30 वर्ष से बिलंबित गन्ना भुगतान के आंकड़ों को लेकर जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय पर किसानों का प्रदर्शन। 30 वर्ष के विलंबित गन्ना भुगतान के आंकड़ों की मांग को लेकर जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय पर किसानों का प्रदर्शन पीलीभीत। किसानों के 14 दिन से अधिक विलंबित गन्ना भुगतान पर ब्याज की मांग को लेकर गुरुवार को राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के बैनर तले सैकड़ों किसानों ने जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। संगठन के जिलाध्यक्ष ठाकुर श्रवण दत्त सिंह के नेतृत्व में किसानों ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद की लखनऊ खंडपीठ द्वारा जनहित याचिका संख्या 7066/2006 (वी.एम. सिंह बनाम राज्य सरकार एवं अन्य) में 16 जुलाई 2026 को पारित आदेश के अनुपालन में पेराई सत्र 1996-97 से 2025-26 तक के विलंबित गन्ना भुगतान का विवरण उपलब्ध कराने की मांग की। किसानों ने विभागीय अधिकारियों को आवेदन सौंपते हुए प्रत्येक किसान के 14 दिन से अधिक विलंबित गन्ना भुगतान का वर्षवार विवरण उपलब्ध कराने की मांग की। इस दौरान किसानों की ओर से लगभग 523 आवेदन जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय में जमा किए गए। जिला गन्ना अधिकारी खुशीराम भार्गव की अनुपस्थिति में गन्ना विकास निरीक्षक जगपाल सिंह ने किसानों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने विभाग की ओर से किसानों को जल्द से जल्द करीब 30 वर्षों का भुगतान संबंधी रिकॉर्ड उपलब्ध कराने का प्रयास करने का आश्वासन दिया। किसानों ने मांग की कि रिकॉर्ड 28 अगस्त तक उपलब्ध कराया जाए, ताकि 30 अगस्त को होने वाली न्यायालय की कार्यवाही में इसे प्रस्तुत कर 14 दिन से अधिक विलंबित गन्ना भुगतान पर ब्याज की मांग की जा सके। किसानों के हित में जारी रहेगा संघर्ष : श्रवण दत्त सिंह संगठन के जिलाध्यक्ष ठाकुर श्रवण दत्त सिंह ने कहा कि किसान वर्षों से अपने गन्ने का भुगतान समय पर पाने के अधिकार के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद विभाग को पेराई सत्र 1996-97 से 2025-26 तक प्रत्येक किसान के 14 दिन से अधिक विलंबित गन्ना भुगतान का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों को यह विवरण 28 अगस्त तक उपलब्ध कराया जाए, जिससे 30 अगस्त को न्यायालय के समक्ष रिकॉर्ड प्रस्तुत कर किसानों के हक के ब्याज की मांग की जा सके। उन्होंने कहा कि यदि समय पर रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया तो राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन किसानों के हित में संघर्ष को और तेज करेगा और 29 अगस्त को जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। संगठन ने बताया कि इस संबंध में 5 अगस्त को जिला उपाध्यक्ष नीरज शर्मा के नेतृत्व में किसानों ने जिला गन्ना अधिकारी खुशीराम भार्गव को ज्ञापन सौंपकर भुगतान संबंधी विवरण उपलब्ध कराने की मांग की थी। इसके बाद 17 अगस्त को जिलाध्यक्ष श्रवण दत्त सिंह के नेतृत्व में जिला उपाध्यक्ष नीरज शर्मा, जिला मंत्री महेंद्र पाल (सैजना) सहित दर्जनों किसानों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया था, जिसे सिटी मजिस्ट्रेट पीएल मौर्य के माध्यम से सौंपा गया था। वहीं, जिला गन्ना अधिकारी खुशीराम भार्गव से टेलीफोन पर हुई वार्ता में उन्होंने बताया कि वह फिलहाल बाहर हैं। किसानों का भुगतान संबंधी रिकॉर्ड जल्द से जल्द उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि गन्ना विभाग किसानों का विभाग है और किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए विभाग सदैव तत्पर है। प्रदर्शन को कांग्रेस नेता युसूफ मलिक ने भी समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि वह किसानों के साथ हैं और विलंबित गन्ना भुगतान पर ब्याज दिलाने के लिए आवश्यक रिकॉर्ड किसानों को उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों को ब्याज का भुगतान नहीं करना चाहती, इसलिए आंकड़े समय पर उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान ठाकुर अजदत्त सिंह, एडवोकेट वकार उल हसन खान, कल सिंह, डॉ. राममूर्ति गंगवार, गुल्लू पहलवान, नत्थू लाल, अरविंद कुमार, फूलचंद आचार्य, चेतराम वर्मा अमीन नगर समेत राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
30 वर्ष से बिलंबित गन्ना भुगतान के आंकड़ों को लेकर जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय पर किसानों का प्रदर्शन। 30 वर्ष के विलंबित गन्ना भुगतान के आंकड़ों की मांग को लेकर जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय पर किसानों का प्रदर्शन पीलीभीत। किसानों के 14 दिन से अधिक विलंबित गन्ना भुगतान पर ब्याज की मांग को लेकर गुरुवार को राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के बैनर तले सैकड़ों किसानों ने जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। संगठन के जिलाध्यक्ष ठाकुर श्रवण दत्त सिंह के नेतृत्व में किसानों ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद की लखनऊ खंडपीठ द्वारा जनहित याचिका संख्या 7066/2006 (वी.एम. सिंह बनाम राज्य सरकार एवं अन्य) में 16 जुलाई 2026 को पारित आदेश के अनुपालन में पेराई सत्र 1996-97 से 2025-26 तक के विलंबित गन्ना भुगतान का विवरण उपलब्ध कराने की मांग की। किसानों ने विभागीय अधिकारियों को आवेदन सौंपते हुए प्रत्येक किसान के 14 दिन से अधिक विलंबित गन्ना भुगतान का वर्षवार विवरण उपलब्ध कराने की मांग की। इस दौरान किसानों की ओर से लगभग 523 आवेदन जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय में जमा किए गए। जिला गन्ना अधिकारी खुशीराम भार्गव की अनुपस्थिति में गन्ना विकास निरीक्षक जगपाल सिंह ने किसानों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने विभाग की ओर से किसानों को जल्द से जल्द करीब 30 वर्षों का भुगतान संबंधी रिकॉर्ड उपलब्ध
कराने का प्रयास करने का आश्वासन दिया। किसानों ने मांग की कि रिकॉर्ड 28 अगस्त तक उपलब्ध कराया जाए, ताकि 30 अगस्त को होने वाली न्यायालय की कार्यवाही में इसे प्रस्तुत कर 14 दिन से अधिक विलंबित गन्ना भुगतान पर ब्याज की मांग की जा सके। किसानों के हित में जारी रहेगा संघर्ष : श्रवण दत्त सिंह संगठन के जिलाध्यक्ष ठाकुर श्रवण दत्त सिंह ने कहा कि किसान वर्षों से अपने गन्ने का भुगतान समय पर पाने के अधिकार के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद विभाग को पेराई सत्र 1996-97 से 2025-26 तक प्रत्येक किसान के 14 दिन से अधिक विलंबित गन्ना भुगतान का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों को यह विवरण 28 अगस्त तक उपलब्ध कराया जाए, जिससे 30 अगस्त को न्यायालय के समक्ष रिकॉर्ड प्रस्तुत कर किसानों के हक के ब्याज की मांग की जा सके। उन्होंने कहा कि यदि समय पर रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया तो राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन किसानों के हित में संघर्ष को और तेज करेगा और 29 अगस्त को जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। संगठन ने बताया कि इस संबंध में 5 अगस्त को जिला उपाध्यक्ष नीरज शर्मा के नेतृत्व में किसानों ने जिला गन्ना अधिकारी खुशीराम भार्गव
को ज्ञापन सौंपकर भुगतान संबंधी विवरण उपलब्ध कराने की मांग की थी। इसके बाद 17 अगस्त को जिलाध्यक्ष श्रवण दत्त सिंह के नेतृत्व में जिला उपाध्यक्ष नीरज शर्मा, जिला मंत्री महेंद्र पाल (सैजना) सहित दर्जनों किसानों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया था, जिसे सिटी मजिस्ट्रेट पीएल मौर्य के माध्यम से सौंपा गया था। वहीं, जिला गन्ना अधिकारी खुशीराम भार्गव से टेलीफोन पर हुई वार्ता में उन्होंने बताया कि वह फिलहाल बाहर हैं। किसानों का भुगतान संबंधी रिकॉर्ड जल्द से जल्द उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि गन्ना विभाग किसानों का विभाग है और किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए विभाग सदैव तत्पर है। प्रदर्शन को कांग्रेस नेता युसूफ मलिक ने भी समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि वह किसानों के साथ हैं और विलंबित गन्ना भुगतान पर ब्याज दिलाने के लिए आवश्यक रिकॉर्ड किसानों को उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों को ब्याज का भुगतान नहीं करना चाहती, इसलिए आंकड़े समय पर उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान ठाकुर अजदत्त सिंह, एडवोकेट वकार उल हसन खान, कल सिंह, डॉ. राममूर्ति गंगवार, गुल्लू पहलवान, नत्थू लाल, अरविंद कुमार, फूलचंद आचार्य, चेतराम वर्मा अमीन नगर समेत राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
- 30 वर्ष से बिलंबित गन्ना भुगतान के आंकड़ों को लेकर जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय पर किसानों का प्रदर्शन। 30 वर्ष के विलंबित गन्ना भुगतान के आंकड़ों की मांग को लेकर जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय पर किसानों का प्रदर्शन पीलीभीत। किसानों के 14 दिन से अधिक विलंबित गन्ना भुगतान पर ब्याज की मांग को लेकर गुरुवार को राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के बैनर तले सैकड़ों किसानों ने जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। संगठन के जिलाध्यक्ष ठाकुर श्रवण दत्त सिंह के नेतृत्व में किसानों ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद की लखनऊ खंडपीठ द्वारा जनहित याचिका संख्या 7066/2006 (वी.एम. सिंह बनाम राज्य सरकार एवं अन्य) में 16 जुलाई 2026 को पारित आदेश के अनुपालन में पेराई सत्र 1996-97 से 2025-26 तक के विलंबित गन्ना भुगतान का विवरण उपलब्ध कराने की मांग की। किसानों ने विभागीय अधिकारियों को आवेदन सौंपते हुए प्रत्येक किसान के 14 दिन से अधिक विलंबित गन्ना भुगतान का वर्षवार विवरण उपलब्ध कराने की मांग की। इस दौरान किसानों की ओर से लगभग 523 आवेदन जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय में जमा किए गए। जिला गन्ना अधिकारी खुशीराम भार्गव की अनुपस्थिति में गन्ना विकास निरीक्षक जगपाल सिंह ने किसानों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने विभाग की ओर से किसानों को जल्द से जल्द करीब 30 वर्षों का भुगतान संबंधी रिकॉर्ड उपलब्ध कराने का प्रयास करने का आश्वासन दिया। किसानों ने मांग की कि रिकॉर्ड 28 अगस्त तक उपलब्ध कराया जाए, ताकि 30 अगस्त को होने वाली न्यायालय की कार्यवाही में इसे प्रस्तुत कर 14 दिन से अधिक विलंबित गन्ना भुगतान पर ब्याज की मांग की जा सके। किसानों के हित में जारी रहेगा संघर्ष : श्रवण दत्त सिंह संगठन के जिलाध्यक्ष ठाकुर श्रवण दत्त सिंह ने कहा कि किसान वर्षों से अपने गन्ने का भुगतान समय पर पाने के अधिकार के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद विभाग को पेराई सत्र 1996-97 से 2025-26 तक प्रत्येक किसान के 14 दिन से अधिक विलंबित गन्ना भुगतान का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों को यह विवरण 28 अगस्त तक उपलब्ध कराया जाए, जिससे 30 अगस्त को न्यायालय के समक्ष रिकॉर्ड प्रस्तुत कर किसानों के हक के ब्याज की मांग की जा सके। उन्होंने कहा कि यदि समय पर रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया तो राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन किसानों के हित में संघर्ष को और तेज करेगा और 29 अगस्त को जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। संगठन ने बताया कि इस संबंध में 5 अगस्त को जिला उपाध्यक्ष नीरज शर्मा के नेतृत्व में किसानों ने जिला गन्ना अधिकारी खुशीराम भार्गव को ज्ञापन सौंपकर भुगतान संबंधी विवरण उपलब्ध कराने की मांग की थी। इसके बाद 17 अगस्त को जिलाध्यक्ष श्रवण दत्त सिंह के नेतृत्व में जिला उपाध्यक्ष नीरज शर्मा, जिला मंत्री महेंद्र पाल (सैजना) सहित दर्जनों किसानों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया था, जिसे सिटी मजिस्ट्रेट पीएल मौर्य के माध्यम से सौंपा गया था। वहीं, जिला गन्ना अधिकारी खुशीराम भार्गव से टेलीफोन पर हुई वार्ता में उन्होंने बताया कि वह फिलहाल बाहर हैं। किसानों का भुगतान संबंधी रिकॉर्ड जल्द से जल्द उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि गन्ना विभाग किसानों का विभाग है और किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए विभाग सदैव तत्पर है। प्रदर्शन को कांग्रेस नेता युसूफ मलिक ने भी समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि वह किसानों के साथ हैं और विलंबित गन्ना भुगतान पर ब्याज दिलाने के लिए आवश्यक रिकॉर्ड किसानों को उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों को ब्याज का भुगतान नहीं करना चाहती, इसलिए आंकड़े समय पर उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान ठाकुर अजदत्त सिंह, एडवोकेट वकार उल हसन खान, कल सिंह, डॉ. राममूर्ति गंगवार, गुल्लू पहलवान, नत्थू लाल, अरविंद कुमार, फूलचंद आचार्य, चेतराम वर्मा अमीन नगर समेत राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।3
- चित्रकूट में मंदाकिनी का जलस्तर फिर बढ़ा, तीसरे दिन भी गुप्त गोदावरी की गुफाएं बंद। पहाड़ी और मैदानी इलाकों में रुक-रुककर तेज बारिश से जनजीवन प्रभावित, नदी किनारे सुरक्षा बढ़ाई गई; धंस रही सड़क पर भारी वाहनों से हादसे का खतरा चित्रकूट। जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच मंदाकिनी नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में रुक-रुककर तेज बारिश का सिलसिला जारी रहने से जनजीवन प्रभावित है। कल जलस्तर में कमी आने के बाद एक बार फिर नदी का पानी बढ़ने से प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। लगातार तीसरे दिन गुप्त गोदावरी की गुफाएं बंद हैं। सुरक्षा के मद्देनजर स्थानीय दुकानों को भी बंद कराया गया है। नदी के किनारे रहने वाले लोगों और श्रद्धालुओं को सुरक्षित दूरी बनाए रखने के लिए देर रात तक अनाउंसमेंट कराया गया। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करते हुए क्यूआरटी, एसडीईआरएफ और होमगार्ड की टीमें मोटर बोट के साथ तैनात की गई हैं। धंस रही सड़क, भारी वाहनों से बढ़ रहा कटाव लगातार बारिश के बीच एक सड़क धीरे-धीरे धंसती जा रही है। सड़क के नीचे से लगातार पानी बहने के कारण मिट्टी का कटाव बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार भारी वाहनों के गुजरने से सड़क का कटाव और तेज हो रहा है। यदि समय रहते भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक नहीं लगाई गई तो सड़क का बड़ा हिस्सा धंस सकता है और गंभीर हादसा होने की आशंका है। लगातार बारिश और बढ़ते जलस्तर के बीच प्रशासन की ओर से लोगों से सतर्क रहने और नदी तथा कमजोर सड़क क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की अपील की जा रही है। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से जर्जर हो रही सड़क पर तत्काल सुरक्षा इंतजाम करने और भारी वाहनों की आवाजाही रोकने की मांग की है।1
- पत्रकार - एथेनॉल के चलते 18 दिनों के अंदर चीनी के दाम 49 से बढ़कर 69 रु प्रति किलो हो गए, आप इस पर क्या कहेंगे। *पत्रकार - एथेनॉल के चलते 18 दिनों के अंदर चीनी के दाम 49 से बढ़कर 69 रु प्रति किलो हो गए, आप इस पर क्या कहेंगे।* कृषि मंत्री विजय सिन्हा - देखिए चीनी के दाम बढ़ने पर कांग्रेस के लोग हल्ला मचा रहे हैं, यह लोग स्कूल की फीस और डाक्टरों की बढ़ती हुई फीस पर कुछ नहीं बोलते, सब चुप रहते हैं, यह इन लोगों की साजिश है, "चोर मचाये शोर" वाले हैं, BJP को बदनाम करने का काम कर रहे हैं। अब सोचिए बिहार के कृषि मंत्री ने चीनी के साथ साथ स्कूल फीस और डाक्टरों की फीस महंगाई पर भी सवाल उठा दिया, सवाल तो वही है आखिर किसकी सरकार में मंहगाई बढ़ रही है, स्मृति ईरानी तो कह रहीं थी BJP कि सरकार आई तो 40 रु की चीनी 13 रु किलो मिलने लगेगी।1
- 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | शाहजहांपुर गौतम मौर्य हत्याकांड में आरोपी समीर अली के घर चला बुलडोजर कांट में गौतम मौर्य हत्याकांड के मामले में आरोपी समीर अली के घर पर प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई। ➡️ मौके पर पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी ➡️ कार्रवाई के बाद इलाके में बढ़ी हलचल ➡️ हत्याकांड के मामले में प्रशासन की कार्रवाई चर्चा में शाहजहांपुर | कांट जिला संवाददाता देवेंद्र पटेल1
- बरेली में ऑपरेशन के बाद महिला की मौत, परिजनों ने अस्पताल पर लगाए गंभीर आरोप—डीएम से जांच की मांग बरेली के पीलीभीत बाईपास रोड स्थित श्री बालाजी हॉस्पिटल में आयुष्मान कार्ड से बच्चेदानी का ऑपरेशन कराने के बाद महिला की मौत का मामला सामने आया है। मृतका के बेटे रोहित कुमार ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की है। रोहित के मुताबिक उनकी मां श्यामा देवी को 10 अगस्त को बालाजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। 11 अगस्त को आयुष्मान कार्ड से उनका ऑपरेशन हुआ। आरोप है कि ऑपरेशन के बाद करीब सात घंटे तक उन्हें होश नहीं आया। बाद में परिजनों से कथित तौर पर हस्ताक्षर कराकर उन्हें दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया गया। रोहित का दावा है कि ऑपरेशन से पहले उनकी मां का हीमोग्लोबिन 12 प्वाइंट था, जबकि दूसरे अस्पताल ले जाने पर महज 3 प्वाइंट बताया गया। इलाज के दौरान 12 अगस्त को उनकी मां की मौत हो गई। रोहित ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल से इलाज से जुड़े दस्तावेज मांगने पर उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है और 60 हजार रुपये की मांग की जा रही है। गरीब परिवार ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। जांच की बाद ही सच्चाई सामने आ सकेगी पूरे मामले में आज गुरुवार समय लगभग शाम के 4:00 बजे पीड़ित ने जानकारी देते हुए बताया1
- बीसलपुर क्षेत्र में कटना नदी में मिला अज्ञात श@व, पुलिस शिनाख्त में जुटी।1
- कवरपुरा में स्कूल नहीं, तबेले में पढ़ रहे हैं बच्चे!-जिनकी जगह है उनकी ज़ुबानी सुनिए ! कवरपुरा में स्कूल नहीं, तबेले में पढ़ रहे हैं बच्चे!-जिनकी जगह है उनकी ज़ुबानी सुनिए ! जिस जगह स्कूल चल रहा है, उसके मालिक ने खुद बताया—“ये तबेला है, इसमें गाय-भैंस बंधती हैं।” स्कूल की छत की पट्टियां तीन साल से टूटी पड़ी हैं। बार-बार शिकायत के बावजूद मरम्मत नहीं हुई। नतीजा ये कि तीन साल से बच्चे स्कूल की जगह तबेले में पढ़ने को मजबूर हैं। सवाल सिर्फ टूटी छत का नहीं, सवाल ये है कि तीन साल तक जिम्मेदारों की नजर में बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा क्यों नहीं आई? जिस जगह मवेशी बांधे जाते थे, वहां बच्चों का भविष्य बांध दिया गया।1
- सिगरेट के विवाद में दुकानदार की हत्या, बेलचा से हमले का आरोप पीलीभीत। सिगरेट को लेकर हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया। आरोप है कि दुकान पर विवाद के दौरान दुकानदार पर बेलचा से हमला कर दिया गया। गंभीर हालत में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पिता-पुत्र समेत तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मामले की जांच जारी है।1
- दुपट्टे से गला घोंटकर भतीजी की हत्या! प्रेम-प्रसंग से नाराज चाचा ने शव खेत में दबाया, आरोपी गिरफ्तार बरेली के अलीगंज थाना क्षेत्र के अनिरुद्धपुर गौटिया गांव में युवती की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने नामजद आरोपी चाचा जयप्रकाश को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पूछताछ में प्रेम-प्रसंग से नाराज होकर 28 जुलाई को युवती की हत्या करने की बात कबूल की है। आरोप है कि युवती को गांव के ही युवक से बातचीत करते देखकर चाचा गुस्सा गया और उसने युवती का उसी के दुपट्टे से गला घोंट दिया। इसके बाद शव को ट्यूबवेल की कोठरी में छिपाकर ताला लगा दिया। परिजनों को उसने युवती के प्रेमी के साथ चले जाने की बात बताई। पुलिस के अनुसार, रात में आरोपी शव को खेत में ले गया और गड्ढा खोदकर दबा दिया। 16 अगस्त को पुलिस को मामले की सूचना मिली। जांच के बाद 18 अगस्त को शव को जमीन से बाहर निकलवाया गया और 20 अगस्त को दादा की तहरीर पर हत्या समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने आरोपी जयप्रकाश को 20 अगस्त की सुबह अनिरुद्धपुर गौटिया स्थित खेत से गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय में पेश करने के बाद आरोपी को जिला जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है पूरे मामले में क्षेत्राधिकार आंवला ने जानकारी देते हुए बताया1