फतेहपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सराय खालिश में प्रसव के बाद एक नवजात की मौत हो जाने पर रविवार देर शाम को जमकर हंगामा हुआ। आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में प्रदर्शन करते हुए एएनएम और एक निजी दाई पर प्रसव के नाम पर अवैध रूप से रुपये वसूलने, इलाज में घोर लापरवाही बरतने और बच्चे को जिला अस्पताल रेफर करने में जानबूझकर देरी करने का आरोप लगाया है। इस घटना से गुस्साए परिजनों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से शिकायत करने के साथ ही संबंधित थाने में दोनों के खिलाफ लिखित तहरीर देकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। घटनाक्रम के अनुसार, नगर पंचायत असोथर के प्रताप नगर झाल निवासी अर्पित अपनी 25 वर्षीय पत्नी संयोगिता को रविवार सुबह प्रसव पीड़ा होने पर सीएचसी सराय खालिश लेकर आए थे। दोपहर करीब दो बजे प्रसव हुआ, लेकिन कुछ ही देर बाद नवजात की हालत बिगड़ने लगी। मृतक बच्चे के पिता अर्पित का आरोप है कि एएनएम मोनिका सिंह ने प्रसव कराने के नाम पर ₹2,100 और एक निजी दाई ने ₹1,100 की मांग की थी। आर्थिक तंगी की वजह से तुरंत पूरी रकम न दे पाने के कारण बच्चे के इलाज और प्रसव में लापरवाही बरती गई और उसे समय रहते उचित उपचार नहीं दिया गया। शाम करीब चार बजे बच्चे को जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अर्पित ने दावा किया है कि उनके पास रिश्वत मांगने का वीडियो भी मौजूद है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वहीं, आरोपी एएनएम मोनिका सिंह ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि प्रसव बिल्कुल सामान्य और सुरक्षित हुआ था, और बच्चे की हालत बिगड़ने पर उसे तत्काल रेफर किया गया। उन्होंने रिश्वत के आरोप को नकारते हुए कहा कि परिजनों ने बच्चे के जन्म की खुशी में अपनी इच्छा से उपहार के रूप में कुछ रुपये दिए थे। हंगामे की सूचना मिलने पर डायल-112 पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने सीएचसी में स्थायी महिला डॉक्टर न होने पर भारी नाराजगी जताई। सीएमओ उदयभान सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं और कहा है कि जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ सख्त नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फतेहपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सराय खालिश में प्रसव के बाद एक नवजात की मौत हो जाने पर रविवार देर शाम को जमकर हंगामा हुआ। आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में प्रदर्शन करते हुए एएनएम और एक निजी दाई पर प्रसव के नाम पर अवैध रूप से रुपये वसूलने, इलाज में घोर लापरवाही बरतने और बच्चे को जिला अस्पताल रेफर करने में जानबूझकर देरी करने का आरोप लगाया है। इस घटना से गुस्साए परिजनों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से शिकायत करने के साथ ही संबंधित थाने में दोनों के खिलाफ लिखित तहरीर देकर
कड़ी कार्रवाई की मांग की है। घटनाक्रम के अनुसार, नगर पंचायत असोथर के प्रताप नगर झाल निवासी अर्पित अपनी 25 वर्षीय पत्नी संयोगिता को रविवार सुबह प्रसव पीड़ा होने पर सीएचसी सराय खालिश लेकर आए थे। दोपहर करीब दो बजे प्रसव हुआ, लेकिन कुछ ही देर बाद नवजात की हालत बिगड़ने लगी। मृतक बच्चे के पिता अर्पित का आरोप है कि एएनएम मोनिका सिंह ने प्रसव कराने के नाम पर ₹2,100 और एक निजी दाई ने ₹1,100 की मांग की थी। आर्थिक तंगी की वजह से तुरंत पूरी रकम न दे पाने के कारण बच्चे के
इलाज और प्रसव में लापरवाही बरती गई और उसे समय रहते उचित उपचार नहीं दिया गया। शाम करीब चार बजे बच्चे को जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अर्पित ने दावा किया है कि उनके पास रिश्वत मांगने का वीडियो भी मौजूद है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वहीं, आरोपी एएनएम मोनिका सिंह ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि प्रसव बिल्कुल सामान्य और सुरक्षित हुआ था, और बच्चे की हालत बिगड़ने पर उसे तत्काल रेफर किया गया। उन्होंने
रिश्वत के आरोप को नकारते हुए कहा कि परिजनों ने बच्चे के जन्म की खुशी में अपनी इच्छा से उपहार के रूप में कुछ रुपये दिए थे। हंगामे की सूचना मिलने पर डायल-112 पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने सीएचसी में स्थायी महिला डॉक्टर न होने पर भारी नाराजगी जताई। सीएमओ उदयभान सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं और कहा है कि जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ सख्त नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के लालगंज स्थित भंडारऊगनहाद में भंडारे का आयोजन किया जा रहा है।1
- फतेहपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सराय खालिश में प्रसव के बाद एक नवजात की मौत हो जाने पर रविवार देर शाम को जमकर हंगामा हुआ। आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में प्रदर्शन करते हुए एएनएम और एक निजी दाई पर प्रसव के नाम पर अवैध रूप से रुपये वसूलने, इलाज में घोर लापरवाही बरतने और बच्चे को जिला अस्पताल रेफर करने में जानबूझकर देरी करने का आरोप लगाया है। इस घटना से गुस्साए परिजनों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से शिकायत करने के साथ ही संबंधित थाने में दोनों के खिलाफ लिखित तहरीर देकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। घटनाक्रम के अनुसार, नगर पंचायत असोथर के प्रताप नगर झाल निवासी अर्पित अपनी 25 वर्षीय पत्नी संयोगिता को रविवार सुबह प्रसव पीड़ा होने पर सीएचसी सराय खालिश लेकर आए थे। दोपहर करीब दो बजे प्रसव हुआ, लेकिन कुछ ही देर बाद नवजात की हालत बिगड़ने लगी। मृतक बच्चे के पिता अर्पित का आरोप है कि एएनएम मोनिका सिंह ने प्रसव कराने के नाम पर ₹2,100 और एक निजी दाई ने ₹1,100 की मांग की थी। आर्थिक तंगी की वजह से तुरंत पूरी रकम न दे पाने के कारण बच्चे के इलाज और प्रसव में लापरवाही बरती गई और उसे समय रहते उचित उपचार नहीं दिया गया। शाम करीब चार बजे बच्चे को जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अर्पित ने दावा किया है कि उनके पास रिश्वत मांगने का वीडियो भी मौजूद है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वहीं, आरोपी एएनएम मोनिका सिंह ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि प्रसव बिल्कुल सामान्य और सुरक्षित हुआ था, और बच्चे की हालत बिगड़ने पर उसे तत्काल रेफर किया गया। उन्होंने रिश्वत के आरोप को नकारते हुए कहा कि परिजनों ने बच्चे के जन्म की खुशी में अपनी इच्छा से उपहार के रूप में कुछ रुपये दिए थे। हंगामे की सूचना मिलने पर डायल-112 पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने सीएचसी में स्थायी महिला डॉक्टर न होने पर भारी नाराजगी जताई। सीएमओ उदयभान सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं और कहा है कि जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ सख्त नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।4
- उन्नाव जिले के ग्राम पंचायत पनाई बुजुर्ग में संचालित 'अनाया सिंह पाठशाला 1' में बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ महान संतों और कवियों के दोहों के माध्यम से जीवन के ऊंचे मूल्य और संस्कार सिखाए जा रहे हैं। यहाँ बच्चों को रहीम दास जी का प्रसिद्ध दोहा ‘रहिमन धागा प्रेम का, मत तोड़ो चटकाय...' सिखाया गया है। इस पाठशाला का मुख्य उद्देश्य समाज के हर बच्चे तक शिक्षा पहुँचाना है। पाठशाला के सुचारू प्रबंधन के लिए यहाँ मात्र ₹100 का न्यूनतम शुल्क रखा गया है। यह राशि केवल बच्चों की बुनियादी जरूरतों जैसे कॉपियाँ, पेंसिल, रबर, कटर, और पाठशाला में बच्चों के बैठने के लिए पंखे व पीने के पानी की व्यवस्था को संभालने के लिए ली जा रही है। मनुज क्रांति न्यूज़ के संचालक अनुज सिंह चौहान ने लोगों से इस नेक मुहिम से जुड़ने और बच्चों के भविष्य को उज्जवल बनाने की अपील की है।1
- कृपया विषय को अधिक से अधिक जनमानस में प्रकाशित किया जाए1
- रायबरेली के सलोन क्षेत्र के करहिया बाजार स्थित कान्ह शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज की प्रबंध समिति के चुनाव को लेकर विवाद गहरा गया है। इस मामले में शिकायतकर्ता आनंद कुमार सिंह ने जिला अधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर चुनाव प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं होने का आरोप लगाया है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला अधिकारी ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि 20 जुलाई को जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा चुनाव स्थगित किए जाने का आदेश दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद विद्यालय समय में ही छात्रों को कक्षाओं से बाहर निकालकर कथित रूप से फर्जी चुनाव कराया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानाचार्य, कुछ शिक्षकों तथा कथित प्रबंधक सहित अन्य लोगों ने नियमों की अनदेखी करते हुए कूटरचित दस्तावेज तैयार किए और संस्था की संपत्ति पर अवैध रूप से कब्जा करने की साजिश रची। आनंद कुमार सिंह ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराए जाने के साथ ही दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो संस्था की व्यवस्था और छात्रों के हित प्रभावित हो सकते हैं। जिला अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं और अब जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- रायबरेली के शहर कोतवाली क्षेत्र के सत्य नगर मोहल्ले में स्थित काली मंदिर को चोरों ने अपना निशाना बनाया है। चोर मंदिर से माँ काली के ₹1.5 लाख के गहने और दानपात्र उठा ले गए हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।2
- रायबरेली के डलमऊ कोतवाली क्षेत्र के पखरामऊ गांव में एक दंपति द्वारा एक ही पंखे के सहारे लटककर अपनी जान देने का मामला सामने आया है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। घटना के समय मृतक अभिनव कुमार के परिजन खेतों में काम करने गए हुए थे। जब वे काम से वापस लौटे तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद पाकर सन्न रह गए। आनन-फानन में कमरे का दरवाजा तोड़ा गया और दोनों को फंदे से उतारकर अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन वहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान पखरामऊ निवासी अरुण कुमार के 25 वर्षीय बेटे अभिनव कुमार और उनकी पत्नी रूपाली साहू के रूप में हुई है। रूपाली अघोरा थाना गुरुबक्शगंज गांव की रहने वाली थीं और दोनों की शादी 6 महीने पहले ही हुई थी। परिजनों के मुताबिक, शादी के बाद से ही पति-पत्नी के बीच आए दिन विवाद होता रहता था। मामले की पुष्टि करते हुए कोतवाल राघवन कुमार सिंह ने बताया कि पति-पत्नी के आपसी विवाद के चलते दंपति ने फांसी लगाई है, जिससे दोनों की मौत हुई है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।1