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उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (संयुक्त संवर्ग) मुख्य परीक्षा-2025 की तिथि घोषित कर दी है। लखनऊ में आयोग द्वारा जारी एक आवश्यक सूचना के अनुसार, विज्ञापन संख्या 02-परीक्षा/2026 के अंतर्गत आयोजित होने वाली यह लिखित (मुख्य) परीक्षा 29 जून 2026 (सोमवार) को आयोजित की जाएगी। आयोग के मुताबिक, परीक्षा दोपहर 3:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक चलेगी। परीक्षा से संबंधित प्रवेश पत्र (Admit Card) जारी किए जाने के बारे में अभ्यर्थियों को आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से अलग से सूचना दी जाएगी। जो अभ्यर्थी इस परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें सलाह दी गई है कि वे प्रवेश पत्र और अन्य महत्वपूर्ण सूचनाओं की जानकारी के लिए समय-समय पर आयोग की वेबसाइट देखते रहें।
Pankaj Gupta
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (संयुक्त संवर्ग) मुख्य परीक्षा-2025 की तिथि घोषित कर दी है। लखनऊ में आयोग द्वारा जारी एक आवश्यक सूचना के अनुसार, विज्ञापन संख्या 02-परीक्षा/2026 के अंतर्गत आयोजित होने वाली यह लिखित (मुख्य) परीक्षा 29 जून 2026 (सोमवार) को आयोजित की जाएगी। आयोग के मुताबिक, परीक्षा दोपहर 3:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक चलेगी। परीक्षा से संबंधित प्रवेश पत्र (Admit Card) जारी किए जाने के बारे में अभ्यर्थियों को आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से अलग से सूचना दी जाएगी। जो अभ्यर्थी इस परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें सलाह दी गई है कि वे प्रवेश पत्र और अन्य महत्वपूर्ण सूचनाओं की जानकारी के लिए समय-समय पर आयोग की वेबसाइट देखते रहें।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अपनी 81 दिवसीय 'गौमाता-राष्ट्रमाता गविष्टि यात्रा' के साथ जालौन जिले के कोंच नगर पहुंचे, जहाँ उनका भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान शंकराचार्य ने सरकार से मांग की कि गाय को केवल एक पशु के रूप में नहीं, बल्कि 'गौमाता' के रूप में घोषित किया जाए। उन्होंने सनातन धर्म के लिए 'नकली हिंदुओं' को सबसे बड़ा खतरा बताया और भाजपा, RSS समेत कई मुख्यमंत्रियों के बयानों पर तीखा निशाना साधा। शंकराचार्य ने विशेष रूप से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'वैध बूचड़खाने' संबंधी बयान पर सवाल उठाते हुए पूछा कि गाय ने कौन सा ऐसा अपराध किया है, जिसके कारण उसे काटा जा रहा है। उन्होंने गौहत्या को रोकने और सनातन धर्म की रक्षा के लिए समाज से एकजुट होने का आह्वान भी किया।3
- उत्तर प्रदेश में निवेश, विकास और कानून-व्यवस्था से जुड़े योगी सरकार के मॉडल की चर्चा लगातार बढ़ रही है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश-अनुकूल नीतियों और सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था के कारण प्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक अलग पहचान बना रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, अब कई अन्य राज्य भी उत्तर प्रदेश की कुछ नीतियों का अध्ययन और उनका अनुसरण कर रहे हैं, जिससे यूपी एक मिसाल के तौर पर उभर रहा है।1
- जालौन जिले में निर्धारित समय से पूर्व ही शराब ठेकों पर शराब की बिक्री शुरू हो जाती है, जहाँ सुबह 10 बजे से पहले ही दुकानें खुल जाती हैं। यह बताया गया है कि शराब ठेकेदार खुद खड़े होकर समय से पहले शराब बिकवा रहे हैं, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह मामला जालौन के कोंच कोतवाली क्षेत्र में रेलवे लाइन के पास स्थित एक देशी शराब ठेके से संबंधित है। इस पूरे प्रकरण में आबकारी विभाग की भूमिका बेहद संदिग्ध नजर आ रही है, क्योंकि विभाग द्वारा जांच के नाम पर हर बार केवल खानापूर्ति ही की जाती है। जिले भर में ठेकों पर निर्धारित समय से पहले ही शराब की बिक्री होने लगती है।1
- जालौन जिले की ग्राम पंचायत सिरसा दोगड़ी के ग्रामीणों ने विकास कार्यों में कथित व्यापक वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी संपत्तियों के दुरुपयोग के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने एक प्रार्थना पत्र के माध्यम से जिलाधिकारी से इन आरोपों की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनके अनुसार, पिछले पांच वर्षों के दौरान ग्राम पंचायत में कराए गए कई विकास कार्यों के भुगतान एक ही व्यक्ति के खाते में विभिन्न मदों जैसे समाचार-पत्र विज्ञापन, सफाई कार्य, ठेकेदारी, मजदूरी, पुलिया व सड़क निर्माण तथा रंगाई-पुताई के नाम पर किए गए हैं। आरोप है कि संबंधित व्यक्ति को कुल लगभग ₹7,16,189/- का भुगतान किया गया है, जो प्रथम दृष्टया वित्तीय अनियमितता प्रतीत होती है। इसके साथ ही, मनरेगा योजना के तहत संबंधित व्यक्ति और उसके परिवार के सदस्यों के नाम पर जॉब कार्ड जारी कर उन्हें मजदूरी भी दी गई है, जिसे नियमों का उल्लंघन बताया जा रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पंचायत की कूड़ा गाड़ियां और अन्य सरकारी वाहन निजी उपयोग में रखे जा रहे हैं, और हाल ही में प्राप्त सामाजिक कैमरे तथा वाटर कूलर, जिन्हें सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित किया जाना था, कथित तौर पर निजी परिसरों में लगा दिए गए हैं। प्रार्थना पत्र में सूचना का अधिकार अधिनियम, उत्तरप्रदेश पंचायत राज अधिनियम, मनरेगा अधिनियम, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और सामान्य वित्तीय नियमों का हवाला देते हुए घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है। ग्रामीणों ने विशेष रूप से ग्राम पंचायत के पिछले 5 वर्षों के आय-व्यय का ऑडिट, विकास कार्यों व भुगतान अभिलेखों की जांच, मनरेगा जॉब कार्ड व मजदूरी भुगतान की समग्र जांच, सरकारी संपत्ति के निजी उपयोग की जांच और दोषी पाए जाने पर वैधानिक व दंडात्मक कार्यवाही करने की मांग की है। प्रार्थीगण ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर उचित कार्यवाही की अपेक्षा जताई है।1
- जालौन जिले में ओरई-कोंच क्षेत्र मार्ग पर पड़े हुए पेड़ लोगों की जान के दुश्मन बनते जा रहे हैं। ये पेड़ विशेष रूप से ओरई गाँव रोड पर पड़े हैं, जिससे लोगों के लिए लगातार खतरा बना हुआ है। सरकार से इन पेड़ों को जल्द से जल्द हटाने का आग्रह किया गया है।1
- ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अपनी 81 दिवसीय गविष्ठ यात्रा के तहत जालौन नगर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सपा नेता दीपू त्रिपाठी के आवास पर उपस्थिति दी, जहाँ उनका भव्य स्वागत किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य रामेंद्र त्रिपाठी, प्रद्युम्न दीक्षित, हैप्पी त्रिपाठी, अन्ना, समाजसेवी कैलाश वर्मा सहित नगर के अनेक गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु मौजूद रहे। शंकराचार्य ने गौ संरक्षण, सनातन संस्कृति और सामाजिक जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने गौ माता को हिंदू समाज की पूजनीय मां बताया, सनातन परंपरा में उनके विशेष महत्व पर जोर दिया, और कहा कि गाय को केवल एक पशु के रूप में नहीं देखा जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि गौ संरक्षण और संवर्धन के लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा। शंकराचार्य ने निरपराध गायों की हत्या और बूचड़खानों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियाँ किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं, और संत समाज सदैव अन्याय व अनीति के विरुद्ध अपनी आवाज़ उठाता रहा है और आगे भी उठाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि संतों का दायित्व केवल धार्मिक आयोजनों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज और संस्कृति की रक्षा करना भी उनका परम कर्तव्य है। सनातन संस्कृति के संदर्भ में, शंकराचार्य ने इसके मूल्यों को समझने और सुरक्षित रखने के लिए जनजागरण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि वह जागरूक होकर अपनी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाए। अपने ऊपर लगाए गए आरोपों का जिक्र करते हुए, उन्होंने कहा कि न्यायालय ने उन आरोपों को निराधार माना है, और सत्य कभी भयभीत नहीं होता। साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि शंकराचार्य पद से संबंधित मांगे गए सभी आवश्यक प्रमाण निर्धारित समय से पूर्व ही प्रस्तुत कर दिए गए थे। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान, उपस्थित सभी लोगों ने शंकराचार्य के विचारों को अत्यंत ध्यानपूर्वक सुना, जिससे आयोजन स्थल पर धार्मिक श्रद्धा और आध्यात्मिक वातावरण व्याप्त रहा।1
- राजस्थान के चुरू जिले में धूल का एक भीषण तूफान आया है, जिसके चलते पूरा शहर धूल से पूरी तरह ढक गया है। इस तूफान ने पूरे चुरू शहर को धूल की परत से ढक दिया है।1