गढ़ी पड़रिया में श्रीमद्भागवत कथा: आज होगा सुदामा चरित्र का भावपूर्ण वर्णन गढ़ी पड़रिया में श्रीमद्भागवत कथा: आज होगा सुदामा चरित्र का भावपूर्ण वर्णन गढ़ी पड़रिया में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा में आज सुदामा चरित्र का पावन प्रसंग सुनाया जाएगा। इस प्रसंग को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और श्रद्धा का वातावरण बना हुआ है। कथा व्यास पं. जगदीश प्रसाद त्रिपाठी जी अपने मधुर एवं भावपूर्ण शैली में भगवान श्रीकृष्ण और उनके परम मित्र सुदामा के अद्भुत प्रेम, सच्ची मित्रता और भक्ति का मार्मिक वर्णन करेंगे। सुदामा चरित्र को श्रीमद्भागवत का अत्यंत भावुक और प्रेरणादायक प्रसंग माना जाता है, जो सच्चे मित्रत्व, त्याग और निस्वार्थ प्रेम का संदेश देता है। कथा स्थल पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और भक्ति भाव से कथा का श्रवण कर रहे हैं। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस दिव्य प्रसंग का लाभ लेने की अपील की है।
गढ़ी पड़रिया में श्रीमद्भागवत कथा: आज होगा सुदामा चरित्र का भावपूर्ण वर्णन गढ़ी पड़रिया में श्रीमद्भागवत कथा: आज होगा सुदामा चरित्र का भावपूर्ण वर्णन गढ़ी पड़रिया में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा में आज सुदामा चरित्र का पावन प्रसंग सुनाया जाएगा। इस प्रसंग को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और श्रद्धा का वातावरण बना हुआ है। कथा व्यास पं. जगदीश प्रसाद त्रिपाठी जी अपने मधुर एवं भावपूर्ण शैली में भगवान श्रीकृष्ण और उनके परम मित्र सुदामा के अद्भुत प्रेम, सच्ची मित्रता और भक्ति का मार्मिक वर्णन करेंगे। सुदामा चरित्र को श्रीमद्भागवत का अत्यंत भावुक और प्रेरणादायक प्रसंग माना जाता है, जो सच्चे मित्रत्व, त्याग और निस्वार्थ प्रेम का संदेश देता है। कथा स्थल पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और भक्ति भाव से कथा का श्रवण कर रहे हैं। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस दिव्य प्रसंग का लाभ लेने की अपील की है।
- गढ़ीपड़रिया में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान रुक्मिणी विवाह का भावविभोर कर देने वाला प्रसंग गढ़ीपड़रिया में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के दौरान रुक्मिणी विवाह का पावन प्रसंग श्रद्धालुओं के लिए भावनाओं से भरा अविस्मरणीय क्षण बन गया। जैसे ही रुक्मिणी जी और भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य विवाह का वर्णन प्रारंभ हुआ, पूरा कथा पंडाल भक्ति रस में सराबोर हो गया और उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथा स्थल पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जो श्रद्धा और भक्ति भाव से कथा का श्रवण कर रहे हैं। कथा व्यास पं. जगदीश प्रसाद त्रिपाठी ने अपनी मधुर वाणी और भावपूर्ण शैली में रुक्मिणी जी की अटूट भक्ति, प्रेम और भगवान श्रीकृष्ण के प्रति समर्पण का अत्यंत सुंदर वर्णन किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार रुक्मिणी जी ने दृढ़ विश्वास और अटूट श्रद्धा के साथ भगवान श्रीकृष्ण को पति रूप में प्राप्त किया। भगवान श्रीकृष्ण द्वारा रुक्मिणी हरण और विवाह का प्रसंग सुनते ही पूरा पंडाल “जय श्रीकृष्ण” के जयघोष से गूंज उठा। भजन-कीर्तन के बीच श्रद्धालु झूमते नजर आए, वहीं कई भक्तों की आंखें भावुक होकर नम हो गईं। कथा श्रोता रामभागत विश्वकर्मा सहित समस्त श्रद्धालु इस दिव्य प्रसंग का रसपान कर भक्ति में लीन नजर आए। रुक्मिणी विवाह का यह प्रसंग श्रद्धा, प्रेम और अटूट विश्वास का संदेश देता है, जिसने सभी के हृदय को गहराई से स्पर्श किया।4
- मध्य प्रदेश शिक्षण संस्थान के द्वारा कक्षा 10 कक्षा 12 का रिजल्ट घोषित किया गया जिसमें पन्ना जिले के होनहार छात्रों के द्वारा टॉप 10 में अपनी जगह बनाई जिसमें पन्ना जिले की गुनौर तहसील अंतर्गत ग्राम बेली हिनौती की बेटी प्रतिभा सिंह सोलंकी ने मध्य प्रदेश में पहला स्थान हासिल कर मध्य प्रदेश जिला पन्ना एवं अपनी तहसील का नाम रोशन करते हुए अलग-अलग छात्राओं के द्वारा अपनी प्रतिभाओं को निखारने का काम किया इसी क्रम में पन्ना जिले के इन सभी छात्र-छात्राओं को लगातार जनप्रतिनिधियों समाजसेवियों अधिकारियों के द्वारा फोन के माध्यम से एवं निवास में पहुंचकर बधाइयां मिल रही थी इसी को लेकर नगर परिषद गुनौर के द्वारा आज दिनांक नगर परिषद परिसर में प्रतिभा सम्मान समारोह कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं खजुराहो सांसद श्री विष्णु दत्त शर्मा जी रहे एवं विशिष्ट अतिथि जिला अध्यक्ष बृजेंद्र मिश्रा और अन्य भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी रहे कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विष्णु दत्त शर्मा के द्वारा प्रतिभावान छात्रों के विषय में छात्र-छात्राओं का मनोबल एवं आगे बढ़ाने को लेकर मंत्र दिए इसी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विष्णु शर्मा एवं अन्य पदाधिकारी के द्वारा मध्य प्रदेश में कक्षा 10वी में 500 में से 499 अंक अर्जित कर पहला स्थान प्राप्त करने वाली बेटी को लैपटॉप सील्ड साल प्रदान करते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की1
- आओ हीरा नगरी पन्ना दिखाएँ | पन्ना का गौरवशाली दर्शन1
- वीडियो देखकर आपको आशीष चंचलक हो जाएंगे क्योंकि इस वीडियो में देखे रोमांचक करना वीडियो शेयर कैसे शिकार करता है अपने खाने के लिए1
- टाइगर ने कैसे किया हीरोइन का शिकार अपना भोजन पानी के लिए हिरण का किया शिकार लेकिन इस तरीके से भोजन करती नजर आ रहा बानराज टाइगर को यदि भोजन के लिए करना होता है तो वह ज्यादातर हिरण का शिकार करते हैं पूरे जंगल में कहीं ना कहीं आपको हिरण और अधिक संख्या में नजर आएंगे अगर कहीं पर टाइगर आ जाता है तो उनको देखकर रफ्तार पकड़ लेते हैं हिरण लेकिन दौड़ने के बाद भी शेर का शिकार हो जाती है ऐसा ही कुछ इस वीडियो में दिख रहा है कि टाइगर ने शिकार कर लिया है1
- अमानगंज सिमरिया रोड की हालत खराब jk सीमेंट के बड़े-बड़े ट्रक ट्रेला उड़ा रहे धूल ओर क्षेत्र में फेल रहा बहुत सारा प्रदूषण आम लोगों को आने-जाने में होती है बड़ी कठिनाई1
- Post by Neeraj Ravi1
- आधी रात गूंजा “जय कन्हैया लाल की” — गढ़ी पड़रिया में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर उमड़ी आस्था की भीड़ ककरहटी: ग्राम गढ़ीपड़रिया में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा इन दिनों पूरे क्षेत्र में भक्ति और श्रद्धा का केंद्र बनी हुई है। कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव अत्यंत धूमधाम, हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा स्थल पर पहुंचे और कार्यक्रम में भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया। कथा के दौरान जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण जन्म का प्रसंग आया, पूरा पंडाल “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालु भक्ति में सराबोर होकर झूम उठे और पूरा वातावरण कृष्णमय हो गया। मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रतीकात्मक आयोजन किया गया, जिसमें बाल गोपाल को आकर्षक रूप से सजे झूले में विराजमान किया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने बारी-बारी से झूला झुलाकर पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया। कथा स्थल को फूलों, रंग-बिरंगी रोशनी एवं आकर्षक सजावट से भव्य रूप दिया गया था, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना रहा। कार्यक्रम में महिला, पुरुष एवं बच्चों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और सभी ने पूरे श्रद्धाभाव से आयोजन में सहभागिता निभाई। इस अवसर पर कथा श्रोता सेवानिवृत्त शिक्षक रामभगत विश्वकर्मा, श्रीमती मेंदा बाई विश्वकर्मा एवं समस्त परिवार की विशेष उपस्थिति रही, जिनका आयोजन में महत्वपूर्ण योगदान रहा। कथा का वाचन कथा व्यास पं. श्री जगदीश प्रसाद त्रिपाठी जी द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने श्रीकृष्ण जन्म के महत्व का वर्णन करते हुए बताया कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान अवतार लेकर धर्म की स्थापना करते हैं और भक्तों का कल्याण करते हैं। कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया। यह भव्य धार्मिक आयोजन न केवल गढ़ी पड़रिया, बल्कि पूरे क्षेत्र में आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।4