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Nagar ayukt ji se hath jodkar vinati Hai hamari mujhe iska jawab den yah Nagar Nigam ke karmchari ward number 84 ke is waqt pura Bhar rahe hain gali number 13 Ahmednagar kitne ghante tarike se kuda bharate hain kya aur Gali ke Kone per yah thela paltate Hain Nagar Nigam walon ki karmchariyon ki bataiye
Javed Malik
Nagar ayukt ji se hath jodkar vinati Hai hamari mujhe iska jawab den yah Nagar Nigam ke karmchari ward number 84 ke is waqt pura Bhar rahe hain gali number 13 Ahmednagar kitne ghante tarike se kuda bharate hain kya aur Gali ke Kone per yah thela paltate Hain Nagar Nigam walon ki karmchariyon ki bataiye
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- *दिनांक-21.02.26 को सोशल मीडिया के माध्यम से एक वायरल ऑडियो संज्ञान में आया है, जिसमे RSP अध्यक्ष पंकज धवरैय्या द्वारा अपने पदाधिकारी से वार्ता करते हुए कहा जा रहा है कि उनका उद्देश्य गनर आदि प्राप्त करना है व आंदोलन का स्वरुप देकर जनता व पुलिस के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग किया जा रहा है । उक्त ऑडियो का संज्ञान लेते हुए थाना कोतवाली हाथरस पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत आदि के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी नगर की बाइट*1
- yah Nagar Nigam ke karmchari ward number 84 ke is waqt pura Bhar rahe hain gali number 13 Ahmednagar kitne ghante tarike se kuda bharate hain kya aur Gali ke Kone per yah thela paltate Hain Nagar Nigam walon ki karmchariyon ki bataiye1
- जलागम विभाग द्वारा छेत्र में विकास के साथ साथ छेत्र के कश्तगारों की आमदनी बढ़ने के साथ साथ छेत्र के किसानों को सक्षम कर उनकी जीविका यापन करने के लिए उन्हें सक्षम बनाना है,, इसी के मध्य नजर रखते हुए ऐसे सराहनीय कदम उठाया जलागम ने पूरी ख़बर वीडियो में देखिए,,1
- Post by Rahul Banshiwal1
- अल्मोड़ा। उत्तराखंड में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने बुधवार को जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश में बढ़ते अपराधों पर चिंता जताते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज ने कहा कि उत्तराखंड में अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और महिलाओं के खिलाफ अपराध, चोरी, लूट, नशे का कारोबार तथा हत्या जैसी वारदातें आम होती जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार में आम नागरिक ही नहीं, बल्कि सरकारी अधिकारी और कर्मचारी भी सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ दल के जनप्रतिनिधियों पर भी मारपीट जैसे आरोप सामने आ रहे हैं और अल्मोड़ा जैसे शांत शहर में भी अपराधी खुलेआम पुलिस को चुनौती दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाल की घटनाओं के बावजूद पुलिस अभी तक एक आरोपी बाबा को गिरफ्तार नहीं कर पाई है, जिससे आम लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार कानून व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है और राजनीतिक दबाव के कारण पुलिस प्रशासन निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि प्रदेश में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, पुलिस तंत्र को राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त किया जाए और महिलाओं सहित आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए तो कांग्रेस जनहित में आंदोलन करने को बाध्य होगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान नगर अध्यक्ष तारा चंद्र जोशी, महिला जिलाध्यक्ष राधा बिष्ट, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, विनोद वैष्णव, आनंद बिष्ट, नारायण दत्त पाण्डेय, अधिवक्ता कुंदन भंडारी, बार एसोसिएशन के सचिव विनोद फुलारा, निर्मल रावत, बीके पाण्डे, गोविंद मेहरा, पार्षद दीपक कुमार, अनूप भारती, मुकेश कुमार, अधिवक्ता हिमांशु मेहता, धनंजय साह आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- आयुष्मान योजना के तहत इलाज न मिलने पर एक बुजुर्ग ने सीधे प्रशासन से शिकायत कर दी। हैरानी की बात तब हुई जब उन्होंने अपनी बात अंग्रेज़ी में रखी, जिसे सुनकर कमिश्नर भी चौंक गए। यह मामला स्वास्थ्य व्यवस्था और आयुष्मान योजना की जमीनी हकीकत पर कई सवाल खड़े करता है। क्या पात्र लोगों को सही समय पर इलाज मिल पा रहा है? पूरी खबर जानिए इस रिपोर्ट में। Hashtags: #AyushmanYojana #UttarakhandNews #HealthScheme #BreakingNews1
- “रात के अंधेरे में हकीकत की पड़ताल” जिलाधिकारी मयूर दीक्षित का औचक निरीक्षण: अस्पतालों की व्यवस्था पर सख्त संदेश स्वतंत्र पत्रकार: रामेश्वर गौड़ हरिद्वार। जनपद के सरकारी चिकित्सालयों में स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए जिलाधिकारी ने देर रात्रि औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक सक्रियता का स्पष्ट संदेश दिया। यह निरीक्षण केवल औपचारिकता नहीं था, बल्कि अस्पतालों की जमीनी सच्चाई को परखने का प्रयास था। उप जिला मेला चिकित्सालय में व्यवस्थाओं की टटोल सबसे पहले जिलाधिकारी ने पहुंचकर वार्डों का निरीक्षण किया। ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों से भर्ती मरीजों की स्थिति जानी और मरीजों व उनके तीमारदारों से सीधे संवाद कर सुविधाओं की जानकारी ली। तीमारदारों ने बताया कि उपचार संतोषजनक है और भोजन समय पर मिल रहा है। लेकिन जिलाधिकारी ने संतोष के साथ-साथ सुधार के निर्देश भी दिए— वार्डों में बेहतर साफ-सफाई सुनिश्चित हो बेडशीट और कंबलों की नियमित धुलाई हो भर्ती मरीजों को स्वच्छ एवं नए कंबल उपलब्ध कराए जाएं उन्होंने सीएमएस को स्पष्ट निर्देश दिया कि आवश्यकता हो तो तत्काल नए कंबल खरीदे जाएं। जिला महिला चिकित्सालय में लेबर रूम का गहन निरीक्षण इसके बाद जिलाधिकारी ने का निरीक्षण किया। सभी वार्डों का जायजा लेते हुए उन्होंने लेबर रूम में विशेष रूप से व्यवस्थाओं की समीक्षा की। ड्यूटी पर तैनात डॉ. शिवंशी ने जानकारी दी कि दो गर्भवती महिलाएं प्रसव हेतु भर्ती हैं, जिनकी स्थिति सामान्य है, तथा 13 महिलाओं का प्रसव हो चुका है और वे भर्ती हैं। जिलाधिकारी ने डॉक्टरों को सख्त निर्देश दिए— 👉 प्रसव के मामलों में अनावश्यक रेफर न किया जाए। 👉 प्रत्येक गर्भवती महिला को यथोचित और समुचित उपचार मिले। यह निर्देश स्पष्ट संकेत था कि मातृ स्वास्थ्य के साथ किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं होगी। “सिर्फ इलाज नहीं, व्यवस्था भी दुरुस्त हो” निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने व्यवस्थागत सुधार पर भी विशेष ध्यान दिया— अस्पताल परिसर में स्वच्छता व्यवस्था बेहतर की जाए सभी सीसीटीवी कैमरे चालू हालत में रहें खराब विद्युत लाइटें तत्काल ठीक हों पेयजल व्यवस्था दुरुस्त की जाए खराब वाटर कूलर तुरंत ठीक किए जाएं पुराने साइन बोर्ड हटाकर नए लगाए जाएं वेटिंग एरिया में लगे एलईडी टीवी क्रियाशील रहें सफाई कर्मचारियों को वर्दी उपलब्ध कराई जाए महिला चिकित्सालय में एम्बुलेंस व 108 सेवा हर समय उपलब्ध रहे यह निर्देश प्रशासन की उस सोच को दर्शाते हैं जिसमें स्वास्थ्य सेवा केवल दवाइयों तक सीमित नहीं, बल्कि समग्र व्यवस्था का प्रश्न है। निरीक्षण में मौजूद रहे अधिकारी इस दौरान उप जिला मेला चिकित्सालय के प्रमुख अधीक्षक डॉ. राजेश गुप्ता, जिला महिला चिकित्सालय के प्रमुख अधीक्षक डॉ. आर. वी. सिंह, डॉ. संदीप निगम, डॉ. एस. के. सोनी, धीरेन्द्र सिंह, डॉ. आशु, डॉ. पूजा सहित अन्य चिकित्सक उपस्थित रहे। संदेश साफ है: “ड्यूटी में लापरवाही नहीं चलेगी” जिलाधिकारी का यह औचक निरीक्षण केवल समीक्षा भर नहीं था, बल्कि स्वास्थ्य महकमे के लिए एक सख्त चेतावनी भी था कि सरकारी अस्पतालों में लापरवाही, गंदगी या मरीजों की उपेक्षा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। रात के सन्नाटे में किया गया यह निरीक्षण इस बात का संकेत है कि प्रशासन अब कागजी रिपोर्टों से आगे बढ़कर जमीनी हकीकत देखना चाहता है। अब देखने वाली बात यह होगी कि दिए गए निर्देश कितनी गंभीरता से अमल में लाए जाते हैं, क्योंकि स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार केवल निरीक्षण से नहीं, बल्कि निरंतर निगरानी और जवाबदेही से संभव है।2
- Post by Javed Malik1