खाकी पर हमला: जब कानून के रक्षकों को ही बना लिया गया निशाना अम्बेडकरनगर। उत्तर प्रदेश में पुलिस पर हमले की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला अम्बेडकर जिले के थाना अकबरपुर क्षेत्र के रतनपुर गांव का है, जहां जमीन विवाद सुलझाने पहुंची पुलिस टीम पर ही ग्रामीणों ने धावा बोल दिया। यह हमला न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली को चुनौती देता है, बल्कि समाज में कानून के प्रति घटते खौफ को भी उजागर करता है। घटना का विवरण: जानकारी के अनुसार, रतनपुर गांव में जमीन के विवाद की सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। पुलिस ने निष्पक्ष जांच के लिए एक पक्ष को फोन कर बुलाया। लेकिन, वह पक्ष शांति से बात करने के बजाय अपने साथ महिलाओं की एक टोली लेकर आया। जैसे ही पुलिस ने कार्रवाई शुरू की, महिलाओं ने उग्र रूप धारण कर लिया और पुलिसकर्मियों पर टूट पड़ीं। मर्यादा की सारी हदें पार: हैरानी की बात यह है कि महिलाओं ने पुलिस की वर्दी का सम्मान तक नहीं किया। सरेराह पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की गई, उनकी वर्दी फाड़ दी गई और सरकारी काम में जमकर बाधा डाली गई। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह कानून के रखवालों को बेबस करने की कोशिश की जा रही है। यह 'महिला कार्ड' खेलकर कानून से बचने की एक सोची-समझी साजिश प्रतीत होती है। पुलिस की कार्रवाई: इस अराजकता के बाद पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। हमले और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में 4 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। खोजी दृष्टिकोण (अजीत मिश्रा): क्या अब पुलिस का अपनी सुरक्षा करना ही सबसे बड़ी चुनौती बन गया है? जब रक्षक ही सुरक्षित नहीं होंगे, तो आम जनता की सुरक्षा कौन करेगा? महिलाओं को ढाल बनाकर पुलिस पर हमला करना एक खतरनाक चलन बनता जा रहा है। ऐसे तत्वों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए जो एक मिसाल बने, ताकि भविष्य में कोई भी वर्दी पर हाथ डालने की जुर्रत न कर सके। रिपोर्ट: अजीत मिश्रा (खोजी) ब्यूरो रिपोर्ट, उत्तर प्रदेश।
खाकी पर हमला: जब कानून के रक्षकों को ही बना लिया गया निशाना अम्बेडकरनगर। उत्तर प्रदेश में पुलिस पर हमले की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला अम्बेडकर जिले के थाना अकबरपुर क्षेत्र के रतनपुर गांव का है, जहां जमीन विवाद सुलझाने पहुंची पुलिस टीम पर ही ग्रामीणों ने धावा बोल दिया। यह हमला न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली को चुनौती देता है, बल्कि समाज में कानून के प्रति घटते खौफ को भी उजागर करता है। घटना का विवरण: जानकारी के अनुसार, रतनपुर गांव में जमीन के विवाद की सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। पुलिस ने निष्पक्ष जांच के लिए एक पक्ष को फोन कर बुलाया। लेकिन, वह पक्ष शांति से बात करने के बजाय अपने साथ महिलाओं की एक टोली लेकर आया। जैसे ही पुलिस ने कार्रवाई शुरू की, महिलाओं ने उग्र रूप धारण कर लिया और पुलिसकर्मियों पर टूट पड़ीं। मर्यादा की सारी हदें पार: हैरानी की बात यह है कि महिलाओं ने पुलिस की वर्दी का सम्मान तक नहीं किया। सरेराह पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की गई, उनकी वर्दी फाड़ दी गई और सरकारी काम में जमकर बाधा डाली गई। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह कानून के रखवालों को बेबस करने की कोशिश की जा रही है। यह 'महिला कार्ड' खेलकर कानून से बचने की एक सोची-समझी साजिश प्रतीत होती है। पुलिस की कार्रवाई: इस अराजकता के बाद पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। हमले और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में 4 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। खोजी दृष्टिकोण (अजीत मिश्रा): क्या अब पुलिस का अपनी सुरक्षा करना ही सबसे बड़ी चुनौती बन गया है? जब रक्षक ही सुरक्षित नहीं होंगे, तो आम जनता की सुरक्षा कौन करेगा? महिलाओं को ढाल बनाकर पुलिस पर हमला करना एक खतरनाक चलन बनता जा रहा है। ऐसे तत्वों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए जो एक मिसाल बने, ताकि भविष्य में कोई भी वर्दी पर हाथ डालने की जुर्रत न कर सके। रिपोर्ट: अजीत मिश्रा (खोजी) ब्यूरो रिपोर्ट, उत्तर प्रदेश।
- अम्बेडकरनगर। उत्तर प्रदेश में पुलिस पर हमले की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला अम्बेडकर जिले के थाना अकबरपुर क्षेत्र के रतनपुर गांव का है, जहां जमीन विवाद सुलझाने पहुंची पुलिस टीम पर ही ग्रामीणों ने धावा बोल दिया। यह हमला न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली को चुनौती देता है, बल्कि समाज में कानून के प्रति घटते खौफ को भी उजागर करता है। घटना का विवरण: जानकारी के अनुसार, रतनपुर गांव में जमीन के विवाद की सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। पुलिस ने निष्पक्ष जांच के लिए एक पक्ष को फोन कर बुलाया। लेकिन, वह पक्ष शांति से बात करने के बजाय अपने साथ महिलाओं की एक टोली लेकर आया। जैसे ही पुलिस ने कार्रवाई शुरू की, महिलाओं ने उग्र रूप धारण कर लिया और पुलिसकर्मियों पर टूट पड़ीं। मर्यादा की सारी हदें पार: हैरानी की बात यह है कि महिलाओं ने पुलिस की वर्दी का सम्मान तक नहीं किया। सरेराह पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की गई, उनकी वर्दी फाड़ दी गई और सरकारी काम में जमकर बाधा डाली गई। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह कानून के रखवालों को बेबस करने की कोशिश की जा रही है। यह 'महिला कार्ड' खेलकर कानून से बचने की एक सोची-समझी साजिश प्रतीत होती है। पुलिस की कार्रवाई: इस अराजकता के बाद पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। हमले और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में 4 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। खोजी दृष्टिकोण (अजीत मिश्रा): क्या अब पुलिस का अपनी सुरक्षा करना ही सबसे बड़ी चुनौती बन गया है? जब रक्षक ही सुरक्षित नहीं होंगे, तो आम जनता की सुरक्षा कौन करेगा? महिलाओं को ढाल बनाकर पुलिस पर हमला करना एक खतरनाक चलन बनता जा रहा है। ऐसे तत्वों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए जो एक मिसाल बने, ताकि भविष्य में कोई भी वर्दी पर हाथ डालने की जुर्रत न कर सके। रिपोर्ट: अजीत मिश्रा (खोजी) ब्यूरो रिपोर्ट, उत्तर प्रदेश।1
- जब एक दूसरे को भेजोगे तो आपका ही बढ़ेगा1
- Post by Dinesh yadav1
- ग्राम शिवराजपुर हर्रैया बस्ती कुसमोर घाट के निकट हो रही गौ रक्षा महायज्ञ में आप सभी लोगों के सहयोग की आशा करते हैं - मनोरमा धर्मार्थ गौ सेवा ट्रस्ट (परिवार) आपके सहयोग से संपूर्ण भारत की गौ माताओं को सुरक्षित करने का वचन देता है ।1
- संतकबीरनगर । उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित “मिशन शक्ति फेज-5.0” अभियान के अंतर्गत महुली थाना पुलिस द्वारा महिला सशक्तिकरण एवं सुरक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीणा के निर्देशन में संपन्न हुआ। थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश पाण्डेय के नेतृत्व में ग्राम लुतुही में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उपनिरीक्षक नागेन्द्र पाण्डेय एवं महिला हेड कांस्टेबल पुष्पा यादव ने महिलाओं एवं बालिकाओं को विभिन्न योजनाओं और सुरक्षा उपायों की जानकारी दी। कार्यक्रम में प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, रानी लक्ष्मीबाई बाल एवं महिला सम्मान कोष, नारी शक्ति वंदन अधिनियम, निराश्रित महिला पेंशन योजना तथा मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया गया। साथ ही उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। पुलिस टीम ने महिलाओं को विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों जैसे वूमेन पावर लाइन-1090, पुलिस आपातकालीन सेवा-112, एम्बुलेंस सेवा-108, चाइल्ड लाइन-1098, स्वास्थ्य सेवा-102, महिला हेल्पलाइन-181, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 तथा साइबर हेल्पलाइन-1930 की जानकारी देते हुए इनके उपयोग के बारे में समझाया। इसके अलावा कार्यक्रम के दौरान गुड टच-बैड टच, घरेलू हिंसा एवं साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में भी जागरूक किया गया तथा पम्पलेट वितरित किए गए। एंटी रोमियो अभियान के तहत कार्रवाई अभियान के अंतर्गत थाना क्षेत्र में 04 स्थानों पर चेकिंग की गई, जिसमें 69 व्यक्तियों से पूछताछ की गई। इनमें से 04 व्यक्तियों से माफीनामा भरवाया गया, जबकि 65 व्यक्तियों को कड़ी चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। पुलिस द्वारा चलाया गया यह जागरूकता अभियान महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा और आत्मविश्वास बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।1
- (ब्यूरो संतकबीरनगर) महुली। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित मिशन शक्ति फेज-5.0” के अंतर्गत पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीणा के निर्देशन में महिला सशक्तिकरण, एंटी रोमियो अभियान तथा महिलाओं/बालिकाओं की सुरक्षा एवं जागरूकता के संबंध में दिए गए निर्देशों के क्रम में थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश पाण्डेय के नेतृत्व में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। दिनांक 01.04.2026 को उ0नि0 नागेन्द्र पाण्डेय, म0हे0का0 पुष्पा यादव द्वारा थाना महुली के ग्राम लुतुही में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर बालिकाओं एवं महिलाओं को मिशन शक्ति फेज-5.0 के तहत जागरूक किया गया तथा साइबर सुरक्षा एवं विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों के बारे में जानकारी दी गयी। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं व बालिकाओं को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, रानी लक्ष्मीबाई बाल एवं महिला सम्मान कोष, नारी शक्ति वंदन अधिनियम, निराश्रित महिला पेंशन योजना तथा मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना आदि के बारे में जानकारी देते हुए उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही महिलाओं एवं बालिकाओं को विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों जैसे वूमेन पावर लाइन-1090, पुलिस आपातकालीन सेवा-112, एम्बुलेंस सेवा-108, चाइल्ड लाइन-1098, स्वास्थ्य सेवा-102, महिला हेल्पलाइन-181, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 तथा साइबर हेल्पलाइन-1930 के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान गुड टच-बैड टच, घरेलू हिंसा तथा साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में भी जागरूक किया गया तथा पम्पलेट वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त एंटी रोमियो अभियान के अंतर्गत 04 स्थानों पर चेकिंग कर 69 व्यक्तियों से पूछताछ की गई, जिनमें से 04 व्यक्तियों से माफीनामा भरवाया गया तथा 65 व्यक्तियों को कड़ी चेतावनी देकर छोड़ा गया।1
- मित्रों, सोकर उठ गए हैं तो आइए आज के दिन का प्रारंभ करते हैं! प्रभु आप की जय हो✍️1
- मेरे बड़े भांजे आदर्श निषाद को जन्मदिन की हार्दिक शुभकमनाएं 🎂🎂🎁🎉1