हरियाली अमावस्या पर माल्याहेड़ी में लगा भव्य एकदिवसीय मेला, हजारों श्रद्धालुओं ने लिया आनंद मोहन बड़ोदिया। तहसील क्षेत्र के ग्राम माल्याहेड़ी में बुधवार को हरियाली अमावस्या के अवसर पर प्रतिवर्ष की तरह एकदिवसीय मेले का आयोजन किया गया। मेले में सुबह से ही श्रद्धालुओं और ग्रामीणों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। देखते ही देखते मेला परिसर में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई। आसपास के गांवों सहित दूर-दराज क्षेत्रों से भी हजारों श्रद्धालु मेले में पहुंचे और दिनभर मेले का आनंद लिया। हरियाली अमावस्या के अवसर पर आयोजित होने वाले इस मेले को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। परिवार सहित पहुंचे लोगों ने मेले में विभिन्न प्रकार की दुकानों पर खरीदारी की। वहीं बच्चों के लिए लगाए गए झूले, खिलौनों की दुकानें और मनोरंजन के अन्य साधन आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहे। बच्चों में मेले को लेकर विशेष उत्साह नजर आया और उन्होंने झूलों का आनंद लेने के साथ खिलौने एवं अन्य सामग्री खरीदी। मेले में महिलाओं और पुरुषों की भी बड़ी संख्या में मौजूदगी रही। लोगों ने अपने परिवार और परिचितों के साथ मेले में समय बिताया। जगह-जगह लगी दुकानों पर लोगों की भीड़ नजर आई। ग्रामीण क्षेत्र में हरियाली अमावस्या का यह मेला वर्षों से परंपरा के रूप में आयोजित होता आ रहा है, जिसमें आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल होते हैं। दिनभर मेले में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। ग्रामीणों के लिए यह मेला धार्मिक आस्था के साथ मेल-मिलाप और मनोरंजन का भी प्रमुख अवसर रहा। शाम तक मेले में लोगों की आवाजाही बनी रही। हरियाली अमावस्या पर माल्याहेड़ी में आयोजित इस मेले में हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी से पूरे क्षेत्र में उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला।
हरियाली अमावस्या पर माल्याहेड़ी में लगा भव्य एकदिवसीय मेला, हजारों श्रद्धालुओं ने लिया आनंद मोहन बड़ोदिया। तहसील क्षेत्र के ग्राम माल्याहेड़ी में बुधवार को हरियाली अमावस्या के अवसर पर प्रतिवर्ष की तरह एकदिवसीय मेले का आयोजन किया गया। मेले में सुबह से ही श्रद्धालुओं और ग्रामीणों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। देखते ही देखते मेला परिसर में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई। आसपास के गांवों सहित दूर-दराज क्षेत्रों से भी हजारों श्रद्धालु मेले में पहुंचे और दिनभर मेले का आनंद लिया। हरियाली अमावस्या के अवसर पर आयोजित होने वाले इस मेले को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। परिवार सहित पहुंचे लोगों ने मेले में विभिन्न प्रकार की दुकानों पर खरीदारी की। वहीं बच्चों के लिए लगाए गए झूले, खिलौनों की दुकानें और मनोरंजन के अन्य साधन आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहे। बच्चों में मेले को लेकर विशेष उत्साह नजर आया और उन्होंने झूलों का आनंद लेने के साथ खिलौने एवं अन्य सामग्री खरीदी। मेले में महिलाओं और पुरुषों की भी बड़ी संख्या में मौजूदगी रही। लोगों ने अपने परिवार और परिचितों के साथ मेले में समय बिताया। जगह-जगह लगी दुकानों पर लोगों की भीड़ नजर आई। ग्रामीण क्षेत्र में हरियाली अमावस्या का यह मेला वर्षों से परंपरा के रूप में आयोजित होता आ रहा है, जिसमें आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल होते हैं। दिनभर मेले में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। ग्रामीणों के लिए यह मेला धार्मिक आस्था के साथ मेल-मिलाप और मनोरंजन का भी प्रमुख अवसर रहा। शाम तक मेले में लोगों की आवाजाही बनी रही। हरियाली अमावस्या पर माल्याहेड़ी में आयोजित इस मेले में हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी से पूरे क्षेत्र में उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला।
- हरियाली अमावस्या पर माल्याहेड़ी में लगा भव्य एकदिवसीय मेला, हजारों श्रद्धालुओं ने लिया आनंद मोहन बड़ोदिया। तहसील क्षेत्र के ग्राम माल्याहेड़ी में बुधवार को हरियाली अमावस्या के अवसर पर प्रतिवर्ष की तरह एकदिवसीय मेले का आयोजन किया गया। मेले में सुबह से ही श्रद्धालुओं और ग्रामीणों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। देखते ही देखते मेला परिसर में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई। आसपास के गांवों सहित दूर-दराज क्षेत्रों से भी हजारों श्रद्धालु मेले में पहुंचे और दिनभर मेले का आनंद लिया। हरियाली अमावस्या के अवसर पर आयोजित होने वाले इस मेले को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। परिवार सहित पहुंचे लोगों ने मेले में विभिन्न प्रकार की दुकानों पर खरीदारी की। वहीं बच्चों के लिए लगाए गए झूले, खिलौनों की दुकानें और मनोरंजन के अन्य साधन आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहे। बच्चों में मेले को लेकर विशेष उत्साह नजर आया और उन्होंने झूलों का आनंद लेने के साथ खिलौने एवं अन्य सामग्री खरीदी। मेले में महिलाओं और पुरुषों की भी बड़ी संख्या में मौजूदगी रही। लोगों ने अपने परिवार और परिचितों के साथ मेले में समय बिताया। जगह-जगह लगी दुकानों पर लोगों की भीड़ नजर आई। ग्रामीण क्षेत्र में हरियाली अमावस्या का यह मेला वर्षों से परंपरा के रूप में आयोजित होता आ रहा है, जिसमें आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल होते हैं। दिनभर मेले में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। ग्रामीणों के लिए यह मेला धार्मिक आस्था के साथ मेल-मिलाप और मनोरंजन का भी प्रमुख अवसर रहा। शाम तक मेले में लोगों की आवाजाही बनी रही। हरियाली अमावस्या पर माल्याहेड़ी में आयोजित इस मेले में हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी से पूरे क्षेत्र में उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला।1
- मोहन बड़ोदिया में 13 अगस्त को निकलेगी विशाल तिरंगा यात्रा, मुख्य अतिथि रहेंगे शाजापुर विधायक 📡 *_साधना प्लस न्यूज_* *मोहन बड़ोदिया में 13 अगस्त को निकलेगी विशाल तिरंगा यात्रा, मुख्य अतिथि रहेंगे शाजापुर विधायक, भाजपा मंडल अध्यक्ष ने दी जानकारी* *गोविंद कुम्भकार की रिपोर्ट* 📱 *9584097180* 📡📡 *साधना प्लस नेशनल न्यूज चैनल* _टाटा प्ले के चैनल नंबर 1138_ और _जियो टीवी_ सहित विभिन्न केबल टीवी पर उपलब्ध है ।1
- chamber line leakaging samasya Kai bar chamber line walon Ko phone lagane ke bavjud Bhi unhone abhi tak chamber line theek nahin ki hai jo ki likhe Jo rahi hai1
- किसान संघ ने सात तहसीलों में सौंपा ज्ञापन फसल बीमा में भारी विसंगति, किसान संघ ने सात तहसीलों में सौंपा ज्ञापन, दी अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी शाजापुर। फसल बीमा की राशि में हुई भारी विसंगतियों को लेकर किसानों में गहरा आक्रोश है। उचित बीमा राशि दिलाने की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ ने जिले की सातों तहसीलों में संबंधित एसडीएम को मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। शाजापुर कृषि उपज मंडी कार्यालय परिसर में मंगलवार को बड़ी संख्या में किसान एकत्रित हुए। यहां से किसानों ने एकजुट होकर एक रैली निकाली और कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। किसान संघ ने चेतावनी दी है कि यदि फसल बीमा से जुड़ी इन समस्याओं का शीघ्र निराकरण नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में संघ अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेगा। इस अवसर पर जिला मीडिया व तहसील प्रभारी भारत नाहर, तहसील अध्यक्ष सत्यनारायण, मंत्री ज्ञान सिंह, उपाध्यक्ष विक्रम सिंह, तहसील कार्यालय मंत्री प्रवीण सहित ग्राम इकाई के कई कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।6
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- भगवान की आस और अटूट विश्वास के साथ दूसरे जिलों से लंबी यात्रा तय कर मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अक्सर कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उज्जैन — भगवान की आस और अटूट विश्वास के साथ दूसरे जिलों से लंबी यात्रा तय कर मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अक्सर कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसा ही एक गंभीर मामला सामने आया है जहाँ दूर-दराज से दर्शन करने पहुंचे एक आम भक्त को मंदिर परिसर के भीतर तैनात निजी या सरकारी सुरक्षा गार्डों (Security Guards) द्वारा अजीबोगरीब और असमंजस में डालने वाले निर्देश दिए गए। इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि आखिर इन सुरक्षाकर्मियों को ऐसे निर्देश कौन देता है? क्या मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन या नियमों के पालन के संबंध में कोई 'मैसेंजर' (संदेश वाहक) दिशा-निर्देश जारी करता है, या इसके पीछे सीधे तौर पर मंदिर प्रबंधन समिति (Temple Management Committee) की कार्यप्रणाली जिम्मेदार है? मुख्य बिंदु (Key Highlights): भक्तों की आस्था को ठेस: दूर-दराज से अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंचने वाले श्रद्धालु जब मंदिर के अंदर पहुंचते हैं, तो उन्हें सुरक्षाकर्मियों के मनमाने रवैये और परस्पर विरोधी निर्देशों का सामना करना पड़ता है। अधिकारों की अस्पष्टता: गार्डों द्वारा यह तय करना कि कौन कैसे दर्शन करेगा, किस लाइन में लगेगा और क्या नियम मानेगा, व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है। मैसेंजर या समिति? क्या मंदिर समिति अपनी जिम्मेदारी से बच रही है और मौखिक आदेशों के सहारे व्यवस्था चलाई जा रही है? व्यवस्था पर गंभीर सवाल धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए होती है, न कि उन्हें परेशान करने के लिए। लेकिन जब सुरक्षा गार्ड ही दर्शन के तौर-तरीकों पर अपनी मर्जी से पाबंदियां लगाने लगें, तो यह सवाल लाजिमी है कि: क्या मंदिर समिति ने सुरक्षा गार्डों को दर्शन संबंधी निर्देश देने का अधिकार दे रखा है? यदि नहीं, तो गार्ड किस के इशारे पर या किस 'मैसेंजर' के संदेश के आधार पर श्रद्धालुओं को नियंत्रित कर रहे हैं? क्या मंदिर प्रशासन के पास कोई लिखित और पारदर्शी मार्गदर्शिका (Guidelines) नहीं है, जिसे आम जनता तक पहुंचाया जा सके? श्रद्धालुओं में रोष और प्रशासन से मांग बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि वे भगवान पर अटूट विश्वास रखकर हजारों किलोमीटर का सफर तय करते हैं, लेकिन मंदिर के अंदर कुप्रबंधन और गार्डों का अड़ियल रवैया उनकी आस्था को ठेस पहुंचाता है। स्थानीय बुद्धिजीवियों और श्रद्धालुओं ने जिला प्रशासन और मंदिर समिति से यह मांग की है कि: मंदिर परिसर में सुरक्षाकर्मियों के अधिकार और उनके कार्यक्षेत्र को स्पष्ट किया जाए। श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए एक सरल, पारदर्शी और लिखित व्यवस्था लागू हो। मनमाने निर्देश देने वाले कर्मियों पर उचित कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी भक्त को असुविधा का सामना न करना पड़े।1
- नवांकुर सखी हरियाली एवं तिरंगा यात्रा, मटेवा में निकली तिरंगा यात्रा, महिलाओं ने किया पौधारोपण 📡 *_साधना प्लस न्यूज_* *नवांकुर सखी हरियाली एवं तिरंगा यात्रा, मटेवा में निकली तिरंगा यात्रा, महिलाओं ने किया पौधारोपण* *गोविंद कुम्भकार की रिपोर्ट* 📱 *9584097180* 📡📡 Tata play के चैनल नंबर 1138_ और _Jio tv_ सहित विभिन्न केबल टीवी पर उपलब्ध है ।1
- दतिया:रेलवे स्टेशन पुल के पास बाइक दुर्घटनाग्रस्त, सवार बाल-बाल बचा। दतिया:रेलवे स्टेशन पुल के पास बाइक दुर्घटनाग्रस्त, सवार बाल-बाल बचा। दतिया। रेलवे स्टेशन पुल के पास बुधवार को एक बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में बाइक सवार बाल-बाल बच गया। दुर्घटना में बाइक सवार को मामूली खरोंचें आई हैं। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।1