Shuru
Apke Nagar Ki App…
शादियों के रीति-रिवाजों में टेंट केटरिंग व्यवस्था नें खाना वेस्ट कम होंनें लगे शादियों के रीति-रिवाजों में टेंट केटरिंग व्यवस्था नें खाना वेस्ट कम होंनें लगे। वही डीजे लाईव शो द्वारा लड़ाई झगड़ा कम हुआ औऱ शराब भी कम हुआ पंचायत शादियां के रिवाजों में बदलाव कर रही रील भाग (03 ) पंचायतें सामाजिक भेद भाव पर भी ठोस पहल करें सामाजिक सुधार हर स्तर पर हो—समानता और सम्मान सबके लिए। #Kinnaur #सामाजिकसुधार #जातीयभेदभाव #समानता #पंचायत #KinnaurAbTak
राम भगत
शादियों के रीति-रिवाजों में टेंट केटरिंग व्यवस्था नें खाना वेस्ट कम होंनें लगे शादियों के रीति-रिवाजों में टेंट केटरिंग व्यवस्था नें खाना वेस्ट कम होंनें लगे। वही डीजे लाईव शो द्वारा लड़ाई झगड़ा कम हुआ औऱ शराब भी कम हुआ पंचायत शादियां के रिवाजों में बदलाव कर रही रील भाग (03 ) पंचायतें सामाजिक भेद भाव पर भी ठोस पहल करें सामाजिक सुधार हर स्तर पर हो—समानता और सम्मान सबके लिए। #Kinnaur #सामाजिकसुधार #जातीयभेदभाव #समानता #पंचायत #KinnaurAbTak
More news from हिमाचल प्रदेश and nearby areas
- शादियों के रीति-रिवाजों में टेंट केटरिंग व्यवस्था नें खाना वेस्ट कम होंनें लगे शादियों के रीति-रिवाजों में टेंट केटरिंग व्यवस्था नें खाना वेस्ट कम होंनें लगे। वही डीजे लाईव शो द्वारा लड़ाई झगड़ा कम हुआ औऱ शराब भी कम हुआ पंचायत शादियां के रिवाजों में बदलाव कर रही रील भाग (03 ) पंचायतें सामाजिक भेद भाव पर भी ठोस पहल करें सामाजिक सुधार हर स्तर पर हो—समानता और सम्मान सबके लिए। #Kinnaur #सामाजिकसुधार #जातीयभेदभाव #समानता #पंचायत #KinnaurAbTak1
- टापरी के पागल नाला में पहाड़ी से गिरे बड़े-बड़े पत्थर, यात्रियों में मची अफरा-तफरी बस समेत चार वाहन चपेट में आए, चट्टान के नीचे छिपकर बचाई जान; पांच घंटे बाद बहाल हुआ यातायात किन्नौर ,28 सितंबर मीनाक्षी किन्नौर के टापरी स्थित पागल नाला के पास रात करीब आठ बजे पहाड़ी से अचानक भारी-भरकम पत्थर और चट्टानें गिरने से सड़क पूरी तरह बंद हो गई। अचानक हुए भूस्खलन और लगातार गिरते पत्थरों के कारण मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान एक बस सहित तीन छोटे वाहन भी पत्थरों की चपेट में आ गए। बताया जा रहा है कि पहाड़ी से बड़े पत्थर गिरते देख सड़क से गुजर रहे यात्रियों में दहशत फैल गई। अपनी जान बचाने के लिए कुछ यात्रियों ने बड़ी चट्टान के नीचे छिपकर सुरक्षित स्थान तलाशा। घटना की सूचना मिलने के बाद राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। गनीमत रही कि इस घटना में किसी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि, लगातार पत्थर गिरने के कारण मौके पर काफी देर तक खतरा बना रहा और वाहन चालकों व यात्रियों में भय का माहौल रहा। भूस्खलन के कारण करीब पांच घंटे तक मार्ग बाधित रहा। इसके बाद सड़क से मलबा और पत्थर हटाकर यातायात को दोबारा बहाल किया गया। मार्ग खुलने के बाद वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पागल नाला क्षेत्र में पहाड़ी से लगातार गिर रहे पत्थरों को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि इस संवेदनशील हिस्से में वाहन चालकों और यात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष सतर्कता बरतना जरूरी है। टापरी के पागल नाला में पहाड़ी से गिरे बड़े-बड़े पत्थर, यात्रियों में मची अफरा-तफरी बस समेत चार वाहन चपेट में आए, चट्टान के नीचे छिपकर बचाई जान; पांच घंटे बाद बहाल हुआ यातायात किन्नौर ,28 सितंबर मीनाक्षी किन्नौर के टापरी स्थित पागल नाला के पास रात करीब आठ बजे पहाड़ी से अचानक भारी-भरकम पत्थर और चट्टानें गिरने से सड़क पूरी तरह बंद हो गई। अचानक हुए भूस्खलन और लगातार गिरते पत्थरों के कारण मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान एक बस सहित तीन छोटे वाहन भी पत्थरों की चपेट में आ गए। बताया जा रहा है कि पहाड़ी से बड़े पत्थर गिरते देख सड़क से गुजर रहे यात्रियों में दहशत फैल गई। अपनी जान बचाने के लिए कुछ यात्रियों ने बड़ी चट्टान के नीचे छिपकर सुरक्षित स्थान तलाशा। घटना की सूचना मिलने के बाद राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। गनीमत रही कि इस घटना में किसी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि, लगातार पत्थर गिरने के कारण मौके पर काफी देर तक खतरा बना रहा और वाहन चालकों व यात्रियों में भय का माहौल रहा। भूस्खलन के कारण करीब पांच घंटे तक मार्ग बाधित रहा। इसके बाद सड़क से मलबा और पत्थर हटाकर यातायात को दोबारा बहाल किया गया। मार्ग खुलने के बाद वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पागल नाला क्षेत्र में पहाड़ी से लगातार गिर रहे पत्थरों को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि इस संवेदनशील हिस्से में वाहन चालकों और यात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष सतर्कता बरतना जरूरी है।1
- कालिंदी बेस एवं ऑडिन कोल बेस क्षेत्र से 40 सदस्यों का सुरक्षित रेस्क्यू* *सायं स्मार्ट कंट्रोल रूम से जिलाधिकारी ने अभियान और चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की ली अपडेट* *कालिंदी बेस एवं ऑडिन कोल बेस क्षेत्र से 40 सदस्यों का सुरक्षित रेस्क्यू* *सायं स्मार्ट कंट्रोल रूम से जिलाधिकारी ने अभियान और चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की ली अपडेट* सोमवार को उच्च पर्वतीय साहसिक अभियान के तहत कालिंदी बेस तथा ऑडिन कोल बेस क्षेत्र में अभियान पर गए ट्रेकर्स और सदस्यों में से 40 सदस्यों का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है। रेस्क्यू किए गए सभी सदस्यों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया है। कालिंदी पास बेस क्षेत्र से कुल 11 सदस्यों को रेस्क्यू किया गया, जबकि ऑडिन कोल बेस क्षेत्र से कुल 29 सदस्यों को सुरक्षित निकाला गया है। इस प्रकार दोनों क्षेत्रों से कुल 40 सदस्यों का सफल रेस्क्यू किया गया है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देशन में रेस्क्यू अभियान के दौरान संबंधित टीमों द्वारा हर्षिल एवं अन्य पड़ावों पर आवश्यक समन्वय एवं कार्रवाई की जा रही है। सायं जिलाधिकारी ने स्मार्ट कंट्रोल रूम पहुंचकर रेस्क्यू अभियान का जायजा लिया और रेस्क्यू में लगी सभी टीमों को तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए और चारधाम यात्रा की अपडेट ली तथा यात्रा मार्ग पर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने तथा अन्य सेवाओं को भी दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।3
- मानसून की विदाई से पहले हिमाचल में झमाझम बारिश, ऊंची चोटियों पर बर्फबारी से बढ़ी ठंड शिमला। मानसून की विदाई से पहले हिमाचल प्रदेश में बादल जमकर बरसे हैं। ऊपरी शिमला सहित प्रदेश के कई भागों में पिछले दो दिनों से रुक-रुककर बारिश जारी है। शिमला में शनिवार के बाद सोमवार को भी भारी बारिश दर्ज की गई। वहीं किन्नौर, लाहौल-स्पीति और चंबा की ऊंची चोटियों पर ताजा बर्फबारी होने से ठंड ने दस्तक दे दी है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है। पिछले 24 घंटों में कांगड़ा में 73.4 मिमी, धर्मशाला में 61.1 मिमी, सांगला (किन्नौर) में 45.6 मिमी, सराहन (शिमला) में 38.5 मिमी, पांवटा साहिब में 30.6 मिमी, कल्पा में 30.4 मिमी, जोगिंद्रनगर व भावानगर में 26.0-26.0 मिमी, मंडी में 21.6 मिमी और रामपुर में 20.0 मिमी बारिश दर्ज की गई है। अगले छह घंटे में तेज बारिश की संभावना मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार शाम 5:30 से रात 11:30 बजे तक शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू, बिलासपुर और किन्नौर के कुछ भागों में हल्की से मध्यम तथा एक-दो स्थानों पर तेज बारिश की संभावना है। 29 सितंबर को भी कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश और चोटियों पर बर्फबारी जारी रहने के आसार हैं। इसके बाद 30 सितंबर से 4 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। वहीं दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी रेखा गुरदासपुर, चंडीगढ़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, धौलपुर, उदयपुर, डीसा और नलिया से होकर गुजर रही है। सामान्य से कम रहा मानसून इस वर्ष मानसून सीजन में प्रदेश में सामान्य से 12 प्रतिशत और सितंबर में 19 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है। 20 जून से 28 सितंबर तक प्रदेश में 644 मिमी बारिश हुई, जबकि इस अवधि के लिए 732 मिमी को सामान्य माना गया है। बिलासपुर, किन्नौर, कुल्लू, शिमला और सिरमौर में सामान्य से अधिक, जबकि चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, लाहौल-स्पीति, मंडी, सोलन और ऊना में सामान्य से कम बारिश हुई। सितंबर में 118 मिमी के मुकाबले 95 मिमी बारिश ही दर्ज हुई।1
- जनप्रतिनिधि सम्मान एवं कार्यकर्ता सम्मेलन में पांवटा साहिब पहुंचने पर कांग्रेस सरकार पर जमकर बरसे पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर... जनप्रतिनिधि सम्मान एवं कार्यकर्ता सम्मेलन में पांवटा साहिब पहुंचने पर कांग्रेस सरकार पर जमकर बरसे पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर...1
- उत्तरकाशी. उच्च हिमालयी क्षेत्रों में फंसे ट्रैकर्स के रेस्क्यू ऑपरेशन का गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान ने आपदा कंट्रोल रूम से लिया जायजा. जनपद उत्तरकाशी स्थित आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम पहुंचकर गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान ने प्रतिकूल मौसम के कारण उच्च हिमालयी क्षेत्रों में फंसे ट्रैकर्स की सुरक्षित वापसी हेतु चलाए जा रहे राहत एवं बचाव अभियान की विस्तृत समीक्षा की। जनपद के प्रसिद्ध कालिंदी पास एवं ऑडेन कॉल क्षेत्र में हुई भारी बर्फबारी के कारण कुल 136 ट्रैकर्स एवं सपोर्ट स्टाफ प्रभावित हुए थे। जिला प्रशासन, एसडीआरएफ (SDRF), पुलिस तथा आपदा प्रबंधन की टीमें पूरी तत्परता से रेस्क्यू कार्य में जुटी हुई हैं। *40 ट्रैकर्स सुरक्षित रेस्क्यू, अभियान जारी* अब तक प्राप्त जानकारी के अनुसार ऑडेन पास क्षेत्र से 40 ट्रैकर्स को सुरक्षित रेस्क्यू कर निकाला जा चुका है। कालिंदी पास क्षेत्र में फंसे शेष ट्रैकर्स की सुरक्षित वापसी के लिए अभियान लगातार जारी है। इनमें से कुछ अनुभवी एक्सपीडिशन टीमों के सदस्यों ने स्वेच्छा से वहीं रुकने का निर्णय लिया है, जबकि शेष ट्रैकर्स को मौसम की अनुकूलता मिलते ही कल प्रातः सुरक्षित निकालने की योजना है। *सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: विधायक* विधायक सुरेश चौहान ने कहा, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देश हैं कि प्रत्येक ट्रैकर, गाइड और पोर्टर की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।उन्होंने बताया कि आवश्यकतानुसार हेली रेस्क्यू, चिकित्सा सहायता, भोजन और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है तथा सभी रेस्क्यू टीमों व अधिकारियों से निरंतर समन्वय बनाया गया है। उन्होंने मां गंगा एवं बाबा काशी विश्वनाथ जी से सभी ट्रैकर्स की सकुशल वापसी की प्रार्थना की। *तीर्थयात्रियों एवं श्रद्धालुओं से भी किया संवाद* आपदा प्रबंधन की समीक्षा के उपरांत विधायक ने गंगोत्री धाम दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं एवं तीर्थयात्रियों से आत्मीय भेंट कर चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं पर चर्चा की। श्रद्धालुओं ने प्रदेश सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं पर संतोष व्यक्त किया। विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार चारधाम यात्रा को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस अवसर पर आपदा कंट्रोल रूम में जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान,देशराज बिष्ट व कन्हैया रमोला सहित आपदा प्रबंधन विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।4
- विश्व पर्यटन दिवस पर HPU के मंच पर कनाई महिला मंडल की शानदार प्रस्तुति ❤️ विश्व पर्यटन दिवस पर HPU के मंच पर कनाई महिला मंडल की शानदार प्रस्तुति ❤️🏔️ किन्नौर की संस्कृति और परंपरा की खूबसूरत झलक। 🙏 #कनाई #किन्नौर #KinnaurCulture #WorldTourismDay #KinnaurAbTak1
- रोहड़ू में चिड़गांव से पहाड़ी धड़कने वाला यह वीडियो आया है सामने #kullutodaynews #himachalpradesh #himachalupdate #MediaPower #himachalkiawaaz #KTN #ATM #shimla #kullu #rampur1