गोटेगांव में किराना व्यापारी से मारपीट पर व्यापारियों में आक्रोश राजश्री गुटखा के लेन-देन को लेकर 9 मार्च को हुई थी झड़प, व्यापारियों ने थाने में सौंपा ज्ञापन गोटेगांव। 9 मार्च को गोटेगांव में राजश्री गुटखा के लेन-देन को लेकर किराना दुकान पर विवाद हो गया था। जानकारी के अनुसार किराना व्यापारी राकेश कुमार नेमखेड़ा की दुकान में कुछ लोगों के साथ कहासुनी के बाद झड़प हो गई, जो बाद में मारपीट में बदल गई। घटना के विरोध में व्यापारी संघ गोटेगांव के पदाधिकारी और व्यापारी बड़ी संख्या में थाना गोटेगांव पहुंचे और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने कहा कि यदि आरोपियों पर शीघ्र कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो व्यापारी संघ गोटेगांव अनिश्चितकालीन बाजार बंद करने के लिए बाध्य होगा। ऐसी स्थिति में होने वाली किसी भी घटना या दुर्घटना की संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। क्या बोले एसडीओपी मनीष त्रिपाठी: एसडीओपी मनीष त्रिपाठी ने कहा कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। पुलिस द्वारा घटना की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
गोटेगांव में किराना व्यापारी से मारपीट पर व्यापारियों में आक्रोश राजश्री गुटखा के लेन-देन को लेकर 9 मार्च को हुई थी झड़प, व्यापारियों ने थाने में सौंपा ज्ञापन गोटेगांव। 9 मार्च को गोटेगांव में राजश्री गुटखा के लेन-देन को लेकर किराना दुकान पर विवाद हो गया था। जानकारी के अनुसार किराना व्यापारी राकेश कुमार नेमखेड़ा की दुकान में कुछ लोगों के साथ
कहासुनी के बाद झड़प हो गई, जो बाद में मारपीट में बदल गई। घटना के विरोध में व्यापारी संघ गोटेगांव के पदाधिकारी और व्यापारी बड़ी संख्या में थाना गोटेगांव पहुंचे और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने कहा कि यदि आरोपियों पर शीघ्र कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो व्यापारी संघ गोटेगांव
अनिश्चितकालीन बाजार बंद करने के लिए बाध्य होगा। ऐसी स्थिति में होने वाली किसी भी घटना या दुर्घटना की संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। क्या बोले एसडीओपी मनीष त्रिपाठी: एसडीओपी मनीष त्रिपाठी ने कहा कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। पुलिस द्वारा घटना की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- 9 मार्च को गोटेगांव में राजश्री गुटखा के लेन-देन को लेकर किराना दुकान पर विवाद हो गया था। जानकारी के अनुसार किराना व्यापारी राकेश कुमार नेमखेड़ा की दुकान में कुछ लोगों के साथ कहासुनी के बाद झड़प हो गई, जो बाद में मारपीट में बदल गई। घटना के विरोध में व्यापारी संघ गोटेगांव के पदाधिकारी और व्यापारी बड़ी संख्या में थाना गोटेगांव पहुंचे और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने कहा कि यदि आरोपियों पर शीघ्र कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो व्यापारी संघ गोटेगांव अनिश्चितकालीन बाजार बंद करने के लिए बाध्य होगा। ऐसी स्थिति में होने वाली किसी भी घटना या दुर्घटना की संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। क्या बोले एसडीओपी मनीष त्रिपाठी: एसडीओपी मनीष त्रिपाठी ने कहा कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। पुलिस द्वारा घटना की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।3
- गोटेगांव के कुम्हड़ाखेड़ा में स्थित अक्षय किराना भंडार पर चार युवकों द्वारा कथित रूप से गुंडागर्दी, मारपीट और तोड़फोड़ की घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार, दुकान संचालक राकेश नेमा की छोटी किराना दुकान पर चार युवक पहुंचे और राजश्री लेने के बाद जब राकेश नेमा ने उनसे पैसे मांगे तो वे भड़क गए। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने गुस्से में आकर दुकान के अंदर घुसकर राकेश नेमा के साथ जमकर मारपीट की और दुकान में तोड़फोड़ भी की। इस घटना से क्षेत्र में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसे किसी राहगीर ने अपने मोबाइल से रिकॉर्ड कर लिया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि कुछ युवक दुकान संचालक के साथ बेरहमी से मारपीट कर रहे हैं। पीड़ित राकेश नेमा, जो कुम्हराखेड़ा में अक्षय किराना भंडार के नाम से किराना दुकान संचालित करते हैं, उन्होंने इस मामले में गोटेगांव थाने में नामजद एफआईआर दर्ज कराई है। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। गोटेगांव पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।1
- मॉडिफाइड साइलेंसरों के खिलाफ यातायात पुलिस की बड़ी कार्यवाही नरसिंहपुर। शहर की सड़कों पर कानफोड़ू आवाज और पटाखों जैसे शोर मचाने वाले मॉडिफाइड साइलेंसरों के खिलाफ नरसिंहपुर यातायात पुलिस ने मोर्चा खोल दिया है। पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीणा के सख्त निर्देशन में चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत पिछले तीन दिनों में तीन बुलेट मोटरसाइकिलों पर कार्यवाही की गई है।1
- Post by पंकज गुप्ता "पत्रकार"1
- नरसिंहपुर जिले के राकई बसेड़िया गांव से लगे एक खेत में मंगलवार देर रात एक महिला की हत्या का मामला सामने आया है। मृतिका की पहचान वंदना ठाकुर लगभग 25 वर्ष के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वंदना अपने पति पुष्पेंद्र के साथ मजदूरी करती थी और दोनों राकई खेत में स्थित रिजवान के खेत में रह रहे थे। अज्ञात व्यक्ति ने महिला के सिर और मुंह पर वार कर उसकी हत्या कर दी।बुधवार करेली थाना प्रभारी रतनाकार हिंगवे ने घटना की जानकारी दी और बताया कि फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और हत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है।1
- दोहरी हत्या की सूचना पर पुलिस अधीक्षक, डॉ. ऋषिकेश मीना तत्काल पहुंचे मौके पर। जान-पहचान वाले एवं मुख्य संदेहियों की तैयार की गई सूची। अज्ञात आरोपियों की पतासाजी में पुलिस डॉग (MASS) की रही मुख्य भूमिका। खून से लथपथ अधजले कपड़ों से हुई मुख्य आरोपी की पहचान। पुत्र की शादी के लिए पैसों व जेवरात देने से मना करने पर की गई हत्या। मृतिका का भाई निकला हत्यारा। घटना को अंजाम देने वाले 6 आरोपी पुलिस गिरफ्त में। दिनांक 09.03.2026 की सुबह एक बच्ची द्वारा एक शव पड़ा हुआ देखा गया, जिसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। सूचना प्राप्त होते ही पुलिस अधीक्षक, डॉ. ऋषिकेश मीना अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ मौके पर पहुँचे। उनके साथ एफएसएल, फिंगर प्रिंट एवं डॉग स्क्वाड की टीम भी घटनास्थल पर पहुँची। मौके पर पहुँचकर पुलिस द्वारा घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया तथा आवश्यक वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन की कार्यवाही की गई। आवश्यक कार्यवाही उपरांत घटनास्थल को सुरक्षित रखते हुए संरक्षित किया गया। दोनों मृतकों के शवों एवं घटनास्थल का परीक्षण करने पर प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि मृतक छुटई चौधरी एवं श्रीमती केरा बाई की हत्या लूट की नीयत से की गई है। घटनास्थल की परिस्थितियों एवं साक्ष्यों के आधार पर यह भी प्रतीत हुआ कि आरोपियों द्वारा दोनों की हत्या इसलिए की गई, क्योंकि मृतक संभवतः हत्यारों को पहचानते थे। *क्रिकेट के फाइनल मैच के दौरान दिया घटना को अंजाम:* आरोपियों द्वारा घटना को अंजाम देने के लिए बड़ी चालाकी के साथ उस समय का चयन किया गया, जब क्षेत्र में क्रिकेट का फाइनल मैच चल रहा था। मैच के कारण अधिकांश लोग अपने घरों में या टीवी पर मैच देखने में व्यस्त थे, जिससे आसपास की गतिविधियों पर लोगों का ध्यान कम था। इसका फायदा उठाते हुए आरोपियों ने सुनसान समय का लाभ लेकर घटना को अंजाम दिया, ताकि किसी को उन पर संदेह न हो और वे आसानी से मौके से फरार हो सकें। *अज्ञात आरोपियों की पहचान हेतु घटना स्थल की गहन जांच :* घटना को अंजाम देने वाले अज्ञात आरोपियों की पतासाजी हेतु घटना स्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन हेतु एफएसएल, फिंगर प्रिंट विशेषज्ञ एवं डॉग स्क्वाड की टीम द्वारा सूक्ष्म निरीक्षण कर आवश्यक वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए गए। *जान-पहचान वाले एवं मुख्य संदेहियों की तैयार की गई सूची :* अज्ञात आरोपियों की पतसाजी हेतु पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश् मीना द्वारा अति. पुलिस अधीक्षक, श्री संदीप भूरिया के मार्गदर्शन में एवं एसडीओपी, गाडरवारा श्री ललित डांगुर के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया एवं घटना के संबंध में मृतकों के परिजनों, पड़ोसियों एवं परिचित व्यक्तियों से विस्तृत पूछताछ करायी गई। पूछताछ के दौरान प्राप्त जानकारी के आधार पर मृतकों के जान-पहचान वाले व्यक्तियों तथा संभावित संदेहियों की सूची तैयार की गई। तैयार की गई सूची के आधार पर पुलिस टीम द्वारा संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ कर उनकी गतिविधियों की जांच की गयी। *अज्ञात आरोपियों की पतासाजी में पुलिस डॉग (MASS) की रही मुख्य भूमिका :* अज्ञात हत्यारों की पतासाजी हेतु पुलिस द्वारा घटनास्थल एवं उसके आसपास के क्षेत्रों में पुलिस डॉग (MASS) की सहायता से लगातार सघन सर्चिंग की गई। सर्चिंग के दौरान पुलिस डॉग बार-बार एक ही स्थान पर जाकर रुक रहा था, जिससे उस स्थान को संदेह के आधार पर चिन्हित कर पुलिस द्वारा बारीकी से जांच की गई। *खून से लथपथ अधजले कपड़ों से हुई आरोपी की पहचान :* सर्चिंग के दौरान पुलिस डॉग जिस स्थान पर बार-बार रुक रहा था, वह स्थान हल्के चौधरी (मृतिका का भाई) के घर के पास पाया गया। संदेह के आधार पर पुलिस टीम द्वारा उसके घर एवं आसपास के क्षेत्र की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उसके आंगन में खून से लथपथ अधजले कपड़े पाए गए, जिन्हें विधिवत जप्त किया गया। उक्त परिस्थितियों के आधार पर हल्के चौधरी पर हत्या किए जाने का संदेह होने पर उसके संबंध में जानकारी एकत्र कर पूछताछ की गई। जांच में यह तथ्य सामने आया कि वह अपने अन्य साथियों के साथ जिला कटनी की ओर चला गया है। उक्त संदेहियों के कटनी की ओर जाने की सूचना मिलते ही थाना गोटेगांव पुलिस की टीम को उनकी तलाश एवं पतासाजी हेतु रवाना किया गया जिसके परिणामस्वरूप संदेही हल्के चौधरी, गुड्डू उर्फ कलिराम चौधरी तथा गुड्डू की पत्नी रीना को जिला कटनी के थाना स्लीमनाबाद पुलिस टीम की सहायता से अभिरक्षा में लिया गया। *मृतिका का भाई निकला हत्यारा :* घटना के मुख्य आरोपी हल्के चौधरी को अभिरक्षा में लेने के उपरांत उससे गहनता से पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान आरोपी द्वारा अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर अपने जीजा छुटई चौधरी एवं बहन श्रीमती केरा बाई की हत्या करना स्वीकार किया गया। *पुत्र की शादी के लिए पैसों व जेवरात देने से मना करने पर की गई हत्या :* पूछताछ के दौरान आरोपी हल्के चौधरी द्वारा बताया गया कि मृतकों एवं उसके बीच पूर्व से पारिवारिक विवाद चल रहा था। आरोपी ने बताया कि उसके पुत्र की शादी होना थी, जिसके लिए उसने अपने जीजा छुटई चौधरी एवं बहन श्रीमती केरा बाई से जेवरात एवं पैसों की मांग की थी। मृतकों द्वारा पैसे एवं जेवरात देने से मना करने पर उनके बीच विवाद हो गया। इसी बात से आक्रोशित होकर आरोपी ने आवेश में आकर अपने साथियों के साथ मिलकर दोनों की धारदार हथियार से हत्या कर दी। *गिरफ्तार आरोपी :* हल्के भैया चौधरी, धर्मेंद्र चौधरी, इलायची बाई चौधरी, गुड्डू उर्फ़ कालीराम चौधरी, रीना चौधरी सभी निवासी ग्राम बम्होरी, थाना सांईखेडा एवं बड्डू उर्फ़ भुवन चौधरी निवासी ग्राम सूखाखैरी, थाना चीचली। *जप्ती :* 1 चांदी का हाफ कड़ोरा, 02 जोड़ी चांदी की पायल, 04 नग पैर के लच्छे, 1 चांदी की चैन, 01 चांदी का मंगल सूत्र, 01 चांदी का ब्रासलेट, 01 चांदी की अंगूठी एवं हत्या में प्रयुक्त चाकू एवं हसिया। *वैधानिक कार्यवाही :* उक्त सभी आरोपियों के विरूद्ध के धारा 103 (1) बीएनएस तहत प्रकरण पंजीवद्ध किया गया है। *आरोपियों की पतासाजी एवं गिरफ्तारी में इनकी रही मुख्य भूमिका :* हत्या की घटना को अंजाम देने वाले अज्ञात आरेपियों की पतासाजी एवं गिरफ्तारी में थाना प्रभारी, साईंखेड़ा, निरीक्षक रोहित काकोडीया, थाना प्रभारी गाड़रवारा, निरीक्षक अशोक सिंह चौहान, उनि प्रकाश पाठक, वर्षा धाकड, अमित गोटिया, अंकित रावत, सउनि सतीश राजपूत, दसरथ पटेल, शिशुपाल चौधरी, प्रधान आरक्षक रामगोपाल राजपूत, आरक्षक दिनेश पटेल, सुदीप ठाकुर, दीपक ठाकुर, शिवकुमार पटेल, उमेश वर्मा, भगवान सिंह, हेमंत मेहरा, आदर्श पाठक, रुचि तिवारी, हेमलता मेहरा, नीशू पटेल, बालकिशन रघुवशी, शिवम पटेल, दीपक राजपूत, नेत्राम विश्वकर्मा, विक्रम सिंह की सराहनीय भूमिका रही है।2
- Post by Satish Vishwakarma2
- * दोहरी हत्या की सूचना पर पुलिस अधीक्षक, डॉ. ऋषिकेश मीना तत्काल पहुंचे मौके पर ।* * जान-पहचान वाले एवं मुख्य संदेहियों की तैयार की गई सूची। * * अज्ञात आरोपियों की पतासाजी में पुलिस डॉग (MASS) की रही मुख्य भूमिका।* * खून से लथपथ अधजले कपड़ों से हुई मुख्य आरोपी की पहचान। * * पुत्र की शादी के लिए पैसों व जेवरात देने से मना करने पर की गई हत्या।* * मृतिका का भाई निकला हत्यारा।* * घटना को अंजाम देने वाले 6 आरोपी पुलिस गिरफ्त में।*2