मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर (एमसीबी) जिले के नागपुर चौकी क्षेत्र में पुलिस ने गश्त के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 6 क्विंटल गांजा जब्त किया है। इस दौरान पुलिस ने मौके से दो कारों को भी कब्जे में लिया, हालांकि घटना स्थल पर किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। पुलिस ने वाहनों और मादक पदार्थ को जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। नागपुर चौकी पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई बीती रात उजियापुर स्कूल के पास हुई, जहाँ दो कारें संदिग्ध अवस्था में खड़ी मिलीं। संदेह होने पर पुलिस बल द्वारा वाहनों की तलाशी लेने पर कार के भीतर प्लास्टिक पैकेट्स में टेप किया हुआ गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने लगभग 6 क्विंटल से अधिक गांजा और दोनों कारों को जब्त कर अज्ञात तस्करों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। प्राथमिक जांच में ये दोनों कारें ओडिशा राज्य की बताई जा रही हैं। पुलिस अब वाहनों के नंबर और दस्तावेजों के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है।
मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर (एमसीबी) जिले के नागपुर चौकी क्षेत्र में पुलिस ने गश्त के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 6 क्विंटल गांजा जब्त किया है। इस दौरान पुलिस ने मौके से दो कारों को भी कब्जे में लिया, हालांकि घटना स्थल पर किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। पुलिस ने वाहनों और मादक पदार्थ को जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। नागपुर चौकी पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई बीती रात उजियापुर स्कूल के पास हुई, जहाँ दो कारें संदिग्ध अवस्था में खड़ी मिलीं। संदेह होने पर पुलिस बल द्वारा वाहनों की तलाशी लेने पर कार के भीतर प्लास्टिक पैकेट्स में टेप किया हुआ गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने लगभग 6 क्विंटल से अधिक गांजा और दोनों कारों को जब्त कर अज्ञात तस्करों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। प्राथमिक जांच में ये दोनों कारें ओडिशा राज्य की बताई जा रही हैं। पुलिस अब वाहनों के नंबर और दस्तावेजों के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है।
- मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर (एमसीबी) जिले के नागपुर चौकी क्षेत्र में पुलिस ने गश्त के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 6 क्विंटल गांजा जब्त किया है। इस दौरान पुलिस ने मौके से दो कारों को भी कब्जे में लिया, हालांकि घटना स्थल पर किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। पुलिस ने वाहनों और मादक पदार्थ को जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। नागपुर चौकी पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई बीती रात उजियापुर स्कूल के पास हुई, जहाँ दो कारें संदिग्ध अवस्था में खड़ी मिलीं। संदेह होने पर पुलिस बल द्वारा वाहनों की तलाशी लेने पर कार के भीतर प्लास्टिक पैकेट्स में टेप किया हुआ गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने लगभग 6 क्विंटल से अधिक गांजा और दोनों कारों को जब्त कर अज्ञात तस्करों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। प्राथमिक जांच में ये दोनों कारें ओडिशा राज्य की बताई जा रही हैं। पुलिस अब वाहनों के नंबर और दस्तावेजों के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है।1
- एमसीबी कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी सुश्री संतन देवी जांगड़े ने शुक्रवार सुबह 8 बजे मनेंद्रगढ़ शहर की गलियों में पहुंचकर स्वच्छता व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने घर-घर जाकर नागरिकों से सीधे संवाद किया और उनसे घरों का कचरा खुले में नहीं फेंकने तथा निर्धारित स्थान पर ही कचरा देने की अपील की। कलेक्टर ने इस बात पर जोर दिया कि एक स्वच्छ और स्वस्थ शहर के निर्माण में आमजन की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों को कचरा पृथक्करण, सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई और स्वच्छता नियमों के पालन के लिए जागरूक किया। अपने निरीक्षण के दौरान, सुश्री जांगड़े ने स्वच्छता कर्मियों के कार्यों की भी जानकारी ली और उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। लोगों ने कलेक्टर की इस पहल की सराहना की, यह कहते हुए कि स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से आह्वान किया है कि वे स्वच्छता अभियान में सक्रिय सहयोग कर मनेंद्रगढ़ को एक स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण अनुकूल शहर बनाने में मदद करें।1
- राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के अपने गांव में भी लोगों को बेहतर सुविधाएँ नहीं मिल पा रही हैं, जिससे प्रदेश के बाकी हिस्सों की स्थिति का अंदाज़ा लगाया जा सकता है। बताया गया है कि शायद किसी गरीब परिवार की विकलांग महिला को ट्राईसाइकिल देने से एक रुपये का भी कमीशन नहीं मिलता, और यही वजह है कि उस विकलांग महिला को आज तक ट्राईसाइकिल नहीं मिली है। इस उपेक्षा के चलते यह परिवार दयनीय जीवन जीने को मजबूर है।1
- गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के कोडवाही से सामने आई एक पोस्ट में केसीआर की 'सोच और बुद्धि' पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया है। इस पोस्ट में तंज कसते हुए कहा गया है कि ऐसी है हमारे देश के महान नेता की सोच और बुद्धि, जिस पर तीव्र नाराजगी और गुस्सा जताया गया है।1
- मोदी सरकार द्वारा शुरू की गई एक सरकारी सीएससी योजना के तहत, उन व्यक्तियों को एक अवसर प्रदान किया जा रहा है जिनके पास नौकरी नहीं है, ताकि वे हर महीने ₹9000 तक कमा सकें। यह योजना, जिसे 'सीएससी नरेंद्र मोदी गरीबी रेखा योजना' भी कहा गया है, मुफ्त में हर महीने ₹9000 से ₹10000 प्राप्त करने का वादा करती है। इस लाभ को पाने के इच्छुक लोगों को फॉर्म भरकर एक 'भारी राशि' प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।1
- एक गरीब और असहाय परिवार को "संत रामपाल जी महाराज" का सहारा प्राप्त हुआ है। इस पूरी घटना का विस्तृत वीडियो देखने के लिए दर्शकों को "AnnaPurna Muhim" नामक YouTube चैनल पर जाने का आग्रह किया गया है।1
- सरगुजा जिले के उदयपुर स्थित वनांचल क्षेत्र सायर में गुरुवार दोपहर बाद तेज हवाओं के साथ हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत दिलाई। अचानक बदले मौसम के कारण क्षेत्र का तापमान गिर गया, जिससे नागरिकों ने सुकून महसूस किया। बारिश के चलते गांव की सड़कों और गलियों में पानी भर गया, लेकिन किसानों और ग्रामीणों ने इस वर्षा का खुले दिल से स्वागत किया है। किसानों का मानना है कि समय पर हुई यह बारिश खेतों में नमी बढ़ाएगी और आगामी खरीफ फसलों की तैयारी में काफी मददगार साबित होगी। पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में पड़ रही तेज गर्मी और उमस के कारण लोग काफी परेशान थे। बारिश के बाद वनांचल क्षेत्र का मौसम सुहावना हो गया और हर तरफ ठंडक का एहसास फैल गया। बच्चों और युवाओं ने भी इस सुखद बारिश का खूब आनंद लिया। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी क्षेत्र में हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना बनी हुई है।2
- नगर पालिक निगम चिरमिरी की कथित लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है, जहाँ गोदरीपारा क्षेत्र में सड़क किनारे खड़ा एक सूखा पेड़ बिजली के खंभे पर गिर गया। इस घटना के कारण बिजली के खंभे में आग लग गई, जिसके कुछ देर बाद एक जोरदार धमाका भी हुआ। गनीमत रही कि उस वक्त घटनास्थल पर ज़्यादा लोग मौजूद नहीं थे, जिससे कोई बड़ी दुर्घटना होने से बच गई। हालांकि, इस हादसे के चलते गोदरीपारा के निवासियों को अंधेरे में रहने को मजबूर होना पड़ा है। इस घटना के लिए चिरमिरी निगम को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया गया है। आरोप है कि यदि निगम ने अपनी जिम्मेदारी समय पर निभाई होती, तो यह पेड़ नहीं गिरता और इलाके के लोगों को बिजली गुल होने की समस्या का सामना नहीं करना पड़ता। पोस्ट में निगम की इस अनदेखी को एक पुरानी समस्या के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो एक बार फिर से सामने आई है।1