पलवल जिले के नागरिकों से डेंगू की रोकथाम में सक्रिय भागीदारी निभाने और पूरे जुलाई महीने को 'डेंगू रोको माह' के रूप में मनाने का आह्वान किया गया है। नागरिक अस्पताल पलवल के सिविल सर्जन डॉ. सतेंद्र वशिष्ठ ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जुलाई माह को 'डेंगू रोको माह' और प्रत्येक रविवार को 'सूखा दिवस' (ड्राई डे) के रूप में मनाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य व्यक्तिगत और सामुदायिक स्तर पर सतर्कता बरतते हुए अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों को मच्छरों से मुक्त रखना है। डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर साफ और रुके हुए पानी में पनपता है और दिन के समय काटता है। इससे बचाव के लिए प्रत्येक रविवार को 'सूखा दिवस' मनाकर घरों में रखे कूलर, टंकियों, गमलों, फ्रिज की ट्रे और अन्य पानी जमा होने वाले बर्तनों को पूरी तरह खाली कर कम से कम 24 घंटे तक सूखा रखने की सलाह दी गई है। अचानक तेज बुखार, तेज सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द तथा आंखों के पीछे दर्द होना डेंगू के प्रमुख लक्षण हैं। ऐसा कोई भी लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर जांच कराने और चिकित्सक की सलाह के अनुसार उपचार लेने की अपील की गई है। नागरिकों से घरों के आसपास पानी जमा न होने देने, पानी की टंकियों को ढक कर रखने, बेकार प्लास्टिक व कबाड़ हटाने, पूरे बाजू के कपड़े पहनने तथा मच्छर रोधी क्रीम या दवाओं का उपयोग करने को कहा गया है। इसके साथ ही, जिला पलवल सहित हरियाणा के अन्य सभी जिला नागरिक अस्पतालों में प्लेटलेट्स की सुविधा पूरी तरह से नि:शुल्क उपलब्ध कराई गई है।
पलवल जिले के नागरिकों से डेंगू की रोकथाम में सक्रिय भागीदारी निभाने और पूरे जुलाई महीने को 'डेंगू रोको माह' के रूप में मनाने का आह्वान किया गया है। नागरिक अस्पताल पलवल के सिविल सर्जन डॉ. सतेंद्र वशिष्ठ ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जुलाई माह को 'डेंगू रोको माह' और प्रत्येक रविवार को 'सूखा दिवस' (ड्राई डे) के रूप में मनाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य व्यक्तिगत और सामुदायिक स्तर पर सतर्कता बरतते हुए अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों को मच्छरों से मुक्त रखना है। डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर साफ और रुके हुए पानी में पनपता है और दिन के समय काटता है। इससे बचाव के लिए प्रत्येक रविवार को 'सूखा दिवस' मनाकर घरों में रखे कूलर, टंकियों, गमलों, फ्रिज की ट्रे और अन्य पानी जमा होने वाले बर्तनों को पूरी तरह खाली कर कम से कम 24 घंटे तक सूखा रखने की सलाह दी गई है। अचानक तेज बुखार, तेज सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द तथा आंखों के पीछे दर्द होना डेंगू के प्रमुख लक्षण हैं। ऐसा कोई भी लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर जांच कराने और चिकित्सक की सलाह के अनुसार उपचार लेने की अपील की गई है। नागरिकों से घरों के आसपास पानी जमा न होने देने, पानी की टंकियों को ढक कर रखने, बेकार प्लास्टिक व कबाड़ हटाने, पूरे बाजू के कपड़े पहनने तथा मच्छर रोधी क्रीम या दवाओं का उपयोग करने को कहा गया है। इसके साथ ही, जिला पलवल सहित हरियाणा के अन्य सभी जिला नागरिक अस्पतालों में प्लेटलेट्स की सुविधा पूरी तरह से नि:शुल्क उपलब्ध कराई गई है।
- पलवल जिले के नागरिकों से डेंगू की रोकथाम में सक्रिय भागीदारी निभाने और पूरे जुलाई महीने को 'डेंगू रोको माह' के रूप में मनाने का आह्वान किया गया है। नागरिक अस्पताल पलवल के सिविल सर्जन डॉ. सतेंद्र वशिष्ठ ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जुलाई माह को 'डेंगू रोको माह' और प्रत्येक रविवार को 'सूखा दिवस' (ड्राई डे) के रूप में मनाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य व्यक्तिगत और सामुदायिक स्तर पर सतर्कता बरतते हुए अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों को मच्छरों से मुक्त रखना है। डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर साफ और रुके हुए पानी में पनपता है और दिन के समय काटता है। इससे बचाव के लिए प्रत्येक रविवार को 'सूखा दिवस' मनाकर घरों में रखे कूलर, टंकियों, गमलों, फ्रिज की ट्रे और अन्य पानी जमा होने वाले बर्तनों को पूरी तरह खाली कर कम से कम 24 घंटे तक सूखा रखने की सलाह दी गई है। अचानक तेज बुखार, तेज सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द तथा आंखों के पीछे दर्द होना डेंगू के प्रमुख लक्षण हैं। ऐसा कोई भी लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर जांच कराने और चिकित्सक की सलाह के अनुसार उपचार लेने की अपील की गई है। नागरिकों से घरों के आसपास पानी जमा न होने देने, पानी की टंकियों को ढक कर रखने, बेकार प्लास्टिक व कबाड़ हटाने, पूरे बाजू के कपड़े पहनने तथा मच्छर रोधी क्रीम या दवाओं का उपयोग करने को कहा गया है। इसके साथ ही, जिला पलवल सहित हरियाणा के अन्य सभी जिला नागरिक अस्पतालों में प्लेटलेट्स की सुविधा पूरी तरह से नि:शुल्क उपलब्ध कराई गई है।1
- हरियाणा में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हरियाणा विजन-2047 के एक्शन प्लान पर एक महत्वपूर्ण बैठक जारी है। इस बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने आबकारी एवं कराधान विभाग के HTAS 2.0 ट्रैक एंड ट्रेस मॉड्यूल (Track and Trace Module) का लोकार्पण किया।1
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- गौतमबुद्ध नगर जिले के नोएडा में थाना साइबर क्राइम पुलिस ने 'ऑपरेशन साइबर वज्र' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए नामचीन कंपनियों के सोलर ऊर्जा पैनल कम कीमत में लगाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले दो साइबर अपराधियों को शनिवार को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान अमन कुमार और अभिषेक शर्मा के रूप में हुई है। पुलिस ने इन शातिर अपराधियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन, चार सिम कार्ड, एक चेकबुक और हरिधान फर्म का विजिटिंग कार्ड बरामद किया है। ये आरोपी नोएडा और एनसीआर क्षेत्र में अलग-अलग जगहों पर अपने ऑफिस खोलते थे। ये लोगों को सस्ती कीमत में सोलर पैनल लगवाने का लालच देकर एडवांस में पेमेंट ले लेते थे और बाद में सोलर पैनल नहीं लगाते थे। इन अभियुक्तों के खिलाफ विभिन्न राज्यों में कुल आठ शिकायतें दर्ज हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश से एक, बिहार से एक, महाराष्ट्र से तीन, दिल्ली से दो और राजस्थान से एक शिकायत शामिल है। इन आरोपियों द्वारा अब तक कुल 15.5 लाख रुपये की धोखाधड़ी की जा चुकी है। पुलिस ने दोनों अभियुक्तों के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है।2
- हरियाणा सरकार के जन-जागरूकता अभियान के तहत पलवल के रसूलपुर चौक स्थित मित्तल क्लासेस और आकाश इंस्टीट्यूट में फायर सेफ्टी अवेयरनेस कार्यक्रम और मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। शनिवार को आयोजित इस कार्यक्रम का नेतृत्व जिला अग्निशमन विभाग के सब फायर ऑफिसर नवीन पाल ने किया, जिसमें संस्थान के प्रबंधन, शिक्षकों और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उपायुक्त डॉ. जयेंद्र सिंह छिल्लर के मार्गदर्शन में पलवल जिले के नागरिकों को फायर सेफ्टी के प्रति जागरूक करना था, ताकि आपातकालीन स्थिति में जानमाल की रक्षा की जा सके। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सब फायर ऑफिसर नवीन पाल ने विद्यार्थियों को समझाया कि ईंधन, ऑक्सीजन और ताप के मिलने से बनने वाले 'फायर ट्रायंगल' के कारण आग उत्पन्न होती है और इसे बुझाने का मूल सिद्धांत इसी ट्रायंगल को तोड़ना है। उन्होंने भारतीय मानकों के तहत आग की क्लास ए, बी, सी, डी और एफ श्रेणियों की जानकारी दी और सचेत किया कि बिना पूरी जानकारी के आग पर पानी या किसी अन्य माध्यम का उपयोग न करें। मॉक ड्रिल के दौरान छात्रों को अग्निशामक यंत्र का प्रेशर गेज जांचने की विधि और 'पास' (PASS) तकनीक के माध्यम से यंत्र चलाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। नवीन पाल ने एलपीजी गैस रिसाव की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों पर जोर देते हुए कहा कि गैस रिसाव होने पर बिजली के स्विचों को छुए बिना खिड़की-दरवाजे खोलें और तुरंत 112 नंबर पर सूचना देकर आपातकालीन सहायता लें। उन्होंने बताया कि आग के समय धुएं की विषैली गैसों से सबसे अधिक खतरा होता है, इसलिए घबराने के बजाय सुरक्षित निकास मार्ग का चयन करना चाहिए। इसके अतिरिक्त, भूकंप जैसी आपदा के दौरान सीढ़ियों की ओर भागने के बजाय 'ड्रॉप, कवर एंड होल्ड' तकनीक अपनाकर किसी मजबूत मेज या भवन के मजबूत हिस्से के नीचे शरण लेने की सलाह दी गई। अंत में, उन्होंने सभी शैक्षणिक संस्थानों से समय-समय पर मॉक ड्रिल आयोजित करने, फायर एनओसी लेने और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने की अपील की।1
- हिमाचल के कसोल जा रहे यात्रियों के साथ बीच रास्ते में लक्ष्मी हॉलीडेज की वॉल्वो/स्कैनिया बस (NL07 B 5000) के खराब होने के बाद घोर संवेदनहीनता और लापरवाही का मामला सामने आया है। यात्रियों को भगवान भरोसे सुनसान हाईवे पर छोड़ दिया गया, जहां वे पिछले 4 घंटे से खड़े रहे। इस अंधेरे और असुरक्षित हाईवे पर खड़े होने के कारण एक महिला यात्री को दूसरी गाड़ी ने टक्कर मार दी, जिससे वह घायल हो गई। इसके बावजूद बस स्टाफ या ट्रैवल एजेंसी की तरफ से कोई सुध लेने नहीं आया और न ही कोई दूसरी बस भेजी गई। यात्रियों का आरोप है कि बस के ड्राइवर को न तो गाड़ी का टायर बदलना आता है और न ही उसे ठीक से ड्राइविंग का कोई अनुभव है। जब इस बेहद गैर-जिम्मेदाराना रवैये को लेकर कस्टमर केयर से संपर्क किया गया, तो उन्होंने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि वे 'ऑन-रोड' होने वाली किसी भी गतिविधि के लिए जिम्मेदार नहीं हैं। मोटी रकम वसूलने के बाद यात्रियों को इस तरह लावारिस छोड़ना उनकी सुरक्षा के साथ खुला खिलवाड़ है। देश में सड़क सुरक्षा के बड़े-बड़े दावों के बीच इस निजी ट्रैवल एजेंसी की यह करतूत खुली गुंडागर्दी की मिसाल है। ऐसे में परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन से सीधा सवाल है कि क्या वे इस गैर-जिम्मेदार बस ऑपरेटर का लाइसेंस रद्द करेंगे? यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले इस मैनेजमेंट पर सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।1