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हनुमानगढ़ जिले के धोलीपाल में ₹1.5 करोड़ की लागत से बन रही अटल पथ सड़क के निर्माण कार्य में भारी भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, इस परियोजना में बड़े पैमाने पर अनियमितताएँ बरती गई हैं, जिससे जनता के पैसों की बर्बादी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस मामले को लेकर धोलीपाल के ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है, और वे इसे ठेकेदार व PWD की मिलीभगत से हुआ 'महाघोटाला' बता रहे हैं। ग्रामीणों ने सार्वजनिक रूप से 'हल्लाबोल' करते हुए ठेकेदार और PWD पर जनता के पैसों की खुली लूट का आरोप लगाया है, और इस कथित भ्रष्टाचार के लिए न्याय की मांग की जा रही है।
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हनुमानगढ़ जिले के धोलीपाल में ₹1.5 करोड़ की लागत से बन रही अटल पथ सड़क के निर्माण कार्य में भारी भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, इस परियोजना में बड़े पैमाने पर अनियमितताएँ बरती गई हैं, जिससे जनता के पैसों की बर्बादी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस मामले को लेकर धोलीपाल के ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है, और वे इसे ठेकेदार व PWD की मिलीभगत से हुआ 'महाघोटाला' बता रहे हैं। ग्रामीणों ने सार्वजनिक रूप से 'हल्लाबोल' करते हुए ठेकेदार और PWD पर जनता के पैसों की खुली लूट का आरोप लगाया है, और इस कथित भ्रष्टाचार के लिए न्याय की मांग की जा रही है।
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- नवरतन भारत के संपादक लक्ष्मी नारायण स्वामी ने यातायात प्रभारी अनिल चिंदा से यातायात नियमों और यातायात व्यवस्थाओं के संबंध में एक खास बातचीत की।1
- 40 वर्षों के एक लंबे अंतराल के बाद, ठाकुरजी को विधि-विधान के साथ स्थापित किया गया है। इस शुभ अवसर के साथ ही, खड़ी सप्ताह का भी विधिवत शुभारंभ हो गया है।1
- हरियाणा में मौसम को लेकर एक बड़ा अलर्ट जारी किया गया है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के कुल 5 जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश होने की चेतावनी दी गई है।1
- राजस्थान में सफाई कर्मचारी भर्ती को लेकर भारी उबाल देखा जा रहा है। इस मामले में जयपुर में की जा रही भूख हड़ताल को श्रीगंगानगर से बड़ा समर्थन मिला है। इसी क्रम में, आज 26 जून को पूरे राजस्थान में एक विशाल प्रदर्शन का ऐलान किया गया है।1
- अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस यूनियन ने राजस्थान में प्रस्तावित 25,000 सफाई कर्मचारियों की भर्ती के संबंध में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम श्रीगंगानगर जिला कलक्टर को एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन यूनियन के अध्यक्ष सेठी वाल्मीकि और जिलाध्यक्ष बंटी वाल्मीकि के नेतृत्व में सौंपा गया, जिसमें भर्ती प्रक्रिया को लेकर विभिन्न मांगें रखी गईं। ज्ञापन में बताया गया कि वाल्मीकि समाज के अनेक अस्थायी सफाई मजदूर वर्षों से नगर निकायों में सफाई कार्य करते हुए शहरों की स्वच्छता एवं जनस्वास्थ्य व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। इसी पृष्ठभूमि में, यूनियन ने मांग की है कि ऐसे अनुभवी एवं कार्यरत सफाई मजदूरों को नई भर्ती प्रक्रिया में उचित प्राथमिकता दी जाए, वर्षों से कार्यरत अस्थायी सफाई मजदूरों का सीधा चयन किया जाए, और सफाई कार्य से जुड़े वाल्मीकि समाज के अभ्यर्थियों को प्राथमिकता प्रदान की जाए। इसके अतिरिक्त, 5 वर्षीय संविदा भर्ती के स्थान पर नियमित सीधी भर्ती करने, भर्ती प्रक्रिया में साक्षात्कार एवं प्रायोगिक परीक्षा आयोजित करने, न्यायालय की शरण में गए अस्थायी सफाई मजदूरों को राहत प्रदान करने, तथा राज्य में सफाई ठेकेदारी प्रथा समाप्त कर “समान काम, समान वेतन” का सिद्धांत लागू करने की भी मांग की गई। इस शिष्टमंडल में जिलाध्यक्ष बंटी वाल्मीकि, अध्यक्ष सेठी वाल्मीकि, अध्यक्ष जिला वाल्मीकि सभा सूरज भाटिया, प्रदेश उपाध्यक्ष दीपक चांवरिया, महामंत्री बिन्दर सिंह टाक सहित कई अन्य सदस्य उपस्थित थे। यूनियन ने अपनी प्रमुख मांग में सफाई कर्मचारियों की भर्ती में अस्थायी सफाई मजदूरों एवं वाल्मीकि समाज को प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया।2
- हरियाणा सिंचाई विभाग द्वारा लिफ्ट परियोजना के माध्यम से नोहर फीडर में ड्रेनेज का पानी डालने की प्रस्तावित योजना को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस गंभीर मामले पर नोहर विधायक अमित चाचाण ने बुधवार, 24 जून को स्थानीय सिंचाई विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली पर एक बार फिर सवाल उठाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। विधायक चाचाण ने बुधवार को हुई दिशा की बैठक में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। विधायक अमित चाचाण ने आरोप लगाया कि यह मामला अत्यंत गंभीर है, बावजूद इसके स्थानीय सिंचाई विभाग के अधिकारी लंबे समय तक निष्क्रिय बने रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरियाणा सरकार ने राजस्थान सरकार से आवश्यक एनओसी प्राप्त किए बिना ही नोहर फीडर में ड्रेनेज का पानी डालने के उद्देश्य से लिफ्ट परियोजना का निर्माण शुरू कर दिया है। चाचाण ने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि अनुमति के बिना हरियाणा नोहर फीडर जैसी अंतरराज्यीय नहर व्यवस्था में किसी भी प्रकार का निर्माण या हस्तक्षेप नहीं कर सकता। उन्होंने अधिकारियों की वर्तमान कार्यप्रणाली पर भी निशाना साधा, यह कहते हुए कि अब विभागीय अधिकारी केवल पत्राचार तक सीमित रहकर मामले की गंभीरता को कम करने का प्रयास कर रहे हैं। विधायक ने यह भी बताया कि राजस्थान के उच्च सिंचाई अधिकारियों के निरीक्षण के बावजूद हरियाणा की ओर से निर्माण कार्य जारी है। उनका दावा है कि विभाग तभी हरकत में आया जब उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र भेजा, जबकि इससे पहले अधिकारियों को इस पूरे मामले की जानकारी तक नहीं थी। विधायक ने आगाह किया कि यदि इस परियोजना के माध्यम से ड्रेनेज का पानी नोहर फीडर में छोड़ा गया, तो इसके क्षेत्र की कृषि, भूजल गुणवत्ता और आमजन के स्वास्थ्य पर गंभीर और दूरगामी प्रतिकूल परिणाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने क्षेत्र के किसानों की चिंताओं को पूरी तरह जायज ठहराया और उनके साथ खड़े होने का आश्वासन दिया। अमित चाचाण ने स्थानीय सिंचाई विभाग के अधिकारियों की लापरवाही और अकर्मण्यता की जांच की मांग की और कहा कि विभाग को उच्च स्तर पर हरियाणा सरकार से बातचीत करके इस मामले का समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि परियोजना निर्माण के दौरान अधिकारियों द्वारा कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई, जिससे उनकी गंभीरता पर प्रश्नचिह्न लगता है। विधायक ने चेतावनी दी कि यदि बिना अनुमति के ड्रेनेज का पानी नोहर फीडर में छोड़ा गया, तो इसका व्यापक विरोध किया जाएगा और क्षेत्र के हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।1
- गहलोत ने सरकार से यमुना का पानी लाने के लंबे समय से लंबित सपने को पूरा करने का आह्वान किया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर सरकार इस वादे को साकार करती है और यमुना का जल लाती है, तो वे स्वयं मुख्यमंत्री को माला पहनाकर उनका सम्मान करेंगे।1
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