शाहजहांपुर जनपद की रामचन्द्र मिशन पुलिस टीम को अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक चार वर्षीय बच्ची की कथित हत्या के मामले में उसके पति और ससुर को गिरफ्तार किया है, जिसने अपनी सौतेली बेटी को पीट-पीटकर मार डालने और शव को खेत में दफनाने का आरोप है। पुलिस हिरासत रिमांड के दौरान आरोपी की निशानदेही पर खुदाई कर बच्ची का कंकाल और कपड़े बरामद किए गए हैं। पुलिस को 03.06.2026 को श्रीमती दिव्यांशी नामक महिला ने तहरीर दी थी कि उसने लगभग चार माह पूर्व अपने पहले पति से विवाह विच्छेद के बाद अखिलेश पुत्र सुरेन्द्र से मंदिर में विवाह किया था। विवाह के बाद वे पंजाब में रह रहे थे, जहां अखिलेश द्वारा दिव्यांशी और उसकी पुत्री प्रिया (लगभग 4 वर्ष) के साथ मारपीट की जाती थी। वादिनी के अनुसार, 04.05.2026 को शाम करीब 7 से 8 बजे के बीच अखिलेश ने उसकी पुत्री प्रिया के साथ मारपीट की, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। विरोध करने पर दिव्यांशी के साथ भी मारपीट की गई। इसके बाद इलाज के बहाने दिव्यांशी और मृतका को एक चार पहिया वाहन से मानपुर, थाना कांट लाया गया, जहाँ अखिलेश ने अपने पिता सुरेन्द्र और माता तारा को बुलाकर रात करीब 01:00 बजे मृतका को अपने खेत में दफना दिया। इस घटना के बाद दिव्यांशी को उसकी बहन रजनी के घर कायमगंज, फर्रुखाबाद और बाद में अम्बाला ले जाया गया। 27.05.2026 को दिव्यांशी ने अखिलेश के फोन से अपने पिता को फोन करके पूरी घटना की जानकारी दी, जिसके बाद उसके पिता ने अपने चचेरे भाई सुनील को उसे लाने के लिए भेजा। दिव्यांशी 28.05.2026 को अपने पिता के पास रोहतक (हरियाणा) पहुँची और 29.05.2026 को अपने गाँव गोबरसंडा वापस आई। इस तहरीर के आधार पर थाना रामचन्द्र मिशन में अखिलेश सहित कुल नौ लोगों के विरुद्ध मु0अ0सं0 115/26 धारा 103(1), 238, 115(2) बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया। विवेचना के क्रम में रामचन्द्र मिशन पुलिस टीम ने 04.06.2026 को मुखबिर की सूचना पर हरदोई चौराहा से बरेली जाने वाले मार्ग से अखिलेश पुत्र सुरेन्द्र और सुरेन्द्र पुत्र स्व. श्रीराम को समय करीब 03:15 बजे गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया। माननीय न्यायालय ने अभियुक्त अखिलेश का 48 घंटे का पुलिस कस्टडी रिमांड (पीसीआर) स्वीकृत किया। पीसीआर के दौरान, अखिलेश की निशानदेही पर मानपुर, थाना कांट स्थित गाटा संख्या 394 में खुदाई की गई, जहाँ मृतका प्रिया का मिनी स्कर्ट और कंकाल का कुछ हिस्सा बरामद हुआ। इसकी पहचान मौके पर ही मुकदमा वादिनी और अभियुक्त अखिलेश ने की है। शेष कंकाल की बरामदगी के लिए तलाशी अभियान जारी है, और बरामद हिस्सों को डीएनए जांच हेतु प्रयोगशाला भेजा जाएगा। बरामदगी करने वाली पुलिस टीम में तहसीलदार शाहजहांपुर सहित कुल 14 पुलिसकर्मी शामिल थे।
शाहजहांपुर जनपद की रामचन्द्र मिशन पुलिस टीम को अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक चार वर्षीय बच्ची की कथित हत्या के मामले में उसके पति और ससुर को गिरफ्तार किया है, जिसने अपनी सौतेली बेटी को पीट-पीटकर मार डालने और शव को खेत में दफनाने का आरोप है। पुलिस हिरासत रिमांड के दौरान आरोपी की निशानदेही पर खुदाई कर बच्ची का कंकाल और कपड़े बरामद किए गए हैं। पुलिस को 03.06.2026 को श्रीमती दिव्यांशी नामक महिला ने तहरीर दी थी कि उसने लगभग चार माह पूर्व अपने पहले पति से विवाह विच्छेद के बाद अखिलेश पुत्र सुरेन्द्र से मंदिर में विवाह किया था। विवाह के बाद वे पंजाब में रह रहे थे, जहां अखिलेश द्वारा दिव्यांशी और उसकी पुत्री प्रिया (लगभग 4 वर्ष) के साथ मारपीट की जाती थी। वादिनी के अनुसार, 04.05.2026 को शाम करीब 7 से 8 बजे के बीच अखिलेश ने उसकी पुत्री प्रिया के साथ मारपीट की, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। विरोध करने पर दिव्यांशी के साथ भी मारपीट की गई। इसके बाद इलाज के बहाने दिव्यांशी और मृतका को एक चार पहिया वाहन से मानपुर, थाना कांट लाया गया, जहाँ अखिलेश ने अपने पिता सुरेन्द्र और माता तारा को बुलाकर रात करीब 01:00 बजे मृतका को अपने खेत में दफना दिया। इस घटना के बाद दिव्यांशी को उसकी बहन रजनी के घर कायमगंज, फर्रुखाबाद और बाद में अम्बाला ले जाया गया। 27.05.2026 को दिव्यांशी ने अखिलेश के फोन से अपने पिता को फोन करके पूरी घटना की जानकारी दी, जिसके बाद उसके पिता ने अपने चचेरे भाई सुनील को उसे लाने के लिए भेजा। दिव्यांशी 28.05.2026 को अपने पिता के पास रोहतक (हरियाणा) पहुँची और 29.05.2026 को अपने गाँव गोबरसंडा वापस आई। इस तहरीर के आधार पर थाना रामचन्द्र मिशन में अखिलेश सहित कुल नौ लोगों के विरुद्ध मु0अ0सं0 115/26 धारा 103(1), 238, 115(2) बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया। विवेचना के क्रम में रामचन्द्र मिशन पुलिस टीम ने 04.06.2026 को मुखबिर की सूचना पर हरदोई चौराहा से बरेली जाने वाले मार्ग से अखिलेश पुत्र सुरेन्द्र और सुरेन्द्र पुत्र स्व. श्रीराम को समय करीब 03:15 बजे गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया। माननीय न्यायालय ने अभियुक्त अखिलेश का 48 घंटे का पुलिस कस्टडी रिमांड (पीसीआर) स्वीकृत किया। पीसीआर के दौरान, अखिलेश की निशानदेही पर मानपुर, थाना कांट स्थित गाटा संख्या 394 में खुदाई की गई, जहाँ मृतका प्रिया का मिनी स्कर्ट और कंकाल का कुछ हिस्सा बरामद हुआ। इसकी पहचान मौके पर ही मुकदमा वादिनी और अभियुक्त अखिलेश ने की है। शेष कंकाल की बरामदगी के लिए तलाशी अभियान जारी है, और बरामद हिस्सों को डीएनए जांच हेतु प्रयोगशाला भेजा जाएगा। बरामदगी करने वाली पुलिस टीम में तहसीलदार शाहजहांपुर सहित कुल 14 पुलिसकर्मी शामिल थे।
- शाहजहांपुर जनपद की रामचन्द्र मिशन पुलिस टीम को अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक चार वर्षीय बच्ची की कथित हत्या के मामले में उसके पति और ससुर को गिरफ्तार किया है, जिसने अपनी सौतेली बेटी को पीट-पीटकर मार डालने और शव को खेत में दफनाने का आरोप है। पुलिस हिरासत रिमांड के दौरान आरोपी की निशानदेही पर खुदाई कर बच्ची का कंकाल और कपड़े बरामद किए गए हैं। पुलिस को 03.06.2026 को श्रीमती दिव्यांशी नामक महिला ने तहरीर दी थी कि उसने लगभग चार माह पूर्व अपने पहले पति से विवाह विच्छेद के बाद अखिलेश पुत्र सुरेन्द्र से मंदिर में विवाह किया था। विवाह के बाद वे पंजाब में रह रहे थे, जहां अखिलेश द्वारा दिव्यांशी और उसकी पुत्री प्रिया (लगभग 4 वर्ष) के साथ मारपीट की जाती थी। वादिनी के अनुसार, 04.05.2026 को शाम करीब 7 से 8 बजे के बीच अखिलेश ने उसकी पुत्री प्रिया के साथ मारपीट की, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। विरोध करने पर दिव्यांशी के साथ भी मारपीट की गई। इसके बाद इलाज के बहाने दिव्यांशी और मृतका को एक चार पहिया वाहन से मानपुर, थाना कांट लाया गया, जहाँ अखिलेश ने अपने पिता सुरेन्द्र और माता तारा को बुलाकर रात करीब 01:00 बजे मृतका को अपने खेत में दफना दिया। इस घटना के बाद दिव्यांशी को उसकी बहन रजनी के घर कायमगंज, फर्रुखाबाद और बाद में अम्बाला ले जाया गया। 27.05.2026 को दिव्यांशी ने अखिलेश के फोन से अपने पिता को फोन करके पूरी घटना की जानकारी दी, जिसके बाद उसके पिता ने अपने चचेरे भाई सुनील को उसे लाने के लिए भेजा। दिव्यांशी 28.05.2026 को अपने पिता के पास रोहतक (हरियाणा) पहुँची और 29.05.2026 को अपने गाँव गोबरसंडा वापस आई। इस तहरीर के आधार पर थाना रामचन्द्र मिशन में अखिलेश सहित कुल नौ लोगों के विरुद्ध मु0अ0सं0 115/26 धारा 103(1), 238, 115(2) बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया। विवेचना के क्रम में रामचन्द्र मिशन पुलिस टीम ने 04.06.2026 को मुखबिर की सूचना पर हरदोई चौराहा से बरेली जाने वाले मार्ग से अखिलेश पुत्र सुरेन्द्र और सुरेन्द्र पुत्र स्व. श्रीराम को समय करीब 03:15 बजे गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया। माननीय न्यायालय ने अभियुक्त अखिलेश का 48 घंटे का पुलिस कस्टडी रिमांड (पीसीआर) स्वीकृत किया। पीसीआर के दौरान, अखिलेश की निशानदेही पर मानपुर, थाना कांट स्थित गाटा संख्या 394 में खुदाई की गई, जहाँ मृतका प्रिया का मिनी स्कर्ट और कंकाल का कुछ हिस्सा बरामद हुआ। इसकी पहचान मौके पर ही मुकदमा वादिनी और अभियुक्त अखिलेश ने की है। शेष कंकाल की बरामदगी के लिए तलाशी अभियान जारी है, और बरामद हिस्सों को डीएनए जांच हेतु प्रयोगशाला भेजा जाएगा। बरामदगी करने वाली पुलिस टीम में तहसीलदार शाहजहांपुर सहित कुल 14 पुलिसकर्मी शामिल थे।1
- हरदोई के पिहानी स्थित पावर हाउस एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें पावर हाउस के एक कर्मचारी, लाइनमैन शोभित, एक उपभोक्ता से बिजली आपूर्ति बहाल करने के बदले 100-150 रुपये और 'एक कैन' का इंतजाम करने के लिए कहते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह वायरल वीडियो पिहानी पावर हाउस का बताया जा रहा है और इसे धन उगाही को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है। यह पहली बार नहीं है जब पिहानी पावर हाउस के कर्मचारियों पर इस तरह के आरोप लगे हैं। कुछ दिन पहले ही लाइनमैन भैयालाल पर भी पैसे वसूली के आरोप सामने आए थे। उपभोक्ताओं का सवाल है कि बिजली का बिल चुकाने के बावजूद, उन्हें बिजली ठीक कराने के लिए अलग से 'एक कैन' और 100-150 रुपये की व्यवस्था क्यों करनी पड़ती है। ऐसे भ्रष्ट कर्मचारियों पर अब तक कोई कार्यवाही न होने पर भी गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस पूरे मामले को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) सम्राट ने कड़ा रुख अपनाया है। संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ऐसे भ्रष्ट कर्मचारियों के खिलाफ उचित कार्यवाही नहीं की गई, तो वे उनके खिलाफ आंदोलन करेंगे।1
- उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर जिले के कलाँ में रामगंगा नदी में नहाने के दौरान एक दुखद हादसा हो गया, जहाँ 17 वर्षीय विजय नाम के किशोर की डूबने से मौत हो गई। बताया गया है कि विजय भैंस चराने के लिए गया था और इसी दौरान रामगंगा के गहरे पानी में नहाते समय वह डूब गया। ग्रामीणों ने उसे बचाने के कई प्रयास किए, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। इस हृदय विदारक घटना से विजय के परिवार में गहरा कोहराम मच गया है और पूरे गाँव में शोक का माहौल है। किशोर को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही एक सीओ मौके पर पहुँचे और शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।1
- भारतीय किसान यूनियन श्रम जनशक्ति के राष्ट्रीय चिंतन शिविर में, जो हरिद्वार के अलकनंदा घाट पर राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेतृत्व में आयोजित किया गया था, हरदोई जिला टीम ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। इस कार्यक्रम में हरदोई के युवा किसान नेता राहुल दीक्षित ने अपने ओजस्वी भाषण से किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया, जिससे सभी उपस्थित लोगों का ध्यान उनकी ओर आकर्षित हुआ। अपने संबोधन के दौरान, राहुल दीक्षित ने किसानों की बदहाल स्थिति, फसलों के उचित मूल्य, सिंचाई की कमी, बिजली से संबंधित मुद्दे, रोजगार की चुनौतियाँ और ग्रामीण विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर दृढ़ता से प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसान और मजदूर देश की रीढ़ हैं, फिर भी उन्हें अपनी मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है। राहुल दीक्षित के जोशीले भाषण की उपस्थित किसान नेताओं और कार्यकर्ताओं ने काफी सराहना की। शिविर में किसानों की विभिन्न मांगों पर गहन चर्चा हुई, और संगठन ने किसान हितों के लिए अपनी लड़ाई को और तेज करने का संकल्प लिया। हरदोई जिला टीम ने एक साथ मिलकर किसानों के अधिकारों के लिए आवाज़ बुलंद की, यह स्पष्ट संदेश देते हुए कि किसान-मजदूरों के सम्मान और हक की लड़ाई निरंतर जारी रहेगी। कार्यक्रम का समापन "न किसान झुकेगा, न मजदूर रुकेगा, हक और सम्मान की लड़ाई में हर कदम आगे बढ़ेगा" के उद्घोष के साथ हुआ, जिसमें किसान नेताओं ने दोहराया कि संगठन किसानों की समस्याओं के समाधान हेतु सड़क से लेकर प्रशासनिक स्तर तक अपना संघर्ष जारी रखेगा।2
- शाहजहांपुर में एक व्यक्ति ने शिकायत की है कि उनके घर के सामने लगा हैंडपंप खराब हो गया है और उससे पानी नहीं आ रहा है। उन्होंने बताया कि इस समस्या पर न तो कोई कर्मचारी ध्यान दे रहा है और न ही ग्राम प्रधान ने अब तक कोई सुध ली है। शिकायतकर्ता ने अधिकारियों से इस मामले को देखने का निवेदन किया है, यह कहते हुए कि उनकी यह कृपा बहुत बड़ी होगी।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हरदोई में "एक पेड़ माँ के नाम 3.0" अभियान के अंतर्गत शहीद स्मारक पार्क (कंपनी गार्डन) में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी अनुनय झा और पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने जनपद के जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर पौधे लगाए और पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। जिलाधिकारी अनुनय झा ने वृक्षों को मानव जीवन का आधार बताते हुए पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में उनकी भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने सभी लोगों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनके संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान किया। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने इस बात पर प्रकाश डाला कि पर्यावरण संरक्षण सिर्फ एक दिन का कार्य नहीं है, बल्कि इसे जनभागीदारी से जुड़ा एक निरंतर अभियान बनाना चाहिए। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति से कम से कम एक पौधा लगाकर उसके वृक्ष बनने तक उसकी देखभाल करने की अपील की। इस विशेष अवसर पर, जनपद के सभी थाना प्रभारियों, पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी अपने-अपने थाना परिसरों तथा अन्य चिन्हित स्थलों पर वृक्षारोपण किया। इसके साथ ही, आमजन को पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और हरित विकास के प्रति जागरूक करते हुए पौधों के संरक्षण का संकल्प भी दिलाया गया।1
- शाहजहाँपुर पुलिस ने अपहरण, हत्या और शव छिपाने के एक मामले का सफलतापूर्वक अनावरण किया है। प्रेम प्रसंग के चलते इस घटना को अंजाम देने वाले दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिनमें मृतक की पत्नी भी शामिल है। पुलिस ने मृतक ओमकार का शव भी बरामद कर लिया है। यह मामला तब सामने आया जब ओमकार, जो मानपुर मलिकापुर का निवासी था, 23 फरवरी 2026 को तिलहर न्यायालय में तारीख पर जाने के लिए घर से निकला और वापस नहीं लौटा। उसके भाई सत्यवीर सिंह ने 6 मार्च 2026 को सेहरामऊ दक्षिणी थाने में गुमशुदगी (क्रमांक-06/2026) दर्ज कराई थी। पुलिस जांच के दौरान मिले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर 4 जून 2026 को सत्यवीर सिंह ने अपने भाई ओमकार के अपहरण की आशंका व्यक्त करते हुए नन्हे पुत्र विजय सिंह (लिनथरा) और ओमकार की पत्नी ओमा भारती (मानपुर मलिकापुर) के खिलाफ थाना स्थानीय पर मु0अ0सं0-0158/2026 धारा 140(1) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कराया। सेहरामऊ दक्षिणी पुलिस ने त्वरित विवेचना करते हुए अभियुक्तों से गहन पूछताछ की और साक्ष्य जुटाए। पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि अभियुक्ता ओमा भारती और अभियुक्त नन्हे के बीच प्रेम प्रसंग था, और ओमकार उनके संबंधों में बाधक बन रहा था। इसी कारण अभियुक्तों ने योजनाबद्ध तरीके से ओमकार को शराब पिलाई, उसकी हत्या कर दी और साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को अभियुक्त नन्हे की बगीया, ग्राम लिनथरा में केले के पेड़ के समीप गड्ढा खोदकर गाड़ दिया। 5 जून 2026 को अभियुक्तों की निशानदेही पर अपहृत/मृतक ओमकार का शव बरामद कर लिया गया। जांच में यह भी पता चला कि ओमा भारती का मायका दिवैयापुर का है, और उनकी बड़ी बहन बिट्टन की शादी लगभग 25 वर्ष पहले लिनथरा में हुई थी। इसी वजह से ओमा भारती का लिनथरा आना-जाना लगा रहता था, जहां उनका संपर्क नन्हे से हुआ और दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए। इस संबंध की जानकारी होने पर ओमकार ने अपनी पत्नी ओमा भारती के साथ मारपीट की थी, जिसके बाद ओमा भारती अपने पति को छोड़कर नन्हे के साथ लिनथरा में रहने लगी थी। अभियुक्तों ने बताया कि उन्हें आशंका थी कि ओमकार उनके संबंधों के कारण उन्हें नुकसान पहुँचा सकता है, इसलिए उन्होंने यह सुनियोजित हत्या की। थाना पुलिस द्वारा शव का पंचायतनामा एवं अन्य आवश्यक विधिक कार्यवाही संपादित की जा रही है। विवेचना के दौरान प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर उपरोक्त मुकदमे में धारा 103(1)/238/3(5)/61(2) बीएनएस की वृद्धि की गई है। अभियुक्त नन्हे और ओमा भारती को 5 जून 2026 को सुबह करीब 09:20 बजे ग्राम लिनथरा स्थित नन्हे की बगीया से गिरफ्तार किया गया। आवश्यक विधिक कार्यवाही उपरांत उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है, तथा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर ओमकार सिंह की मृत्यु के कारणों का अवलोकन कर विवेचना में अग्रिम विधिक कार्यवाही की जायेगी। शाहजहाँपुर पुलिस अधीक्षक श्री सौरभ दीक्षित के कुशल निर्देशन में यह सफल कार्रवाई की गई।3
- शाहजहाँपुर के रामचन्द्र मिशन थाना पुलिस ने अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक नगर और क्षेत्राधिकारी नगर के निर्देशन व पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक रामचन्द्र मिशन के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में, एक चार वर्षीय बच्ची की हत्या के मामले में उसके पिता अखिलेश और दादा सुरेंद्र को गिरफ्तार किया गया है। यह मामला 03 जून 2026 को थाना रामचन्द्र मिशन में दर्ज एक तहरीर से जुड़ा है, जिसमें श्रीमती दिव्यांशी ने बताया कि उन्होंने करीब चार माह पहले अपने पहले पति से विवाह विच्छेद के बाद अखिलेश पुत्र सुरेंद्र से मंदिर में शादी की थी। विवाह के बाद वे पंजाब में रह रहे थे, जहाँ अखिलेश द्वारा दिव्यांशी और उनकी पुत्री के साथ मारपीट की जाती थी। दिव्यांशी के अनुसार, 04 मई 2026 को शाम करीब 7 से 8 बजे के बीच अखिलेश ने उनकी लगभग चार वर्षीय पुत्री प्रिया के साथ मारपीट की, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। विरोध करने पर दिव्यांशी के साथ भी मारपीट की गई। इसके बाद, इलाज के बहाने दिव्यांशी और मृतका को एक चार पहिया वाहन से ग्राम मानपुर, थाना कांट लाया गया। यहाँ अखिलेश ने अपने पिता सुरेंद्र और माता तारा को बुलाकर रात करीब 1 बजे मृतका को अपने खेत में दफना दिया। घटना के बाद, दिव्यांशी को पहले कायमगंज, फर्रुखाबाद स्थित अपनी बहन रजनी के घर ले जाया गया, और फिर अम्बाला ले जाया गया। 27 मई 2026 को दिव्यांशी ने अखिलेश के फोन से अपने पिता को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने पर दिव्यांशी के पिता ने अपने चचेरे भाई सुनील को उन्हें लाने के लिए भेजा, जिसके बाद 28 मई 2026 को दिव्यांशी रोहतक, हरियाणा में अपने पिता के पास पहुंचीं और 29 मई 2026 को अपने गाँव गोबरसंडा लौट आईं। इन आरोपों के आधार पर थाना रामचन्द्र मिशन में मु0अ0सं0 115/26 धारा 103(1), 238, 115(2) बीएनएस के तहत अखिलेश, उनके ससुर सुरेंद्र, सास तारा, जेठ मुन्ना, जेठानी रीता, देवर सुमित, अमित, ननद रजनी और ननदोई अनुज सहित कुल नौ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान, रामचन्द्र मिशन पुलिस टीम ने 04 जून 2026 को मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए हरदोई चौराहा से बरेली जाने वाले मार्ग से अभियुक्त अखिलेश पुत्र सुरेंद्र और सुरेंद्र पुत्र स्वर्गीय श्रीराम को दोपहर करीब 3:15 बजे गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया।1