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लालसोट से पपलाज माता के दरबार के लिए 21वीं विशाल ध्वजा पदयात्रा रवाना ज्वाला जोबनेर सेवा समिति, लालसोट के तत्वावधान में पपलाज माता की 21वीं विशाल ध्वजा पदयात्रा आज भोमिया जी महाराज पीडी चौकी के सामने, वार्ड नंबर 22 से रवाना हुई। श्रद्धालु ध्वजा लेकर माता के दरबार की ओर रवाना हुए। पदयात्रा शाम 5 बजे पपलाज माता के दरबार पहुंचेगी। यात्रा के समापन के बाद श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन भी रखा गया है, जो शाम 6 बजे तक चलेगा।
Girdhari lal Sahu
लालसोट से पपलाज माता के दरबार के लिए 21वीं विशाल ध्वजा पदयात्रा रवाना ज्वाला जोबनेर सेवा समिति, लालसोट के तत्वावधान में पपलाज माता की 21वीं विशाल ध्वजा पदयात्रा आज भोमिया जी महाराज पीडी चौकी के सामने, वार्ड नंबर 22 से रवाना हुई। श्रद्धालु ध्वजा लेकर माता के दरबार की ओर रवाना हुए। पदयात्रा शाम 5 बजे पपलाज माता के दरबार पहुंचेगी। यात्रा के समापन के बाद श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन भी रखा गया है, जो शाम 6 बजे तक चलेगा।
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- लालसोट से पपलाज माता के दरबार के लिए 21वीं विशाल ध्वजा पदयात्रा रवाना ज्वाला जोबनेर सेवा समिति, लालसोट के तत्वावधान में पपलाज माता की 21वीं विशाल ध्वजा पदयात्रा आज भोमिया जी महाराज पीडी चौकी के सामने, वार्ड नंबर 22 से रवाना हुई। श्रद्धालु ध्वजा लेकर माता के दरबार की ओर रवाना हुए। पदयात्रा शाम 5 बजे पपलाज माता के दरबार पहुंचेगी। यात्रा के समापन के बाद श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन भी रखा गया है, जो शाम 6 बजे तक चलेगा।2
- लालसोट क्षेत्र के निकाय चुनाव: सत्ता के सामने कसौटी, विपक्ष की सक्रियता और बुनियादी मुद्दों की गूंज लालसोट विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले तीन प्रमुख नगरीय निकायों—लालसोट नगर परिषद, रामगढ़ पचवारा नगरपालिका और मंडावरी नगरपालिका—में भले ही बुनियादी समस्याओं का स्वरूप अलग-अलग हो, लेकिन आगामी निकाय चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मी समान रूप से तेज हो चुकी है। जमीनी स्तर पर मतदाताओं के रुख और राजनीतिक समीकरणों को देखें तो इन तीनों ही स्थानों पर मुकाबला बेहद रोचक मोड़ पर खड़ा नजर आ रहा है। समीकरण और राजनीतिक स्थिति सत्ता पक्ष के समक्ष चुनौतियां: क्षेत्र में सत्ताधारी पक्ष को लेकर आमजन में कुछ दूरी और संवाद की कमी की चर्चाएं हैं। जनता का मानना है कि जनप्रतिनिधियों का जमीनी संपर्क जितना सघन होना चाहिए था, वह अपेक्षाकृत सीमित रहा है। विपक्ष की व्यूहरचना: दूसरी ओर, विपक्ष अपने पुराने और अनुभवी नेतृत्व के सहारे जमीन पर सक्रिय नजर आ रहा है। विपक्ष की कोशिश स्थानीय असंतोष को भुनाकर तीनों निकायों में मजबूत पकड़ बनाने की है। वार्ड पार्षदों की चुप्पी: वार्ड स्तर पर भावी प्रत्याशी और पार्षद अभी अपनी रणनीतियों को गोपनीय रखे हुए हैं। पार्टी सिंबल या निर्दलीय के रूप में उतरने के फैसले पर ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है। तीनों निकायों के प्रमुख स्थानीय मुद्दे लालसोट नगर परिषद: नगर निकाय प्रशासन की कार्यप्रणाली, पारदर्शिता और व्यवस्थागत सुधार यहां के प्रमुख चुनावी मुद्दे बनते दिख रहे हैं। रामगढ़ पचवारा नगरपालिका: जनसंवाद के अभाव और नागरिक सुविधाओं के क्रियान्वयन को लेकर स्थानीय स्तर पर असंतोष देखने को मिल रहा है। मंडावरी नगरपालिका: नवीन निकाय होने के कारण यहाँ बुनियादी ढांचे की चुनौतियां अधिक हैं। विशेषकर बारिश के दिनों में जलभराव की गंभीर समस्या और सफाई व्यवस्था की लचर स्थिति आम नागरिकों के रोष का मुख्य कारण बनी हुई है। निष्कर्ष आगामी निकाय चुनाव केवल राजनीतिक दलों के शक्ति प्रदर्शन का माध्यम नहीं, बल्कि स्थानीय जनता के लिए अपनी समस्याओं के प्रति जागरूकता वार्ड पार्षदों के चुनाव को प्रभावित करेगी2
- पटना की सड़कों पर फूटा जनसैलाब! तेजस्वी के ‘राजभवन मार्च’ से कांपा प्रशासन, पटना छावनी में तब्दील! पटना की सड़कों पर फूटा जनसैलाब! तेजस्वी के ‘राजभवन मार्च’ से कांपा प्रशासन, पटना छावनी में तब्दील! ब्यूरो रिपोर्ट | विशेष कवरेज पटना: राजधानी पटना की धरती पर आज एक बार फिर बड़ा सियासी संग्राम छिड़ गया है! पेपर लीक और सीवान में छात्रों पर हुई बर्बर फायरिंग व लाठीचार्ज के विरोध में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने हुंकार भर दी है। युवाओं और छात्रों के समर्थन में तेजस्वी यादव के नेतृत्व में आज पटना के ऐतिहासिक जेपी गोलंबर से राजभवन की ओर एक महा-आंदोलन का बिगुल फूंका गया है। लालू यादव की एक दहाड़ पर उमड़ा नौजवानों का सैलाब! राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने बिहार के युवाओं से इस ऐतिहासिक आंदोलन में कूद पड़ने की खुली अपील कर दी है। इस एक आह्वान के बाद मानो पटना की सड़कों पर छात्रों और नौजवानों का सैलाब उमड़ पड़ा हो। बेरोजगारी, धांधली और भ्रष्टाचार की आग में तप रहे युवाओं ने प्रशासन के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया है। चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल और कंटीले बैरिकेड्स, फिर भी खौफ में प्रशासन! प्रदर्शनकारियों के इस जबर्दस्त आक्रोश को थामने के लिए प्रशासन ने पूरे इलाके को किले में तब्दील कर दिया है। जगह-जगह लोहे की भारी बैरिकेडिंग और पुलिस की फौज तैनात कर दी गई है। प्रतिबंधित क्षेत्र होने के बावजूद तेजस्वी यादव और उनके हजारों लड़ाके राजभवन तक पहुंचने के लिए पूरी ताकत झोंकने को तैयार हैं। तेजस्वी का सीधा वार: "छात्रों पर जुल्म बर्दाश्त नहीं!" प्रेस कॉन्फ्रेंस में चेतावनी देते हुए तेजस्वी यादव ने साफ कर दिया है कि बीपीएससी छात्रों के साथ धोखा, पेपर लीक और सीवान की गोलीबारी का हिसाब लेकर रहेंगे। अगर प्रशासन ने लोकतंत्र की आवाज को दबाने के लिए लाठियां भांजी, तो यह आंदोलन पूरे बिहार में शोला बनकर भड़केगा। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या लोहे की ये बैरिकेडिंग युवाओं के इस बेकाबू तूफान को रोक पाएगी या पटना आज एक नया इतिहास लिखेगा!1
- कल्लाजी महाराज की 14वीं पदयात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब कल्लाजी महाराज की 14वीं पदयात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब दिलावरपुरा से बीघोता धाम तक हजारों श्रद्धालुओं ने लगाए जयकारे, जगह-जगह हुआ स्वागत दौसा। जिले के बांदीकुई विधानसभा क्षेत्र के गांव दिलावरपुरा में श्री कल्लाजी महाराज की 14वीं पदयात्रा का भव्य शुभारंभ हुआ। पदयात्रा में सैकड़ों श्रद्धालुओं के साथ हजारों महिला-पुरुष एवं बच्चे शामिल हुए। डीजे की धुन पर श्रद्धालु कल्लाजी महाराज के भजनों और जयकारों के साथ उत्साहपूर्वक आगे बढ़ते नजर आए। सुबह करीब 9 बजे शुरू हुई पदयात्रा का कारवां लगातार बढ़ता गया। यात्रा ऐचेडी, करनावर, जोनेटा, नारायणपुर और नाथलवाड़ा होते हुए शाम करीब 4 बजे बीघोता धाम पहुंची। रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए ठंडाई, नींबू पानी, शरबत और केले की प्रसादी की व्यवस्था की गई, जिसका यात्रियों ने आनंद लिया। बीघोता धाम पहुंचने पर मंदिर परिसर में विशाल मेले का आयोजन हुआ। मेले में विभिन्न प्रकार की दुकानें सजी रहीं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कल्लाजी महाराज के दर्शन किए। मीडिया प्रभारी जयसिंह मीणा ने बताया कि श्रद्धालुओं में मान्यता है कि जहरीले कीड़े-मकोड़ों या सर्प के काटने से पीड़ित व्यक्ति को कल्लाजी महाराज के दर्शन से लाभ मिलता है। इसी आस्था के चलते हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु मेले में दर्शन के लिए पहुंचते हैं।4
- कल्लाजी महाराज की 14वीं पदयात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब दिलावरपुरा से बीघोता धाम तक हजारों श्रद्धालुओं ने लगाए जयकारे, जगह-जगह हुआ स्वागत दौसा। बांदीकुई विधानसभा क्षेत्र के गांव दिलावरपुरा में श्री कल्लाजी महाराज की 14वीं पदयात्रा का भव्य शुभारंभ हुआ। पदयात्रा में सैकड़ों श्रद्धालुओं के साथ हजारों महिला-पुरुष एवं बच्चे शामिल हुए। डीजे की धुन पर श्रद्धालु कल्लाजी महाराज के भजनों और जयकारों के साथ उत्साहपूर्वक आगे बढ़ते नजर आए। सुबह करीब 9 बजे शुरू हुई पदयात्रा का कारवां लगातार बढ़ता गया। यात्रा ऐचेडी, करनावर, जोनेटा, नारायणपुर और नाथलवाड़ा होते हुए शाम करीब 4 बजे बीघोता धाम पहुंची। रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए ठंडाई, नींबू पानी, शरबत और केले की प्रसादी की व्यवस्था की गई, जिसका यात्रियों ने आनंद लिया। बीघोता धाम पहुंचने पर मंदिर परिसर में विशाल मेले का आयोजन हुआ। मेले में विभिन्न प्रकार की दुकानें सजी रहीं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कल्लाजी महाराज के दर्शन किए। मीडिया प्रभारी जयसिंह मीणा ने बताया कि श्रद्धालुओं में मान्यता है कि जहरीले कीड़े-मकोड़ों या सर्प के काटने से पीड़ित व्यक्ति को कल्लाजी महाराज के दर्शन से लाभ मिलता है। इसी आस्था के चलते हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु मेले में दर्शन के लिए पहुंचते हैं।4
- जयपुर से डिग्गी कल्याण जी महाराज के लिए पैदल यात्रा में श्रद्धालुओं के लिए समाजसेवी कार्यकर्ताओं द्वारा भोजन प्रसादी आदि की व्यवस्था की गई1
- डीएनटी समाज की 12 मांगों की गूंज प्रदेश सरकार तक पहुंचाने का संकल्प टोड़ा ठेकला में डीएनटी संघर्ष समिति का सम्मेलन, शिक्षा, रोजगार, आवास, आरक्षण और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर उठी बुलंद आवाज समाज के विकास के लिए सरकार से ठोस नीति बनाने की मांग, मंडावरी पुलिस ने संभाली सुरक्षा व्यवस्था मंडावरी/टोड़ा ठेकला। डीएनटी (विमुक्त, घुमंतू एवं अर्धघुमंतू) समाज के अधिकारों और विकास को लेकर टोड़ा ठेकला में डीएनटी संघर्ष समिति की ओर से सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में समाज की विभिन्न समस्याओं पर व्यापक चर्चा करते हुए सरकार के समक्ष 12 सूत्रीय मांग-पत्र रखा गया। वक्ताओं ने कहा कि समाज के विकास के लिए केवल घोषणाएं पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि शिक्षा, रोजगार, आवास, राजनीतिक भागीदारी और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में ठोस नीतियां लागू करने की आवश्यकता है। सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश में डीएनटी समाज की बड़ी आबादी होने के बावजूद आज भी अनेक परिवार मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। जातिगत पहचान और प्रमाण-पत्रों में विसंगतियों के कारण कई परिवार सरकारी योजनाओं का लाभ लेने से रह जाते हैं। ऐसे में सरकार को सभी संबंधित समुदायों की वास्तविक सामाजिक स्थिति का सर्वे कराकर उन्हें उचित पहचान और अधिकार देने चाहिए। जातिगत पहचान में विसंगतियां दूर करने की मांग डीएनटी संघर्ष समिति ने मांग की कि विभिन्न जातियों के नाम और उनकी पहचान से जुड़ी विसंगतियों को दूर किया जाए। मांग-पत्र में संबंधित समुदायों के सही नाम दर्ज करने, सूची में छूटे हुए समाजों को शामिल करने तथा प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग रखी गई। 10 प्रतिशत आरक्षण और राजनीतिक प्रतिनिधित्व की मांग सम्मेलन में सरकारी नौकरियों एवं शिक्षण संस्थानों में डीएनटी समाज के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग प्रमुखता से उठाई गई। वक्ताओं ने कहा कि समाज के अनेक वर्ग पहले से ही एससी, एसटी और ओबीसी जैसी श्रेणियों में शामिल हैं, लेकिन आरक्षण का वास्तविक लाभ पर्याप्त रूप से नहीं मिल पा रहा है। इसके लिए आरक्षण के भीतर अलग व्यवस्था किए जाने की मांग रखी गई। पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों में भी डीएनटी समाज के लिए 10 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने, तथा समाज को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की मांग की गई। आवास और जमीन का अधिकार सम्मेलन में लंबे समय से जहां परिवार रह रहे हैं, वहां उनके आवास और बाड़ों को नियमित करने की मांग भी रखी गई। शहरों में आवास के लिए 100 वर्ग गज तथा गांवों में 300 वर्ग गज भूमि उपलब्ध कराने की मांग की गई। पशुपालन करने वाले परिवारों के लिए पशुओं के बाड़े हेतु अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराने की बात भी मांग-पत्र में शामिल रही। शिक्षा को विकास की सबसे बड़ी कुंजी बताया वक्ताओं ने कहा कि समाज की वास्तविक तरक्की शिक्षा के बिना संभव नहीं है। डीएनटी समाज के लिए शिक्षा बजट में अलग से 10 प्रतिशत हिस्सा निर्धारित कर आवासीय विद्यालय, कला महाविद्यालय, महा आंगनबाड़ी, छात्रावास और कौशल विकास केंद्र स्थापित किए जाने की मांग की गई। साथ ही बच्चों की शिक्षा के लिए ‘कहीं भी शिक्षा’ जैसी व्यवस्था लागू करने, निजी विद्यालयों में प्रवेश में प्राथमिकता देने तथा जरूरतमंद विद्यार्थियों की फीस सरकार द्वारा वहन करने की मांग भी उठाई गई। महिलाओं और युवाओं के रोजगार पर जोर सम्मेलन में महिलाओं और युवाओं को आधुनिक उद्योगों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। इलेक्ट्रॉनिक्स, कंप्यूटर मैन्युफैक्चरिंग और अन्य आधुनिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की गई। वक्ताओं ने कहा कि डीएनटी समाज में परंपरागत रूप से अनेक हुनर मौजूद हैं, जिन्हें आधुनिक प्रशिक्षण और बाजार से जोड़कर स्वरोजगार और रोजगार के बड़े अवसर पैदा किए जा सकते हैं। विदेश में पढ़ाई के लिए सरकारी सहायता की मांग समाज के प्रतिभावान विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए विदेश भेजने और उनका पूरा खर्च सरकार द्वारा वहन करने की मांग भी रखी गई। समिति ने हर वर्ष 1000 विद्यार्थियों को विदेश में शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने की मांग की। इसके अलावा डीएनटी समाज के लिए अलग मंत्रालय, वित्त निगम और ऋण सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी सम्मेलन में उठाई गई, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को व्यवसाय एवं स्वरोजगार के लिए आसानी से वित्तीय सहायता मिल सके। समाज की एकजुटता पर दिया जोर सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि समाज की प्रगति के लिए शिक्षा, संगठन और जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण हथियार हैं। समाज के युवाओं को नशे और सामाजिक कुरीतियों से दूर रहकर शिक्षा एवं रोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया गया। महिलाओं की शिक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता को भी समाज के विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि डीएनटी समाज की मांगें किसी एक व्यक्ति या संगठन की नहीं, बल्कि उन परिवारों की आवाज हैं जो लंबे समय से अपने अधिकारों और सम्मानजनक जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सम्मेलन के माध्यम से इन मांगों की आवाज प्रदेश सरकार तक पहुंचाने और सकारात्मक कार्रवाई की मांग की गई। पुलिस व्यवस्था रही चाक-चौबंद सम्मेलन को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। मंडावरी थाने के थानाधिकारी जगदीश चंद के नेतृत्व में पुलिस जाप्ता मौके पर तैनात रहा। कार्यक्रम की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने पूरे आयोजन पर निगरानी रखी और सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाए रखा। सम्मेलन शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।4
- 20 वर्षीय विवाहिता ने फंदा लगाकर की जीवन लीला समाप्त: मलारना डूंगर थाना इलाका के फलसावटा गांव में 20 वर्षीय विवाहिता ने फंदा लगाकर की जीवन लीला समाप्त सूचना पर पुलिस मौके पहुंची शव को कब्जे में लिया मलारना डूंगर थाना इलाका के फलसावटा गांव में 20 वर्षीय विवाहिता ने फंदा लगाकर की जीवन लीला समाप्त सूचना पर पुलिस मौके पहुंची शव को कब्जे में लिया फलसवटा गांव में एक 20 वर्षीय विवाहिता ने फंदा लगाकर अपने जीवन लीला समाप्त कर ली जिस गांव में सन्नाटा छा गया ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर शव को नीचे उतारा और मलारना डूंगर पुलिस को सूचना दी सूचना के बाद मलाना डूंगर पुलिस मौके पर पहुंची शव को अपने कब्जे में लेकर मलारना डूंगर सीएससी लाया गया जहां स्टाफ की कमी होने के कारण पोस्टमार्टम के लिए सवाई माधोपुर जिला अस्पताल भेज दिया गया जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को स्वीकृत किया पुलिस के अनुसार नाजिया पत्नी साहिल खान उम्र 20 साल निवासी फलसावटा की 1 साल पहले ही शादी हुई थी नाजिया का गांव पटना सवाई माधोपुर की रहने वाली थी जो 1 साल पहले ही साहिल खान से शादी होकर फलसावटा आई थी नाजिया के अभी तक कोई बच्चा बच्ची नहीं था जिसने फांसी के फंदे से झूल कर अपनी जीवन लीला ही समाप्त कर ली पुलिस के अनुसार अभी घटना का पता नहीं लग पाया है पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है1