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आंगनवाड़ी केन्द्र में चूहों का आतंक फर्श उखाड़कर केंद्र में बनाया अपना घर बच्चो मे डर का माहौल अधिकारियों ने सादी चुप्पी राजनगर महीला बाल विकास परियोजना के अन्तर्गत आने वाले खजुराहो से सटे ग्राम कुंदरपुरा आदिवासी मुहल्ले में संचालित आंगनवाड़ी केन्द्र में चूहों का आतंक से बच्चे नोनीहाल परेशान है चूहों ने फर्श उखाड़कर केंद्र में बनाया अपना घर बना लिया है जिससे बच्चो मे डर का माहौल है आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने लिखित आवेदन पत्र भी अपने वारिष्ट अधिकारियों को भी दिया गया लेकीन अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया आधिकारी चुप्पी साध कर बैठे हुए हैं शायद कोई बडी घटना घटने का इंतजार किया जा रहा है मीडिया में ख़बर प्रकाशन होने से अब देखना होगा कि आधिकारी इस मामले को कितनी गंभीरता दिखाते हैं

14 hrs ago
user_BALKISHUN VISHWAKARMA
BALKISHUN VISHWAKARMA
Lawyer राजनगर, छतरपुर, मध्य प्रदेश•
14 hrs ago

आंगनवाड़ी केन्द्र में चूहों का आतंक फर्श उखाड़कर केंद्र में बनाया अपना घर बच्चो मे डर का माहौल अधिकारियों ने सादी चुप्पी राजनगर महीला बाल विकास परियोजना के अन्तर्गत आने वाले खजुराहो से सटे ग्राम कुंदरपुरा आदिवासी मुहल्ले में संचालित आंगनवाड़ी केन्द्र में चूहों का आतंक से बच्चे नोनीहाल परेशान है चूहों ने फर्श उखाड़कर केंद्र में बनाया अपना घर बना लिया है जिससे बच्चो मे डर का माहौल है आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने लिखित आवेदन पत्र भी अपने वारिष्ट अधिकारियों को भी दिया गया लेकीन अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया आधिकारी चुप्पी साध कर बैठे हुए हैं शायद कोई बडी घटना घटने का इंतजार किया जा रहा है मीडिया में ख़बर प्रकाशन होने से अब देखना होगा कि आधिकारी इस मामले को कितनी गंभीरता दिखाते हैं

  • user_Arjun
    Arjun
    Buxwaha, Chhatarpur
    💣
    7 hrs ago
  • user_Arjun
    Arjun
    Buxwaha, Chhatarpur
    💣
    7 hrs ago
  • user_Arjun
    Arjun
    Buxwaha, Chhatarpur
    💣
    7 hrs ago
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • राजनगर महीला बाल विकास परियोजना के अन्तर्गत आने वाले खजुराहो से सटे ग्राम कुंदरपुरा आदिवासी मुहल्ले में संचालित आंगनवाड़ी केन्द्र में चूहों का आतंक से बच्चे नोनीहाल परेशान है चूहों ने फर्श उखाड़कर केंद्र में बनाया अपना घर बना लिया है जिससे बच्चो मे डर का माहौल है आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने लिखित आवेदन पत्र भी अपने वारिष्ट अधिकारियों को भी दिया गया लेकीन अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया आधिकारी चुप्पी साध कर बैठे हुए हैं शायद कोई बडी घटना घटने का इंतजार किया जा रहा है मीडिया में ख़बर प्रकाशन होने से अब देखना होगा कि आधिकारी इस मामले को कितनी गंभीरता दिखाते हैं
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    राजनगर महीला बाल विकास परियोजना के अन्तर्गत आने वाले खजुराहो से सटे ग्राम कुंदरपुरा आदिवासी मुहल्ले में संचालित आंगनवाड़ी केन्द्र में चूहों का आतंक से बच्चे नोनीहाल परेशान है चूहों ने फर्श उखाड़कर केंद्र में बनाया अपना घर बना लिया है जिससे बच्चो मे डर का माहौल है आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने लिखित आवेदन पत्र भी अपने वारिष्ट अधिकारियों को भी दिया गया लेकीन अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया आधिकारी चुप्पी साध कर बैठे हुए हैं शायद कोई बडी घटना घटने का इंतजार किया जा रहा है मीडिया में ख़बर प्रकाशन होने से अब देखना होगा कि आधिकारी इस मामले को कितनी गंभीरता दिखाते हैं
    user_BALKISHUN VISHWAKARMA
    BALKISHUN VISHWAKARMA
    Lawyer राजनगर, छतरपुर, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • डॉ भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती के उपलक्ष्य में विशाल दो पहिया वाहन रैली निकाली । नौगांव में बीते रोज रविवार को बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर जी की 135मी जंयती के उपलक्ष्य नगर नौगांव में महावहान रैली का आयोजन किया गया ।
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    डॉ भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती के उपलक्ष्य में विशाल दो पहिया वाहन रैली निकाली  ।
नौगांव में बीते रोज रविवार को बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर जी की 135मी  जंयती के उपलक्ष्य  नगर नौगांव में महावहान रैली का आयोजन किया गया  ।
    user_The best news
    The best news
    लौंडी, छतरपुर, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • सेंवडी़ गांव में स्थित शासकीय वन भूमि पर रेंजर नीलेश प्रजापति का एकाधिकार जिसको निजी संपत्ति समझकर खुलेआम वीट प्रभारी रामकिशन कुशवाहा के साथ मिलकर कालाबाजारी कर रहा है और ग्रामीणों को औने-पौने दाम में बेशकीमती सागौन की लकड़ी सहित मुरम और रेत बेंच रहा है वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किस तरह से रेत माफिया वन भूमि से बेख़ौफ़ होकर वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के संरक्षण में रेत निकाल रहे हैं वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि दिन रात हरे भरे पेड़ों की कटाई करके पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है और वन विभाग द्वारा कुछ ग्रामीणों की निजी भूमि पर जबरन कब्जा भी किया गया है जिसका न्यायालय द्वारा फैसला भूमि स्वामी के पक्ष में ही दिया गया है उसके बाद भी वन विभाग के अधिकारी कब्जा छोड़ने को तैयार नहीं ऊपर से फर्जी मुकदमे लगाने की धमकी देते हैं पूरे मामले को लेकर जब गांव के लोगों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मेरे द्वारा ग्रामीणों के साथ मिलकर इस तरह से चल रहे अवैध काम का खुलकर विरोध किया जा रहा है मगर इस काम को रोकने में ग्राम पंचायत और जिला प्रशासन असमर्थ नाकाम है क्योंकि जिम्मेदार अधिकारियों और रेंजर नीलेश प्रजापति रेंज लवकुश नगर एवं राजनगर को बार बार फोन लगाया जाता मगर वह किसी का कभी फोन रिसीव नहीं करते एवं कुछ भी जानकारी देना जरूरी नहीं समझते हैं जिससे साफ अंदाजा लगाया जा रहा है कि उनकी मिली-भगत और सहमति से ही इतने बड़े भ्रष्टाचार को अंजाम दिया जा रहा है एवं इस काले कारोबार से की गई काली कमाई और आमदनी का हिस्सा नीचे से ऊपर तक सभी अधिकारियों को मिल रहा है तभी कोई सुनवाई नहीं एवं कार्यवाही नहीं की जा रही है अब देखना होगा कि मामला मीडिया में आने के बाद जिला कलेक्टर पार्थ जैसवाल एवं जिला वन अधिकारी रिशि मिश्रा ऐसे भ्रष्ट रेंजर और वीट प्रभारी पर क्या कार्यवाही करते हैं
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    सेंवडी़ गांव में स्थित शासकीय वन भूमि पर रेंजर नीलेश प्रजापति का एकाधिकार जिसको निजी संपत्ति समझकर खुलेआम वीट प्रभारी रामकिशन कुशवाहा के साथ मिलकर कालाबाजारी कर रहा है और ग्रामीणों को औने-पौने दाम में बेशकीमती सागौन की लकड़ी सहित मुरम और रेत बेंच रहा है वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किस तरह से रेत माफिया वन भूमि से बेख़ौफ़ होकर वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के संरक्षण में रेत निकाल रहे हैं वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि दिन रात हरे भरे पेड़ों की कटाई करके पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है और वन विभाग द्वारा कुछ ग्रामीणों की निजी भूमि पर जबरन कब्जा भी किया गया है जिसका न्यायालय द्वारा फैसला भूमि स्वामी के पक्ष में ही दिया गया है उसके बाद भी वन विभाग के अधिकारी कब्जा छोड़ने को तैयार नहीं ऊपर से फर्जी मुकदमे लगाने की धमकी देते हैं पूरे मामले को लेकर जब गांव के लोगों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मेरे द्वारा ग्रामीणों के साथ मिलकर इस तरह से चल रहे अवैध काम का खुलकर विरोध किया जा रहा  है मगर इस काम को रोकने में ग्राम पंचायत और जिला प्रशासन असमर्थ नाकाम है क्योंकि जिम्मेदार अधिकारियों और रेंजर नीलेश प्रजापति रेंज लवकुश नगर एवं राजनगर को बार बार फोन लगाया जाता मगर वह किसी का कभी फोन रिसीव नहीं करते एवं कुछ भी जानकारी देना जरूरी नहीं समझते हैं जिससे साफ अंदाजा लगाया जा रहा है कि उनकी मिली-भगत और सहमति से ही इतने बड़े भ्रष्टाचार को अंजाम दिया जा रहा है एवं इस काले कारोबार से की गई काली कमाई और आमदनी का हिस्सा नीचे से ऊपर तक सभी अधिकारियों को मिल रहा है तभी कोई सुनवाई नहीं एवं कार्यवाही नहीं की जा रही है अब देखना होगा कि मामला मीडिया में आने के बाद जिला कलेक्टर पार्थ जैसवाल एवं जिला वन अधिकारी रिशि मिश्रा ऐसे भ्रष्ट रेंजर और वीट प्रभारी पर क्या कार्यवाही करते हैं
    user_पत्रकार पुष्पेंद्र तिवारी
    पत्रकार पुष्पेंद्र तिवारी
    Social Media Manager लौंडी, छतरपुर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • क्या मोनालिसा फरमान खान को छोड़ कर भाग गयी? क्या है वीडियो की असलियत
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    क्या मोनालिसा फरमान खान को छोड़ कर भाग गयी? क्या है वीडियो की असलियत
    user_Bharat Junction News
    Bharat Junction News
    Local News Reporter छतरपुर, छतरपुर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • ग्राम भवानीपुर में आज हर्बल इंडिया प्रोडक्ट्स एंड सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के नए स्टोर का भव्य शुभारंभ बड़े ही उत्साह और गरिमामय माहौल में किया गया। इस अवसर पर कंपनी के एम.डी. पंकज नामदेव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत फीता काटकर की गई, जिसके साथ ही स्टोर का विधिवत उद्घाटन हुआ। इस मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे। सभी ने इस नई पहल का स्वागत करते हुए खुशी जताई और उम्मीद व्यक्त की कि अब क्षेत्र के लोगों को हर्बल उत्पाद आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे। इस स्टोर की प्रभारी पुष्पा गौड़ को बनाया गया है, जो स्टोर के संचालन एवं ग्राहकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने की जिम्मेदारी संभालेंगी। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया और स्टोर के उज्जवल भविष्य की कामना की गई।
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    ग्राम भवानीपुर में आज हर्बल इंडिया प्रोडक्ट्स एंड सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के नए स्टोर का भव्य शुभारंभ बड़े ही उत्साह और गरिमामय माहौल में किया गया। इस अवसर पर कंपनी के एम.डी. पंकज नामदेव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत फीता काटकर की गई, जिसके साथ ही स्टोर का विधिवत उद्घाटन हुआ। इस मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे। सभी ने इस नई पहल का स्वागत करते हुए खुशी जताई और उम्मीद व्यक्त की कि अब क्षेत्र के लोगों को हर्बल उत्पाद आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।
इस स्टोर की प्रभारी पुष्पा गौड़ को बनाया गया है, जो स्टोर के संचालन एवं ग्राहकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने की जिम्मेदारी संभालेंगी।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया और स्टोर के उज्जवल भविष्य की कामना की गई।
    user_Rajendra Singh Patel
    Rajendra Singh Patel
    Local News Reporter अजयगढ़, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • 🔴 14 महीने बीत गए 🔴 52 आवेदन दिए गए 🔴 फिर भी चोरी का खुलासा नहीं फरियादी का आरोप है कि उसके घर से चोरी हुआ 2.27 ग्राम सोना और 2 किलो चांदी आज तक बरामद नहीं हुई। इतना ही नहीं, उसने तत्कालीन कोतवाली थाना प्रभारी सतीश सिंह और जीतेन्द्र सोनी पर ही गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चोरी का माल ही हड़प लिया गया। 💔 मामला तब और भावुक हो गया जब फरियादी ने मिथिलेश शुक्ला के सामने रो-रोकर अपनी पूरी कहानी सुनाई। ⚠️ फरियादी की चेतावनी: अगर न्याय नहीं मिला, तो वह परिवार सहित पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने आत्मदाह करेगा। ❗ सबसे बड़ा सवाल क्या आईजी के सामने गुहार लगाने के बाद भी मिलेगा न्याय? या फिर प्रशासन किसी बड़ी घटना के बाद ही जागेगा? 👉 यह मामला सिर्फ एक चोरी का नहीं, बल्कि विश्वास और न्याय व्यवस्था की परीक्षा बन चुका है।
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    🔴 14 महीने बीत गए
🔴 52 आवेदन दिए गए
🔴 फिर भी चोरी का खुलासा नहीं
फरियादी का आरोप है कि उसके घर से चोरी हुआ 2.27 ग्राम सोना और 2 किलो चांदी आज तक बरामद नहीं हुई। इतना ही नहीं, उसने तत्कालीन कोतवाली थाना प्रभारी सतीश सिंह और जीतेन्द्र सोनी पर ही गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चोरी का माल ही हड़प लिया गया।
💔 मामला तब और भावुक हो गया जब फरियादी ने मिथिलेश शुक्ला के सामने रो-रोकर अपनी पूरी कहानी सुनाई।
⚠️ फरियादी की चेतावनी:
अगर न्याय नहीं मिला, तो वह परिवार सहित पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने आत्मदाह करेगा।
❗ सबसे बड़ा सवाल
क्या आईजी के सामने गुहार लगाने के बाद भी मिलेगा न्याय?
या फिर प्रशासन किसी बड़ी घटना के बाद ही जागेगा?
👉 यह मामला सिर्फ एक चोरी का नहीं, बल्कि विश्वास और न्याय व्यवस्था की परीक्षा बन चुका है।
    user_Mukesh Gautam
    Mukesh Gautam
    Advertising agency छतरपुर, छतरपुर, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • पुलिस के खिलाफ छतरपुर जिले के गौरिहार में चक्का जाम, सरकार के मंत्री दिलीप अहिरवार पर भी दिखाई नाराजगी
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    पुलिस के खिलाफ छतरपुर जिले के गौरिहार में चक्का जाम, सरकार के मंत्री दिलीप अहिरवार पर भी दिखाई नाराजगी
    user_पत्रकार धर्मेंद्र बुन्देला
    पत्रकार धर्मेंद्र बुन्देला
    Court reporter लौंडी, छतरपुर, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • *दौधन गांव धरना स्थल पर प्रशासन की टीम ने प्रदर्शनकारियों से की वार्ता* *विशेष अभियान के जरिए ग्रामवार समस्याओं का होगा निराकरण मौका स्थल पर प्राप्त किए गए शिकायत एवं आवेदन* *धरना समाप्त करने की दी सलाह* --------------- केन-बेतवा लिंक परियोजना अंतर्गत पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र स्थित निर्माणाधीन दौधन बांध के समीप विगत 5 अप्रैल से धरने पर बैठे ग्रामीणों से रविवार को पन्ना जिले के प्रशासनिक अधिकारियों के संयुक्त दल द्वारा धरनास्थल पर पहुंचकर विस्तृत चर्चा की गई। दल में एसडीएम पन्ना संजय कुमार नागवंशी एवं एसडीएम अजयगढ़ आलोक मार्को सहित जल संसाधन विभाग और केन-बेतवा लिंक परियोजना के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल रहे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों के नेतृत्वकर्ता अमित भटनागर और विस्थापित होने वाले ग्रामीणों का पक्ष सुना गया। वार्ता के दौरान प्रशासनिक दल ने व्यक्तिगत स्तर पर ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। इसमें मुख्य रूप से बालूपुर की लक्ष्मी आदिवासी, पन्ना कोंदर, कुंवरपुर के अशोक पाल और सूरी यादव सहित विश्रामगंज से आए अनेक ग्रामीणों ने अपनी बात रखी। अधिकारियों ने मौके पर ही इन ग्रामीणों की व्यक्तिगत शिकायतों और आवेदनों को प्राप्त कर उनके त्वरित निराकरण का भरोसा दिलाया। प्रदर्शनकारियों ने फेल्ड पेमेंट के कारण रुकी मुआवजा राशि और पहले की गई प्रतिबंधात्मक कार्यवाही को वापस लेने की मांग उठाई। चर्चा में यह स्पष्ट किया गया कि पूर्व में अमित भटनागर द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों में कुछ तकनीकी कमियां थीं। प्रशासन ने निर्देश दिए कि परियोजना से जुड़े आवश्यक दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां और दस्तावेजों की पूर्ति शीघ्र कर ली जाए, ताकि प्रदर्शनकारी वैधानिक व उचित माध्यम से अपनी बात को ठोस आधार पर रख सकें। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि रूंझ, मझगांय और केन-बेतवा लिंक परियोजना से जुड़ी ग्रामवार समस्याओं के निराकरण के लिए एसडीओ स्तर के अधिकारियों के माध्यम से विशेष अभियान चलाया जाएगा। विशेषकर ग्राम गहदरा की शिकायतों के लिए विभागीय अधिकारियों सहित प्रभावितों में से 4 अशासकीय सदस्यों के संयुक्त जांच दल का गठन किया गया है। प्रदर्शनकारियों ने सहमति दी है कि वे आंदोलन समाप्ति के उपरांत इस दल के साथ स्थल निरीक्षण में सहभागी होंगे। इस अवसर पर चर्चा के दौरान यह भी स्वीकार किया गया कि 18 वर्ष से अधिक आयु के युवाओं के लिए विशेष पैकेज की कट ऑफ डेट बढ़ाने और 5 लाख रुपए की पुनर्वास राशि में वृद्धि करने जैसे विषय नीतिगत निर्णय हैं, जिन्हें शासन स्तर पर उठाया जाएगा। इसके साथ ही सर्वे से छूटे हुए मकानों और संपत्तियों के पुनः मूल्यांकन की मांग पर भी उचित कार्यवाही का भरोसा दिया गया। प्रशासनिक दल ने सुरक्षा की दृष्टि से सचेत करते हुए बताया कि दौधन गांव का धरना स्थल पन्ना टाइगर रिजर्व का कोर एरिया है, जहां हिंसक वन्य जीवों का सीधा खतरा रहता है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि टाइगर रिजर्व के भीतर बिना अनुमति धरना देना वैधानिक नियमों के विरुद्ध है, जिससे विषम कानूनी स्थिति बन सकती है। इस कारण जनहानि के खतरे को देखते हुए ग्रामीणों को धरना समाप्त करने की सलाह दी गई है। *पन्ना जिले में संचालित हैं तीन वृहद परियोजनाएं* वर्तमान में पन्ना जिले में तीन वृहद स्तर की परियोजनाएं संचालित हैं। केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना अंतर्गत निजी भूमि एवं उस पर स्थित परिसंपत्तियों तथा शासकीय भूमि पर स्थित परिसंपत्तियों के प्रभावित ग्राम मरहा, कूडन, खमरी, गहदरा, कटहरी बिलहटा, कोनी, मझौली, डोंडी हैं। उक्त प्रभावित ग्रामों के मूल एवं पूरक अवार्ड पारित किए गए हैं, जिसमें कुल 1935 खातेदारों की कुल अधिग्रहित भूमि 871.077 हे. के लिए भुगतान हेतु 1 अरब 58 करोड़ 4 लाख 20 हजार 732 रूपए स्वीकृत किए गए। 1734 खातेदारों को 1 अरब 37 करोड़ 1 लाख 45 हजार 542 रूपए का भुगतान किया जा चुका है, शेष 201 खातेदारों को 2 अरब 10 करोड़ 27 सत्ताईस लाख 5 हजार 190 रूपए राशि का भुगतान किया जाना शेष है। ऐसे खातेदारों के बैंक खाते प्राप्त कर भुगतान की कार्यवाही की जा रही है। इसके अलावा राष्ट्रीय महत्व की केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत पुनर्वास एवं पुनव्र्यवस्थापन अंतर्गत प्रभावित ग्राम मरहा, कूडन, खमरी, गहदरा, कटहरी बिलहटा, कोनी एवं मझौली हैं। उक्त ग्रामों के प्रभावितों को उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन, जल संसाधन विभाग, भोपाल द्वारा निर्धारित 21 जनवरी 2022 कट आॅफ दिनांक से प्रारंभिक सूची अनुसार कुल 1231 परिवारों का चयन कर एवं विशेष पैकेज अंतर्गत पुनर्वास अनुदान राशि 12.50 लाख प्रति परिवार के मान से कुल 1 अरब 53 करोड़ 87 लाख 50 हजार रूपए मात्र स्वीकृत किए गए, जिसमें से 1229 परिवारों को 1 अरब 53 करोड़ 62 लाख 50 हजार रूपए का भुगतान किया जा चुका है, जबकि दो परिवारों को 25 लाख रूपए राशि का भुगतान किया जाना शेष है, जिसकी कार्यवाही प्रचलन में है। *मझगांय मध्यम सिंचाई परियोजना* मझगांय मध्यम सिंचाई परियोजना अंतर्गत भूमि एवं उस पर स्थित परिसंपत्तियों के प्रभावित ग्राम मझगांय, बालूपुर, बनहरीकला, कुंवरपुर, हनुमतपुर, बरियारपुर भूमियान, डुंगरहो एवं सब्दुआ हैं। उक्त प्रभावित ग्रामों के कुल 21 मूल एवं पूरक अवार्ड पारित किए गए हैं, जिसमें कुल 1657 खातेदारों को भुगतान योग्य कुल 1 अरब 91 करोड़ 86 लाख 80 हजार 929 रूपए की राशि स्वीकृत कर मुआवजा वितरित किया जा चुका है। मात्र विवादित खातेदारों की राशि वितरण हेतु शेष हैं। इस परियोजना के तहत पुर्नवास एवं पुनव्र्यवस्थापन अंतर्गत प्रभावित ग्राम मझगांय, बालूपुर, बनहरीकला, कुंवरपुर एवं हनुमतपुर हैं। उक्त प्रभावित ग्रामों के विस्थापन हेतु अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा निर्धारित 1 जुलाई 2018 कट आॅफ दिनांक से प्रारंभिक सूची अनुसार कुल 1935 परिवारों का चयन कर कुल पात्र 660 परिवारों को एकमुश्त पुर्नवास अनुदान राशि 5 लाख प्रति परिवार के मान से कुल 33 करोड़ रूपए मात्र स्वीकृत कर पूर्ण भुगतान किया जा चुका है। शेष परिवारों के पात्रता एवं अपात्रता की जांच व दस्तावेज एकत्रित किए जा रहे हैं। *रूंज मध्यम सिंचाई परियोजना* रूंज मध्यम सिंचाई परियोजना अंतर्गत भूमि एवं उस पर स्थित परिसंपत्तियों के प्रभावित ग्राम विश्रामगंज एंव भुजबई हैं। उक्त प्रभावित ग्रामों के मूल एवं पूरक अवार्ड पारित किए गए हैं, जिसमें कुल 710 खातेदारों को भुगतान योग्य कुल 44 करोड़ 23 लाख 58 हजार 951 रूपए मात्र की राशि स्वीकृत कर 43 करोड़ 86 लाख 63 हजार 205 रूपए राशि का वितरण किया जा चुका है, जबकि 36 लाख 95 हजार 746 रूपए मात्र का भुगतान शेष है। रूंज मध्यम सिंचाई परियोजना अंतर्गत पुर्नवास एवं पुनव्र्यवस्थापन के तहत प्रभावित ग्राम विश्रामगंज है। प्रभावित ग्राम के विस्थापन हेतु शासन द्वारा निर्धारित 5 अक्टूबर 2018 कट आॅफ दिनांक से प्रारंभिक सूची अनुसार कुल 670 परिवारों का चयन कर कुल पात्र 670 परिवारों को एकमुश्त पुर्नवास अनुदान राशि 5 लाख प्रति परिवार के मान से कुल 33 करोड़ 50 लाख रूपए राशि की स्वीकृति उपरांत पूर्ण भुगतान किया जा चुका है।
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    *दौधन गांव धरना स्थल पर प्रशासन की टीम ने प्रदर्शनकारियों से की वार्ता*
*विशेष अभियान के जरिए ग्रामवार समस्याओं का होगा निराकरण मौका स्थल पर प्राप्त किए गए शिकायत एवं आवेदन*
*धरना समाप्त करने की दी सलाह*
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केन-बेतवा लिंक परियोजना अंतर्गत पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र स्थित निर्माणाधीन दौधन बांध के समीप विगत 5 अप्रैल से धरने पर बैठे ग्रामीणों से रविवार को  पन्ना जिले के प्रशासनिक अधिकारियों के संयुक्त दल द्वारा धरनास्थल पर पहुंचकर विस्तृत चर्चा की गई। दल में एसडीएम पन्ना संजय कुमार नागवंशी एवं एसडीएम अजयगढ़ आलोक मार्को सहित जल संसाधन विभाग और केन-बेतवा लिंक परियोजना के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल रहे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों के नेतृत्वकर्ता अमित भटनागर और विस्थापित होने वाले ग्रामीणों का पक्ष सुना गया। वार्ता के दौरान प्रशासनिक दल ने व्यक्तिगत स्तर पर ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। इसमें मुख्य रूप से बालूपुर की लक्ष्मी आदिवासी, पन्ना कोंदर, कुंवरपुर के अशोक पाल और सूरी यादव सहित विश्रामगंज से आए अनेक ग्रामीणों ने अपनी बात रखी। अधिकारियों ने मौके पर ही इन ग्रामीणों की व्यक्तिगत शिकायतों और आवेदनों को प्राप्त कर उनके त्वरित निराकरण का भरोसा दिलाया।
प्रदर्शनकारियों ने फेल्ड पेमेंट के कारण रुकी मुआवजा राशि और पहले की गई प्रतिबंधात्मक कार्यवाही को वापस लेने की मांग उठाई। चर्चा में यह स्पष्ट किया गया कि पूर्व में अमित भटनागर द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों में कुछ तकनीकी कमियां थीं। प्रशासन ने निर्देश दिए कि परियोजना से जुड़े आवश्यक दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां और दस्तावेजों की पूर्ति शीघ्र कर ली जाए, ताकि प्रदर्शनकारी वैधानिक व उचित माध्यम से अपनी बात को ठोस आधार पर रख सकें। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि रूंझ, मझगांय और केन-बेतवा लिंक परियोजना से जुड़ी ग्रामवार समस्याओं के निराकरण के लिए एसडीओ स्तर के अधिकारियों के माध्यम से विशेष अभियान चलाया जाएगा। विशेषकर ग्राम गहदरा की शिकायतों के लिए विभागीय अधिकारियों सहित प्रभावितों में से 4 अशासकीय सदस्यों के संयुक्त जांच दल का गठन किया गया है। प्रदर्शनकारियों ने सहमति दी है कि वे आंदोलन समाप्ति के उपरांत इस दल के साथ स्थल निरीक्षण में सहभागी होंगे। इस अवसर पर चर्चा के दौरान यह भी स्वीकार किया गया कि 18 वर्ष से अधिक आयु के युवाओं के लिए विशेष पैकेज की कट ऑफ डेट बढ़ाने और 5 लाख रुपए की पुनर्वास राशि में वृद्धि करने जैसे विषय नीतिगत निर्णय हैं, जिन्हें शासन स्तर पर उठाया जाएगा। इसके साथ ही सर्वे से छूटे हुए मकानों और संपत्तियों के पुनः मूल्यांकन की मांग पर भी उचित कार्यवाही का भरोसा दिया गया।
प्रशासनिक दल ने सुरक्षा की दृष्टि से सचेत करते हुए बताया कि दौधन गांव का धरना स्थल पन्ना टाइगर रिजर्व का कोर एरिया है, जहां हिंसक वन्य जीवों का सीधा खतरा रहता है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि टाइगर रिजर्व के भीतर बिना अनुमति धरना देना वैधानिक नियमों के विरुद्ध है, जिससे विषम कानूनी स्थिति बन सकती है। इस कारण जनहानि के खतरे को देखते हुए ग्रामीणों को धरना समाप्त करने की सलाह दी गई है।
*पन्ना जिले में संचालित हैं तीन वृहद परियोजनाएं*
वर्तमान में पन्ना जिले में तीन वृहद स्तर की परियोजनाएं संचालित हैं। केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना अंतर्गत निजी भूमि एवं उस पर स्थित परिसंपत्तियों तथा शासकीय भूमि पर स्थित परिसंपत्तियों के प्रभावित ग्राम मरहा, कूडन, खमरी, गहदरा, कटहरी बिलहटा, कोनी, मझौली, डोंडी हैं। उक्त प्रभावित ग्रामों के मूल एवं पूरक अवार्ड पारित किए गए हैं, जिसमें कुल 1935 खातेदारों की कुल अधिग्रहित भूमि 871.077 हे. के लिए भुगतान हेतु 1 अरब 58 करोड़ 4 लाख 20 हजार 732 रूपए स्वीकृत किए गए। 1734 खातेदारों को 1 अरब 37 करोड़ 1 लाख 45 हजार 542 रूपए का भुगतान किया जा चुका है, शेष 201 खातेदारों को 2 अरब 10 करोड़ 27 सत्ताईस लाख 5 हजार 190 रूपए राशि का भुगतान किया जाना शेष है। ऐसे खातेदारों के बैंक खाते प्राप्त कर भुगतान की कार्यवाही की जा रही है। 
इसके अलावा राष्ट्रीय महत्व की केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत पुनर्वास एवं पुनव्र्यवस्थापन अंतर्गत प्रभावित ग्राम मरहा, कूडन, खमरी, गहदरा, कटहरी बिलहटा, कोनी एवं मझौली हैं। उक्त ग्रामों के प्रभावितों को उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन, जल संसाधन विभाग, भोपाल द्वारा निर्धारित 21 जनवरी 2022 कट आॅफ दिनांक से प्रारंभिक सूची अनुसार कुल 1231 परिवारों का चयन कर एवं विशेष पैकेज अंतर्गत पुनर्वास अनुदान राशि 12.50 लाख प्रति परिवार के मान से कुल 1 अरब 53 करोड़ 87 लाख 50 हजार रूपए मात्र स्वीकृत किए गए, जिसमें से 1229 परिवारों को 1 अरब 53 करोड़ 62 लाख 50 हजार रूपए का भुगतान किया जा चुका है, जबकि दो परिवारों को 25 लाख रूपए राशि का भुगतान किया जाना शेष है, जिसकी कार्यवाही प्रचलन में है।
*मझगांय मध्यम सिंचाई परियोजना*
मझगांय मध्यम सिंचाई परियोजना अंतर्गत भूमि एवं उस पर स्थित परिसंपत्तियों के प्रभावित ग्राम मझगांय, बालूपुर, बनहरीकला, कुंवरपुर, हनुमतपुर, बरियारपुर भूमियान, डुंगरहो एवं सब्दुआ हैं। उक्त प्रभावित ग्रामों के कुल 21 मूल एवं पूरक अवार्ड पारित किए गए हैं, जिसमें कुल 1657 खातेदारों को भुगतान योग्य कुल 1 अरब 91 करोड़ 86 लाख 80 हजार 929 रूपए की राशि स्वीकृत कर मुआवजा वितरित किया जा चुका है। मात्र विवादित खातेदारों की राशि वितरण हेतु शेष हैं। इस परियोजना के तहत पुर्नवास एवं पुनव्र्यवस्थापन अंतर्गत प्रभावित ग्राम मझगांय, बालूपुर, बनहरीकला, कुंवरपुर एवं हनुमतपुर हैं। उक्त प्रभावित ग्रामों के विस्थापन हेतु अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा निर्धारित 1 जुलाई 2018 कट आॅफ दिनांक से प्रारंभिक सूची अनुसार कुल 1935 परिवारों का चयन कर कुल पात्र 660 परिवारों को एकमुश्त पुर्नवास अनुदान राशि 5 लाख प्रति परिवार के मान से कुल 33 करोड़ रूपए मात्र स्वीकृत कर पूर्ण भुगतान किया जा चुका है। शेष परिवारों के पात्रता एवं अपात्रता की जांच व दस्तावेज एकत्रित किए जा रहे हैं।
*रूंज मध्यम सिंचाई परियोजना*
रूंज मध्यम सिंचाई परियोजना अंतर्गत भूमि एवं उस पर स्थित परिसंपत्तियों के प्रभावित ग्राम विश्रामगंज एंव भुजबई हैं। उक्त प्रभावित ग्रामों के मूल एवं पूरक अवार्ड पारित किए गए हैं, जिसमें कुल 710 खातेदारों को भुगतान योग्य कुल 44 करोड़ 23 लाख 58 हजार 951 रूपए मात्र की राशि स्वीकृत कर 43 करोड़ 86 लाख 63 हजार 205 रूपए राशि का वितरण किया जा चुका है, जबकि 36 लाख 95 हजार 746 रूपए मात्र का भुगतान शेष है। रूंज मध्यम सिंचाई परियोजना अंतर्गत पुर्नवास एवं पुनव्र्यवस्थापन के तहत प्रभावित ग्राम विश्रामगंज है। प्रभावित ग्राम के विस्थापन हेतु शासन द्वारा निर्धारित 5 अक्टूबर 2018 कट आॅफ दिनांक से प्रारंभिक सूची अनुसार कुल 670 परिवारों का चयन कर कुल पात्र 670 परिवारों को एकमुश्त पुर्नवास अनुदान राशि 5 लाख प्रति परिवार के मान से कुल 33 करोड़ 50 लाख रूपए राशि की स्वीकृति उपरांत पूर्ण भुगतान किया जा चुका है।
    user_Media panna atul Raikwar
    Media panna atul Raikwar
    पन्ना, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
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