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मित्र Acp दिल्ली का जन्मदिन मनाया मिस्टी हेल्पिंग फाउंडेशन के ट्रस्टी ने..
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मित्र Acp दिल्ली का जन्मदिन मनाया मिस्टी हेल्पिंग फाउंडेशन के ट्रस्टी ने..
More news from झारखंड and nearby areas
- स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बाघमारा क्षेत्र के धूमधाम से संपन्न हुआ झंडोतोलन कार्यक्रम1
- DAV आरा में बहुत ही शान से लहराया गया तीरंगा बतौर मुख अतिथि श्री राजीव कुमार सिंह महा प्रबंधक सी सी एल कुजू एरिया हुए शामिल1
- Slug:- धनबाद पुलिस की बड़ी उपलब्धियां, एसएसपी ने गिनाया छह महीने का रिपोर्ट कार्ड ऑर्गनाइज्ड क्राइम पर लगाम........... लंबित कांड 4100 से घटकर 1740.............. जुलाई में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों से करीब एक करोड़ रुपये जुर्माना वसूला............. Anchor:- धनबाद पुलिस केंद्र में 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार ने पुलिस केंद्र में झंडोत्तोलन कर तिरंगे को सलामी दी। इससे पहले उन्होंने परेड का निरीक्षण किया। इस दौरान एसएसपी ने पिछले छह महीनों में धनबाद पुलिस की उपलब्धियों और कानून-व्यवस्था को लेकर किए गए कार्यों की जानकारी दी। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पुलिस केंद्र में आयोजित समारोह में एसएसपी प्रभात कुमार ने कहा कि पिछले छह महीनों में धनबाद पुलिस ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने दावा किया कि जिले में ऑर्गनाइज्ड क्राइम लगभग शून्य पर पहुंच गया है। एसएसपी के मुताबिक, लंबित कांडों की संख्या 4100 से घटकर करीब 1740 रह गई है। पहले जहां हर महीने 10 से 12 कांडों में अभियुक्तों को सजा दिलाई जाती थी, वहीं अब हर महीने 25 से 30 कांडों में आरोप पत्र दाखिल किए जा रहे हैं। साथ ही अभियुक्तों को सजा दिलाने में भी पुलिस को सफलता मिल रही है। उन्होंने बताया कि जुलाई महीने में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों से करीब एक करोड़ रुपये जुर्माने की राशि वसूली गई। एसएसपी ने इसे ट्रैफिक पुलिस की सक्रियता और नियमों के पालन को लेकर चलाए जा रहे अभियान का परिणाम बताया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर एसएसपी ने पुलिसकर्मियों से इसी तरह पूरी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ काम करते हुए जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। समारोह के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले कई पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को सम्मानित भी किया गया। Byte:- प्रभात कुमार – एसएसपी, धनबाद।2
- Magadh sanghmitra coalfield Area is celebrating 80th Independence Day मगध संघमित्रा क्षेत्र में संबंधित मुखिया के द्वारा क्या बातें कही गई उनको सुन लिया जाय1
- बुराई ढूंढने का इतना ही शौक है तो शुरुआत खुद से करो दूसरो से नहीं....!! बुराई ढूंढने का इतना ही शौक है तो शुरुआत खुद से करो दूसरो से नहीं....!!1
- स्वतंत्रता दिवस पर नगर भवन में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम, स्कूली बच्चों ने बांधा समां, उपायुक्त समेत कई अन्य अधिकारी रहे मौजूद स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा *नगर भवन* में देर रात 10 बजे तक आयोजित मुख्य समारोह में स्कूली बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। यहां स्कूली बच्चों द्वारा देशभक्ति गीत, लोक नृत्य, समूह नृत्य आदि की प्रस्तुति दी गई।1
- चंद्रपुरा थाना परिसर में प्रभारी थाना पदाधिकारी कुंदन कुमार ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर झंडोत्तोलन कर तिरंगे को सलामी दी।1
- धनबाद में धूमधाम से मना 80वां स्वतंत्रता दिवस, सीआरपीएफ की प्लाटून प्रथम एंकर - धनबाद जिले में 80वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। मुख्य समारोह धनबाद के गोल्फ ग्राउंड स्थित रणधीर वर्मा स्टेडियम में आयोजित हुआ, जहां उपायुक्त आदित्य रंजन ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ध्वजारोहण के दौरान राष्ट्रीय गान के साथ पूरा स्टेडियम देशभक्ति के रंग में रंग गया। समारोह में जिले के वरीय पुलिस अधीक्षक समेत तमाम प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, जवान और विभिन्न सुरक्षा बलों के जवान मौजूद रहे। ध्वजारोहण के बाद उपायुक्त ने परेड का निरीक्षण किया और जवानों की सलामी ली। वही अपने संबोधन में उपायुक्त आदित्य रंजन ने जिले में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने जिले के विकास और प्रशासन की प्राथमिकताओं को भी साझा किया। वही परेड में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्लाटून को सम्मानित किया गया। परेड में पहला स्थान सीआरपीएफ की बटालियन, दूसरा स्थान एनसीसी की बटालियन और तीसरा स्थान जिला पुलिस की बटालियन ने हासिल किया। इसके अलावा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पुलिस पदाधिकारी और जवानों को भी सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान स्वतंत्रता सेनानियों और देश के लिए बलिदान देने वाले वीरों को नमन करते हुए देश की एकता, अखंडता और विकास के संकल्प को दोहराया गया। बाइट -आदित्य रंजन डीसी धनबाद2
- लाल किले से पीएम मोदी का संदेश: विकसित भारत के संकल्प के साथ आत्मनिर्भरता, युवा शक्ति और राष्ट्रीय सुरक्षा पर जोर लाल किले से पीएम मोदी का संबोधन, विकसित भारत के संकल्प पर जोर 80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराकर राष्ट्र को संबोधित किया। विकसित भारत 2047, आत्मनिर्भरता, युवा शक्ति, ऊर्जा, रक्षा और तकनीक पर जोर दिया। पीएम मोदी स्वतंत्रता दिवस 2026 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, स्वतंत्रता दिवस 2026, लाल किला, पीएम मोदी भाषण, 80वां स्वतंत्रता दिवस, विकसित भारत 2047, आत्मनिर्भर भारत, युवा शक्ति लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराने के बाद राष्ट्र को संबोधित करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। लाल किले से पीएम मोदी का संदेश: विकसित भारत के संकल्प के साथ आत्मनिर्भरता, युवा शक्ति और राष्ट्रीय सुरक्षा पर जोर 80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से फहराया तिरंगा, ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य को दोहराया; युवा, तकनीक, ऊर्जा, रक्षा और स्वदेशी उत्पादन को बताया विकास की प्रमुख ताकत नई दिल्ली। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराया और राष्ट्र को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम के वीरों और देश के लिए बलिदान देने वाले महानायकों को नमन करते हुए भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को दोहराया। उन्होंने आत्मनिर्भरता, युवा शक्ति, तकनीक, ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा क्षेत्र और घरेलू उत्पादन को भारत के भविष्य की महत्वपूर्ण आधारशिला बताया। लाल किले पर पहली बार ‘वंदे मातरम्’ की विशेष प्रस्तुति इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस समारोह में एक विशेष पहल भी देखने को मिली। लाल किले पर पहली बार समारोह के दौरान राष्ट्रगान से पहले ‘वंदे मातरम्’ की प्रस्तुति हुई। इस वर्ष ‘वंदे मातरम्’ की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के संदर्भ में भी समारोह को विशेष महत्व दिया गया। 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत को बड़े सपने देखने और उन्हें दृढ़ संकल्प के साथ पूरा करने की आवश्यकता है। उन्होंने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को सामने रखते हुए कहा कि देश को विकास की गति को और तेज करना होगा। उन्होंने भारत की आर्थिक और तकनीकी प्रगति का उल्लेख करते हुए आत्मनिर्भरता को समय की आवश्यकता बताया। प्रधानमंत्री ने ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया। युवा शक्ति को विकास का केंद्र बनाने पर जोर प्रधानमंत्री ने युवाओं को भारत के भविष्य की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए उनके कौशल और तकनीकी क्षमता को बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने अगले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई का प्रशिक्षण देने की घोषणा की। इसके साथ ही युवाओं के लिए नि:शुल्क ऑनलाइन कोचिंग की पहल का भी उल्लेख किया। ऊर्जा और परमाणु क्षेत्र में बड़े लक्ष्य प्रधानमंत्री ने ऊर्जा सुरक्षा को विकसित भारत के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने की दिशा में बड़े लक्ष्य सामने रखे। उन्होंने वर्ष 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य बताया। उन्होंने ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को देश की आर्थिक और रणनीतिक मजबूती से जोड़ते हुए आगे बढ़ने का आह्वान किया। सेमीकंडक्टर और तकनीक पर विशेष जोर प्रधानमंत्री ने तकनीकी आत्मनिर्भरता को भी अपने संबोधन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया। उन्होंने देश में सेमीकंडक्टर उत्पादन को बढ़ावा देने और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में भारत की क्षमता मजबूत करने की आवश्यकता बताई। उनका जोर इस बात पर रहा कि भारत केवल तकनीक का उपभोक्ता न बने, बल्कि वैश्विक स्तर पर तकनीक और विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बने। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का आह्वान प्रधानमंत्री ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ते हुए अत्याधुनिक रक्षा तकनीक विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने ड्रोन, काउंटर-ड्रोन प्रणाली और हाइपरसोनिक तकनीक जैसे क्षेत्रों में भारत को अग्रणी बनाने की आवश्यकता बताई। ‘सप्तधारा’ के माध्यम से विकास की रूपरेखा प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के विकास के लिए ‘शक्ति की सप्तधारा’ की अवधारणा भी सामने रखी। इसके माध्यम से उन्होंने ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, सेमीकंडक्टर सहित विभिन्न रणनीतिक क्षेत्रों में देश की क्षमता बढ़ाने और आत्मनिर्भरता मजबूत करने पर जोर दिया। आपदा प्रभावित परिवारों के प्रति जताई संवेदना अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने देश के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री का संबोधन देश के लिए विकास, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय एकता के संकल्प के साथ आगे बढ़ने का संदेश लेकर आया। स्वतंत्रता दिवस समारोह में देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव के साथ भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में सामूहिक प्रयास का आह्वान प्रमुखता से दिखाई दिया। लाल किले से पीएम मोदी का संदेश: विकसित भारत के संकल्प के साथ आत्मनिर्भरता, युवा शक्ति और राष्ट्रीय सुरक्षा पर जोर लाल किले से पीएम मोदी का संबोधन, विकसित भारत के संकल्प पर जोर 80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराकर राष्ट्र को संबोधित किया। विकसित भारत 2047, आत्मनिर्भरता, युवा शक्ति, ऊर्जा, रक्षा और तकनीक पर जोर दिया। पीएम मोदी स्वतंत्रता दिवस 2026 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, स्वतंत्रता दिवस 2026, लाल किला, पीएम मोदी भाषण, 80वां स्वतंत्रता दिवस, विकसित भारत 2047, आत्मनिर्भर भारत, युवा शक्ति लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराने के बाद राष्ट्र को संबोधित करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। लाल किले से पीएम मोदी का संदेश: विकसित भारत के संकल्प के साथ आत्मनिर्भरता, युवा शक्ति और राष्ट्रीय सुरक्षा पर जोर 80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से फहराया तिरंगा, ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य को दोहराया; युवा, तकनीक, ऊर्जा, रक्षा और स्वदेशी उत्पादन को बताया विकास की प्रमुख ताकत नई दिल्ली। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराया और राष्ट्र को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम के वीरों और देश के लिए बलिदान देने वाले महानायकों को नमन करते हुए भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को दोहराया। उन्होंने आत्मनिर्भरता, युवा शक्ति, तकनीक, ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा क्षेत्र और घरेलू उत्पादन को भारत के भविष्य की महत्वपूर्ण आधारशिला बताया। लाल किले पर पहली बार ‘वंदे मातरम्’ की विशेष प्रस्तुति इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस समारोह में एक विशेष पहल भी देखने को मिली। लाल किले पर पहली बार समारोह के दौरान राष्ट्रगान से पहले ‘वंदे मातरम्’ की प्रस्तुति हुई। इस वर्ष ‘वंदे मातरम्’ की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के संदर्भ में भी समारोह को विशेष महत्व दिया गया। 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत को बड़े सपने देखने और उन्हें दृढ़ संकल्प के साथ पूरा करने की आवश्यकता है। उन्होंने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को सामने रखते हुए कहा कि देश को विकास की गति को और तेज करना होगा। उन्होंने भारत की आर्थिक और तकनीकी प्रगति का उल्लेख करते हुए आत्मनिर्भरता को समय की आवश्यकता बताया। प्रधानमंत्री ने ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया। युवा शक्ति को विकास का केंद्र बनाने पर जोर प्रधानमंत्री ने युवाओं को भारत के भविष्य की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए उनके कौशल और तकनीकी क्षमता को बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने अगले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई का प्रशिक्षण देने की घोषणा की। इसके साथ ही युवाओं के लिए नि:शुल्क ऑनलाइन कोचिंग की पहल का भी उल्लेख किया। ऊर्जा और परमाणु क्षेत्र में बड़े लक्ष्य प्रधानमंत्री ने ऊर्जा सुरक्षा को विकसित भारत के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने की दिशा में बड़े लक्ष्य सामने रखे। उन्होंने वर्ष 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य बताया। उन्होंने ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को देश की आर्थिक और रणनीतिक मजबूती से जोड़ते हुए आगे बढ़ने का आह्वान किया। सेमीकंडक्टर और तकनीक पर विशेष जोर प्रधानमंत्री ने तकनीकी आत्मनिर्भरता को भी अपने संबोधन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया। उन्होंने देश में सेमीकंडक्टर उत्पादन को बढ़ावा देने और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में भारत की क्षमता मजबूत करने की आवश्यकता बताई। उनका जोर इस बात पर रहा कि भारत केवल तकनीक का उपभोक्ता न बने, बल्कि वैश्विक स्तर पर तकनीक और विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बने। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का आह्वान प्रधानमंत्री ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ते हुए अत्याधुनिक रक्षा तकनीक विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने ड्रोन, काउंटर-ड्रोन प्रणाली और हाइपरसोनिक तकनीक जैसे क्षेत्रों में भारत को अग्रणी बनाने की आवश्यकता बताई। ‘सप्तधारा’ के माध्यम से विकास की रूपरेखा प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के विकास के लिए ‘शक्ति की सप्तधारा’ की अवधारणा भी सामने रखी। इसके माध्यम से उन्होंने ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, सेमीकंडक्टर सहित विभिन्न रणनीतिक क्षेत्रों में देश की क्षमता बढ़ाने और आत्मनिर्भरता मजबूत करने पर जोर दिया। आपदा प्रभावित परिवारों के प्रति जताई संवेदना अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने देश के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री का संबोधन देश के लिए विकास, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय एकता के संकल्प के साथ आगे बढ़ने का संदेश लेकर आया। स्वतंत्रता दिवस समारोह में देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव के साथ भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में सामूहिक प्रयास का आह्वान प्रमुखता से दिखाई दिया।1