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आज संसद में अमरावती को आंध्र प्रदेश की राजधानी बनाने की परिचर्चा पर पार्टी का पक्ष रखा माननीय धर्मेंद्र यादव जी ....

2 hrs ago
user_Dinesh yadav
Dinesh yadav
Political party office Harraiya, Basti•
2 hrs ago

आज संसद में अमरावती को आंध्र प्रदेश की राजधानी बनाने की परिचर्चा पर पार्टी का पक्ष रखा माननीय धर्मेंद्र यादव जी ....

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  • Post by Dinesh yadav
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    Post by Dinesh yadav
    user_Dinesh yadav
    Dinesh yadav
    Political party office Harraiya, Basti•
    2 hrs ago
  • ग्राम शिवराजपुर हर्रैया बस्ती कुसमोर घाट के निकट हो रही गौ रक्षा महायज्ञ में आप सभी लोगों के सहयोग की आशा करते हैं - मनोरमा धर्मार्थ गौ सेवा ट्रस्ट (परिवार) आपके सहयोग से संपूर्ण भारत की गौ माताओं को सुरक्षित करने का वचन देता है ।
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    ग्राम शिवराजपुर हर्रैया बस्ती कुसमोर घाट के निकट हो रही गौ रक्षा महायज्ञ में आप सभी लोगों के सहयोग की आशा करते हैं - मनोरमा धर्मार्थ गौ सेवा ट्रस्ट (परिवार) आपके सहयोग से संपूर्ण भारत की गौ माताओं को सुरक्षित करने का वचन देता है ।
    user_पवन सिंह सनातनी
    पवन सिंह सनातनी
    Hindu temple हर्रैया, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • अम्बेडकरनगर। उत्तर प्रदेश में पुलिस पर हमले की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला अम्बेडकर जिले के थाना अकबरपुर क्षेत्र के रतनपुर गांव का है, जहां जमीन विवाद सुलझाने पहुंची पुलिस टीम पर ही ग्रामीणों ने धावा बोल दिया। यह हमला न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली को चुनौती देता है, बल्कि समाज में कानून के प्रति घटते खौफ को भी उजागर करता है। घटना का विवरण: जानकारी के अनुसार, रतनपुर गांव में जमीन के विवाद की सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। पुलिस ने निष्पक्ष जांच के लिए एक पक्ष को फोन कर बुलाया। लेकिन, वह पक्ष शांति से बात करने के बजाय अपने साथ महिलाओं की एक टोली लेकर आया। जैसे ही पुलिस ने कार्रवाई शुरू की, महिलाओं ने उग्र रूप धारण कर लिया और पुलिसकर्मियों पर टूट पड़ीं। मर्यादा की सारी हदें पार: हैरानी की बात यह है कि महिलाओं ने पुलिस की वर्दी का सम्मान तक नहीं किया। सरेराह पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की गई, उनकी वर्दी फाड़ दी गई और सरकारी काम में जमकर बाधा डाली गई। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह कानून के रखवालों को बेबस करने की कोशिश की जा रही है। यह 'महिला कार्ड' खेलकर कानून से बचने की एक सोची-समझी साजिश प्रतीत होती है। पुलिस की कार्रवाई: इस अराजकता के बाद पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। हमले और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में 4 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। खोजी दृष्टिकोण (अजीत मिश्रा): क्या अब पुलिस का अपनी सुरक्षा करना ही सबसे बड़ी चुनौती बन गया है? जब रक्षक ही सुरक्षित नहीं होंगे, तो आम जनता की सुरक्षा कौन करेगा? महिलाओं को ढाल बनाकर पुलिस पर हमला करना एक खतरनाक चलन बनता जा रहा है। ऐसे तत्वों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए जो एक मिसाल बने, ताकि भविष्य में कोई भी वर्दी पर हाथ डालने की जुर्रत न कर सके। रिपोर्ट: अजीत मिश्रा (खोजी) ब्यूरो रिपोर्ट, उत्तर प्रदेश।
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    अम्बेडकरनगर। उत्तर प्रदेश में पुलिस पर हमले की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला अम्बेडकर जिले के थाना अकबरपुर क्षेत्र के रतनपुर गांव का है, जहां जमीन विवाद सुलझाने पहुंची पुलिस टीम पर ही ग्रामीणों ने धावा बोल दिया। यह हमला न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली को चुनौती देता है, बल्कि समाज में कानून के प्रति घटते खौफ को भी उजागर करता है।
घटना का विवरण:
जानकारी के अनुसार, रतनपुर गांव में जमीन के विवाद की सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। पुलिस ने निष्पक्ष जांच के लिए एक पक्ष को फोन कर बुलाया। लेकिन, वह पक्ष शांति से बात करने के बजाय अपने साथ महिलाओं की एक टोली लेकर आया। जैसे ही पुलिस ने कार्रवाई शुरू की, महिलाओं ने उग्र रूप धारण कर लिया और पुलिसकर्मियों पर टूट पड़ीं।
मर्यादा की सारी हदें पार:
हैरानी की बात यह है कि महिलाओं ने पुलिस की वर्दी का सम्मान तक नहीं किया। सरेराह पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की गई, उनकी वर्दी फाड़ दी गई और सरकारी काम में जमकर बाधा डाली गई। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह कानून के रखवालों को बेबस करने की कोशिश की जा रही है। यह 'महिला कार्ड' खेलकर कानून से बचने की एक सोची-समझी साजिश प्रतीत होती है।
पुलिस की कार्रवाई:
इस अराजकता के बाद पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। हमले और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में 4 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
खोजी दृष्टिकोण (अजीत मिश्रा):
क्या अब पुलिस का अपनी सुरक्षा करना ही सबसे बड़ी चुनौती बन गया है? जब रक्षक ही सुरक्षित नहीं होंगे, तो आम जनता की सुरक्षा कौन करेगा? महिलाओं को ढाल बनाकर पुलिस पर हमला करना एक खतरनाक चलन बनता जा रहा है। ऐसे तत्वों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए जो एक मिसाल बने, ताकि भविष्य में कोई भी वर्दी पर हाथ डालने की जुर्रत न कर सके।
रिपोर्ट: अजीत मिश्रा (खोजी)
ब्यूरो रिपोर्ट, उत्तर प्रदेश।
    user_अजीत मिश्रा (खोजी)
    अजीत मिश्रा (खोजी)
    बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • जब एक दूसरे को भेजोगे तो आपका ही बढ़ेगा
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    जब एक दूसरे को भेजोगे तो आपका ही बढ़ेगा
    user_Satyam
    Satyam
    Plumber Basti, Uttar Pradesh•
    7 hrs ago
  • बस्ती से हैरान करने वाली खबर: पत्नी से छुटकारा मिला तो पति ने 9 किमी तक दंडवत यात्रा की, बोला– अब शांति महसूस कर रहा हूं बस्ती जिले के सोनहा थाना क्षेत्र से एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने वैवाहिक कलह से परेशान होकर भगवान के दरबार में ऐसी मन्नत मान ली थी, जिसे पूरा करने में उसे अपनी पूरी ताकत झोंकनी पड़ी। क्या है पूरा मामला? भानपुर गांव के एक युवक की शादी करीब दो वर्ष पहले हुई थी। शुरुआत में सब ठीक रहा, लेकिन समय बीतने के साथ पति-पत्नी के बीच तकरार बढ़ती गई। युवक का कहना है कि वह लगातार मानसिक तनाव में था और रोज़मर्रा के झगड़ों से तंग आ चुका था। आख़िरकार उसने भानपुर से 9 किलोमीटर दूर स्थित मां बैड़वा समय माता के पौराणिक मंदिर में जाकर अरदास की— “हे माता, अगर मुझे इस रिश्ते के तनाव से छुटकारा मिल गया, तो मैं गांव से आपके दरबार तक दंडवत यात्रा करूंगा।” अदालत का फैसला और दंडवत यात्रा शुरू मन्नत के कुछ समय बाद ही दोनों के बीच तलाक का फैसला हो गया। फैसला आते ही युवक ने अपनी प्रतिज्ञा पूरी करने का संकल्प ले लिया। रविवार सुबह, बिना अन्न-जल ग्रहण किए, वह घर से निकला और दंडवत लेट-लेटकर 9 किलोमीटर लंबी यात्रा शुरू कर दी। यात्रा के दौरान उसके माता-पिता और गांव के कुछ लोग साथ चलते रहे। माहौल में धार्मिक रंग घुल गया— “जय श्री राम!”, “जय बजरंगबली!” के जयकारों से रास्ता गूंजता रहा। क्या बोले युवक? युवक का कहना है “दो सालों से मानसिक रूप से बहुत परेशान था। अब फैसला मेरे पक्ष में आया है। मन को शांति मिली है। माता ने मेरी सुन ली।” गांव में चर्चा का विषय पूरा मामला गांव में चर्चा का विषय बना हुआ है। कई लोग इसे आस्था से जोड़कर देख रहे हैं, तो कुछ इसे समाज में बढ़ती वैवाहिक कड़वाहट का उदाहरण बता रहे हैं।
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    बस्ती से हैरान करने वाली खबर: पत्नी से छुटकारा मिला तो पति ने 9 किमी तक दंडवत यात्रा की, बोला– अब शांति महसूस कर रहा हूं
बस्ती जिले के सोनहा थाना क्षेत्र से एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने वैवाहिक कलह से परेशान होकर भगवान के दरबार में ऐसी मन्नत मान ली थी, जिसे पूरा करने में उसे अपनी पूरी ताकत झोंकनी पड़ी।
क्या है पूरा मामला?
भानपुर गांव के एक युवक की शादी करीब दो वर्ष पहले हुई थी। शुरुआत में सब ठीक रहा, लेकिन समय बीतने के साथ पति-पत्नी के बीच तकरार बढ़ती गई। युवक का कहना है कि वह लगातार मानसिक तनाव में था और रोज़मर्रा के झगड़ों से तंग आ चुका था।
आख़िरकार उसने भानपुर से 9 किलोमीटर दूर स्थित मां बैड़वा समय माता के पौराणिक मंदिर में जाकर अरदास की—
“हे माता, अगर मुझे इस रिश्ते के तनाव से छुटकारा मिल गया, तो मैं गांव से आपके दरबार तक दंडवत यात्रा करूंगा।”
अदालत का फैसला और दंडवत यात्रा शुरू
मन्नत के कुछ समय बाद ही दोनों के बीच तलाक का फैसला हो गया। फैसला आते ही युवक ने अपनी प्रतिज्ञा पूरी करने का संकल्प ले लिया।
रविवार सुबह, बिना अन्न-जल ग्रहण किए, वह घर से निकला और दंडवत लेट-लेटकर 9 किलोमीटर लंबी यात्रा शुरू कर दी।
यात्रा के दौरान उसके माता-पिता और गांव के कुछ लोग साथ चलते रहे। माहौल में धार्मिक रंग घुल गया—
“जय श्री राम!”, “जय बजरंगबली!” के जयकारों से रास्ता गूंजता रहा।
क्या बोले युवक?
युवक का कहना है
“दो सालों से मानसिक रूप से बहुत परेशान था। अब फैसला मेरे पक्ष में आया है। मन को शांति मिली है। माता ने मेरी सुन ली।”
गांव में चर्चा का विषय
पूरा मामला गांव में चर्चा का विषय बना हुआ है। कई लोग इसे आस्था से जोड़कर देख रहे हैं, तो कुछ इसे समाज में बढ़ती वैवाहिक कड़वाहट का उदाहरण बता रहे हैं।
    user_सुमन
    सुमन
    Basti, Uttar Pradesh•
    23 hrs ago
  • ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता दलजीत नागवंशी अयोध्या। रामनगरी स्थित माधव सेवा सदन के पवित्र परिसर में अखिल भारतीय चाणक्य परिषद के तत्वावधान में विप्र बटुकों का निशुल्क सामूहिक यज्ञोपवीत (उपनयन) संस्कार भव्य रूप से संपन्न हुआ। चैत्र मास के पुण्य अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, अभिभावक एवं समाजसेवी उपस्थित रहे। वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के बीच दर्जनों बटुकों का उपनयन संस्कार सम्पन्न कराया गया। कार्यक्रम में परिषद के प्रदेशाध्यक्ष पंडित दिलीप राम त्रिपाठी मुख्य यजमान के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में वर्णित 16 संस्कारों में यज्ञोपवीत संस्कार का विशेष महत्व है। यह संस्कार बालक के जीवन में शिक्षा, अनुशासन और ब्रह्मचर्य की शुरुआत का प्रतीक होता है। समारोह के संरक्षक एवं माधव सेवा सदन के पीठाधिपति जगद्गुरु स्वामी रामानुजाचार्य जी महाराज के सानिध्य में पूरा कार्यक्रम संपन्न हुआ। उन्होंने बताया कि यज्ञोपवीत संस्कार के पश्चात बालक को वेद अध्ययन का अधिकार प्राप्त होता है तथा उसे संयमित जीवन, गुरु के सानिध्य में रहकर ज्ञानार्जन और नैतिक मूल्यों का पालन करने की प्रेरणा दी जाती है। कार्यक्रम का संचालन आचार्य वीरेन्द्र कुमार वैदिक के आचार्यत्व में हुआ, जिसमें आचार्य बृजेश कुमार पाण्डेय, आचार्य रवींद्र कुमार मिश्र, आचार्य नारायण जी महाराज, आचार्य दाशारथी, डॉ. श्याम नारायण मिश्र, आचार्य राधेश्याम मिश्र, आचार्य कृष्णानंद मिश्रा, पंडित जितेंद्र तिवारी सहित कई विद्वान आचार्यों ने वैदिक रीति से संस्कार सम्पन्न कराया। इस अवसर पर आचार्यों ने बटुकों को धर्म, आचार-विचार और संस्कारों की महत्ता से अवगत कराते हुए अनुशासित जीवन जीने तथा समाज व धर्म के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का संदेश दिया। कार्यक्रम में अखिल भारतीय चाणक्य परिषद के राष्ट्रीय संरक्षक पंडित रामानुज तिवारी, कार्यवाहक राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित धर्मदत्त पाठक, राष्ट्रीय महामंत्री आचार्य राधेश्याम शास्त्री, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष महंत क्षीरेश्वर दत्त मिश्र, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महंत ओमप्रकाश मिश्र, सदस्य जय प्रकाश तिवारी, वीरेंद्र कुमार पाठक सहित बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।समारोह में उपस्थित अभिभावकों ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का अवसर मिलता है। अंत में सभी बटुकों को आशीर्वाद देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
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    ब्रेकिंग न्यूज़
संवाददाता दलजीत नागवंशी
अयोध्या। रामनगरी स्थित माधव सेवा सदन के पवित्र परिसर में अखिल भारतीय चाणक्य परिषद के तत्वावधान में विप्र बटुकों का निशुल्क सामूहिक यज्ञोपवीत (उपनयन) संस्कार भव्य रूप से संपन्न हुआ। चैत्र मास के पुण्य अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, अभिभावक एवं समाजसेवी उपस्थित रहे। वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के बीच दर्जनों बटुकों का उपनयन संस्कार सम्पन्न कराया गया।
कार्यक्रम में परिषद के प्रदेशाध्यक्ष पंडित दिलीप राम त्रिपाठी मुख्य यजमान के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में वर्णित 16 संस्कारों में यज्ञोपवीत संस्कार का विशेष महत्व है। यह संस्कार बालक के जीवन में शिक्षा, अनुशासन और ब्रह्मचर्य की शुरुआत का प्रतीक होता है।
समारोह के संरक्षक एवं माधव सेवा सदन के पीठाधिपति जगद्गुरु स्वामी रामानुजाचार्य जी महाराज के सानिध्य में पूरा कार्यक्रम संपन्न हुआ। उन्होंने बताया कि यज्ञोपवीत संस्कार के पश्चात बालक को वेद अध्ययन का अधिकार प्राप्त होता है तथा उसे संयमित जीवन, गुरु के सानिध्य में रहकर ज्ञानार्जन और नैतिक मूल्यों का पालन करने की प्रेरणा दी जाती है।
कार्यक्रम का संचालन आचार्य  वीरेन्द्र कुमार वैदिक के आचार्यत्व में हुआ, जिसमें आचार्य बृजेश कुमार पाण्डेय, आचार्य रवींद्र कुमार मिश्र, आचार्य नारायण जी महाराज, आचार्य दाशारथी, डॉ. श्याम नारायण मिश्र, आचार्य राधेश्याम मिश्र, आचार्य कृष्णानंद मिश्रा, पंडित जितेंद्र तिवारी सहित कई विद्वान आचार्यों ने वैदिक रीति से संस्कार सम्पन्न कराया।
इस अवसर पर आचार्यों ने बटुकों को धर्म, आचार-विचार और संस्कारों की महत्ता से अवगत कराते हुए अनुशासित जीवन जीने तथा समाज व धर्म के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में अखिल भारतीय चाणक्य परिषद के राष्ट्रीय संरक्षक पंडित रामानुज तिवारी, कार्यवाहक राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित धर्मदत्त पाठक, राष्ट्रीय महामंत्री आचार्य राधेश्याम शास्त्री, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष महंत क्षीरेश्वर दत्त मिश्र, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महंत ओमप्रकाश मिश्र, सदस्य जय प्रकाश तिवारी, वीरेंद्र कुमार पाठक सहित बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।समारोह में उपस्थित अभिभावकों ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का अवसर मिलता है। अंत में सभी बटुकों को आशीर्वाद देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
    user_जिला संवाददाता दलजीत नागवंशी इ
    जिला संवाददाता दलजीत नागवंशी इ
    फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • दुर्जनपुर पश्चिमी जिला गोंडा का प्राथमिक विद्यालय की स्कूल का बाथरूम शौचालय बहुत गंदा है उसको सफा नहीं किया जा रहा है 4 सालों से हम पढ़ते थे फिर भी सफा नहीं होता था और बच्चों को बहुत दिक्कत हो रहा है इसकी कंप्लेंट 1076 पर कर दिया है इसको जल्द से जल्द साफ कराया जाए
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    दुर्जनपुर पश्चिमी जिला गोंडा का प्राथमिक विद्यालय की स्कूल का बाथरूम शौचालय बहुत गंदा है उसको सफा नहीं किया जा रहा है 4 सालों से हम पढ़ते थे फिर भी सफा नहीं होता था और बच्चों को बहुत दिक्कत हो रहा है इसकी कंप्लेंट 1076 पर कर दिया है इसको जल्द से जल्द साफ कराया जाए
    user_Vishal Bharti
    Vishal Bharti
    टिकरी•
    2 hrs ago
  • आप लोग जरुर देखना और शेयर करना सब्सक्राइब करना और जरूर लोगों के पास भेजना
    1
    आप लोग जरुर देखना और शेयर करना सब्सक्राइब करना और जरूर लोगों के पास भेजना
    user_Satyam
    Satyam
    Plumber Basti, Uttar Pradesh•
    22 hrs ago
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