोग और आपसी समझौते के चलते मामले आगे नहीं बढ़े। उनका आरोप है कि यदि पहली या पिछली घटनाओं में ही सख्त कानूनी कार्रवाई होती तो शायद पांचवीं घटना में एक युवक की जान नहीं जाती। हालांकि, पुराने मामलों में लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। आठ माह की गर्भवती है मृतक की पत्नी: सूरज की शादी करीब एक वर्ष पहले ही हुई थी। उसकी पत्नी आठ माह की गर्भवती है। पति की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मृतक परिवार को उचित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। समाज के लिए गंभीर संदेश: इस घटना ने गांव और समाज के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा किया है कि छोटी-छोटी हिंसक घटनाओं को आपसी समझौते के नाम पर नजरअंदाज करना भविष्य में कितनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकता है। ग्रामीणों ने कहा कि युवाओं में बढ़ती हिंसक प्रवृत्ति को रोकने के लिए परिवार, समाज और कानून—तीनों स्तरों पर समय रहते गंभीर कदम उठाने की जरूरत है। समाज के वरिष्ठ लोगों ने युवाओं से अपील की कि विवाद की स्थिति में चाकू या किसी भी हथियार का सहारा लेने के बजाय बातचीत और कानून का रास्ता अपनाएं। परिवार भी बच्चों और युवाओं के व्यवहार में आने वाले हिंसक बदलावों को नजरअंदाज न करें। समय रहते रोकथाम और सही मार्गदर्शन ही ऐसी घटनाओं को रोक सकता है। बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद: झोथरी तहसीलदार लालशंकर सरपोटा ने भी मौके पर पहुंच परिजनों से घटना की जानकारी ली। शव पहुंचने के दौरान पूर्व सरपंच एवं वरिष्ठ खातुराम रोत, महावीर ननोमा, पोपट खोखरिया, मोहनलाल यादव, शांतिलाल रंगोत, ईश्वरलाल विहात, लालकृष्ण सरपोटा, गोविंद रंगोत, राकेश तराल, उदयलाल रोत, रतनलाल बरांडा, कालूराम अहारी, चुन्नीलाल अहारी, गोपाल तराल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं परिजन मौजूद रहे। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी पंकज को हिरासत में लेने की खबर आ रही है। घटना के वास्तविक कारणों तथा पुराने मामलों की स्थिति भी जांच के बाद स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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    आदतन चाकूबाजी के आरोपी ने पांचवीं बार उठाया चाकू, इस बार दोस्त की चली गई जान
पुरानी घटनाओं में समझौते से बचता रहा आरोपी, ग्रामीण बोले- समय पर सख्त कार्रवाई होती तो नहीं जाती सूरज की जान
सीमलवाड़ा। राजसमंद जिले के भीम क्षेत्र में हुई चाकूबाजी की घटना में 20 वर्षीय सूरज उर्फ सुरेश मीणा की उपचार के दौरान मौत के बाद डूंगरपुर जिले के चौरासी क्षेत्र के गंधवापाल और हड़मातीयां गांव में आक्रोश का माहौल रहा। सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि ग्रामीणों के अनुसार आरोपी पंकज मीणा पूर्व में भी चाकूबाजी की कई घटनाओं में शामिल रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पहले की घटनाओं में आपसी समझौते के कारण उसे सख्त कानूनी कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ा और अब पांचवीं बार हुई चाकूबाजी में उसके ही दोस्त की जान चली गई। मृतक ओर आरोपी एक ही गांव हड़मतियां के है। 
सूरज का शव बुधवार सुबह हड़मातीयां गांव पहुंचा तो परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में एकत्र हो गए। ग्रामीण आरोपी के घर शव ले जाने की मांग पर अड़ गए और मृतक परिवार को आर्थिक सहयोग देने की मांग रखी। स्थिति को देखते हुए चौरासी थानाधिकारी रतनलाल जटिया मय पुलिस जाब्ते के मौके पर पहुंचे। एएसआई निर्मल कुमार , ईश्वर लाल , सुरेन्द्र सिंह सहित आसपास के थानों और पुलिस मुख्यालय से भी रिजर्व जाब्ता बुलाया गया।
गंधवापाल के वरिष्ठ लोगों ने ग्रामीणों और परिजनों से समझाइश की। लंबी बातचीत के बाद दोपहर करीब दो बजे दोनों पक्षों के बीच लिखित समझौता हुआ। इसके बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया। समझौते में मृतक परिवार को आर्थिक सहयोग देने के साथ आरोपी पंकज को गांव में नहीं रहने देने तथा उसे कानूनी सहायता में सहयोग नहीं करने पर सहमति बनने की बात सामने आई।
काम के दौरान दोस्त पर किया हमला :
पुलिस को दिए उपचाराधीन बयान के अनुसार सूरज पिछले चार-पांच वर्षों से भीम क्षेत्र में मकान निर्माण और प्लास्टर का काम करता था। उसका दोस्त पंकज भी उसके साथ मजदूरी करने आया था। 17 अगस्त की शाम दोनों भीम के इंडिया तलाई क्षेत्र में एक मकान पर काम कर रहे थे।
सूरज के बयान के अनुसार शाम करीब छह बजे वह रोटियां बना रहा था और उसने पंकज को सब्जी बनाने के लिए कहा। इसी दौरान पंकज ने कथित रूप से जेब से चाकू निकालकर सूरज के सिर और गले पर हमला कर दिया। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो आरोपी कथित रूप से चाकू और खून लगी टी-शर्ट वहीं छोड़कर फरार हो गया।
गंभीर घायल सूरज को पहले भीम अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उसे ब्यावर और बाद में अजमेर रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
ग्रामीणों ने गिनाईं पुरानी चाकूबाजी की घटनाएं :
ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी पंकज पर पहले भी चाकूबाजी की घटनाओं में शामिल होने के आरोप लगते रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार आवासीय विद्यालय में पढ़ाई के दौरान एक छात्र से विवाद, स्कूल में हुई एक अन्य घटना, होली के दौरान तथा तालाब के पास भी चाकूबाजी की घटनाओं का आरोप उस पर लगा था।
ग्रामीणों का कहना है कि हर बार परिवार की ओर से सहयोग और आपसी समझौते के चलते मामले आगे नहीं बढ़े। उनका आरोप है कि यदि पहली या पिछली घटनाओं में ही सख्त कानूनी कार्रवाई होती तो शायद पांचवीं घटना में एक युवक की जान नहीं जाती। हालांकि, पुराने मामलों में लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
आठ माह की गर्भवती है मृतक की पत्नी:
सूरज की शादी करीब एक वर्ष पहले ही हुई थी। उसकी पत्नी आठ माह की गर्भवती है। पति की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मृतक परिवार को उचित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
समाज के लिए गंभीर संदेश:
इस घटना ने गांव और समाज के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा किया है कि छोटी-छोटी हिंसक घटनाओं को आपसी समझौते के नाम पर नजरअंदाज करना भविष्य में कितनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकता है। ग्रामीणों ने कहा कि युवाओं में बढ़ती हिंसक प्रवृत्ति को रोकने के लिए परिवार, समाज और कानून—तीनों स्तरों पर समय रहते गंभीर कदम उठाने की जरूरत है।
समाज के वरिष्ठ लोगों ने युवाओं से अपील की कि विवाद की स्थिति में चाकू या किसी भी हथियार का सहारा लेने के बजाय बातचीत और कानून का रास्ता अपनाएं। परिवार भी बच्चों और युवाओं के व्यवहार में आने वाले हिंसक बदलावों को नजरअंदाज न करें। समय रहते रोकथाम और सही मार्गदर्शन ही ऐसी घटनाओं को रोक सकता है।
बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद: झोथरी तहसीलदार लालशंकर सरपोटा ने भी मौके पर पहुंच परिजनों से घटना की जानकारी ली। 
शव पहुंचने के दौरान पूर्व सरपंच एवं वरिष्ठ खातुराम रोत, महावीर ननोमा, पोपट खोखरिया, मोहनलाल यादव, शांतिलाल रंगोत, ईश्वरलाल विहात, लालकृष्ण सरपोटा, गोविंद रंगोत, राकेश तराल, उदयलाल रोत, रतनलाल बरांडा, कालूराम अहारी, चुन्नीलाल अहारी, गोपाल तराल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं परिजन मौजूद रहे।
पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी पंकज को हिरासत में लेने की खबर आ रही है। घटना के वास्तविक कारणों तथा पुराने मामलों की स्थिति भी जांच के बाद स्पष्ट होने की उम्मीद है।
    user_Gunwant kalal
    Gunwant kalal
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    17 hrs ago
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