हरियाणा सिंचाई विभाग द्वारा लिफ्ट परियोजना के माध्यम से नोहर फीडर में ड्रेनेज का पानी डालने की प्रस्तावित योजना को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस गंभीर मामले पर नोहर विधायक अमित चाचाण ने बुधवार, 24 जून को स्थानीय सिंचाई विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली पर एक बार फिर सवाल उठाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। विधायक चाचाण ने बुधवार को हुई दिशा की बैठक में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। विधायक अमित चाचाण ने आरोप लगाया कि यह मामला अत्यंत गंभीर है, बावजूद इसके स्थानीय सिंचाई विभाग के अधिकारी लंबे समय तक निष्क्रिय बने रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरियाणा सरकार ने राजस्थान सरकार से आवश्यक एनओसी प्राप्त किए बिना ही नोहर फीडर में ड्रेनेज का पानी डालने के उद्देश्य से लिफ्ट परियोजना का निर्माण शुरू कर दिया है। चाचाण ने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि अनुमति के बिना हरियाणा नोहर फीडर जैसी अंतरराज्यीय नहर व्यवस्था में किसी भी प्रकार का निर्माण या हस्तक्षेप नहीं कर सकता। उन्होंने अधिकारियों की वर्तमान कार्यप्रणाली पर भी निशाना साधा, यह कहते हुए कि अब विभागीय अधिकारी केवल पत्राचार तक सीमित रहकर मामले की गंभीरता को कम करने का प्रयास कर रहे हैं। विधायक ने यह भी बताया कि राजस्थान के उच्च सिंचाई अधिकारियों के निरीक्षण के बावजूद हरियाणा की ओर से निर्माण कार्य जारी है। उनका दावा है कि विभाग तभी हरकत में आया जब उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र भेजा, जबकि इससे पहले अधिकारियों को इस पूरे मामले की जानकारी तक नहीं थी। विधायक ने आगाह किया कि यदि इस परियोजना के माध्यम से ड्रेनेज का पानी नोहर फीडर में छोड़ा गया, तो इसके क्षेत्र की कृषि, भूजल गुणवत्ता और आमजन के स्वास्थ्य पर गंभीर और दूरगामी प्रतिकूल परिणाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने क्षेत्र के किसानों की चिंताओं को पूरी तरह जायज ठहराया और उनके साथ खड़े होने का आश्वासन दिया। अमित चाचाण ने स्थानीय सिंचाई विभाग के अधिकारियों की लापरवाही और अकर्मण्यता की जांच की मांग की और कहा कि विभाग को उच्च स्तर पर हरियाणा सरकार से बातचीत करके इस मामले का समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि परियोजना निर्माण के दौरान अधिकारियों द्वारा कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई, जिससे उनकी गंभीरता पर प्रश्नचिह्न लगता है। विधायक ने चेतावनी दी कि यदि बिना अनुमति के ड्रेनेज का पानी नोहर फीडर में छोड़ा गया, तो इसका व्यापक विरोध किया जाएगा और क्षेत्र के हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
हरियाणा सिंचाई विभाग द्वारा लिफ्ट परियोजना के माध्यम से नोहर फीडर में ड्रेनेज का पानी डालने की प्रस्तावित योजना को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस गंभीर मामले पर नोहर विधायक अमित चाचाण ने बुधवार, 24 जून को स्थानीय सिंचाई विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली पर एक बार फिर सवाल उठाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। विधायक चाचाण ने बुधवार को हुई दिशा की बैठक में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। विधायक अमित चाचाण ने आरोप लगाया कि यह मामला अत्यंत गंभीर है, बावजूद इसके स्थानीय सिंचाई विभाग के अधिकारी लंबे समय तक निष्क्रिय बने रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरियाणा सरकार ने राजस्थान सरकार से आवश्यक एनओसी प्राप्त किए बिना ही नोहर फीडर में ड्रेनेज का पानी डालने के उद्देश्य से लिफ्ट परियोजना का निर्माण शुरू कर दिया है। चाचाण ने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि अनुमति के बिना हरियाणा नोहर फीडर जैसी अंतरराज्यीय नहर व्यवस्था में किसी भी प्रकार का निर्माण या हस्तक्षेप नहीं कर सकता। उन्होंने अधिकारियों की वर्तमान कार्यप्रणाली पर भी निशाना साधा, यह कहते हुए कि अब विभागीय अधिकारी केवल पत्राचार तक सीमित रहकर मामले की गंभीरता को कम करने का प्रयास कर रहे हैं। विधायक ने यह भी बताया कि राजस्थान के उच्च सिंचाई अधिकारियों के निरीक्षण के बावजूद हरियाणा की ओर से निर्माण कार्य जारी है। उनका दावा है कि विभाग तभी हरकत में आया जब उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र भेजा, जबकि इससे पहले अधिकारियों को इस पूरे मामले की जानकारी तक नहीं थी। विधायक ने आगाह किया कि यदि इस परियोजना के माध्यम से ड्रेनेज का पानी नोहर फीडर में छोड़ा गया, तो इसके क्षेत्र की कृषि, भूजल गुणवत्ता और आमजन के स्वास्थ्य पर गंभीर और दूरगामी प्रतिकूल परिणाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने क्षेत्र के किसानों की चिंताओं को पूरी तरह जायज ठहराया और उनके साथ खड़े होने का आश्वासन दिया। अमित चाचाण ने स्थानीय सिंचाई विभाग के अधिकारियों की लापरवाही और अकर्मण्यता की जांच की मांग की और कहा कि विभाग को उच्च स्तर पर हरियाणा सरकार से बातचीत करके इस मामले का समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि परियोजना निर्माण के दौरान अधिकारियों द्वारा कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई, जिससे उनकी गंभीरता पर प्रश्नचिह्न लगता है। विधायक ने चेतावनी दी कि यदि बिना अनुमति के ड्रेनेज का पानी नोहर फीडर में छोड़ा गया, तो इसका व्यापक विरोध किया जाएगा और क्षेत्र के हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
- हरियाणा सिंचाई विभाग द्वारा लिफ्ट परियोजना के माध्यम से नोहर फीडर में ड्रेनेज का पानी डालने की प्रस्तावित योजना को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस गंभीर मामले पर नोहर विधायक अमित चाचाण ने बुधवार, 24 जून को स्थानीय सिंचाई विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली पर एक बार फिर सवाल उठाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। विधायक चाचाण ने बुधवार को हुई दिशा की बैठक में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। विधायक अमित चाचाण ने आरोप लगाया कि यह मामला अत्यंत गंभीर है, बावजूद इसके स्थानीय सिंचाई विभाग के अधिकारी लंबे समय तक निष्क्रिय बने रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरियाणा सरकार ने राजस्थान सरकार से आवश्यक एनओसी प्राप्त किए बिना ही नोहर फीडर में ड्रेनेज का पानी डालने के उद्देश्य से लिफ्ट परियोजना का निर्माण शुरू कर दिया है। चाचाण ने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि अनुमति के बिना हरियाणा नोहर फीडर जैसी अंतरराज्यीय नहर व्यवस्था में किसी भी प्रकार का निर्माण या हस्तक्षेप नहीं कर सकता। उन्होंने अधिकारियों की वर्तमान कार्यप्रणाली पर भी निशाना साधा, यह कहते हुए कि अब विभागीय अधिकारी केवल पत्राचार तक सीमित रहकर मामले की गंभीरता को कम करने का प्रयास कर रहे हैं। विधायक ने यह भी बताया कि राजस्थान के उच्च सिंचाई अधिकारियों के निरीक्षण के बावजूद हरियाणा की ओर से निर्माण कार्य जारी है। उनका दावा है कि विभाग तभी हरकत में आया जब उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र भेजा, जबकि इससे पहले अधिकारियों को इस पूरे मामले की जानकारी तक नहीं थी। विधायक ने आगाह किया कि यदि इस परियोजना के माध्यम से ड्रेनेज का पानी नोहर फीडर में छोड़ा गया, तो इसके क्षेत्र की कृषि, भूजल गुणवत्ता और आमजन के स्वास्थ्य पर गंभीर और दूरगामी प्रतिकूल परिणाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने क्षेत्र के किसानों की चिंताओं को पूरी तरह जायज ठहराया और उनके साथ खड़े होने का आश्वासन दिया। अमित चाचाण ने स्थानीय सिंचाई विभाग के अधिकारियों की लापरवाही और अकर्मण्यता की जांच की मांग की और कहा कि विभाग को उच्च स्तर पर हरियाणा सरकार से बातचीत करके इस मामले का समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि परियोजना निर्माण के दौरान अधिकारियों द्वारा कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई, जिससे उनकी गंभीरता पर प्रश्नचिह्न लगता है। विधायक ने चेतावनी दी कि यदि बिना अनुमति के ड्रेनेज का पानी नोहर फीडर में छोड़ा गया, तो इसका व्यापक विरोध किया जाएगा और क्षेत्र के हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।1
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- नवरतन भारत के संपादक लक्ष्मी नारायण स्वामी ने यातायात प्रभारी अनिल चिंदा से यातायात नियमों और यातायात व्यवस्थाओं के संबंध में एक खास बातचीत की।1
- 40 वर्षों के एक लंबे अंतराल के बाद, ठाकुरजी को विधि-विधान के साथ स्थापित किया गया है। इस शुभ अवसर के साथ ही, खड़ी सप्ताह का भी विधिवत शुभारंभ हो गया है।1
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- हनुमानगढ़ जिले के धोलीपाल में ₹1.5 करोड़ की लागत से बन रही अटल पथ सड़क के निर्माण कार्य में भारी भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, इस परियोजना में बड़े पैमाने पर अनियमितताएँ बरती गई हैं, जिससे जनता के पैसों की बर्बादी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस मामले को लेकर धोलीपाल के ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है, और वे इसे ठेकेदार व PWD की मिलीभगत से हुआ 'महाघोटाला' बता रहे हैं। ग्रामीणों ने सार्वजनिक रूप से 'हल्लाबोल' करते हुए ठेकेदार और PWD पर जनता के पैसों की खुली लूट का आरोप लगाया है, और इस कथित भ्रष्टाचार के लिए न्याय की मांग की जा रही है।1